कलेक्टर और एसएसपी का सराहनीय प्रयास: जेल, नशा मुक्ति केंद्र और बाल संरक्षण गृह का किया निरीक्षण

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जशपुर, 31 मार्च 2025 – जशपुर जिले में कानून-व्यवस्था और समाज कल्याण को मजबूत करने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी शशि मोहन सिंह लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने जिला जेल, नशा मुक्ति केंद्र और बाल सम्प्रेक्षण गृह का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर सुधार के महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जेल में सुरक्षा और सुधार पर विशेष ध्यान कलेक्टर और एसएसपी ने जिला जेल का निरीक्षण कर बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कैदियों को ईद और चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और उन्हें सही राह पर लौटने की प्रेरणा दी। जेल में भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। कलेक्टर ने बंदियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन देने, गंभीर रूप से बीमार कैदियों का इलाज सुनिश्चित करने और जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। नशा मुक्त समाज की ओर कदम इसके बाद कलेक्टर और एसएसपी ने नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया, जहां नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को एक माह तक इलाज और काउंसलिंग दी जाती है। अधिकारियों ने भर्ती मरीजों को नशे से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी और समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि घर लौटने के बाद इन व्यक्तियों की ट्रैकिंग की जाए, ताकि वे पुनः नशे की चपेट में न आएं। बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल कलेक्टर रोहित व्यास ने बाल सम्प्रेक्षण गृह और बालिका खुला आश्रय गृह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और खेल-कूद गतिविधियों की समीक्षा की। बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, कौशल विकास में प्रशिक्षित करने और खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। कलेक्टर ने बच्चों को बैडमिंटन, बैट और बॉल उपहार स्वरूप भेंट किए, जिससे बच्चे उत्साहित हुए और उन्होंने कलेक्टर को धन्यवाद दिया। बहरहाल,इन तीनों स्थानों के निरीक्षण से कहा जा सकता है कि जिला प्रशासन केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठा रहा है।

जशपुर: पंचायत चुनाव में लापरवाही पर तीन शासकीय कर्मचारी निलंबित

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जशपुर: पंचायत चुनाव में लापरवाही पर तीन शासकीय कर्मचारी निलंबित जशपुर, 20 फरवरी 2025 – त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2024-25 के दौरान लापरवाही बरतने पर तीन शासकीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों के निलंबन आदेश जारी किए। पीठासीन अधिकारी नशे की हालत में पाए गए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय जशपुर में निर्वाचन सामग्री वितरण के दौरान पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात प्रधान पाठक श्री जुनास खलखो और व्याख्याता श्री गणेश कुमार मंडल नशे की हालत में पाए गए। चिकित्सकीय परीक्षण में उनके शराब के सेवन की पुष्टि हुई, जिससे वे ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं थे। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-23 का उल्लंघन माना गया, जिसके चलते दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 70 दिनों तक ड्यूटी से गायब रहे पटवारी वहीं, तहसील फरसाबहार में पदस्थ पटवारी श्री विजय कुमार श्रीवास्तव को मतदाता सूची की मॉर्ड कॉपी तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन, वे बिना किसी पूर्व अनुमति के 2 दिसंबर 2024 से 10 फरवरी 2025 (कुल 70 दिन) तक अपने कर्तव्य से अनुपस्थित रहे। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उन्होंने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसे निर्वाचन प्रक्रिया में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। तत्काल प्रभाव से निलंबन कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में श्री जुनास खलखो और श्री गणेश कुमार मंडल का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कांसाबेल तथा श्री विजय कुमार श्रीवास्तव का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) फरसाबहार निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली, दिए सख्त निर्देश

