मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया सड़क हादसे पर गहरा दुख

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया हादसे पर गहरा दुःख  आज सुबह नेशनल हाईवे 43 पर तेज रफ्तार कार और ट्रेलर में हुई भिड़ंत में पांच लोगों की हुई मौत जशपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43, पतराटोली के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पाँच लोगों की मौत की खबर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि हादसे की सूचना अत्यंत दुखद है और इस दुखद घड़ी में वे शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

ब्रेकिंग जशपुर: कटनी–गुमला नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, कार सवार पाँच युवकों की दर्दनाक मौत,इस गांव में मचा हाहाकार,,

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ब्रेकिंग न्यूज़ जशपुर कटनी–गुमला नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, कार सवार पाँच युवकों की दर्दनाक मौत जशपुर,07/12/2025 – कटनी–गुमला नेशनल हाईवे पर दुलदुला थाना क्षेत्र के पतराटोली में देर रात रफ्तार का कहर ऐसा बरपा कि एक तेज रफ्तार कार खड़े ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पाँचों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। दुलदुला थाना प्रभारी के.के. साहू ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक सभी दुलदुला थाना क्षेत्र के खटंगा गांव के रहने वाले थे। मृतकों के परिजनों ने बताया कि ये सभी आस्ता थाना क्षेत्र के एक मेले से लौट रहे थे कि रास्ते में यह भयावह दुर्घटना हो गई। मृतक राधेश्याम यादव (26) के बड़े भाई महेश्वर यादव ने बताया कि रात करीब देर तक सभी दोस्त साथ थे और घर लौटते समय यह हादसा हुआ। मृतक दीपक राम, अमर राम के घर का इकलौता सहारा था और दोस्तों के साथ मेले से लौट रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए दुलदुला भेजा जा रहा है। हाईवे पर कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। गांव में शोक की लहर है, परिजन बदहवास हैं और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व्याप्त है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

कुनकुरी में सड़क हादसा बना कड़वी सच्चाई का आईना — मर गया सरकारी सिस्टम और मर गई मानवीय संवेदना !

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कुनकुरी,05/12/2025 गुरुवार शाम तपकरा रोड गड़ाकटा में हुए एक सड़क हादसे ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि यह भी उजागर कर दिया कि इस शहर में सरकारी सिस्टम और मानवीय संवेदना — दोनों की सांसें कब की थम चुकी हैं। दरअसल,कुंजारा निवासी 47 वर्षीय चंद्रिका यादव गुरुवार शाम साढ़े छह बजे अपनी मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी कर मोबाइल पर बात कर रहे थे। तभी अचानक पीछे से आई तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बाइक सवार कथित रूप से नशे में था और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह पीडब्ल्यूडी विभाग का कर्मचारी बताया जा रहा है। टक्कर इतनी भीषण थी कि चंद्रिका सड़क पर ही गिर पड़ा और तड़पते रहा।   लेकिन असली दर्दनाक कहानी उसके बाद शुरू हुई—घायल चंद्रिका काफी देर तक सड़क पर पड़े-पड़े जान बचाने की उम्मीद लिए तड़पता रहा, मगर न तो 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, न वहां कार से गुजर रहे शहर के संभ्रांत युवाओं ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। प्रत्यक्षदर्शी विकास यादव के शब्दों में, “जब तक उनमें प्राण थे, कोई मदद के लिए नहीं आया… जब प्राण निकल गए तब सरकारी शववाहन जरूर आ गया।”   कुनकुरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।   लेकिन यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं… यह सवाल है उस सिस्टम पर जो अक्सर समय पर नहीं जागता, उस समाज पर जो मोबाइल से वीडियो तो बना लेता है, पर गिरते इंसान को उठाने का साहस नहीं करता। कुनकुरी इलाके में यदि जीते जी इलाज नहीं मिलता और मरने के बाद कभी शववाहन भी नसीब नहीं होता, तो यह घटना बयान कर गई कि यहां सरकारी सिस्टम की मौत तो पहले ही हो चुकी थी — अब मानवीय संवेदना भी दम तोड़ चुकी है।

जशपुर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता बने सरगुजा के सहप्रभारी

