जशपुर में दहला देने वाली घटना — प्रिंसिपल के बैड टच से त्रस्त नाबालिग छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में खोले काले राज… अवैध हॉस्टल में चल रहा था दरिंदगी का खेल!
जशपुर – जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के गोवासी गांव में रविवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने प्रिंसिपल की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगा ली। छात्रा स्कूल के भीतर ही संचालित अवैध हॉस्टल में रहती थी, जिसे स्कूल प्रिंसिपल कुलदीप टोपनो खुद चलाता था।
❗ सुसाइड नोट में बड़ा खुलासा — बैड टच, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की बातें लिखीं

पुलिस को घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में छात्रा ने साफ लिखा है कि प्रिंसिपल उसके साथ बैड टच करता था और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था।
नाबालिग की पीड़ा पढ़कर जांच टीम भी सन्न रह गई।
❗ आरोपी प्रिंसिपल हिरासत में, अवैध हॉस्टल का काला सच सामने
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी प्राचार्य कुलदीप टोपनो को हिरासत में ले लिया।
जांच में सामने आया कि ग्रामीण शिक्षा समिति द्वारा संचालित इस स्कूल में 124 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें 33 बच्चे प्राचार्य द्वारा चलाए जा रहे अवैध हॉस्टल में रह रहे थे।
मृत छात्रा भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।जिसने बीती रात हॉस्टल के स्टडी रूम में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
❗ प्रशासनिक तंत्र हरकत में — कई अधिकारी मौके पर
घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।
डीईओ, एसडीएम, बीईओ, सहायक आयुक्त, तहसीलदार, एसडीओपी और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंच गए हैं।
मृतका का कमरा सील कर दिया गया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
❗ एसएसपी का बड़ा बयान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि,
“यह नाबालिग छात्रा की आत्महत्या का मामला है। सुसाइड नोट मिला है जिसमें प्रताड़ना का जिक्र है। जांच गंभीरता से चल रही है।”
❗ जिले में उबाल — निजी स्कूलों व हॉस्टलों पर सवाल
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। लोग अवैध हॉस्टलों और निजी स्कूलों की लचर व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले भी पोर्तेंगा मिशन स्कूल में अवैध हॉस्टल में बच्चों के धर्मांतरण की कोशिश के आरोप के साथ ही उन्हें शारीरिक प्रताड़ना देने का मामला आया था।वहीं कुनकुरी में नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में एक प्रिंसिपल द्वारा जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आ चुका है। ऐसे में जिले के अंदर निजी स्कूलों और संस्थाओं की निगरानी पर भी अब बड़ी बहस शुरू हो गई है।
यह दिल दहला देने वाली घटना न केवल एक छात्रा की जिंदगी छीन ले गई, बल्कि जिले में संचालित निजी शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गई है।





















