छत्तीसगढ़ की सीमा पर शव वाहन नहीं पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग ने खबरों का किया खंडन,मुकेश ने कहा – मैंने तकलीफ बताई जो सत्य है,,

*समाचार*

खंडन 

मुक्तांजली वाहन नहीं मिलने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने रखा अपना पक्ष

जशपुरनगर 18 नवम्बर 2025/* सिंगीबहार निवासी श्री मुकेश नायक के नवजात शिशु के शव को घर तक लाने हेतु मुक्तांजली वाहन की सुविधा नहीं मिलने के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 नवम्बर 2025 को सुबह 09 बजे श्री कुंदन राजपूत एवं श्री मुकेश नायक का फोन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जशपुर को प्राप्त हुआ तथा तत्काल जिला प्रबंधक मुक्ताजंली वाहन को इसकी सूचना देते हुए वाहन भेजने हेतु निर्देशित किया गया।

जिला प्रबंधक के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरसाबहार लोकशन पर उपलब्ध वाहन को सूचना दी गई व वाहन रवाना करने के निर्देश दिये गये, किन्तु मुक्तांजली वाहन कर्मचारी फरसाबहार के द्वारा लोकेशन पता करने एवं अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए श्री मुकेश नायक को फोन किये जाने पर श्री मुकेश नायक के द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया, इसकी सूचना कर्मचारी के द्वारा तत्काल उच्च अधिकारियों को दिया गया। तत्पश्चात स्वयं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जशपुर के द्वारा कॉल बैक करते हुए श्री मुकेश नायक को फोन रिसीव करने को कहा गया। जिस दौरान स्वयं श्री मुकेश नायक के द्वारा नेटवर्क में नहीं होने के कारण बात नहीं हो पाने की जानकारी दिया गया। तत्पश्चात पुनः मुक्तांजली वाहन कर्मचारियों के द्वारा फोन किया गया, किन्तु श्री मुकेश नायक के द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। जिससे सम्पर्क नहीं हो सका।

घटना स्वास्थ्य विभाग अथवा मुक्तांजली वाहन की लापरवाही से नहीं बल्कि संबंधित से सम्पर्क नहीं होने की वजह से हुआ है।

नोट : यह खंडन प्रेस विज्ञप्ति से लिया गया है।

इस मामले पर मृत नवजात के पिता और पेशे से पत्रकार मुकेश कुमार ने ख़बर जनपक्ष के सवालों पर कहा कि मैंने कब कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने शव वाहन की व्यवस्था नहीं की।उन्होंने मुझे आश्वस्त किया और मैं इंतजार करता रहा।जब दो घंटे तक शव वाहन नहीं आया तो स्कूटी से शव लेकर घर गया। मैंने तो केवल अपनी तकलीफ बताई जो सत्य है।मुझे और परेशान न किया जाए।

बहरहाल,घटना से परिवार में शोक की लहर है।वहीं स्वास्थ्य विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रख दिया है।ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि मरीजों और मृतकों को समय पर एंबुलेंस और शव वाहन देने की कोशिश पर अब सवाल खड़े नहीं होंगे।