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जशपुर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता बने सरगुजा के सहप्रभारी   जशपुर,03/12/2025 – भाजपा संगठन ने बड़े फेरबदल के तहत सरगुजा संभाग के लिए नई जिम्मेदारी सौंपते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता को सरगुजा का सहप्रभारी नियुक्त किया है। संगठन में उनकी एंट्री के साथ ही जिले भर के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लगातार बधाई संदेशों का सिलसिला जारी है।   सरल और सौम्य स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले सुनील गुप्ता को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक पकड़ से सरगुजा में भाजपा और अधिक मजबूत होगी।   गौरतलब है कि सुनील गुप्ता के जिलाध्यक्ष रहते जशपुर जिले की सभी तीन विधानसभा सीटों पर भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली थी, जिसके बाद से उनकी संगठनात्मक क्षमता को प्रदेश स्तर पर भी सराहना मिली थी।   इसी क्रम में प्रदेश भाजपा ने कल जिला संगठन प्रभारियों की सूची जारी की, जिसमें सुनील गुप्ता का नाम सहप्रभारी के रूप में शामिल किया गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है और लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।

जशपुर में दहला देने वाली घटना — प्रिंसिपल के बैड टच से त्रस्त नाबालिग छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में खोले काले राज… अवैध हॉस्टल में चल रहा था दरिंदगी का खेल!

जशपुर में दहला देने वाली घटना — प्रिंसिपल के बैड टच से त्रस्त नाबालिग छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में खोले काले राज… अवैध हॉस्टल में चल रहा था दरिंदगी का खेल!   जशपुर – जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के गोवासी गांव में रविवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने प्रिंसिपल की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगा ली। छात्रा स्कूल के भीतर ही संचालित अवैध हॉस्टल में रहती थी, जिसे स्कूल प्रिंसिपल कुलदीप टोपनो खुद चलाता था।   ❗ सुसाइड नोट में बड़ा खुलासा — बैड टच, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की बातें लिखीं पुलिस को घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में छात्रा ने साफ लिखा है कि प्रिंसिपल उसके साथ बैड टच करता था और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। नाबालिग की पीड़ा पढ़कर जांच टीम भी सन्न रह गई।   ❗ आरोपी प्रिंसिपल हिरासत में, अवैध हॉस्टल का काला सच सामने   सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी प्राचार्य कुलदीप टोपनो को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि ग्रामीण शिक्षा समिति द्वारा संचालित इस स्कूल में 124 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें 33 बच्चे प्राचार्य द्वारा चलाए जा रहे अवैध हॉस्टल में रह रहे थे। मृत छात्रा भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।जिसने बीती रात हॉस्टल के स्टडी रूम में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।   ❗ प्रशासनिक तंत्र हरकत में — कई अधिकारी मौके पर   घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीईओ, एसडीएम, बीईओ, सहायक आयुक्त, तहसीलदार, एसडीओपी और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंच गए हैं। मृतका का कमरा सील कर दिया गया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।   ❗ एसएसपी का बड़ा बयान   एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि, “यह नाबालिग छात्रा की आत्महत्या का मामला है। सुसाइड नोट मिला है जिसमें प्रताड़ना का जिक्र है। जांच गंभीरता से चल रही है।”   ❗ जिले में उबाल — निजी स्कूलों व हॉस्टलों पर सवाल घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। लोग अवैध हॉस्टलों और निजी स्कूलों की लचर व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले भी पोर्तेंगा मिशन स्कूल में अवैध हॉस्टल में बच्चों के धर्मांतरण की कोशिश के आरोप के साथ ही उन्हें शारीरिक प्रताड़ना देने का मामला आया था।वहीं कुनकुरी में नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में एक प्रिंसिपल द्वारा जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आ चुका है। ऐसे में जिले के अंदर निजी स्कूलों और संस्थाओं की निगरानी पर भी अब बड़ी बहस शुरू हो गई है। यह दिल दहला देने वाली घटना न केवल एक छात्रा की जिंदगी छीन ले गई, बल्कि जिले में संचालित निजी शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गई है।

ईसाई आदिवासी महासभा ने क्यों कहा “जशपुर के ईसाई फर्जी नहीं, इतिहास और कानून दोनों हमें वैध साबित करते हैं”

