जरूरी खबर: दशहरा से लेकर गर्मी छुट्टी में 64 दिन स्कूल रहेंगे बंद,शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश,आदेश आज से प्रभावी

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 रायपुर,20 सितंबर 2024/ यह खबर छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थानों और उनमें पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए महत्त्वपूर्ण है। आज एक आदेश छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया है, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त शालाओं और महाविद्यालयों में अवकाश की तारीखों की घोषणा की गई है। आदेश के अनुसार निम्नलिखित अवकाश घोषित किए गए हैं: 1. दशहरा अवकाश: 7 अक्टूबर 2024 से 12 अक्टूबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 2. दीपावली अवकाश: 28 अक्टूबर 2024 से 2 नवंबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 3. शीतकालीन अवकाश: 23 दिसंबर 2024 से 28 दिसंबर 2024 तक, कुल 6 दिन। 4. ग्रीष्मकालीन अवकाश: 1 मई 2025 से 15 जून 2025 तक, कुल 46 दिन।   कुल मिलाकर, इन अवकाशों की अवधि 64 दिन की रहेगी। यह आदेश सभी संबंधित अधिकारियों, बोर्डों, और स्कूलों को सूचित कर दिया गया है ताकि वे इसके अनुसार आवश्यक कार्यवाही कर सकें। अवकाश की घोषणा शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदान प्राप्त शालाओं/महाविद्यालयों के लिए समान रूप से लागू।यह आदेश राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को अवकाश की स्पष्ट योजना बनाने और छात्रों एवं शिक्षकों को इसके अनुसार तैयार होने में मदद करेगा।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक निलंबित

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  रायपुर, 20 सितंबर 2024: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। हाल ही में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई 2024-25 सत्र की नई पाठ्यपुस्तकों को कबाड़ में बेचे जाने की गंभीर घटना सामने आई, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता को लेकर कोई समझौता न करने का स्पष्ट संदेश देते हुए, घटना की जांच के निर्देश अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले को दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर श्री शर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई की गई है। यह निलंबन मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासनिक शिथिलता और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी नीति का प्रमाण है। सुशासन की सरकार में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में आयोजित कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में स्पष्ट किया था कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए सुशासन और पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पाठ्य पुस्तक निगम के इस प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई से यह संदेश और भी स्पष्ट हो गया है कि सरकार अब लापरवाह अधिकारियों पर सख्त नज़र रख रही है। प्रमुख विभागों में सख्त निगरानी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को पूरी तरह से खारिज किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सुशासन की सरकार है, और भ्रष्टाचार के प्रति हमारा रुख पूरी तरह स्पष्ट है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पाठ्य पुस्तक निगम की इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय का यह कड़ा प्रहार एक उदाहरण है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नई नियुक्तियों से विधायकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी,सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष बनीं पत्थलगांव विधायक गोमती साय

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रायपुर, 20 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधायकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ बड़ी भूमिका दी गई है। हाल ही में जारी आदेश के अनुसार, पत्थलगांव की विधायक गोमती साय को सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।   सरगुजा क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से गोमती साय को दी गई इस जिम्मेदारी से उनके राजनीतिक कद में भी बड़ा इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी कोंडागांव की विधायक लता उसेंडी को सौंपी गई है। मध्य क्षेत्र और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण में भी बड़ी नियुक्तियां की गई है। विष्णु सरकार ने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर मरवाही के विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची को नियुक्त किया है, जो अब इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी विधायक गुरु खुशवंत साहेब को सौंपी गई है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर को नियुक्त किया गया है, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई योजनाओं के क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने इन नियुक्तियों का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री श्री साय की यह नियुक्तियां छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों में समग्र और संतुलित विकास के लिए एक महत्वपूर्ण  हैं। इन नियुक्तियों से न केवल स्थानीय विधायक सशक्त होंगे, बल्कि राज्य के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीदें भी जागृत होंगी।सरकार की इस पहल से नवनियुक्त उपाध्यक्षों को क्षेत्रीय विकास में नई गति देने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का मौका मिलेगा।  

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नक्सलवाद पर बड़ा मानसिक प्रहार, सीएम की प्रेरणा से नक्सल पीड़ितों ने जंतर-मंतर में किया प्रदर्शन,गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे

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नई दिल्ली, 19 सितंबर 2024 – पिछले 5 वर्षों में बस्तर क्षेत्र में माओवादी हमलों के कारण 400 से अधिक नागरिकों की जान गई है। माओवादी हिंसा से पीड़ित लोगों ने अपनी आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए आज दिल्ली के जंतर मंतर पर “कैंजा नक्सली-मनवा माटा” (सुनो नक्सली हमारी बात) आंदोलन किया। इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का समर्थन प्राप्त है। नक्सली हिंसा से लगातार जूझ रहे ग्रामीणों ने बताया कि कैसे इन हमलों ने उनके जीवन को तबाह कर दिया है। पिछले 5 सालों में 400 से अधिक निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इन हमलों ने बस्तर के गाँवों में विकास की प्रक्रिया को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे इलाके में शांति और सुरक्षा की मांग बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा, “हमारी सरकार नक्सल पीड़ितों के साथ खड़ी है। बस्तर में शांति स्थापित करना और विकास को गति देना हमारी प्राथमिकता है। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।” मुख्यमंत्री साय ने इन पीड़ितों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें दिल्ली में अपनी आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कई बार माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों के दुख-दर्द को नजदीक से सुना और महसूस किया कि इन समस्याओं को केवल राज्य स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की जरूरत है। आंदोलन के दौरान नक्सल पीड़ितों ने सरकार से नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि नक्सलियों की हिंसा ने न केवल उनके जीवन को खतरे में डाला है, बल्कि उनके गाँवों में विकास की हर कोशिश को विफल कर दिया है। इस आंदोलन के बाद, नक्सल पीड़ितों का एक दल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा और बस्तर में शांति बहाली, विकास कार्यों में तेजी और सुरक्षा बलों की उचित तैनाती के लिए ज्ञापन सौंपेगा। वे बस्तर की वर्तमान स्थिति और माओवादी हिंसा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।  

मां अपने लल्ला को झूले में डालकर पानी भरने गई और लल्ला को चोर ले गए,फिर 4 घण्टे बाद,,

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बच्चा चोरी की घटना ने फिर से लोगों को दहशत में ला दिया है ,, बचेली रेलवे कॉलोनी से अपहृत 18 दिन का शिशु 4 घंटे में सकुशल बरामद, दो जिलों की पुलिस की तत्परता से आरोपी गिरफ्तार ( प्रतीकात्मक फोटो -साभार गूगल ) दंतेवाड़ा, 19 सितंबर: बचेली रेलवे कॉलोनी से आज सुबह अपहृत 18 दिन के शिशु को पुलिस की तत्परता और दो जिलों की समन्वित कार्रवाई से 4 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया। घटना तब हुई जब शिशु की मां, छोटी कुंजाम, अपने घर के पास नल से पानी भरने गई थीं। जब वह वापस लौटीं, तो झूले में उनका नवजात शिशु नहीं था। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद भी शिशु का कोई सुराग नहीं मिला। मामले की सूचना तुरंत थाना बचेली को दी गई। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। दंतेवाड़ा और उसके सरहदी जिले बस्तर में नाकाबंदी की गई। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, सुंदरराज पी. ने बताया कि सायबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया। दंतेवाड़ा से एक टीम शिशु की खोज के लिए रवाना की गई, और बस्तर जिले की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।   पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ सिन्हा और पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय के निर्देश में, अपहृत शिशु को सकुशल बरामद कर लिया गया। उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप ने बताया कि इस मामले में एक महिला और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, और अपहरण के उद्देश्य की जांच की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने इस त्वरित और सफल अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।  

20 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, अहम फैसलों पर होगी चर्चा

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रायपुर, 18 सितंबर 2024: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 20 सितंबर को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है। यह बैठक सुबह 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस इस कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह बैठक आगामी वित्तीय वर्ष के बजट, नई नीतियों के निर्माण, और राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित होगी। साथ ही, कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है, जिनका सीधा असर राज्य की जनता पर होगा। ये प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं एजेंडे में बैठक के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, कृषि, और रोजगार से संबंधित मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन भी इस बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। कैबिनेट में नए प्रस्तावों पर होगी चर्चा कैबिनेट बैठक में कई नए प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा सकती है, जिनमें ग्रामीण विकास, शहरी ढांचा, औद्योगिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार राज्य में सुशासन को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर विशेष जोर दे रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ-साथ कैबिनेट के सभी मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी अपने-अपने विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को बैठक में प्रस्तुत करेंगे। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण यह कैबिनेट बैठक राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राज्य सरकार आने वाले समय में कई बड़ी परियोजनाओं को लागू करने की तैयारी में है। इस बैठक के निर्णयों से राज्य में विकास की गति और दिशा निर्धारित होगी। कैबिनेट की इस बैठक से कई महत्वपूर्ण निर्णयों की उम्मीद की जा रही है, जिनसे राज्य के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ सकता है।  

