न्याय के मंदिर में बाल श्रम का आरोप: न्यायालय परिसर में शौचालय निर्माण में बच्चों से काम कराने की शिकायत, पुलिस जांच में जुटी

IMG 20260310 WA0013

न्याय के मंदिर में बाल श्रम का आरोप: न्यायालय परिसर में शौचालय निर्माण में बच्चों से काम कराने की शिकायत, पुलिस जांच में जुटी जशपुर/कुनकुरी  10/04/2026 – न्याय का प्रतीक माने जाने वाले न्यायालय परिसर में ही बाल श्रम का गंभीर आरोप सामने आने से हड़कंप मच गया है। कुनकुरी स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर के अंदर शौचालय निर्माण कार्य में कथित तौर पर बाल श्रमिकों से काम कराए जाने की शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुनकुरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विष्णु कुलदीप ने इस संबंध में कुनकुरी थाने में फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि न्यायालय परिसर के अंदर चल रहे शौचालय निर्माण कार्य में नाबालिग बालकों से मजदूरी कराई जा रही है, जो कानूनन अपराध है। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित निर्माण स्थल पर पहुंची और वहां काम करवा रहे ठेकेदार के मैनेजर को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद बालकों से भी उनकी उम्र और पहचान संबंधी जानकारी ली। बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट विष्णु कुलदीप ने मीडिया से चर्चा में कहा कि न्यायालय परिसर, न्याय का मंदिर कहा जाता है, वहां बच्चों से जोखिम भरे निर्माण कार्य कराना बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तीन बालकों के नाम बताते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। यदि विधिसम्मत कार्रवाई नहीं होती है तो इस पर बार एसोसिएशन कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। साथ ही अध्यक्ष ने कोर्ट के प्रवेश द्वार के बगल में मिट्टी डंप करने पर भी आपत्ति उठाई है। इधर पुलिस पूछताछ में कथित बाल श्रमिकों में से दो युवकों ने अपनी उम्र 18 वर्ष बताई है, जबकि एक ने स्वयं को नाबालिग बताया है। बालिग बताने वाले आयुष तिर्की ने पुलिस को अपना आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया है, जबकि दूसरे युवक का आधार कार्ड मंगाया गया है। वहीं एक बालक ने अपनी उम्र 16 वर्ष बताई है, जिसकी पुष्टि के लिए पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है। बाल श्रम अधिनियम के तहत क्या हो सकती है कार्रवाई भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक या जोखिम भरे कार्यों में लगाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि जांच में यह साबित होता है कि नाबालिग से निर्माण कार्य कराया गया है, तो ठेकेदार या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें— *6 महीने से 2 साल तक की जेल* *20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना* *या दोनों सजा एक साथ दी जा सकती है।* साथ ही संबंधित बालक को श्रम विभाग के माध्यम से संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया में भी शामिल किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों के आधार पर बालकों की वास्तविक उम्र की पुष्टि की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

कुनकुरी थाना: खाकी के आंगन में महकी नारी शक्ति, अनोखे अंदाज में मनाया गया महिला दिवस

