जशपुर/कुनकुरी, 12 जून 2025:
छत्तीसगढ़ सरकार की बहुप्रचारित महतारी वंदन योजना, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, अब एक दुखद घटना को लेकर चर्चा में है। नारायणपुर थाना इलाके के केराडीह बरटोली गांव की एक महिला सुमित्रा बाई (35 वर्ष) की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। घटना के पीछे घरेलू कलह, नशे की लत और गरीबी की पृष्ठभूमि साफ झलकती है।
परिजनों की माने तो सुमित्रा बाई को उसके पति जयनंदन राम ने 10 जून को नशे की हालत में जोकारी गांव से घर लाया था। बताया जा रहा है कि सुमित्रा अक्सर महतारी वंदन योजना के पैसे से शराब खरीदकर पीती थी। उसी रात दोनों में जमकर झगड़ा हुआ, मारपीट भी हुई और पति ने उसे कथित रूप से एक सुई भी लगवाई।दूसरे दिन भी इलाज चला लेकिन रात को उसकी तबीयत बिगड़ गई, उल्टियां होने लगीं और फिर वह बेहोश हो गई।
चौथे दिन सुबह करीब 6 बजे उसे कुनकुरी होलीक्रॉस अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस पूरी घटना की सबसे मार्मिक बात यह रही कि मृतका की 14 वर्षीय बेटी कल्पना बाई, जो आठवीं कक्षा में पढ़ती है, ने कैमरे में जो बयान दिया, वह दिल को छू लेने वाला था। कल्पना ने कहा –”पापा ने जानबूझकर मम्मी को नहीं मारा। मम्मी की शराब पीने की आदत से पापा बहुत परेशान रहते थे। पापा राजमिस्त्री हैं, रोज काम पर जाते हैं। मम्मी कई बार दो-दो दिन घर नहीं आती थी। मैं ही घर का सारा काम करती हूं। मम्मी जब निमत (होश में) रहती थी, तो सबका ख्याल रखती थी।”
पति जयनंदन राम ने बताया कि “पत्नी महतारी वंदन का पैसा शराब पीने में उड़ा देती थी।शराब की लत इतनी ज्यादा थी कि वह खाना भी नहीं खाती थी और कमजोर हो गई थी। दो-दो दिन से बाहर शराब पी रही थी तो उसे घर लाने के बाद गुस्से में पीट दिया।”
यह बयान कुनकुरी थाना परिसर में मीडियाकर्मी को दी है। चूंकि घटना में घरेलू झगड़ा, मारपीट और इलाज के दौरान मौत की बात सामने आई है, इसलिए पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस की विवेचना में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, और क्या यह मामला अस्वाभाविक मृत्यु तक सीमित रहेगा या फिर गंभीर अपराध में तब्दील होगा।





