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जशपुर, 18 जनवरी 2025: आगामी नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर रोहित व्यास ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सभी एसडीएम और नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विकासखंड के अधिकारी और तहसीलदार ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार और अपर कलेक्टर  प्रदीप कुमार साहू भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता लागू होते ही निर्वाचन आयोग के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। चुनाव ड्यूटी में नियुक्त अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए। निर्देशों के मुख्य बिंदु: 1. संवेदनशील मतदान केंद्रों का चिन्हांकन: कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर जानकारी शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। 2. मतदान केंद्रों पर सुविधाएं: पानी, बिजली, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर की अनिवार्य व्यवस्था करने को कहा गया। 3. कानून व्यवस्था: संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सख्त कानून व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति के किसी अनधिकृत व्यक्ति को मतदान केंद्र में प्रवेश न देने के निर्देश दिए गए। 4. चुनाव ड्यूटी में कोताही पर सख्ती: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए किसी भी प्रकार की बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। केवल गंभीर बीमारी के मामलों में मेडिकल बोर्ड का प्रमाणपत्र जमा करना होगा। 5. जागरूकता अभियान: मतदाता जागरूकता के लिए “जागो” कार्यक्रम के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। 6. पर्याप्त परिवहन सुविधा: परिवहन अधिकारी को चुनाव कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।   चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा: कलेक्टर ने कानून व्यवस्था, सुरक्षा बल की उपलब्धता, मतदाता जागरूकता अभियान, मतदान दल का गठन, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, मतगणना स्थल पर पेयजल, बिजली, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम जैसे विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। मास्टर ट्रेनर्स को मतदान दलों को प्रभावी प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग समन्वय से कार्य करें ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। यह बैठक यह सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और मतदाता निर्भीक होकर अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें।  

जशपुर में जन्म प्रमाण-पत्र के लिए विशेष शिविर, बिचौलियों से सावधान रहने की अपील

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— कलेक्टर ने अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश जशपुर, 16 दिसंबर 2024: जशपुर जिले में विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के लिए जन्म प्रमाण-पत्र की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष शिविरों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर  रोहित व्यास ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल्द से जल्द इन शिविरों का आयोजन करें और जन्म प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा। उन्होंने पालकों से अपील की है कि वे बिचौलियों और दलालों से सावधान रहें, जो अवैध रूप से पैसे वसूलने का प्रयास कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के नाम पर अवैध वसूली करता है, तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। शिविरों के माध्यम से होगा समाधान जिले के कई विद्यार्थियों की अपार आईडी केवल इस कारण नहीं बन सकी है, क्योंकि उनके पास जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं है। इस समस्या को हल करने के लिए प्रशासन ने तिथिवार विशेष शिविर आयोजित करने का फैसला किया है। इन शिविरों का आयोजन जिले के सभी शैक्षणिक संकुलों में किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों और उनके पालकों को यह सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके। बिचौलियों और दलालों से रहें सतर्क प्रशासन ने पालकों से अपील की है कि वे ऐसे लोगों से सतर्क रहें, जो जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के नाम पर पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता और जागरूकता जन्म प्रमाण-पत्र न केवल शैक्षणिक पहचान के लिए, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए भी आवश्यक है। यह कदम विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने और शिक्षा प्रणाली को सुगम बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। प्रशासन ने नागरिकों से इस पहल को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। विशेष शिविरों का लाभ उठाएं और जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के लिए सही प्रक्रिया अपनाएं। छात्रहित में काम करनेवाले संगठनों ने कलेक्टर के इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि यह पहल न केवल विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में सहायक होगी, बल्कि नागरिकों को जागरूक कर भ्रष्टाचारमुक्त और पारदर्शी प्रक्रिया को बढ़ावा भी देगी।  

शहीद परिवारों के सम्मान में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम

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जशपुर, 16 दिसंबर 2024 – जिले के रक्षित केंद्र में आज शहीद परिवारों के सम्मान में एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के शहीदों के परिजनों को कलेक्टर रोहित व्यास (भा.प्रा.से) और पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह (भा.पु.से) द्वारा शाल, श्रीफल और मिठाई भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य सचिव (छत्तीसगढ़ शासन) के निर्देशानुसार राज्य सरकार के गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शहीद परिवार उपस्थित रहे। कलेक्टर  रोहित व्यास ने अपने संबोधन में शहीद परिवारों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन उनकी हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा, “हम आपके परिवार का हिस्सा हैं। किसी भी परेशानी के लिए निःसंकोच संपर्क करें। आपकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।” पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शहीद परिवारों का धन्यवाद करते हुए कहा, “आपके परिवार के बलिदान ने इस मिट्टी की आजादी को मजबूत किया है। जशपुर पुलिस हर सुख-दुख में आपके साथ है।”  

विशेष खबर: 48 घण्टे पहले अनुमति लेकर ही करें आयोजन,कलेक्टर-एसपी ने बैठक में बताया नियम

