बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान: विष्णुदेव साय सरकार की सराहनीय पहल,आंगनबाड़ी केंद्रों में पालकों को किया जा रहा जागरूक
जशपुर,05 अक्टूबर 2024: 2015 में भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश में लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत कन्या भ्रूण हत्या रोकने, बाल विवाह के खिलाफ सख्त कदम उठाने, और बेटियों की शिक्षा में प्रगति लाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के निर्देश पर पालकों को आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाकर बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ के बारे में जागरूक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को राज्य के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार बेटियों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उनका भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए हमें उनके जन्म से लेकर शिक्षा और अधिकारों तक हर स्तर पर साथ देना होगा।” उन्होंने विशेष रूप से कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ कड़े कदम उठाने और बाल विवाह को रोकने के लिए कड़े कानूनों के पालन की बात कही। शिक्षा को बढ़ावा: विष्णुदेव साय सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं को अमल में लाया है। इस अभियान के तहत बेटियों को स्कूलों में दाखिला दिलाने और उनकी पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियानों के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। इसके तहत कई छात्राओं को सरकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे उनकी शिक्षा में बाधाएं दूर हो रही हैं। सामाजिक जागरूकता और बदलाव: बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में विभिन्न सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य लड़कियों के अधिकारों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इसके साथ ही बाल विवाह को रोकने के लिए सख्त कानूनों का पालन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की अपील: मुख्यमंत्री ने समाज से अपील करते हुए कहा कि “हमें अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा और अवसर प्रदान करना होगा ताकि वे समाज में समान अधिकारों के साथ आगे बढ़ सकें। यह हमारा कर्तव्य है कि हम बेटियों को सशक्त बनाएं और उनकी सुरक्षा और शिक्षा में कोई कमी न हो।”