IMG 20260309 WA0009

कुनकुरी थाना: खाकी के आंगन में महकी नारी शक्ति, अनोखे अंदाज में मनाया गया महिला दिवस कुनकुरी – समाज की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले हाथों ने जब सम्मान में फूल थामे और पुलिस परिवार के पुरुषों ने जब सेवा की कमान संभाली, तो कुनकुरी थाना परिसर एक मिसाल बन गया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यहाँ केवल एक कार्यक्रम नहीं हुआ, बल्कि नारी शक्ति के प्रति कृतज्ञता का एक ऐसा उत्सव मना जिसे देख हर कोई गदगद हो उठा। सम्मान और आत्मीयता का अनूठा संगम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि SDOP विनोद कुमार मंडावी और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश यादव ने महिला पुलिस कर्मियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनके अटूट साहस को सलाम किया। उत्सव का आगाज महिला पुलिस कर्मियों द्वारा केक काटकर किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पुलिसिया अनुशासन के बीच खुशियों के रंग भर दिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने महिलाओं के जज्बे को नई उड़ान दी: SDOP विनोद कुमार मंडावी: “आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। विशेषकर पुलिस विभाग में उनकी भूमिका कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का काम करती है।” TI राकेश यादव: “यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि संकल्प का है। महिला पुलिस कर्मियों की निष्ठा समाज के लिए प्रेरणा है और हम उनके अधिकारों व सशक्तिकरण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध हैं।” जब पुरुषों ने संभाली जिम्मेदारी: एक भावुक पहल इस आयोजन की सबसे प्रेरक और अनूठी बात यह रही कि पहली बार पुलिस परिवार की महिलाओं के लिए इसे ‘ऐतिहासिक क्षण’ बनाया गया। > खास बात: पूरे कार्यक्रम के दौरान खाने-पीने से लेकर संगीत और मेहमाननवाजी तक की सारी व्यवस्था पुरुष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाली। यह उनके बीच के आपसी प्रेम, सम्मान और समानता के भाव को प्रदर्शित करने वाला एक सशक्त संदेश था। एक सकारात्मक बदलाव की लहर कुनकुरी थाने में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब कार्यस्थल एक परिवार बन जाता है, तो वहां सम्मान और सुरक्षा की भावना अपने आप प्रबल हो जाती है। पुलिस परिवार की महिलाओं ने इस सम्मान को अपने जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण बताया।

जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं

IMG 20260308 WA0008

जशपुर बस हादसा: प्रशासन की सख्ती के बाद भी जांच से दूर रहे यात्री बस संचालक, रंजीता स्टेडियम में केवल स्कूल बसें पहुंचीं   जशपुर – गोड़अम्बा में हुए  ‘अनमोल’ बस हादसे के बाद, जिसमें 5 लोगों की जान गई और 24 घायल हुए, जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े निर्देशों के बाद रविवार को जिले की सभी बसों की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष शिविर लगाया गया। हालांकि, इस अभियान में यात्री बस संचालकों की बेरुखी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रंजीता स्टेडियम में सुबह से डटे रहे अफसर प्रशासनिक निर्देशानुसार, रविवार सुबह 10 बजे जशपुर के रंजीता स्टेडियम में जिले की सभी बसों को भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया गया था। जिला परिवहन अधिकारी (DTO) विजय निकुंज और उनकी टीम मौके पर मौजूद थी। स्कूल बसों की उपस्थिति: निर्देश मिलते ही स्कूल बसें समय पर स्टेडियम पहुंचीं और उनके फिटनेस व दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। यात्री बसें नदारद: हैरानी की बात यह रही कि पूरे जिले से एक को छोड़कर दूसरा कोई भी यात्री बस संचालक बस लेकर जांच के लिए स्टेडियम नहीं पहुंचा। प्रशासन की चेतावनी: होगी कड़ी कार्रवाई यात्री बस संचालकों की इस सामूहिक अनुपस्थिति को प्रशासन ने अनुशासनहीनता और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना है। जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज ने स्पष्ट किया कि जांच से बचने वाले बस संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन विभाग अब इन बसों की सड़क पर धरपकड़ कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी में है। ड्राइवर संघ ने गिनाईं मजबूरियां: फिटनेस के लिए अंबिकापुर का चक्कर चेकिंग के बीच एक बड़ा मुद्दा फिटनेस सेंटर की कमी का भी उठा। ड्राइवर संघ के अध्यक्ष फिरन यादव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि जशपुर जिले में फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा नहीं है। “हजारों रुपये खर्च कर और कई दिनों की परेशानी झेलकर हमें फिटनेस के लिए अंबिकापुर जाना पड़ता है। हमने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।” पोर्टल विश्लेषण: सवाल सुरक्षा का हादसे के बाद प्रशासन का जागना सराहनीय है, लेकिन यात्री बस संचालकों का जांच शिविर से गायब रहना बताता है कि शायद सिस्टम में अब भी ‘खौफ’ की कमी है। क्या बसें अनफिट हैं? क्या कागजात अधूरे हैं? या फिर संचालकों को प्रशासनिक आदेशों की परवाह नहीं? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई से तय होंगे। बने रहें हमारे पोर्टल के साथ, जशपुर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए।

BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल

IMG 20260306 WA0013

BLACK FRIDAY : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को सड़क हादसों ने बड़ा कहर बरपाया। जशपुर और बलौदाबाजार जिलों में हुए दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जशपुर: ब्रेक फेल होने से बस पलटी, 5 की मौत जशपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। झारखंड के कुरडेग से कुनकुरी आ रही अनमोल बस (CG 14 G 0263) करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़अंबा गांव में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 9:45 बजे ढलान के दौरान बस का ब्रेक फेल हो गया। बस में सवार एक यात्री ने बस रोकने के लिए कहा, तभी कंडक्टर ने चिल्लाकर बताया कि ब्रेक फेल हो गया है। कुछ ही क्षण बाद बस अनियंत्रित होकर सुरेंद्र साय के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास में पलट गई। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। घटना के बाद गोड़अंबा गांव के दिगंबर यादव ने तुरंत मदद की पहल की। उनके साथ सरपंच पति शिवशंकर साय, उपसरपंच दशरथ प्रसाद यादव और प्रभाशंकर यादव ने प्रशासन को सूचना दी और राहत कार्य शुरू कराया। जेसीबी की मदद से बस हटाकर यात्रियों को बाहर निकाला गया। करीब 11 बजे एसडीएम नंदजी पांडे, एसडीओपी विनोद मंडावी समेत प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक वाहनों और 7 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर कुनकुरी डॉ. के. कुजूर ने हादसे में 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-पुत्र शामिल हैं। मृतकों के नाम महेश राम (45), ग्राम मकरीबंधा, तहसील दुलदुला बिमला (42), ग्राम मकरीबंधा (पति-पत्नी) संपति देवी (52), जिला सिमडेगा, झारखंड दिगेश्वर (40), ग्राम ढोढी, तहसील कुरडेग, जिला सिमडेगा घनश्याम (5 माह), ग्राम ढोढी (पिता-पुत्र) घायलों का इलाज कुनकुरी, जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों में किया जा रहा है। 4 गंभीर घायलों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय कुनकुरी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज व सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह हादसा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। बलौदाबाजार: नेशनल हाईवे पर बस को ट्रक ने मारी टक्कर, 5 की मौत इधर बलौदाबाजार जिले में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर भी भीषण सड़क हादसा हो गया। दरचुरा के पास RBS यात्री बस को पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस सवारी चढ़ाने के लिए सड़क किनारे रुकी हुई थी, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस सड़क से नीचे खेत में जा घुसी। इस हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायलों को सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर घायलों को रायपुर रेफर किया गया है। सिमगा पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को हुए इन दो बड़े सड़क हादसों में कुल 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। प्रशासन दोनों घटनाओं की जांच में जुटा हुआ है।  