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ईसाई आदिवासी महासभा ने क्यों कहा “जशपुर के ईसाई फर्जी नहीं, इतिहास और कानून दोनों हमें वैध साबित करते हैं” जशपुर – हाल ही में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने यूट्यूब चैनल के जरिए यह दावा किया कि “जशपुर जिले में 1968 के धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति वैधानिक रूप से ईसाई नहीं बना है, इसलिए जशपुर के ईसाई फर्जी हैं।” इस दावे के बाद कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाते हुए शहर में क्रिश्चन के हॉली प्लेस खड़कोना में धार्मिक कार्यक्रम का विरोध भी किया। इन आरोपों को ईसाई आदिवासी महासभा, जिला जशपुर ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। महासभा के जिला अध्यक्ष वाल्टर कुजूर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जशपुर के ईसाइयों का इतिहास सौ साल से भी पुराना है और उन्हें “फर्जी” कहना अज्ञानता है। ईसाई समुदाय के नेता वाल्टर कुजूर ने बताया कि जशपुर रियासत में ईसाई धर्म अपनाने की शुरुआत 1906–07 में हुई थी। 1908 से 1947 के बीच लगभग      99 प्रतिशत ईसाई परिवारों के पूर्वज ईसाई बने । करीब 1 प्रतिशत लोगों ने 1908 से 1947 की अवधि में धीरे–धीरे धर्म अपनाया। महासभा ने बताया कि यह पूरा समय ऐसा था जब किसी धर्म परिवर्तन के लिए सरकार को सूचना देने या किसी अधिनियम का पालन करने की जरूरत नहीं थी।महासभा ने स्पष्ट किया कि धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 21 अक्टूबर 1968 से लागू हुआ था।1968 के पहले हुए धर्मांतरण पर यह कानून लागू नहीं होता।इसलिए 1906–47 के धर्म परिवर्तन के कोई सरकारी दस्तावेज मिलना संभव नहीं है। 1858 की महारानी विक्टोरिया की घोषणा में थी धर्म की स्वतंत्रता महासभा ने बताया कि 1858 में ब्रिटिश शासन की ओर से जारी घोषणा–पत्र में धर्म की स्वतंत्रता,समान अधिकार,और धार्मिक आधार पर भेदभाव न करने की गारंटी दी गई थी, जिसके आधार पर जशपुर रियासत में धर्म परिवर्तन पूरी तरह वैध था। “जशपुर के ईसाई उतने ही वैध हैं जितने देश–दुनिया के अन्य ईसाई” वाल्टर कुजूर ने कहा कि जशपुर के ईसाई उतने ही वैध हैं जितने देश–दुनिया के अन्य ईसाई । जशपुर के ईसाइयों को फर्जी कहना न केवल गलत है, बल्कि समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि “जिस तरह बाबा साहेब आंबेडकर ने 1956 में लाखों अनुयायियों के साथ वैध रूप से बौद्ध धर्म अपनाया, उसी तरह जशपुर के आदिवासियों ने 1906 से 1947 के बीच वैध रूप से ईसाई धर्म अपनाया है। महासभा ने ऐसे भ्रामक दावे फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

विष्णु सरकार की छवि बिगाड़ने वाले अधिकारियों की तानाशाही पर पत्रकारों ने खोला मोर्चा,मुकेश नायक की पीड़ा छापनेवाले पत्रकारों को टारगेट करने पर मामला गरमाया