जशपुर में बड़ा हादसा: खुड़िया रानी देवीस्थल से कैलाश गुफा जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप पलटी, 4 की हालत गंभीर, दर्जनों घायल

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  जशपुर, 18 सितंबर 2024: जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां खुड़िया रानी से दर्शन कर कैलाश गुफा जा रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप गाड़ी सड़क से नीचे की सड़क पर गिरते हुए पलट गई। पिकअप में 25 से 30 लोग सवार थे, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में 4 लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घटना बगीचा के सोनगेरसा गांव के पास की है। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस हरकत में आ गए। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर भेजी गई है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए। हादसे के बाद मौके पर एंबुलेंस भेजने में थोड़ी देरी हुई, क्योंकि बगीचा की एंबुलेंस पहले से व्यस्त थी। इसके कारण सरगुजा जिले के बतौली से एंबुलेंस को बुलाने में समय लगा। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए और सभी घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कैंप कार्यालय ने इस हादसे का तुरंत संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। घायलों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया है।घटना में घायल सभी श्रद्धालु फरसाबहार तहसील के फरदबहार गांव के बताए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा उनके परिवारों को सूचित किया गया है।  

बड़ी खबर : पति की लाश के साथ 4 दिन से रह रही थी पत्नी,लाश की बदबू से हुआ खुलासा,पुलिस परेशान

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सिरकटी लाश की गुत्थी अभी जशपुर पुलिस ने सुलझाई ही थी कि एक घर में पति की सड़ी-गली लाश के साथ रह रही पत्नी से उसकी मौत की वजह जानने के लिए पुलिस परेशान है। जशपुर ,18सितंबर 2024/ जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के चिटकवाइन गांव से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है,जिसमें अमरनाथ मिंज के मकान से उसकी 4 दिन से ज्यादा पुरानी लाश मिली है।चौंकाने वाली बात है कि इस लाश के साथ दिन-रात उसकी पत्नी इंद्रावती मौजूद मिली। थाना प्रभारी सतीश सोनवानी ने दूरभाष पर बताया कि लाश मिली है लेकिन इसकी हत्या हुई है या किसी और कारण से मौत हुई है,यह कहना अभी मुश्किल है।लाश सड़ गई है और पत्नी इंद्रावती की मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही है।मृतक अमरनाथ मिंज 35 वर्ष अपने पहले पति को छोड़कर आई महिला इंद्रावती बाई के साथ रह रहा था। अमरनाथ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इन्तजार कर रही है।वहीं गांव वालों की मानें तो मृतक को मिरगी बीमारी थी।आसपड़ोस के लोग भी इसे सीधे तौर पर हत्या नहीं बता पा रहे हैं।वहीं 4 दिनों तक लाश के साथ पत्नी के रहने और किसी को नहीं बताने पर गांव में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। घटना की सूचना पाकर नारायणपुर पुलिस घटनास्थल पर है।शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए कुनकुरी चीरघर भेजा गया है।

खबर विशेष: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रोत्साहन से जशपुरिया खिलाड़ियों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान,जिला प्रशासन की देखरेख में बढ़ते खिलाड़ियों पर एक रिपोर्ट,,,,