कुनकुरी में अवैध शराब पर कानून का खौफ, अहाता संचालक शुभम रंगे हाथ गिरफ्तार

IMG 20260303 WA0021

कुनकुरी में अवैध शराब पर कानून का खौफ, अहाता संचालक शुभम रंगे हाथ गिरफ्तार कुनकुरी,03 मार्च 2026 – होली पर्व के मद्देनज़र अवैध शराब कारोबारियों पर पुलिस ने सख्त शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कुनकुरी पुलिस ने बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए सरकारी शराब दुकान के सामने संचालित एक अहाता (चखना दुकान) में छापा मारकर संचालक को अंग्रेजी शराब बेचते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार शाम पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान अहाता संचालक शुभम जायसवाल (32 वर्ष), पिता दीपक जायसवाल, निवासी बगीचा को ग्राहकों को अवैध रूप से अंग्रेजी शराब परोसते हुए पकड़ा गया। मौके से भारी मात्रा में शराब जब्त की गई। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर की गई। लाल उम्मेद सिंह (डीआईजी व एसएसपी) के निर्देशन में कुनकुरी पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश यादव के मार्गदर्शन में प्रधान आरक्षक रामानुज पांडे, आरक्षक जितेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर बंजारे और अजय श्रीवास्तव की टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान आरोपी ने बचने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली। इस मामले में स्थानीय लोगों ने अहाता का लायसेंस निरस्त कर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।अहाता से लगे बंदरा खसरा नाले में गंदगी फैलाने और शराब के बोतलों,डिस्पोजल से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने पर भी कलेक्टर रोहित व्यास से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कुनकुरी में हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि अब अवैध शराब कारोबारियों पर कानून का खौफ साफ नजर आने लगा है और सुशासन कायम रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जशपुर में फगुआ का रंगीन धमाका: “तोर लागिन जान भी देई देबूं” ने मचाई धूम,EX MLA विनय और श्वेता की हिट जोड़ी, यूट्यूब में कमेंट्स की बौछार

IMG 20260303 WA0009

जशपुर में फगुआ का रंगीन धमाका: “तोर लागिन जान भी देई देबूं” ने मचाई धूम जशपुर, 3 मार्च 2026 –  होली के रंगों के बीच जशपुर की धरती से एक बार फिर सांस्कृतिक सरगम गूंज उठी है। जशपुर के पूर्व विधायक Vinay Bhagat और उनकी पत्नी Shweta Bhagat ने आधुनिक नागपुरी फगुआ एलबम “तोर लागिन जान भी देई देबूं” रिलीज कर होली के जश्न में चार चांद लगा दिए हैं। दो मार्च को यूट्यूब पर लॉन्च हुए इस एलबम ने महज 20 घंटे में ही 19 हजार व्यूज़ का आंकड़ा पार कर लिया, जो इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह गीत तेजी से वायरल हो रहा है और दर्शकों से जबरदस्त सराहना बटोर रहा है। एलबम की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन और सांस्कृतिक प्रस्तुति है। जशपुर की नैसर्गिक सुंदरता, पहाड़, हरियाली और स्थानीय परंपराओं को बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया है। शूटिंग Sarna Resort Balachhapar में की गई है, जहां होली के रंग में डूबे लोग स्थानीय पारंपरिक पेय हड़िया (चावल से निर्मित राइस बीयर) को मिट्टी के बर्तनों में पीते और पारंपरिक नृत्य करते नजर आते हैं। यह दृश्य एलबम को पूरी तरह से लोक संस्कृति से जोड़ता है। दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी दिल छू लेने वाली हैं। एक दर्शक बालमुकुंद यादव ने कमेंट करते हुए लिखा, “यह वीडियो बहुत सुंदर है। कभी भोजपुरी गाना में भी बनाइए, आप लोग भोजपुरी हीरो-हीरोइन जैसे दिखते हो।” ऐसे हजारों सकारात्मक कमेंट्स इस एलबम की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। एलबम की प्रस्तुति में Vinay Bhagat और Shweta Bhagat मुख्य कलाकार के रूप में नजर आ रहे हैं, जिनका नृत्य और अभिव्यक्ति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही है। उनके डांस को जशपुर ही नहीं, बल्कि झारखंड, ओडिशा, असम और बंगाल तक में खूब पसंद किया जाता है। इस एलबम की प्रोड्यूसर श्वेता विनय भगत हैं। गायन की जिम्मेदारी कयूम अब्बास और केशो देवी ने संभाली है, जबकि कैमरा और एडिटिंग का कार्य अरुण कुमार ने किया है। सह कलाकार संगम और दिव्या ने भी अपने अभिनय से गीत में जीवंतता भर दी है। होली के इस खास मौके पर “तोर लागिन जान भी देई देबूं” ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति में भी वह ताकत है जो सीमाओं को पार कर दिलों को जोड़ सकती है। जशपुर की धरती से निकला यह रंगीन फगुआ गीत अब पूरे पूर्वी भारत में अपनी छाप छोड़ता नजर आ रहा है।

सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन जोकारी में विकासखंड स्तरीय शिविर, 17 आवेदनों में 5 का मौके पर निराकरण

VID 20260227 WA0011

सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन जोकारी में विकासखंड स्तरीय शिविर, 17 आवेदनों में 5 का मौके पर निराकरण कुनकुरी – सुशासन सप्ताह के अंतिम दिन कुनकुरी विकासखंड के ग्राम जोकारी में विकासखंड स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सुशीला साय उपस्थित रहीं। शिविर में कुल 17 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 12 आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रेषित कर शीघ्र समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राप्त आवेदनों में फौती-नामांतरण, आधार कार्ड केवाईसी, आयुष्मान कार्ड केवाईसी तथा महतारी वंदन योजना से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। मुख्य अतिथि श्रीमती सुशीला साय ने कहा कि शिविर में एक भी शिकायत प्राप्त नहीं होना और 17 आवेदनों का आना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में सुशासन प्रभावी ढंग से लागू है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी प्रसन्नता जताई कि अब महिलाएं व्यवसाय के क्षेत्र में आगे आ रही हैं। कुनकुरी क्षेत्र में मत्स्य पालन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से आर्थिक विकास को गति मिली है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विकासवादी सोच का परिणाम बताया। जनपद पंचायत सीईओ प्रमोद सिंह ने बताया कि सुशासन सप्ताह के तहत कुनकुरी विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों में ब्लॉक स्तर के शिविर आयोजित किए गए। शासन की मंशानुसार क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिविर में जनपद पंचायत सीईओ प्रमोद सिंह, बीईओ सुदर्शन पैंकरा, एसडीओ पीएचई विनोद मिश्रा, जोकारी पंचायत की सरपंच मंजू भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर ग्रामीणों में संतोष का वातावरण देखा गया।

*कुनकुरी में चोरी की बाइकों का बड़ा जाल टूटा, दुर्ग / कुनकुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 24 बाइक बरामद, आरोपी का नेटवर्क बेनकाब*

IMG 20260225 WA0012

*कुनकुरी में चोरी की बाइकों का बड़ा जाल टूटा, दुर्ग / कुनकुरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 24 बाइक बरामद, आरोपी का नेटवर्क बेनकाब* *कुनकुरी*– जशपुर जिले के कुनकुरी से बड़ी खबर सामने आई है, जहां चोरी की मोटरसाइकिलों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दुर्ग पुलिस ने कुनकुरी पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए CG 07 नंबर की 24 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोर गिरोह में हड़कंप मच गया है। कुनकुरी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव ने बताया कि दुर्ग पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुनकुरी इलाके में एक व्यक्ति बेहद सस्ते दामों पर चोरी की बाइक बेच रहा है। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस की टीम कुनकुरी पहुंची। वहीं SSP डॉ० लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में ASP राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में दुर्ग और कुनकुरी पुलिस टीम ने घर-घर दबिश देकर अलग-अलग स्थानों से होंडा साइन, स्प्लेंडर, स्कूटी समेत कुल 24 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। आरोप है कि आरोपी आधार कार्ड लेकर कागजात बनवाने के नाम पर अतिरिक्त पैसे भी वसूलते थे। इस मामले में मुख्य मास्टर माइंड आरोपी पप्पा राव को दुर्ग पुलिस अपने साथ लेकर आई थी, वहीं कुनकुरी से दो अन्य खरीददार आरोपी सेवक राम प्रजापति उर्फ रवि राम, दूसरा मनोज राम को पंडरीपानी क्रेशर प्लांट से गिरफ्तार कर लिया गया है। बरामद सभी वाहनों के साथ दोनों आरोपियों को भी आगे की कार्रवाई के लिए भिलाई रवाना किया गया है। वहीं प्रारंभिक जांच में यह एक संगठित चोरी गिरोह का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब नेटवर्क, खरीददारों और वाहनों के असली मालिकों की पहचान में जुटी है।यह भी जानकारी मिली है कि जिस क्रेशर प्लांट से चोरी की बाइक बेचे जाने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं वे प्लांट के कर्मचारी हैं।वहीं पप्पा राव पोकलेन का इंजीनियर था,जो हर बार दुर्ग जिले से बाइक चोरी कर लाता था।दुर्ग पुलिस के खुलासे के बाद और भी जानकारी सामने आ सकती है। जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सस्ते दामों में मिलने वाले संदिग्ध वाहनों से बचें और किसी भी शंका की सूचना तुरंत पुलिस को दें। मामले में आगे और खुलासों की उम्मीद है।