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पत्रकार मुकेश नायक की अपील पर कुनकुरी में पत्रकारों की आपात बैठक, जिला प्रशासन पर फूटा आक्रोश — मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन, जनसम्पर्क व्हाट्सएप ग्रुप लेफ्ट कर पत्रकारों ने संघर्ष का बिगुल फूंका   जशपुर/कुनकुरी जशपुर जिले में पत्रकार मुकेश नायक के साथ हुई अमानवीय और संवेदनहीन घटना को लेकर गुरुवार को कुनकुरी में पत्रकारों की जिला स्तरीय आपात बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया से जुड़े पत्रकार मौजूद रहे। बैठक में प्रशासनिक उदासीनता, गलत तथ्यों के प्रसार और पत्रकारों को दबाव में लेने के बढ़ते प्रयासों को लेकर व्यापक आक्रोश देखा गया। स्वास्थ्य विभाग झूठ बोल रहा है,मुझ पर दवाब बनाना बंद करें – मुकेश की भावुक अपील बैठक में पत्रकार मुकेश नायक ने बताया कि 17 नवंबर को ओडिशा के सुंदरगढ़ अस्पताल में जन्मे उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। अस्पताल की शव वाहन सेवा अंतरराज्यीय सीमा पार नहीं कर सकती थी, इसलिए वे छत्तीसगढ़ की 102 मुक्तांजली वाहन सेवा से सहयोग की उम्मीद में बार-बार कॉल करते रहे, लेकिन न फोन रिसीव हुआ, न कोई सहायता मिली। सीएमएचओ से आश्वासन मिलने के बाद भी 102 सेवा ने साफ कह दिया कि वे शव परिवहन नहीं करते। अंततः मजबूरी में उन्हें नवजात के शव को मोटरसाइकिल से घर लाना पड़ा। मुकेश नायक ने कहा कि “इतना कष्ट झेलने के बाद भी जनसम्पर्क विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झूठा दावा कर दिया कि स्वास्थ्य विभाग ने मुझे फोन किया पर मैंने रिसीव नहीं किया। यह असत्य बयान मेरे दर्द पर नमक छिड़कने जैसा है।व्हाट्सएप कॉल करके मुझपर मामला ठंडा करने का दवाब बनाया जा रहा है।”   पत्रकारों ने प्रशासनिक तानाशाही पर जताया तीखा विरोध   पत्रकारों ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का दुख नहीं, बल्कि पूरे जिले में फैली संवेदनहीन कार्यशैली की पहचान है। बैठक में जनसम्पर्क विभाग के एक व्हाट्सएप ग्रुप को लेकर भी कड़ी नाराज़गी व्यक्त की गई। पत्रकारों ने बताया कि इस ग्रुप को अक्सर पत्रकारों को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाने, दबाव बनाने और प्रशासनिक पक्ष को थोपने के “टूल” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।पत्रकारों ने जनसंपर्क व्हाट्सएप ग्रुप का स्क्रीनशॉट दिखाते हुए कहा कि 25 साल के इतिहास में नौकरशाही इस हद तक बेकाबू नहीं हुई थी। चर्चा के बाद पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हो रहे इस अतिक्रमण के विरोध में जिले के सभी पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जनसंपर्क व्हाट्सएप ग्रुप लेफ्ट कर अपना पहला औपचारिक विरोध दर्ज कराया।   मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तैयार — दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नाम एक विस्तृत ज्ञापन भेजा जाएगा। ज्ञापन में इन मांगों को शामिल किया गया है — पत्रकार मुकेश नायक के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच गलत जानकारी प्रसारित करने वाले तथा संवेदनहीन रवैया अपनाने वाले दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई जिले में “प्रशासनिक आतंकवाद” की बढ़ती प्रवृत्ति पर तत्काल रोक शासन की छवि खराब करने वाले अधिकारियों को जशपुर जिले से हटाया जाए स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए पत्रकारों ने कहा कि यदि एक पत्रकार को न्याय नहीं मिलता, तो आम जनता की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।   बैठक में उपस्थित पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार विष्णु नारायण जोशी, विनोद शर्मा, रविन्द्र थवाईत, संतोष चौधरी, राजेश पांडेय, विकास पांडे, दीपक वर्मा, प्रदीप तिग्गा, नवीन ओझा, दीपक सिंह, संजीत यादव, प्रियल जिंदल, सागर जोशी, कुंदन सिंह, शैलेन्द्र चिंतानवीस, एजाज खान, धवलेश्वर सिंह, मयंक शर्मा, तरुण शर्मा, सुनील सिन्हा, निरंजन मोहंती, रुद्रदामन पाठक, नीतीश यादव, राजेश राम भगत, मुकेश नायक, सोनू जायसवाल सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।वहीं इस मामले पर विजय त्रिपाठी, रमेश शर्मा, प्रशांत सहाय, योगेश थवाईत, सुरेन्द्र चेतवानी, शिव प्रताप सिंह, मिथलेश साहू, श्याम चौहान समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी प्रशासनिक तानाशाही पर तीखा विरोध दर्ज किया है। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष मुकेश नायक को न्याय दिलाने के साथ-साथ जिले में प्रशासनिक जवाबदेही की स्थापना के लिए है। उन्होंने कहा कि “जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और जिले में मानवीय व जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाएगा।”

छत्तीसगढ़ की सीमा पर शव वाहन नहीं पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग ने खबरों का किया खंडन,मुकेश ने कहा – मैंने तकलीफ बताई जो सत्य है,,

