बड़ी खबर : मवेशी तस्करी की गाड़ियां होंगी सांय-सांय नीलाम,कलेक्टर रवि मित्तल ने 13 वाहनों को राजसात कर नीलामी के दिये आदेश, मवेशी तस्करों में मचा हड़कंप

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  जशपुर 21 अगस्त 2024/ छत्तीसगढ़ से झारखंड की ओर बुचड़खाना के लिए अवैध रूप से परिवहित किए जा रहे 13 मवेशी वाहनों को जब्त कर राजसात की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम 2004 के तहत की गई है। राजसात किए गए वाहन को नियमानुसार नीलामी करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रक क्रमांक जेएच 01 ईपी 9416 जेयारूल पिता साजिद अंसारी निवासी लोहरदगा (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 01 ईभी 4710 सूर्यकान्त पिता सुकुल साहू निवासी लातेहार (झारखण्ड), टाटा सूमो क्रमांक जेएच 08 ए 7899 खोरसा केरकेट्टा पिता मसीह चरण निवासी रायडीह (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक सीजी 10 ए 5617 महफुज पिता मकसूद आलम निवासी साईटांगरटोली लोदाम (छत्तीसगढ़),पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफआर 2481 आलिम साई पिता फिरोज साई निवासी सिसई जिला गुमला (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 01 ईटी 1547, वाहन स्वामी रईस मिरधा पिता मनिर मिरधा निवासी हण्डरू रांची (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफएफ 4925, आरिफ खान पिता सेराज खानडोरण्डा रांची (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 19 ई 7804 मो अफरोज अंसारी पिता अकबर हुसैन, धावाडीहलेसलीगंज पलामू (झारखण्ड),पिकअप क्रमांक जेएच 03 एल 9806 सुहेल खान पिता दिलजान खान डालटेनगंज पलामू (झारखण्ड),पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफई 9799 अजमद अंसारी पिता जाहिर असारी निवासी लोहरदगा (झारखण्ड),पिकअप क्रमांक जेएच 01 एफआर 2481 कुर्बान पिता जैनुल खान निवासी सोसो रांची (झारखण्ड), पिकअप क्रमांकजेएच 01 एफजे 2568 समरन खातून पिता जमीन खान निवासी बरगीडाड़ जिला गुमला (झारखण्ड), पिकअप क्रमांक जेएच 19 ई 7954 अमित भगत पिता विरसेन भगत निवासी महुआडाड़ जिला लातेहार (झारखण्ड) को जब्त कर राजसात की कार्रवाई की गई है।

हिन्दू पॉप सिंगर की दो टूक -जब सब सनातनी हो जाएं तो डर कैसा,घरवापसी कर लो,हिन्दू राष्ट्र का झंडा लेकर निकली हरियाणा की गायिका कवि सिंह ने मोदी-योगी को लेकर कह दी बड़ी बात

