मोबाइल पर की शादी, वीडियो कॉल पर सुहागरात… फिर ब्लैकमेल कर भेजा दोस्त! नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला आरोपी अब गिरफ्तार

मोबाइल पर की शादी, वीडियो कॉल पर सुहागरात… फिर ब्लैकमेल कर भेजा दोस्त! नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला आरोपी अब गिरफ्तार

जशपुर, 12 नवम्बर 2025 – थाना दुलदुला क्षेत्र में साल 2021 में हुई एक हैरान कर देने वाली घटना में पुलिस ने आखिरकार मुख्य आरोपी के साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मामला है जिसमें बिहार निवासी युवक ने सोशल मीडिया पर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती कर मोबाइल पर ही शादी रचाई थी और फिर सुहागरात के नाम पर वीडियो कॉल से अश्लील वीडियो बना लिया था।

अब फरार चल रहा उसका साथी दिलीप चौहान (29 वर्ष) पुलिस की गिरफ्त में है।

ऑनलाइन प्यार, मोबाइल पर शादी और ब्लैकमेल की कहानी

जशपुर की 17 वर्षीय नाबालिग बालिका ने 2022 में थाना दुलदुला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक अनजान व्यक्ति कुंदन राज, जो पटना (बिहार) का निवासी है, ने मोबाइल पर उसे कॉल कर दोस्ती की थी।

शुरुआत में बालिका ने इंकार किया, मगर आरोपी ने खुद की कटी हुई कलाई की तस्वीर भेजकर सहानुभूति हासिल की और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया।

कुछ महीनों की बातचीत के बाद आरोपी ने मोबाइल फोन पर ही “शादी” का नाटक किया और वीडियो कॉल के जरिए “सुहागरात” के नाम पर नाबालिग का अश्लील वीडियो बना लिया।

वीडियो वायरल करने की धमकी और शैतानी मांग

जब पीड़िता ने आगे वीडियो कॉल करने से मना किया तो आरोपी कुंदन राज ने धमकी दी कि वह पुराने वीडियो को वायरल कर देगा।

ब्लैकमेल के डर से पीड़िता उसकी बात मानती रही।

इसके बाद आरोपी ने नाबालिग से कहा कि वह उसका “दोस्त” भेज रहा है, जो उसके साथ सुहागरात मनाएगा और वह खुद वीडियो कॉल पर यह सब देखेगा।

अक्टूबर 2021 में आरोपी का साथी दिलीप चौहान, फर्जी नाम “दीपक यादव” बताकर नाबालिग के पास पहुंचा और उससे दुष्कर्म किया।

यह पूरा कृत्य वीडियो कॉल के माध्यम से कुंदन राज देख रहा था।

हिम्मत जुटाकर थाने पहुंची पीड़िता

डर और शर्म के कारण लड़की चुप रही, लेकिन जब आरोपी ने वीडियो उसकी बड़ी बहन को भेज दिया, तब उसने हिम्मत जुटाकर बहन के साथ थाना दुलदुला पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

दोनों आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।

कुंदन राज को वर्ष 2022 में ही पटना (बिहार) से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

जबकि उसका साथी दिलीप चौहान घटना के बाद से फरार था।

पुलिस की साइबर टीम और मुखबिरों ने महीनों तक उसकी तलाश जारी रखी।

कभी गोवा, कभी झारखंड—वह बार-बार ठिकाना बदलता रहा।

अंततः कुनकुरी क्षेत्र से पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

पहचान और रिमांड

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई गई पहचान कार्यवाही में पीड़िता ने आरोपी दिलीप चौहान को पहचान लिया।

आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

एसएसपी बोले — “सोशल मीडिया का खतरनाक दुरुपयोग”

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा — “यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण है। नाबालिगों को ऐसे अपराधों से बचाने के लिए परिवार और समाज को सतर्क रहना चाहिए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।”

पुलिस टीम की भूमिका

इस कार्रवाई में साइबर सेल निरीक्षक संतलाल आयाम, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, थाना प्रभारी कृष्ण कुमार साहू, आरक्षक आनंद खलखो, अकबर चौहान, बसनाथ साहनी और अल्बर्ट कुजूर की अहम भूमिका रही।

 

यह घटना बताती है कि डिजिटल दुनिया में ज़रा-सी लापरवाही भी किस तरह जिंदगी को नर्क बना सकती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संबंध बनाते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।