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*जशपुर, 08 दिसम्बर 2024/ जिले में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु शनिवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय कानून व्यवस्था बैठक का आयोजन कलेक्टर रोहित व्यास एवं पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस बैठक में कलेक्टर ने जिले में किसी भी स्थान पर किये जाने वाले आयोजनों के पूर्व आयोजकों के लिए 48 घंटे पूर्व निर्धारित प्रारूप में सक्षम अधिकारी के समक्ष स्वीकृति हेतु आवेदन किये जाने को अनिवार्य बताते हुए इसका पालन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि यदि कोई आयोजक बिना स्वीकृति के कोई आयोजन करता है तो ऐसे आयोजन को कानून व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिकोण से मान्य नहीं किया जाएगा। आयोजन हेतु निर्धारित प्रारूप में अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही आयोजन के प्रारूप एवं वॉलेंटियर की सूची की जानकारी भी आयोजकों को जिला एवं पुलिस प्रशासन को देनी होगी ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। कलेक्टर ने जिला एवं विकासखण्डों की शांति समितियों का पुनर्गठन करने तथा उनमें सभी समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल कर उसे अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर ने आम नागरिकों के साथ जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को सकारात्मक एवं संवेदनशीलता पूर्वक संयमित व्यवहार करने हेतु निर्देशित किया। इसके साथ ही आगामी स्थानीय निकायों के निर्वाचन को दृष्टिगत रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस अधीक्षक ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करने तथा छोटी छोटी घटनाओं पर भी संवेदनशीलता पूर्वक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने आगामी स्थानीय निकायों के चुनावों को देखते हुए निर्वाचन के निष्पक्ष आयोजन हेतु आबकारी एक्ट सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, सभी एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

लवाकेरा में अवैध धान परिवहन का पर्दाफाश: प्रशासन का सख्त रुख, सियासी हलचल तेज

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जशपुर, 1 दिसंबर 2024 – कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में फरसाबहार के एसडीएम आर.एस. लाल और राजस्व विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लवाकेरा के पास एक पिकअप वाहन से अवैध रूप से उड़ीसा से लाया गया धान जब्त किया है। वाहन के चालक राजेश साहू द्वारा यह धान सीमावर्ती इलाके से लाया गया था। धान और वाहन को तुरंत तपकरा थाना के सुपुर्द कर दिया गया है। अवैध धान परिवहन का खेल धान खरीदी को लेकर इस वक्त राज्य में एक बड़ा खेल चल रहा है। सरकार द्वारा निर्धारित प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी नीति का फायदा उठाने के लिए किसान, बिचौलिये और मंडी के बीच एक गठजोड़ बन गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो किसान के एक एकड़ खेत मे धान की फसल अधिकतम 15 क्विंटल हो सकती है,इससे ज्यादा नहीं।ऐसे में किसान अपने खेत की फसल के साथ बाहरी धान मिलाकर सरकार को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इस गठजोड़ से सरकारी नीति की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, और राज्य सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद इसे रोकने में सफलता नहीं मिली है। प्रशासन की सख्ती और सियासी दबाव जशपुर जिले में लगातार अवैध धान परिवहन के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि सीमावर्ती राज्यों से बड़े पैमाने पर अवैध धान की तस्करी हो रही है। प्रशासन अब सख्त रुख अपनाए हुए है और ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गड़बड़झाले में सभी राजनीतिक दलों के लोगों की प्रत्यक्ष या परोक्ष संलिप्तता की चर्चा जोरों पर है। चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, हर दल के लोग इस गठजोड़ का हिस्सा बने हुए हैं, जिससे प्रशासन के लिए चुनौती और बढ़ गई है। सरकारी अमले की मुस्तैदी धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। सीमावर्ती इलाकों में बने 21 चेकपोस्ट के अलावा भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि उड़ीसा,झारखण्ड राज्यों से धान की तस्करी पर रोक लगाई जा सके। क्या सरकार तोड़ पाएगी गठजोड़? इस पूरे मामले ने सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह सख्ती कितनी कारगर साबित होती है और क्या सरकार इस गठजोड़ को तोड़ने में सफल हो पाती है। फिलहाल, लवाकेरा में हुई इस कार्रवाई से अन्य तस्करों में हड़कंप मच गया है।  

“अन्वेषण” तीसरा चरण : 3D प्लेनेटोरियम शो का कलेक्टर-एसपी ने किया शुभारम्भ,विद्यार्थियों को ब्रह्मांडीय रोमांच का मिला अनुभव