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जशपुर – हिंदुत्व के गाने गानेवाली पॉप सिंगर कवि सिंह राष्ट्रजागरण करते हुए भारत यात्रा पर निकली हैं।इस दौरान छत्तीसगढ़ में प्रवेश करते हुए कुनकुरी शहर में उन्होंने विश्राम किया।हिन्दू राष्ट्र बनाने निकली इस यात्रा को जिले में हिन्दू धर्मावलंबियों का व्यापक समर्थन मिला है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए इस यात्रा का मूल उद्देश्य हरिद्वार से गंगाजल लेकर रामेश्वरम तक फिर वहां की मिट्टी लेकर वापस हरिद्वार गंगा नदी में प्रवाहित कर खुद को बैकुंठधाम जाने योग्य अर्थात मोक्ष की अधिकारिणी बनना बताया है।इसी के साथ उन भटके हुए मूल सनातनियों को वापस लाने,हिन्दू जागृति लाने के लिए हिन्दू राष्ट्र यात्रा करना बड़ा उद्देश्य है। कवि सिंह मूलतः रोहतक सिटी,हरियाणा की रहनेवाली हैं।इनका जन्म राजस्थान के अलवर जिले में हुआ।26 वर्षीया कवि सिंह अपने पिता रामकेश जीवनपुरवाला के बनाये गीतों को गाकर प्रसिद्धि पाई है।कवि की गायकी में हिंदुत्व और देशभक्ति इस कदर रचा-बसा है कि इनकी ख्याति आज पूरे भारत मे हैं। जैसा कि कवि सिंह ने बताया कि 9 जुलाई को हरिद्वार की हरकी पौड़ी से गंगाजल लेकर रामेश्वरम के लिए हिन्दू राष्ट्र यात्रा पर रवाना हुई।अभी तक 14 राज्यों से गुजरी हैं।छत्तीसगढ़ राम के ननिहाल में रामभक्तों के स्वागत-सत्कार से अभिभूत हैं।उन्होंने यात्रा के अनुभव बताते हुए कहा कि यूपी में मुझे तिरस्कार मिला।झारखण्ड में धमकी मिली लेकिन वहां के हिंदुओं ने और शासन-प्रशासन ने मेरी सुरक्षा की।उन्होंने यह भी कहा कि यह मेरी निजी यात्रा है लेकिन मैं देश के हिंदुओं को जगाने के लिए निकली हूँ।खतरा है लेकिन डरती नहीं हूँ। हिंदुओं में एकजुटता के सवाल पर कवि ने कहा कि सनातनियों के देश के हर मंदिरों से विश्व का कल्याण हो,यह आवाज आती है।सनातनी एकजुट है बस ‘वे’ वापसी कर लें तो ज्यादा अच्छा है।राजनीति की अगर बात करते हैं तो 2014 से पहले गांव के बच्चे, गांव का मुखिया सभी लोग सोशल मीडिया में अंग्रेजी में बात करते थे।भाषण अंग्रेजी में बोली जाती थी।नेता,अभिनेता,खिलाड़ी सब अंग्रेजी बोलते थे,भले समझ मे आये या न आये।अब हिंदी बोलने लगे हैं।यही सनातन की शक्ति है और हम जाग गए हैं, इसका परिचय भी है।आगे हम संस्कृत भी बोलने लगेंगे।एक दिन रामराज्य आएगा। *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांगी सुरक्षा* अपनी यात्रा और उसकी सुरक्षा लेकर कवि सिंह का दर्द छलक आया।उन्होंने कहा कि यह यात्रा बिना कोई राजनैतिक सहयोग के चल रही है।कोई सिक्योरिटी नहीं है।हम अपने दम पर अपने सनातनी भाइयों से सहारा लेकर चल रहे हैं।कोई कहीं से भी किसी तरह का कोई सहयोग नहीं है तो हमे बुरा लगा कि हम आपका सपोर्ट करते हैं।ये हम सीधे नरेंद्र मोदी को कह रहे हैं।उनके लिए गाने गाए हैं।मोदी देश के सबसे बड़े सनातनी नेता हैं।दूसरे नम्बर पर योगी हैं। कवि ने चर्चा में आगे बताया कि जब यात्रा का रूट तय कर रहे थे तो झारखण्ड और छत्तीसगढ़ को लेकर शुभचिन्तकों ने नक्सली क्षेत्र बताकर मना किया लेकिन सबसे ज्यादा अच्छा कार्यक्रम दोनों राज्यो में हुआ।यूपी में हमारी यात्रा खराब रही।झारखण्ड में एक धमकी मिली थी कि हमारे काफिले पर हमला कर देंगे लेकिन सनातनियों और शासन-प्रशासन के कारण ऐसा कुछ नहीं हुआ।उन्होंने हिंदुत्व से डरने वालों को साफ संदेश दिया कि “बुरा कर्म करने से डर लगता है,अच्छा कर्म करो,सनातन की ओर आ जाओ।सब एक ही रहेंगे तो डर किस बात का रहेगा।घरवापसी कर लो।” मीडिया से चर्चा के बाद कवि सिंह का काफिला शिवमंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद बगीचा होते हुए अम्बिकापुर के लिए रवाना हो गया।रात्रि विश्राम अम्बिकापुर में होगा।