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*समाचार* खंडन  मुक्तांजली वाहन नहीं मिलने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने रखा अपना पक्ष जशपुरनगर 18 नवम्बर 2025/* सिंगीबहार निवासी श्री मुकेश नायक के नवजात शिशु के शव को घर तक लाने हेतु मुक्तांजली वाहन की सुविधा नहीं मिलने के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 नवम्बर 2025 को सुबह 09 बजे श्री कुंदन राजपूत एवं श्री मुकेश नायक का फोन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जशपुर को प्राप्त हुआ तथा तत्काल जिला प्रबंधक मुक्ताजंली वाहन को इसकी सूचना देते हुए वाहन भेजने हेतु निर्देशित किया गया। जिला प्रबंधक के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरसाबहार लोकशन पर उपलब्ध वाहन को सूचना दी गई व वाहन रवाना करने के निर्देश दिये गये, किन्तु मुक्तांजली वाहन कर्मचारी फरसाबहार के द्वारा लोकेशन पता करने एवं अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए श्री मुकेश नायक को फोन किये जाने पर श्री मुकेश नायक के द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया, इसकी सूचना कर्मचारी के द्वारा तत्काल उच्च अधिकारियों को दिया गया। तत्पश्चात स्वयं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जशपुर के द्वारा कॉल बैक करते हुए श्री मुकेश नायक को फोन रिसीव करने को कहा गया। जिस दौरान स्वयं श्री मुकेश नायक के द्वारा नेटवर्क में नहीं होने के कारण बात नहीं हो पाने की जानकारी दिया गया। तत्पश्चात पुनः मुक्तांजली वाहन कर्मचारियों के द्वारा फोन किया गया, किन्तु श्री मुकेश नायक के द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। जिससे सम्पर्क नहीं हो सका। घटना स्वास्थ्य विभाग अथवा मुक्तांजली वाहन की लापरवाही से नहीं बल्कि संबंधित से सम्पर्क नहीं होने की वजह से हुआ है। नोट : यह खंडन प्रेस विज्ञप्ति से लिया गया है। इस मामले पर मृत नवजात के पिता और पेशे से पत्रकार मुकेश कुमार ने ख़बर जनपक्ष के सवालों पर कहा कि मैंने कब कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने शव वाहन की व्यवस्था नहीं की।उन्होंने मुझे आश्वस्त किया और मैं इंतजार करता रहा।जब दो घंटे तक शव वाहन नहीं आया तो स्कूटी से शव लेकर घर गया। मैंने तो केवल अपनी तकलीफ बताई जो सत्य है।मुझे और परेशान न किया जाए। बहरहाल,घटना से परिवार में शोक की लहर है।वहीं स्वास्थ्य विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रख दिया है।ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि मरीजों और मृतकों को समय पर एंबुलेंस और शव वाहन देने की कोशिश पर अब सवाल खड़े नहीं होंगे।

कन्या भ्रूण हत्या रोकने कलेक्टर की बड़ी पहल,साक्ष्य सहित सूचना देनेवाले को मिलेगा ईनाम,निशाने पर दो बड़े,,,,,

