(संपादक की कलम से)
भारत में जातिवादी व्यवस्था की जड़ें मोदी युग में भी ढीली नहीं हुई है बल्कि अभी भी अंतर्जातीय विवाह को तैयार युवा पीढ़ी अक्सर ऑनर किलिंग,मॉब लिंचिंग,हत्या जैसी जघन्य वारदातों की शिकार हो जाती है।(इसमें मोदी बिल्कुल जिम्मेदार नहीं हैं।)
ऐसा ही एक मामला जशपुर जिले से मेरे पास आया है जो अंतर्जातीय तो नहीं कहेंगे बल्कि सजातीय हैं,गोत्र अलग है।फिर लड़की पक्ष वाले लड़की के प्रेमी सजातीय लड़के से शादी क्यों नहीं करना चाहते?
लड़के के पिता ने बताया कि लड़कीवाले बड़े हैं और हम छोटे हैं । वे बड़े हैं तो सरनेम में सिंह लिखते हैं, हम छोटे हैं तो हमें राम लिखने की छूट मिली है , हम सिंह नहीं लिख सकते।
बहरहाल,जब मैने मामला पूछा तो लड़के ने बताया कि 2022 में लड़की मेरे गांव हाईस्कूल की तरफ से NSS कैंप में आई थी।वहीं दोनों पहली बार मिले।दोनों हमउम्र हैं।सजातीय होने के कारण दोनों को लगा कि मां बाप मान जायेंगे।ऐसा सोचकर उनके बीच प्रेम पनपने लगा।यही नहीं जब लड़की के घरवालों को पता चला तो उन्होंने सजातीय को अपने से छोटा बताकर रिश्ता बनाने से मना कर दिया।अब जब लड़की घर में कैद हो गई तो अपने प्रेमी से मिलने की उसकी तड़प बढ़ती गई और एक दिन मौका पाकर लड़की घर से भागी और अपने प्रेमी के घर चली गई। बता दूं कि दोनों प्रेमी के घरवाले निम्न आय वर्ग के हैं लेकिन छोटे बड़े के चक्कर में मैना पिंजरे में कैद है।
मुझे यह भी बताया कि लड़की घर से जब अपने प्रेमी के यहां आई और पीछे से लड़की के मां -बाप और रिश्तेदार जिसमें एक पंचायत सचिव, सभी ने मिलकर लड़की को जबरन उठाकर लाना चाहा तो लड़की उनके कब्जे से छूटकर कुएं में कूद गई।फौरन प्रेमी और प्रेमी के बड़े भाई ने कुएं में कूदकर लड़की की जान बचाई।इस घटना के बाद लड़की के घरवाले वापस चले गए।बड़ी बात यह कि लड़की को जब अस्पताल ले जाया गया तो प्रेमी ने ही उसकी देखभाल की।फिर अस्पताल से प्रेमी अपने घर ले गया जहां वे दोनों तीन महीने तक साथ रहे।
अभी पंद्रह दिन पहले लड़की के घरवालों का बड़ा होने का भाव जागा और फिर साजिश रची गई ।लड़की के मां- बाप आठ – दस लोगों के साथ प्रेमी के घर गए और वहां दोनों की शादी करने की बात कहकर लड़की को घर ले गए।ले जाने के बाद लड़की पर दवाब बनाने लगे,लड़की अपने प्रेमी के पास जाने की जिद और अड़ी है।प्रेमी ने आज 24 जून की सुबह प्रेमिका ने संदेशा भेजा है कि “घरवाले शादी नहीं करेंगे।मुझे यहां से निकालो नहीं तो मर जाऊंगी।”
ये बातें प्रेमी और उसके मां बाप के बताए अनुसार लिखी गई है। अब इससे एक बात समझ में आई कि एक ही जाति में भेदभाव इस हद तक है कि रोटी बेटी का संबंध नहीं कर सकते।ऐसे में आज के समय में जातीय एकता की बात करना कितनी बड़ी बेमानी है,यह समाज के अगुओं को सोचना चाहिए।



