*जशपुर: खेत में काम करते समय आकाशीय बिजली से पति-पत्नी समेत तीन की मौत, तड़ित चालक की कमी पर सवाल

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जशपुर- जिले के सन्ना थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी समेत एक अन्य ग्रामीण शामिल हैं। यह घटना शनिवार शाम करीब 4 बजे एकम्बा गांव में हुई, जब मृतक मोहरसाय राम (55) और उनकी पत्नी परबी बाई (53) खेत में रोपा लगा रहे थे। इसी दौरान छिछली गांव के जगसाय राम (42) की भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई।घटना के तुरंत बाद परबी बाई को सन्ना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने आज सुबह 5 बजे दम तोड़ दिया। **तड़ित चालक की कमी से बढ़ी चिंता** मृतक मोहरसाय राम के पुत्र ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अगर गांव में सही तरीके से तड़ित चालक लगा होता, तो उनके माता-पिता की जान बच सकती थी। यह मुद्दा स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, क्योंकि तड़ित चालक जैसी बुनियादी सुविधा की कमी के कारण हर वर्ष जान-माल का नुकसान हो रहा है। **शव वाहन की कमी से ग्रामीणों को हो रही परेशानी** एकम्बा के मृतक मोहरसाय और छिछली के मृतक जगसाय का शव शाम से ही गांव में पड़ा है। पोस्टमार्टम के लिए सन्ना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए शव वाहन की तलाश की जा रही है। आजादी के 78 वर्षों बाद भी सन्ना क्षेत्र में शव वाहन की सुविधा नहीं है, जिससे ग्रामीणों को मरने के बाद भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। **लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और अनसुनी मांगें** सन्ना क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, तड़ित चालक की स्थापना और शव वाहन की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिलता है, जबकि समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इस घटना ने फिर से क्षेत्र में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। **ग्रामीणों की मांगें कब होंगी पूरी?** यह घटना सन्ना क्षेत्र की जमीनी हकीकत को सामने लाती है, जहां अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक उनकी मांगें अनसुनी रहेंगी और कब तक उन्हें ऐसे दुखद हादसों का सामना करना पड़ेगा?

*हत्या के आरोपियों को मुंगेली पुलिस ने 24 घंटों में किया गिरफ्तार* *शराब बनी वजह*

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मुंगेली: हत्या के अपराध में ज्यादातर मामले जर,जोरू और जमीन को लेकर होते हैं लेकिन छत्तीसगढ़ में एक कारण और तेजी से सामने आ रहा है ,वह है जाम (शराब) को लेकर होने वाले विवाद।ऐसे ही एक विवाद में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्या के चार आरोपियों को मात्र 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद की गई, जिसमें ग्राम धरदेई निवासी दौलत पात्रे की निर्मम हत्या की गई थी।   घटना के बारे में एसएसपी गिरजाशंकर जायसवाल ने बताया कि 14 अगस्त 2024 को पिन्टू पात्रे ने पथरिया  पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका चचेरा भाई दौलत पात्रे, जिसे वह धरदेई में मिला था, को प्रीतम बरगाह और उसके साथियों ने लाठी, डंडे और कुदाली से मारकर हत्या कर दी। घटना के समय दौलत पात्रे ने शराब पीने के लिए मनोज यादव से 500 रुपये उधार मांगे थे। प्रीतम बरगाह ने उसे पैसा देने से मना किया, जिससे दोनों के बीच विवाद हो गया। इस विवाद के बाद, प्रीतम ने अपने भाईयों को बुलाया और सभी ने मिलकर दौलत पात्रे पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गिरिजा शंकर जायसवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के मार्गदर्शन में तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। पुलिस ने 6 टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली गई। विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया और 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।इस सफलता में थाना प्रभारी पथरिया निरीक्षक रघवीर लाल चन्द्रा और उनकी टीम के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। **आरोपी और उनके पूर्व अपराध:** आरोपी प्रीतम, निक्कु उर्फ सूर्यकांत, लिखेष, और प्रवीण बरगाह को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतक दौलत पात्रे और आरोपी निक्कु उर्फ सूर्यकांत के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

