शिव बाबा की संघर्षगाथा: दूसरी बार निर्विरोध उपसरपंच चुने गए, गांव में जश्न का माहौल

शिव बाबा की संघर्षगाथा: दूसरी बार निर्विरोध उपसरपंच चुने गए, गांव में जश्न का माहौल

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जशपुर,08 मार्च2025- विकास की राह में संघर्ष का दूसरा नाम बन चुके शिव कुमार यादव, जिन्हें क्षेत्र में लोग प्रेम से शिव बाबा कहते हैं, ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की। जनपद पंचायत बगीचा के ग्राम पंचायत गायलूँगा में 8 मार्च को संपन्न हुए उपसरपंच चुनाव में उन्होंने निर्विरोध जीत दर्ज कर दूसरी बार यह पद हासिल किया। इससे पहले उन्हें निर्विरोध पंच चुना गया था।

शिव बाबा सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि गांव की आवाज बन चुके हैं। सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर उनके द्वारा किए गए संघर्ष और धरना-प्रदर्शन ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में वे गांव के विकास को अपनी प्राथमिकता मानते हैं।

उनकी इस ऐतिहासिक जीत पर पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटी। इस चुनाव ने गायलूँगा ग्राम पंचायत में भाईचारे और संगठन की शक्ति को दर्शाया, जहां पंचगणों ने एकमत होकर शिव बाबा को फिर से नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी।

संघर्ष से सफलता तक – शिव बाबा की कहानी
शिव बाबा सिर्फ नाम ही नहीं, बल्कि गांव के विकास के लिए समर्पित एक व्यक्तित्व हैं। उनके संघर्षों की गूंज न केवल गायलूँगा, बल्कि पूरे बगीचा क्षेत्र में सुनाई देती है। चाहे सड़क की मांग हो, बिजली की समस्या हो या किसी भी अन्य बुनियादी जरूरत की बात – वे हमेशा जनता के साथ खड़े नजर आते हैं। उनका मिलनसार स्वभाव और हर दुख-सुख में गांववासियों के साथ खड़े रहने की प्रवृत्ति ही उन्हें सबसे अलग बनाती है।

ग्रामीणों का मानना है कि शिव बाबा के नेतृत्व में गायलूँगा पंचायत को और अधिक विकास कार्यों की सौगात मिलेगी। उनकी यह जीत साबित करती है कि जब कोई व्यक्ति सच्चे मन से समाज सेवा करता है, तो जनता उसे सिर आंखों पर बिठाती है।