दशगात्र में आया युवक हादसे की भेंट चढ़ा,बाईक के परखच्चे उड़े,घायल 2 घँटे तक तड़पा और…108 पर उठे सवाल

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  जशपुर/कुनकुरी – गड़ाकटा से दुलदुला जाने वाली सड़क पर लोटापानी गांव के पास एक बाइक सवार युवक बिजली खम्भे से टकराकर बुरी तरह घायल हो गया।सूचना के दो घण्टे बाद एम्बुलेंस आई और गम्भीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले गई।घटना कुनकुरी थाना क्षेत्र की है। घायल युवक के रिश्तेदार सूरदास ने बताया कि पिंटू हथगड़ा गांव से दशगात्र में घर आया था।कार्यक्रम के दौरान उसने शराब पी और मना करने के बाद भी घर जल्दी जाना है कहकर अकेले मोटरसाइकिल से निकल गया।थोड़ी देर बाद पता चला कि वह बिजली खंभे से टकराकर सड़क से दूर गिरा हुआ है। समाजसेवी मुरारी गुप्ता को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे।इससे पहले राहगीरों में से एक जुनैद अहमद ने 108 एम्बुलेंस और थाना प्रभारी को घटना की सूचना देकर मदद मांगी थी। मुरारी गुप्ता ने बताया कि घायल युवक का सिर सीमेंट पोल से टकराया है जिससे उसका सिर फट गया है।पैर की हड्डियां भी टूट गई हैं।यूँ ही तड़पते हुए लगभग 2 घण्टे से ज्यादा हो गया।स्थिति गम्भीर है। वहीं 108 एम्बुलेंस से आये स्टाफ ने बताया कि एक 108 रायपुर गया है।यह वाला जशपुर गया हुआ था।वहीं से सीधा आ रहे हैं।हमने देर नहीं की है। बहरहाल, युवकों में नशे में धुत्त होकर बाइक चलाने का बढ़ता शौक जानलेवा बनता जा रहा है। जशपुर पुलिस ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई कर रही है।

*शर्मनाक घटना* : *खेल फार्म भरने छात्रा को घर बुलाया और की अश्लील हरकत,खेल शिक्षक गिफ्तार*

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  दंतेवाड़ा – जिले के अजाक थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी पीटीआई (खेल शिक्षक) अजय सिंह को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह घटना 10 अगस्त 2024 की है, जब एक नाबालिग छात्रा की मां ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि अजय सिंह ने खेल फार्म भरने के बहाने छात्रा को अपने घर बुलाया और वहां उसके साथ छेड़छाड़ की। छेड़छाड़ के इस गंभीर मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 74, 75, 76, पॉक्सो एक्ट की धारा 8, 10, 12, किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75, और एसटी/एससी एक्ट की धारा 3(2)(vक)(vii) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला और राम कुमार बर्मन, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी उन्नति ठाकुर, और उप पुलिस अधीक्षक रुचि वर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। 11 सितंबर 2024 को आरोपी अजय सिंह को गवाहों के समक्ष विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस घटना ने खेल शिक्षकों के प्रति छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को हिला दिया है, जिससे शिक्षा जगत में चिंता की लहर दौड़ गई है।

*अच्छी खबर**हीराकुंड बांध से पानी छोड़ा गया, सीएम साय के अनुरोध पर ओडिशा सीएम ने तत्काल दिया आदेश,इतने गांव डूबने से बचे*