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विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि और ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से “अन्वेषण” कार्यक्रम का तीसरा चरण शुरू जशपुर, 25 नवंबर 2024/ छत्तीसगढ़ सरकार की नई शिक्षा नीति और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप विद्यार्थियों में विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर जिले में “अन्वेषण” कार्यक्रम के तहत थ्रीडी प्लेनेटोरियम शो की शुरुआत की गई। इस अभिनव पहल का शुभारंभ स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम नवीन आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कलेक्टर  रोहित व्यास और पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह की उपस्थिति में हुआ। “शिक्षा और विज्ञान का संगम” कलेक्टर  रोहित व्यास ने उद्घाटन करते हुए कहा, “पहले ऐसे आयोजन महानगरों तक ही सीमित थे। अब, यह तकनीकी नवाचार हमारे जिले के बच्चों को भी उपलब्ध हो रहा है। यह पहल बच्चों को न केवल अंतरिक्ष विज्ञान की अनूठी दुनिया से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि उन्हें अपने सपनों को आकार देने का अवसर भी प्रदान करेगी।” उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि ब्रह्मांड की रहस्यमयी गतिविधियों को समझने से उनकी सोच का दायरा बढ़ेगा और भविष्य में वे बड़े वैज्ञानिक बन सकते हैं। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने कहा कि थ्रीडी प्लेनेटोरियम शो के माध्यम से विद्यार्थी ब्रह्मांड की अद्भुत संरचना और गतिविधियों को नजदीक से समझ पाएंगे। उन्होंने इसे बच्चों के लिए “ज्ञान और कल्पना का नया आयाम” बताया। अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल इस कार्यक्रम के अंतर्गत थ्रीडी प्लेनेटोरियम के भीतर 4के वीडियो गुणवत्ता के जरिए ब्रह्मांड निर्माण और उसकी गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा, एस्ट्रोनॉमी लैब में जीएसएलवी प्रक्षेपण सेटेलाइट, टेलीस्कोप और थ्रीडी सेट जैसे मॉडलों का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने थ्रीडी शो में हिस्सा लेकर छात्रों के साथ ब्रह्मांडीय रोमांच का अनुभव साझा किया। विद्यालय के प्राचार्य  विनोद गुप्ता ने बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम में जशपुर के केंद्रीय विद्यालय, महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल, सेजेस स्कूल और मॉडल स्कूल सहित 1000 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। “अन्वेषण” कार्यक्रम का प्रभाव जिले के आठ विकासखंड मुख्यालयों में अस्थाई वातानुकूलित डोम्स के जरिए यह शो आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और ज्ञानवर्धन करना है। सपनों को पंख देता “अन्वेषण” जशपुर के छात्रों के लिए “अन्वेषण” न केवल एक कार्यक्रम है, बल्कि उनके सपनों को नई ऊंचाई देने का एक मंच भी है। कलेक्टर के शब्दों में, “हम आशा करते हैं कि यह पहल आने वाले वर्षों में हमारे बच्चों को विश्वस्तरीय वैज्ञानिक बनाने की दिशा में पहला कदम साबित होगी।” आने वाले दिनों में आयोजन का विस्तार यह थ्रीडी शो जिले के आठ स्कूलों में आयोजित होगा, जिसमें 4के वीडियो और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। बच्चों को एक ऐसा अनुभव दिया जाएगा जो उन्हें अंतरिक्ष की अनंत संभावनाओं से जोड़ सके। जशपुर जिले में यह पहल बच्चों के बीच विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति उत्सुकता और रुचि जगाने में सफल साबित हो रही है। यह न केवल उनके ज्ञान को बढ़ाएगी, बल्कि उनके सपनों को भी नई उड़ान देगी।  

