गिनाबहार में ईसाई उरांव समाज ने करम त्यौहार मनाया,आदिवासी परम्परा से पूजा सम्पन्न
जशपुर/कुनकुरी 13 अक्टूबर2024 – आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में इन दिनों करम त्यौहार की धूम मची हुई है।गिनाबहार में निर्माणाधीन उरांव सामाजिक भवन के सामने कुनकुरी क्षेत्र के ईसाई उरांव जनजाति के लोगों ने पवित्र करम त्यौहार मनाया। उरांव समाज के एमेरियुस लकड़ा ने करम त्यौहार के बारे में बताया कि यह उरांव जनजाति के उन युवाओं के लिए खास त्यौहार है जो विवाह योग्य हो गए हैं।करम गाड़ने की विधि बताते हुए कहा कि पहले अखड़ा(नृत्य स्थल) की साफ-सफाई की जाती है,जिसे गोबर से लिपाई कर पूजा के लिए तैयार किया जाता है।इसके बाद उपवास किये हुए कुंवारे युवक-युवतियां जंगल जाते हैं और करम वृक्ष के नीचे इकट्ठा होकर हल्दी पानी छिड़ककर स्थल शुद्धिकरण किया जाता है।फिर कुंवारा युवक करम वृक्ष की डाल काटता है जिसे जमीन में गिरने से पहले ही कुंवारी युवतियां उसे अपने हाथों में ले लेती हैं।इसके बाद विधि-विधान से अखड़ा में करम डाल गाड़ा गया।इसके बाद करम पर्व से जुड़ी कथा कुँड़ुख़ भाषा ( उरांव जनजाति की भाषा) में कही गई। उन्होंने आगे बताया कि दिन भर उपवास रहते हुए करम राजा के चारों ओर नृत्य करते हैं।शाम को उपवास तोड़ने के बाद पाहन करम डाल को उखाड़ते हैं और फिर कुंवारी लड़कियां उन्हें लेकर पास के नदी-तालाब में ले जाकर विसर्जन किया गया। इस आयोजन में ईसाई आदिवासी महासभा के जिलाध्यक्ष वाल्टर कुजूर, उरांव समाज के शिक्षाविद डॉ. किशोर एक्का,अनिमानन्द,हेमंत, रॉबर्ट,दिलीप केरकेट्टा,अलमा सहित बड़ी संख्या में युवक-युवती,महिला-पुरुष शामिल होकर मांदर की थाप पर नृत्य करते दिखे।