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*हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्र में आने वाले छत्तीसगढ़ के गांवों को इस वर्ष नहीं झेलनी पड़ेगी बाढ़ की विपदा* *संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में बाढ़ विपदा की आशंका को देखते हुए ओडिसा के मुख्यमंत्री से की चर्चा* *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुरोध पर ओडिसा के मुख्यमंत्री ने हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने के दिए निर्देश* *ओडिसा के मुख्यमंत्री की बाढ़ रोकने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट* *पहली बार दोनो राज्यों की जनहितैषी सरकारों के मध्य अपूर्व सामंजस्य से लोकहित में लिया गया त्वरित निर्णय* रायपुर 12 सितंबर 2024/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों के अंतर्गत रायगढ़ के गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर त्वरित गति से पहल करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से गत रात्रि चर्चा कर हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया जिससे बाढ़ की संभावित आपदा से बचाव हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ओडिसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश दिया जिससे दो दर्जन से ज्यादा गांवों में होने वाली जन-धन की संभावित हानि से ग्रामवासियों का बचाव हो सके । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी की इस संवेदनशील पहल के लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रतिवर्ष भारी बारिश की वजह से हीराकुड बांध के डुबान क्षेत्र में आने के कारण छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांवों को बाढ़ की विपदा झेलनी पड़ती थी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनो राज्यों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाली जनहितैषी सरकारों के रहने से पहली बार दोनो राज्यों के मध्य अपूर्व सामंजस्य के साथ त्वरित निर्णय लेकर लोकहित में कार्य किए जा रहे हैं। दोनो राज्यों की सरकारों के मध्य ऐसा सामंजस्य पहली बार देखा जा रहा है जिसका यह सुपरिणाम है की अब दोनो राज्यों में प्रत्येक वर्ष भीषण रूप से बाढ़ग्रस्त रहने वाले क्षेत्र वर्तमान में बाढ़ की विपदा से ग्रस्त नही है।

*कुनकुरी थाना क्षेत्र के श्रीनदी जंगल में सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप, नृशंस हत्या की आशंका*

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  **जशपुर, कुनकुरी** – जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब श्रीनदी से सटे घने जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति की सिर कटी लाश बरामद हुई।जिससे नृशंस हत्या की आशंका जताई जा रही है। इस भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए हैं।लाश कुनकुरी – तपकरा रोड पर श्रीनदि पुल से सौ मीटर ऊपर सड़क से 70 मीटर अंदर मिली है। घटना की जानकारी मिलते ही कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके को सील कर दिया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया है ताकि घटनास्थल से कोई अहम सुराग मिल सके। पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान और हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए गहन जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शी दिलीप राम, जो लाश के आसपास सबसे पहले पहुंचे, ने बताया, “मृतक के शरीर पर भगवा रंग का बनियान है और उसके बाएं हाथ में एक टैटू के रूप में रिंग का निशान था। ऐसा लगता है कि उसे पहले सड़क से घसीटकर जंगल में लाया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या की गई।” थाना प्रभारी सुनील सिंह ने इस मामले को लेकर कहा, “यह घटना गंभीर है और हम हर संभावित पहलू से इसकी जांच कर रहे हैं। अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी।” घटनास्थल की स्थिति और लाश की स्थिति को देखते हुए पुलिस का मानना है कि यह हत्या बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से की गई है। हत्या के तरीके और मृतक के शरीर पर मिले निशान यह इशारा कर रहे हैं कि यह मामला व्यक्तिगत दुश्मनी या कोई पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकता है। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।

*मीनाक्षी शेषाद्रि ने चक्रधर समारोह में शास्त्रीय नृत्य से मोहा मन, 30 साल बाद भारत में किया यादगार प्रदर्शन*