कलेक्टर रोहित व्यास ने बड़े पैमाने पर किए तबादले,’जुगाड़वालों’ की भी नहीं चली

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जशपुर,25 नवम्बर 2024 –  कलेक्टर रोहित व्यास ने प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से 6 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत राजस्व निरीक्षकों और लिपिक वर्ग के शासकीय सेवकों का स्थानांतरण किया है। 25 नवंबर को जारी आदेश में कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रशासनिक प्रक्रिया में निष्पक्षता और संतुलन बनाए रखना सर्वोपरि है। 25 वर्षों से जमे आरआई का ट्रांसफर कलेक्टर का सबसे बड़ा कदम जशपुर मुख्यालय में 25 वर्षों से कार्यरत राजस्व निरीक्षक गोविंद कुमार सोनी को पत्थलगांव स्थानांतरित करना रहा। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। इसी तरह, कलेक्ट्रेट में पदस्थ बाबुओं का भी स्थानांतरण कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राजस्व निरीक्षकों के स्थानांतरण की सूची: 1. गोविंद कुमार सोनी – जशपुर से पत्थलगांव 2. रोहित कुमार सुकरा – कुनकुरी से पत्थलगांव 3. शशिकांत मिश्रा – दुलदुला से पत्थलगांव 4. चंद्र विजय साय – कुनकुरी से फरसाबहार 5. बिशेष्वर एक्का – पत्थलगांव से दुलदुला 6. रमेशचंद्र भगत – पत्थलगांव से बगीचा 7. राजेश कुमार खूंटे – पत्थलगांव से कुनकुरी 8. कन्हैयालाल डेलकी- फरसाबहार से जशपुर   अन्य विभागीय तबादले भी शामिल इसके अतिरिक्त, जिला कार्यालय और विभिन्न तहसीलों में कार्यरत लिपिक वर्ग और सहायक ग्रेड कर्मचारियों को भी नई शाखाओं में स्थानांतरित किया गया है। इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक कुशल और प्रभावी बनाना है। कलेक्टर का यह निर्णय प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों के स्थानांतरण से कामकाज में गति और संतुलन आने की संभावना है।यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियों को शीघ्र ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।    

कलेक्टर रोहित व्यास ने ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ : अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि जगाने की नई पहल को दिखाई हरी झंडी

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जशपुर, 18 नवंबर 2024// जिले के विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने “अन्वेषण” कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष ज्ञान अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का शुभारंभ कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में किया। कलेक्टर ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए उपकरणों और मॉडलों से सुसज्जित चलित वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के विद्यालयों और छात्रावासों में भ्रमण करेगा। विद्यार्थियों को मिलेगा अंतरिक्ष की गहराइयों का ज्ञान अंतरिक्ष ज्ञान अभियान का लक्ष्य विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और अंतरिक्ष विज्ञान में करियर की संभावनाओं के बारे में शिक्षित करना है। विशेषज्ञों की टीम जिले के 45 हायर सेकेंडरी स्कूलों में लगभग 12,000 से अधिक विद्यार्थियों के साथ सत्र आयोजित करेगी। ये सत्र 18 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेंगे और प्रत्येक स्कूल में 2 घंटे का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में उपग्रह प्रक्षेपण यानों जैसे एसएलवी, पीएसएलवी, एएसएलवी, जीएसएलवी, एलएमवी, और चंद्रयान, मंगलयान, गगनयान मिशन के साथ-साथ विभिन्न टेलीस्कोप, उपग्रह और अंतरिक्ष उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष परियोजनाओं और उनके पीछे की तकनीक के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर श्री व्यास ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा, “भारत आज अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महाशक्ति बन चुका है। सूर्य, चंद्रमा और मंगल के अभियानों से लेकर गगनयान मिशन तक, हमारा देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को इन उपलब्धियों से जोड़ते हुए उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।” कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स बनने का मौका कलेक्टर ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में प्रसिद्ध वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों जैसे कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स और राकेश शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि जशपुर के विद्यार्थी भी इस क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “इस अभियान के माध्यम से बच्चों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के भविष्य और इससे जुड़ी अपार संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।” विशेषज्ञों की टीम का मार्गदर्शन इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स फाउंडेशन (आईडीवायएम) द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त 5 सदस्यीय विशेषज्ञ दल प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देगा। ये विशेषज्ञ अंतरिक्ष अभियानों, प्रक्षेपण तकनीकों और अंतरिक्ष विज्ञान में नवाचारों पर प्रकाश डालेंगे। भारत का अंतरिक्ष भविष्य: गगनयान और उससे आगे कार्यक्रम में बताया गया कि भारत गगनयान मिशन के जरिए अपने अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना की तैयारी कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रेरित करना है ताकि वे भी इस उभरते हुए क्षेत्र का हिस्सा बन सकें। वैज्ञानिक सोच का विकास अंतरिक्ष ज्ञान अभियान का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है। इस अभियान से विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को अपने भविष्य को दिशा देने का एक सुनहरा मौका मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए यह अभियान न केवल अंतरिक्ष विज्ञान की जटिलताओं को सरल बनाएगा, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान भी देगा।