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जशपुर, 18 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और खेल-कूद के प्रति समर्पण का परिणाम है कि जशपुर जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आज सम्मान और पहचान मिल रही है। विशेष रूप से जिले के दूरस्थ अंचल की पहाड़ी कोरवा जनजाति के बच्चों को तीरंदाजी और अन्य खेलों में नई पहचान मिल रही है, जो जिले की गौरवपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। जशपुर जिला मुख्यालय में छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन की पहल पर तीरंदाजी केंद्र और एकलव्य खेल अकादमी संचालित की जा रही है। यहां बच्चों को नि:शुल्क रहने, खाने और पढ़ाई की सुविधा के साथ-साथ खेल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के दिशा-निर्देशन में यह अकादमी सफलतापूर्वक खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। पहाड़ी कोरवा जनजाति के अनिल राम की सफलता तीरंदाजी केंद्र से प्रशिक्षित पहाड़ी कोरवा जनजाति के बालक अनिल राम ने कबीरधाम में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा तीरंदाजी प्रतियोगिता 2022 में स्वर्ण पदक जीता था और राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुए थे। 2023 में कोण्डागांव में हुई राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा तीरंदाजी प्रतियोगिता में अनिल ने अंडर-14 कंपाउंड राउंड में रजत पदक हासिल कर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के लिए चुने गए। उन्होंने गुजरात में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विपिन कुमार भगत की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी विपिन कुमार भगत, जो इस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, ने बताया कि उन्हें यहां सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क मिल रही हैं। वे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने गए थे। अकादमी के प्रशिक्षक राजेन्द्र देवांगन के मार्गदर्शन में बच्चे प्रतिदिन तीरंदाजी का गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और नेशनल स्तर पर भी पदक जीत चुके हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियों से जशपुर में उत्साह राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के बाद बच्चों के चेहरों पर एक अलग आत्मविश्वास और मुस्कान दिखाई दे रही है। प्रशिक्षक देवांगन ने कहा कि अगर इसी तरह से अकादमी चलती रही, तो बच्चे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ेंगे। वर्तमान में, तीरंदाजी, तैराकी, और ताइक्वांडो में 30 बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सर्व सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेल के प्रति समर्पण के लिए धन्यवाद दिया। यह विष्णु सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है कि जशपुर के युवा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका पा रहे हैं।  

सर्पदंश : अंधविश्वास के कारण बुजुर्ग की मौत, समय पर चिकित्सा न मिलने से मासूम की हालत गंभीर

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बड़ी खबर आई है जिसमें सर्पदंश के बाद झाड़फूंक के चक्कर में नाना जी चल बसे वहीं नाती गम्भीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। कोरबा – करतला थाना क्षेत्र के ग्राम सलिहाभांठा डोंगदरहा में अंधविश्वास और झाड़फूंक के चक्कर में एक बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि उसका 16 वर्षीय नाती गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घटना बीती रात की है, जब 70 वर्षीय टिकैतराम यादव और उसके नाती सतीश कुमार यादव को एक जहरीले सर्प ने डस लिया। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजनों ने पहले झाड़फूंक और गांव के डॉक्टर से इलाज कराने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। परिजनों ने बताया कि रात में अचानक दोनों को पेट और गले में दर्द होने लगा, लेकिन इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया गया। जब स्थिति गंभीर हो गई और सतीश के मुंह से झाग आने लगे, तब भी परिजन अंधविश्वास के चलते इलाज के लिए अस्पताल नहीं गए। झाड़फूंक और गांव के डॉक्टर के पास समय बर्बाद करने के बाद, उन्हें सुबह करीब 6:30 बजे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद टिकैतराम यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सतीश की हालत गंभीर बताई गई, और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मृतक के परिजनों ने बताया कि समय पर 108 एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। उनका मानना है कि अगर एंबुलेंस समय पर आ जाती, तो टिकैतराम की जान बच सकती थी। 108 के जिला प्रभारी प्रिंस पांडे ने कहा कि एंबुलेंस सेवा में देरी नेटवर्क समस्या के कारण हो सकती है, लेकिन इस मामले में परिजन पहले झाड़फूंक कराने गए थे, जिससे कीमती समय बर्बाद हो गया। इस घटना से एक बार फिर अंधविश्वास और झाड़फूंक की पुरानी परंपराओं पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश जैसे मामलों में तत्काल चिकित्सा सहायता बेहद आवश्यक होती है। झाड़फूंक या अन्य पारंपरिक उपाय करने से समय बर्बाद होता है, जिससे जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। जागरूकता की कमी से बढ़ रहा खतरा इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण लोग सही समय पर चिकित्सा सहायता नहीं ले पाते, जिससे अंधविश्वास के चलते उनकी जान पर बन आती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश और अन्य आपात स्थितियों में प्राथमिक चिकित्सा का महत्व समझाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। सर्पदंश के मामले में तुरंत अस्पताल पहुंचना जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।