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  *रायगढ़ 12 सितंबर 2024 – चक्रधर समारोह की बीती रात बेहद खास रही, जब दिग्गज अभिनेत्री और नृत्यांगना मीनाक्षी शेषाद्रि ने 30 साल बाद भारत में अपने पहले शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रायगढ़ में आयोजित इस प्रतिष्ठित सांस्कृतिक समारोह के मंच पर मीनाक्षी ने भरतनाट्यम और ओडिशी की जादुई प्रस्तुति दी, जिसने सभी का दिल जीत लिया।  नृत्य से की भगवान गणेश की स्तुति अपने प्रदर्शन की शुरुआत मीनाक्षी ने भगवान गणेश की स्तुति, गणेश वंदना के साथ की। उनका हर भाव, हर मुद्रा और ताल से ताल मिलाता कदम दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई और सुंदरता में खोने पर मजबूर कर रहा था। लंबे समय तक भारतीय मंच से दूर रहने के बावजूद मीनाक्षी का प्रदर्शन पूरी तरह से लाजवाब था। हर बार जब उन्होंने मंच पर अपनी कला दिखाई, पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।  30 साल बाद वापसी से चौंकाया मीनाक्षी शेषाद्रि ने 30 साल पहले भारतीय फिल्म और नृत्य जगत को अलविदा कह दिया था, और उसके बाद अमेरिका में अपने परिवार के साथ बस गई थीं। हालांकि, उन्होंने कभी भी नृत्य को खुद से दूर नहीं होने दिया। अमेरिका में भी उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा दी और इसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत किया। चक्रधर समारोह में उनकी वापसी के बारे में किसी ने यह नहीं सोचा था कि इतने सालों के बाद भी वह अपनी कला में उतनी ही प्रवीण होंगी। लेकिन मीनाक्षी ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया और यह साबित किया कि कला और कलाकार कभी पुराने नहीं होते। रायगढ़ के चक्रधर समारोह में मीनाक्षी के प्रदर्शन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। हर उम्र के दर्शकों ने उनके नृत्य को बेहद सराहा।जशपुर से पहुंचे दर्शक दिलीप राम ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक पल था। मीनाक्षी शेषाद्रि को इतने सालों बाद लाइव देखना और उनका नृत्य देखना एक अविस्मरणीय अनुभव था।”  मीनाक्षी का संदेश प्रदर्शन के बाद मीनाक्षी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारत में 30 साल बाद नृत्य करना मेरे लिए बेहद खास है। रायगढ़ के दर्शकों का जो प्यार और समर्थन मिला, उससे मैं अभिभूत हूं। मैं हमेशा से भारतीय शास्त्रीय नृत्य से जुड़ी रही हूं और आगे भी इसे बढ़ावा देने का प्रयास करती रहूंगी।”उन्होंने कोलकाता में हुए दुष्कर्म की घटना पर अपनी फिल्म दामिनी को याद करते हुए कहा कि “हम कब इंसान बनेंगे?हिंसा और अपराध इंसान की कमजोरी है।”उन्होंने फिल्मी दुनिया मे वापसी करने के सवाल पर कहा कि “अभी इंतजार कीजिये।” इस साल के चक्रधर समारोह में मीनाक्षी शेषाद्रि की प्रस्तुति निस्संदेह मुख्य आकर्षण रही। उनके नृत्य ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया, और उनके प्रदर्शन को समारोह के इतिहास में एक यादगार पल के रूप में दर्ज किया जाएगा। 60 वर्षीया मीनाक्षी शेषाद्रि की इस शानदार वापसी ने एक बार फिर से साबित किया कि कला की कोई उम्र नहीं होती, और एक सच्चा कलाकार हर समय अपने दर्शकों का दिल जीत सकता है।

*बलौदाबाजार: दो शिक्षकों का नशे में धुत्त वीडियो वायरल, पालकों को निलंबन नहीं शराबी शिक्षकों की बर्खास्तगी चाहिए*

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बलौदाबाजार। पलारी ब्लॉक के ग्राम दतान (प) और लरिया में दो सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का नशे में धुत्त वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम दतान (प) के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक कुम्भज राम ध्रुव और ग्राम लरिया के सहायक शिक्षक राजकुमार ध्रुव का वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों शराब के नशे में धुत्त पाए गए। इस घटना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, क्योंकि ऐसे शिक्षकों के हाथों में देश के भविष्य, यानी बच्चों की जिम्मेदारी थी। नशे में धुत्त पाए गए इन शिक्षकों ने अपने कर्तव्य का घोर उल्लंघन किया है।इन्हें निलंबित करके मामले को दबाया जा रहा है जबकि सीधे बर्खास्त कर देना चाहिए। शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर इस घटना ने राज्य में शिक्षा विभाग की लापरवाही को फिर से उजागर कर दिया है। छत्तीसगढ़ में इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सरकार की निगरानी और संवेदनशीलता में कमी है। इस मामले ने प्रदेश में शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आक्रोश और भविष्य की कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और शिक्षा विभाग को इस प्रकार की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए और दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

