सत्ता के नशे में चूर सरपंच और उसके पार्टनर का तांडव — ट्रैफिक पुलिस से की बदसलूकी, वर्दी उतरवाने की धमकी, नशे में धुत होकर कहा “ऊपर तक लिंक है”

कुनकुरी (जशपुर), 6 मई,2025 – 
लोकतंत्र में चुने गए प्रतिनिधि जब खुद को कानून से ऊपर समझने लगें, तो यह न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज के लिए भी खतरे की घंटी बन जाता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला कुनकुरी नगर में सामने आया है, जहां कुनकुरी विकाखण्ड के ग्राम पंचायत बेने – चटकपुर का सरपंच नवीन साय शराब के नशे में ट्रैफिक पुलिस से उलझ गया, गाली-गलौच की, वर्दी उतरवाने की धमकी दी और खुद को ‘ऊपर तक पहुँच वाला’ बताते हुए खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आया।

घटना का ब्योरा
सोमवार शाम लगभग 5 से 6 बजे के बीच बस स्टैण्ड मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी पर तैनात थी, जब एक कार रास्ते में अवरोधक बनी हुई थी। पुलिसकर्मियों ने जब कार हटाने के लिए टोका, तो कार सवार नवीन साय और उसका साथी दीपक पाठक आपे से बाहर हो गए। गुस्से में दोनों ने पुलिस से बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला हाथापाई की कगार तक पहुँच गया।तस्वीर में दीपक पाठक दिखाई दे रहा है।

IMG 20250506 WA0006

पुलिस द्वारा जब मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की गई, तो दीपक पाठक ने मोबाइल छीनकर सड़क पर फेंक दिया। इस दौरान सरपँच खुलेआम गाली देते हुए कहता रहा – “हम ऊपर तक जुड़े हैं, तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा!” इस अभद्रता और सत्ता के घमंड से भरे व्यवहार ने राहगीरों को भी हैरान कर दिया।एक प्रत्यक्षदर्शी ने भाजपा की कार और भाजपाई दबंगों को देखकर चुटकी लेते हुए कहा – ‘हम ही बनाये हैं,हम ही सँवारेंगे।अभी सुशासन तिहार चल रहा है,ऐसे समय में ऐसी तस्वीरें सरकार की छवि खराब करती हैं।’

पुलिस की तत्परता और मेडिकल पुष्टि
सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस बल पहुंचा और दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।ट्रैफिक पुलिस की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।आज दोनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

कौन है नवीन साय?

IMG 20250506 WA0011
नवीन साय वर्तमान में ग्राम पंचायत चटकपुर का सरपंच है। ग्रामीणों के अनुसार, नवीन पहले रायपुर में काम करता था और हाल ही में बेने गांव के लोगों ने उसे बुलाकर सरपंच चुनाव में उतारा और जिताया था। लेकिन सत्ता मिलते ही उसके तेवर बदल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वह अक्सर शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करता है और खुद को ‘तोपचन्द’ समझता है।अपनी कार के पीछे भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल का फूल के ऊपर सरपँच लिखवाकर गुंडागर्दी करता है।

गाँव में रोष, बर्खास्तगी की मांग
इस घटना की खबर जब गांव में फैली, तो लोगों में रोष फैल गया। कई ग्रामीणों ने सरपंच के निलंबन और बर्खास्तगी की मांग की है। लोगों का कहना है कि लोकतंत्र में चुनी हुई कुर्सी जनसेवा के लिए होती है, न कि पुलिस से बदसलूकी और कानून को चुनौती देने के लिए।

प्रशासन सख्त रुख में
पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ऐसे मामलों में किसी भी राजनीतिक दबाव की परवाह किए बिना सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, यदि दोष सिद्ध होता है तो सरपंच पद से भी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।