PART 1 : “VIP” ईंट के आका कौन ? अवैध बंगला भट्ठों पर मेहरबानी या मिलीभगत! बंद हुए तो जनता को होगी परेशानी, जिम्मेदार अधिकारियों का चौंकाने वाला तर्क

IMG 20260224 WA0007

जशपुर/फरसाबहार – जिले में लाल ईंट के कथित अवैध कारोबार को लेकर अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है आखिर “VIP” ईंट के पीछे असली आका कौन हैं? वर्षों से बंगला ईंट भट्ठों का संचालन खुलेआम जारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ही इन भट्ठों के संचालन को लेकर ऐसा तर्क दिया जा रहा है, जिसने प्रशासनिक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल,फरसाबहार राजस्व अनुविभाग में स्थानीय स्तर पर “VIP” ब्रांड की मुहर लगाकर लाल ईंटों की बिक्री धड़ल्ले से किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरपंच – सचिव से मिली जानकारी के अनुसार बलुआबहार, पम्पशाला, कंदईबहार इलाके में बिना पंचायत एवं ग्राम सभा की अनुमति के ही व्यावसायिक स्तर पर बंगला ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। नियमों के मुताबिक इस प्रकार के किसी भी भट्ठे के संचालन के लिए स्थानीय निकायों से वैधानिक अनुमति अनिवार्य होती है, किंतु संबंधित पंचायतों के पास ऐसे किसी भी संचालन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं बताए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर पदस्थ जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों का कहना है कि उनके अभिलेखों में संचालित बंगला ईंट भट्ठों के संबंध में कोई भी वैध स्वीकृति दर्ज नहीं है। इसके बावजूद बीते कई वर्षों से इनका संचालन जारी है, जिससे यह आशंका हो रही है कि कारोबार पूरी तरह से नियमों की अनदेखी कर संचालित किया जा रहा है। मामले को लेकर एक और गंभीर पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, जब संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से इन भट्ठों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाती है, तो यह तर्क दिया जाता है कि यदि बंगला ईंट भट्ठों को बंद करा दिया गया, तो आम जनता को निर्माण कार्यों में भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, यह भी कहा जाता है कि ऐसे में चिमनी ईंट निर्माताओं द्वारा ईंटों के दामों में भारी वृद्धि कर दी जाएगी, जिससे बाजार में ईंटों की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। अधिकारियों का यह तर्क अब कई सवालों को जन्म दे रहा है । यदि कोई गतिविधि अवैध है, तो उसे केवल इस आधार पर जारी रहने देना कि उससे बाजार संतुलित बना हुआ है, क्या नियमानुसार उचित है? क्या अवैध संचालन को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दिया जा रहा है? ऐसे कई प्रश्न अब स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में कोयले के अवैध भंडारण की गतिविधियां भी संचालित होने की सूचना समय-समय पर सामने आती रही हैं। पर्यावरण से जुड़े लोगों का मानना है कि बिना किसी नियामक नियंत्रण के संचालित हो रहे भट्ठे क्षेत्रीय पर्यावरण के लिए भी खतरा बन सकते हैं, लेकिन दबाव एवं भय के कारण लोग खुलकर अपनी बात रखने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि जांच के नाम पर खनिज विभाग,राजस्व विभाग के अधिकारी प्रतिवर्ष क्षेत्र का दौरा करते हैं, किंतु कार्रवाई सीमित रूप से चालान तक सिमट जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि गतिविधियां अवैध हैं, तो उन्हें केवल आर्थिक दंड लगाकर संचालित रहने देना किस हद तक न्यायसंगत है? वर्तमान स्थिति में यह पूरा मामला प्रशासनिक जवाबदेही की कसौटी बनता जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन कथित अवैध बंगला ईंट भट्ठों के विरुद्ध कोई ठोस एवं निर्णायक कार्रवाई करते हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है “VIP” ईंट के असली आका आखिर हैं कौन? हमारी पड़ताल जारी है,,

मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? बैलाटोली में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल

IMG 20260217 WA0011

मुख्यमंत्री के क्षेत्र में 10 करोड़ के उद्यानिकी महाविद्यालय में घोटाले की बू? रेमते में बिना PCC सैकड़ों फुटिंग, जंग लगी सरिया का इस्तेमाल कुनकुरी/रेमते (जशपुर) – विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र में बन रहे करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाले उद्यानिकी महाविद्यालय भवन में भारी अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम रेमते में निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट को लेकर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। बिना PCC के सैकड़ों फुटिंग, 200 कॉलम पर सवाल सूत्रों और सामने आई तस्वीरों के अनुसार मुख्य कॉलेज भवन में बिना पीसीसी (Plain Cement Concrete) किए ही सैकड़ों फुटिंग डाल दी गईं। बताया जा रहा है कि करीब 200 कॉलम इसी तरह खड़े कर दिए गए हैं। निर्माण मानकों के अनुसार जहां क्रैंक और मजबूत बेस अनिवार्य होता है, वहां सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी की गई है। निर्माणाधीन ढांचे में अभी से कई जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो भविष्य में बड़े हादसे का संकेत मानी जा रही हैं। जंग लगी सरिया और कबाड़ सामग्री का इस्तेमाल? आरोप है कि निर्माण में पुरानी और जंग लगी सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि यह सही है तो यह न केवल गुणवत्ता से समझौता है, बल्कि करोड़ों रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी बनता है। मुंशी पर मनमानी और पैसों की हेराफेरी के आरोप स्थानीय सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार के मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद द्वारा साइट पर मनमानी की जा रही है। पहले यह काम पेटी कांट्रेक्टर आकाश के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन बाद में बाहरी मजदूर लगाकर निम्नस्तरीय कार्य शुरू कर दिया गया। यह भी आरोप है कि परिवार में शादी का हवाला देकर साइट से ही 10 लाख रुपये निकालने की बात मजदूरों के बीच कही गई। साथ ही मजदूरों से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। गुणवत्ता बनाम कमीशन का खेल? पेटी कांट्रेक्टर का दावा है कि वह मानकों के अनुरूप काम कर रहा था, लेकिन कथित रूप से कमीशनखोरी और जल्दबाजी में घटिया निर्माण कराया जा रहा है। यदि समय रहते तकनीकी जांच नहीं हुई तो यह इमारत भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में उठे बड़े सवाल यह उद्यानिकी परियोजना स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेंगे? सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि इस निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया काम कराने वाले मैनेजर/इंजीनियर राजेंद्र को कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं का संरक्षण भी प्राप्त है। हालांकि फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि किन नेताओं का नाम इसमें जुड़ा है, लेकिन यदि संरक्षण के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला और भी गंभीर हो जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 10 करोड़ की यह इमारत गुणवत्ता के साथ तैयार होगी या फिर भ्रष्टाचार के दीमक के कारण धराशायी होने का इंतजार करेगी? स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।