रांची में ‘TCI प्रोड्यूसर्स मीट 2026’ का समापन, आदिवासी सिनेमा को मिलेगा नया मंच

रांची, 1 मार्च 2026 – Tribal Cinema of India (TCI) के द्वारा रांची के बगाइचा सोशल सेंटर में दो दिवसीय ‘TCI प्रोड्यूसर्स मीट 2026’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 28 फरवरी और 1 मार्च को हुआ। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से फिल्म बनाने वाले लोग, निर्देशक, लेखक और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आदिवासी और क्षेत्रीय फिल्मों को मजबूत बनाना और उन्हें देश-विदेश तक पहुंचाना था।
पहले दिन क्या हुआ?
पहले दिन चर्चा हुई कि आदिवासी फिल्मों को सिर्फ कला तक सीमित न रखकर इसे रोजगार और उद्योग के रूप में कैसे आगे बढ़ाया जाए।
फिल्म बनाने में आने वाली दिक्कतों—जैसे पैसों की कमी, सही मार्गदर्शन का अभाव और फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचाने की समस्या—पर खुलकर बात हुई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म मेरा टीवी की ओर से भी जानकारी दी गई कि अब गांव और क्षेत्रीय भाषा की फिल्में भी ऑनलाइन माध्यम से देश-विदेश में दिखाई जा सकती हैं।
दूसरे दिन क्या निर्णय हुए ?
दूसरे दिन फिल्म निर्माण को बेहतर बनाने और नई तकनीक अपनाने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्रीय फिल्मों को सिर्फ स्थानीय दर्शकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अच्छी डबिंग और तकनीक से इन फिल्मों को दूसरी भाषाओं में भी दिखाया जा सकता है।
बैठक में ‘प्रोड्यूसर्स कंसोर्टियम’ यानी निर्माताओं का एक समूह बनाने का प्रस्ताव रखा गया। यह समूह फिल्मों के निर्माण और वितरण में आपसी सहयोग करेगा। साथ ही एक कार्यकारी टीम और रिसर्च टीम बनाने की भी बात कही गई।
फिल्म पिचिंग सेशन भी हुआ
कार्यक्रम के अंतिम चरण में नए फिल्मकारों ने अपने फिल्म प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इससे उन्हें निवेशकों से जुड़ने और भविष्य में फिल्म बनाने का अवसर मिल सकेगा।
कई राज्यों से पहुंचे प्रतिभागी
इस कार्यक्रम में झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार से करीब 50 फिल्म निर्माता, निर्देशक और कलाकार शामिल हुए।
आयोजकों ने कहा कि TCI आगे भी आदिवासी संस्कृति और पहचान को मजबूत करने के लिए काम करता रहेगा।
अनामिका मरियन टोप्पो ने ट्राइबल सिनेमा ऑफ इंडिया (TCI) की प्रेस विज्ञप्ति जारी की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बीजू टोप्पो, दीपक बड़ा, एनुस कुजूर, जगत लकड़ा, सुरेंद्र कुजूर, अंकित बागची, रामकृष्ण सोरेन, इशाराज मुर्मू, साहेब नागपुरिया, निशिता रॉय, राजीव सिन्हा, मिथिलेश छेत्री, सृष्टि मरांडी, सौरव मुंडा, दीप्ति मिंज, अनामिका टोप्पो, अजित टुडू, संजय शुभम, आकृति लकड़ा, आनंद हेंब्रम, अनिकेत उरांव, आनंद सोरेन, पवनदीप खाखा और राकेश रोशन किड़ो आदि ने सक्रिय योगदान दिया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन जेनिफर बाखला द्वारा किया गया।





