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*पत्थलगांव एवं कुनकुरी विकासखंड क्षेत्र में अवैध भ्रूण जांच की साक्ष्य सहित सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम*   *कलेक्टर व्यास की विशेष पहल से कन्या भ्रूण हत्या पर कसेगी नकेल, बालिका लिंगानुपात में होगी सुधार*   *पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने दिए निर्देश*   जशपुर 18 नवम्बर 2025/ कलेक्टर  रोहित व्यास ने जिले में बालिका लिंगानुपात में सुधार तथा अवैध भ्रूण परीक्षण एवं भ्रूण हत्या रोकने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया है। इस अभियान के अंतर्गत पत्थलगांव एवं कुनकुरी विकासखण्ड में यदि कोई व्यक्ति साक्ष्य सहित अवैध रूप से हो रहे भ्रूण जांच अथवा भ्रूण हत्या की जानकारी प्रशासन को देता है, तो उसे जिला प्रशासन की ओर से उचित इनाम दिया जाएगा। यह पहल समाज में बेटियों के संरक्षण और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। कलेक्टर श्री व्यास ने बताया कि अवैध भ्रूण जांच रोकथाम एवं पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने जिला प्रशासन ने विशेष कार्य योजना लागू की है। इसके अंतर्गत अवैध भ्रूण परीक्षण की सूचना देने वाले व्यक्ति को संबंधित गतिविधि का साक्ष्य प्रस्तुत करना आवश्यक होगा, जैसे– ऑडियो, वीडियो, फोटो, दस्तावेज़ या अन्य प्रमाण। प्रशासन द्वारा साक्ष्य की सत्यता की पुष्टि कर संबंधित सोनोग्राफी सेंटर पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें जिला प्रशासन द्वारा उचित इनाम प्रदान किया जाएगा।        कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि अवैध भ्रूण जांच केवल कानूनन अपराध ही नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन और मानवता के लिए भी खतरा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी स्थान पर ऐसी गतिविधि के होने का संदेह हो, तो साक्ष्य सहित प्रशासन को सूचित करें, ताकि कानून के तहत त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि भ्रूण हत्या, अवैध सोनोग्राफी केंद्र, दलाल और इसमें सम्मिलित चिकित्सकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा निगरानी एवं औचक निरीक्षण किया जाएगा। सभी निजी एवं सरकारी सोनोग्राफी केंद्रों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए यह प्रशासन की एक सशक्त एवं प्रभावी पहल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच ने बदली शहर की तस्वीर,विसर्जन तालाब में प्रकृति को उतारने में जुटा नगरीय प्रशासन लेकिन…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच ने बदली शहर की तस्वीर,विसर्जन तालाब में प्रकृति को उतारने में जुटा नगरीय प्रशासन लेकिन… जशपुर : कुनकुरी विसर्जन तालाब सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि प्रकृति को फिर से एक तालाब के चारों ओर उतारने की खूबसूरत कोशिश बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 98 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस परियोजना ने जनवरी 2025 में गति पकड़ी थी और अब यह लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।   तालाब को आधुनिक और हरा-भरा स्वरूप देने में ठेकेदार महेश त्रिपाठी और राजू भारती दिन-रात जुटे हुए हैं। हालांकि अतिक्रमण और तालाब के भीतर मौजूद बिजली ट्रांसफार्मर को अभी तक नहीं हटाया जाना परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं। युवाओं का नैचुरल हैंगआउट बन चुका है तालाब तालाब की सुंदरता ऐसी है कि पिछले दो माह से यह युवाओं का पसंदीदा ठिकाना बन गया है। सुबह की धूप हो या शाम की ठंडी हवा – लोग यहां प्रकृति से जुड़ने, सुकून लेने और यादगार रील्स बनाने पहुंच रहे हैं। तालाब में डाली गई रूपचंदा रंगीन मछलियाँ बच्चों और बड़ों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। कई लोग अपने घरों से लाए पालतू कछुओं को यहां छोड़कर उन्हें प्राकृतिक आवास भी दे रहे हैं।   प्रकृति की सेवा अब बन गई सामाजिक जिम्मेदारी तालाब में लगाए गए आकर्षक पौधों की देखभाल शहर के निवासी प्रकाश कुजूर कर रहे हैं। उनका तालाब से भावनात्मक जुड़ाव भी गहरा है। प्रकाश ने अमर उजाला को बताया,“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हमारे बड़े भाई जैसे हैं। वे हमारे यहां किराए के घर में रहकर पढ़ाई किए थे। उनका यह सुंदर प्रयास सफल हो, इसलिए तालाब की सेवा कर रहा हूं।”   मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर बढ़ाई उम्मीदें       बीते 28 अक्टूबर को छठ पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री सपरिवार तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे। आसपास की हरियाली और बनती सुंदरता को देखकर उन्होंने अतिरिक्त 60 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही निर्देश दिया कि तालाब के अंदर मौजूद बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे को तुरंत बाहर शिफ्ट किया जाए, ताकि तालाब की सुंदरता और सुरक्षा दोनों में कोई बाधा न रहे। स्थल पर मौजूद कलेक्टर रोहित व्यास ने भरोसा दिलाया कि यह तालाब कुनकुरी की पहचान बनेगा और इससे भी बेहतर स्वरूप दिया जाएगा।   एक तालाब—जो सिर्फ पानी नहीं, प्रकृति के पुनर्जागरण की कहानी बन रहा है कुनकुरी का विसर्जन तालाब अब शहर की नई हरित पहचान बनकर उभर रहा है। यहां बनने वाली पगडंडियाँ, पानी में तैरती रंगीन मछलियाँ, किनारे हिलते पौधे और युवा,यह सब मिलकर बताते हैं कि किस तरह एक तालाब पूरे शहर की आत्मा को फिर से जीवंत कर सकता है।   नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील और सीएमओ की लगातार उपस्थिति के कारण विसर्जन तालाब सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के रिश्ते को फिर से मजबूत करने की कहानी बन रहा है। ठेकेदार महेश त्रिपाठी ने बताया कि विसर्जन तालाब सौंदर्यीकरण में फूल-पौधे रूप दिए गए हैं।पौधों की देखभाल के लिए स्प्रिंकलर लगाया गया है।चारों ओर रेलिंग पर एलईडी लाइट लगाकर तालाब में रोशनी की गई है।अतिक्रमण और ट्रांसफार्मर हटाने का काम जल्दी पूरा होने से निर्माण कार्य एक महीने में पूरा हो जाएगा।