*पत्थलगांव को मिला नगर पालिका का दर्जा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा से क्षेत्र में खुशी की लहर*

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  रायपुर, 5 सितंबर 2024– छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने पत्थलगांव को नगर पालिका का दर्जा देने की अधिसूचना जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 के तहत, राज्य सरकार ने पत्थलगांव नगर पंचायत को अपग्रेड कर नगर पालिका बनाने की घोषणा की। इस अधिसूचना को गुरुवार को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किया गया। राज्यपाल की ओर से जारी इस अधिसूचना में बताया गया है कि पत्थलगांव नगर पंचायत, जिसकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 16,613 थी, अब नगर पालिका बनेगी। इस नए दर्जे के तहत पत्थलगांव नगर पालिका की सीमाएं पूर्व की नगर पंचायत की सीमाओं के अनुरूप ही रहेंगी। जनता में उत्साह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस घोषणा से पत्थलगांव के निवासियों में भारी उत्साह है। नगर पालिका बनने से यहां के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पालिका का दर्जा मिलने से शहर में न सिर्फ सुविधाएं बढ़ेंगी बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में भी सुधार होगा। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इस घोषणा के खिलाफ कोई भी स्थानीय व्यक्ति या प्राधिकारी अगले 21 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव जशपुर कलेक्टर को लिखित रूप में भेज सकता है।

*जशपुर: गोल्ड ब्लॉक्स की नीलामी रद्द, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम – सुनील गुप्ता, जिला भाजपा अध्यक्ष*

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  *जशपुर, 10 सितंबर 2024* – जशपुर जिले में सोने की खदानों के लिए जारी नीलामी प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मेंडरबहार-भगोरा और बनगांव नॉर्थ स्थित गोल्ड ब्लॉक्स के लिए 30 जुलाई 2024 को जारी एनआईटी (नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। जशपुर के जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “स्वयं मुख्यमंत्री भी नहीं चाहते कि जनभावनाओं के खिलाफ कोई उद्योग यहां शुरू हो।” यह फैसला तब आया है जब फरसाबहार ब्लॉक मुख्यालय में सोना खदान की नीलामी को लेकर दो बार लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति उत्पन्न हो चुकी थी। नीलामी के खिलाफ स्थानीय लोगों में व्यापक असंतोष था, और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। **नीलामी रद्द होने के पीछे जनभावनाओं का सम्मान** नीलामी समिति की बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समिति की अनुशंसा के आधार पर, मेंदरबहार-भगोरा और बनगांव नॉर्थ स्थित गोल्ड ब्लॉक्स की नीलामी को रद्द कर दिया गया है। जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने विरोध प्रदर्शनों को “बेवजह का हंगामा” करार देते हुए कहा कि सरकार जनहित में काम कर रही है और मुख्यमंत्री का यह कदम स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से सरकार के सुशासन और जनसमर्थन की छवि और मजबूत हुई है। **फरसाबहार में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति** फरसाबहार ब्लॉक मुख्यालय में नीलामी के विरोध में स्थानीय लोगों ने दो बार प्रदर्शन किया था, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की नौबत आई थी। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को काबू में रखा और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम उठाए गए। यह निर्णय जशपुर जिले के विकास और स्थानीय जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, और इससे यह साबित होता है कि राज्य सरकार स्थानीय समुदायों की अपेक्षाओं और अधिकारों का सम्मान करती है। अब देखना यह होगा कि भविष्य में इस क्षेत्र में खनन और अन्य उद्योगों से संबंधित नीतियों में क्या बदलाव होते हैं, और किस तरह से सरकार इन परियोजनाओं को जनता की सहमति के साथ आगे बढ़ाती है।

*जशपुर: विधायक रायमुनी भगत की विवादित टिप्पणी से ईसाई समुदाय में आक्रोश, थानों में दर्ज कराई गई शिकायतें*

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  *जशपुर, 10 सितंबर 2024* – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में एक बार फिर धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। जशपुर की विधायक श्रीमती रायमुनी भगत द्वारा ईसाई धर्म और यीशु मसीह को लेकर की गई विवादित टिप्पणी से ईसाई समुदाय आक्रोशित हो गया है। इस बयान के बाद जिले के विभिन्न थानों में ईसाई समुदाय के नेताओं ने विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक रायमुनी भगत का 1 सितंबर 2024 को ग्राम ढंगनी, थाना आस्ता, तहसील मनोरा में आयोजित भुंईहर समाज के सामुदायिक भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में विधायक ने ईसाई धर्म और यीशु मसीह पर कथित रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। ईसाई नेता वाल्टर कुजूर, क्रिस्तोफर खलखो, अनिमानंद,अभिनंद,कुंदन,जुलियस,जयंत ने कुनकुरी थाने में ज्ञापन सौंपा और विधायक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि विधायक ने अपने भाषण में ईसाई धर्म और यीशु मसीह का अपमान करते हुए उन्हें सूली पर चढ़ाने और उनके पुनर्जीवित होने के विश्वास पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। ईसाई समुदाय के नेताओं ने विधायक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने, धर्म के आधार पर वैमनस्य और घृणा फैलाने का आरोप लगाते हुए  की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। इस घटना ने जिले में धार्मिक और सामुदायिक सौहार्द को चुनौती दी है, और राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इसकी चर्चा जोर-शोर से हो रही है। धार्मिक नेताओं और विभिन्न संगठनों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

*जांजगीर-चांपा: झोलाछाप बंगाली डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत, नवागढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार*

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  *जांजगीर-चांपा, 10 सितंबर 2024* – छत्तीसगढ़ के नवागढ़ थाना क्षेत्र में एक झोलाछाप बंगाली डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला की जान चली गई। आरोपी बंगाली डॉक्टर, ध्रुवंतो सिकदार, को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला 1 सितंबर 2024 की रात का है, जब हीरागढ़ टुरी निवासी चार माह की गर्भवती महिला, रुक्मणि कश्यप, को अचानक तेज हाथ-पैर के दर्द और सांस फूलने की समस्या हुई। परिजनों ने तत्काल सिऊड निवासी झोलाछाप डॉक्टर ध्रुवंतो सिकदार को बुलाया। डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ ही मिनटों बाद रुक्मणि की हालत और बिगड़ गई। तेज खांसी और नाक-मुंह से खून निकलने लगा। परिजन उसे इलाज के लिए सीएचसी राछा नवागढ़ ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर थाना नवागढ़ में मर्ग दर्ज किया गया। जांच के दौरान गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पता चला कि ध्रुवंतो सिकदार द्वारा लगाया गया इंजेक्शन गर्भवती महिला के लिए घातक साबित हुआ। इस इंजेक्शन को लगाने की कोई मेडिकल योग्यता या अधिकार नहीं था, और जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सिकदार का इलाज पूरी तरह से गलत था। जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक  विवेक शुक्ला (IPS) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल के मार्गदर्शन में नवागढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जांच में पुष्टि होने पर आरोपी डॉक्टर ध्रुवंतो सिकदार को गिरफ्तार कर 8 सितंबर 2024 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा और उनकी टीम, जिसमें सउनि संतोष केरकेट्टा और आरक्षक अनिल कुर्रे व बलराम यादव शामिल थे, ने सराहनीय योगदान दिया। घटना ने क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ आक्रोश फैला दिया है। लोगों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग के उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, जो ऐसे अनधिकृत डॉक्टरों को संरक्षण देते हैं, जिससे आम जनता की जान खतरे में पड़ती है।