*जशपुर की ‘लखपति दीदी’ लाल किले के समारोह में बनीं विशेष मेहमान* *78वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित समारोह में हुईं शामिल* *आरा क्लस्टर की लखपति दीदी शोभा टोप्पो ने पति के साथ देखा स्वतंत्रता दिवस समारोह*

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जशपुर – 15 अगस्त 2024/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज दिल्ली के लाल किले पर आयोजित समारोह में देश भर छह हजार विशेष मेहमान आमंत्रित किए गए। समारोह में शामिल होने के लिए करीब 45 लखपति दीदियों और करीब 30 ड्रोन दीदियों को भी विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ से दो लखपति दीदी शामिल हैं। इसमें जशपुर जिले के जशपुर विकासखंड के आरा क्लस्टर की लखपति दीदी श्रीमती शोभा टोप्पो एवं उनके पति जीनियस टोप्पो के साथ बिहान को-ऑर्डिनेटर दीपेंद्र यादव के नेतृत्व में अतिथि के रूप में 78 वे स्वतंत्रता दिवस ध्वजारोहण समारोह में दिल्ली के लाल किला प्रांगण में सम्मिलित हुईं। उल्लेखनीय है कि पूरे भारतवर्ष से 70 लखपति दीदियां जो कि विभिन्न राज्यों से स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित की गई थी। जशपुर जिले से शामिल श्रीमती शोभा टोप्पो ध्वजारोहण समारोह ने लाल किले के प्रांगण में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा दिए गए भाषण को सुना। साथ ही यहां आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां देख अपनी खुशी जाहिर की।

*उपलब्धि :*जशपुर की आशा कार्यकर्ता और एएनएम का राष्ट्रीय स्तर पर हुआ सम्मान**समारोह में बनीं विशेष अतिथि*

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*केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित* *स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या राजधानी दिल्ली में विशेष समारोह आयोजित* *मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए मैदानी स्तर पर किये गए उत्कृष्ट कार्यों के स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया सम्मान* *78वां स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के समारोह में बनीं विशेष अतिथि* दिल्ली/रायपुर 15 अगस्त 2024/देश भर में आज 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष इस खास अवसर पर भारत सरकार द्वारा देश के विभिन्न राज्यों के आशा (मितानिन) एवं ए.एन.एम. को विशेष मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। वही स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या राजधानी दिल्ली में विशेष समारोह आयोजित की गई। जहां छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों की आशा कार्यकर्ता और एएनएम को सम्मानित किया गया। वही इस अवसर पर जशपुर जिले से आयुष्मान आरोग्य मंदिर पाकरगांव, विकासखंड पत्थलगांव की ए.एन.एम. श्रीमती निग्मा लाम्बा एवं कुनकुरी विकासखंड के गांव पंडरीपानी की आशा (मितानिन) कार्यकर्ता श्रीमती अमिशा बाई को उनके मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में विषम परिस्थिति में उत्कृष्ट कार्य हेतु केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। यहां उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन द्वारा इन ए.एन.एम और आशा (मितानिन) कार्यकर्ता को दिल्ली भेजा गया था। जहाँ स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित विशेष सम्मान समारोह में केन्द्रीय स्वास्थ मंत्री जे.पी.नड्डा एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल के हाथों स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारीयों की गरिमामय उपस्थिति में सम्मानित किया गया। साथ ही इन सभी विशेष आमंत्रित अतिथियों को 78वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के समारोह में कर्तव्य पथ पर होने वाले परेड में भी आमंत्रित किया गया। यह न सिर्फ इन आशा (मितानिन) कार्यकर्ता, ए.एन.एम. के लिए गर्व की बात है बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग सहित जशपुर जिले के लिए हर्ष का विषय है। इस खास उपलब्धि के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जशपुर डॉक्टर विपिन कुमार इंदवार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी  गनपत नायक के द्वारा दोनोें स्वास्थ कार्यकर्ताओं को स्वास्थ विभाग की तरफ़ से ढेरों शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई। साथ सभी अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने कार्य एवं दायित्वों को निर्वाहन निष्ठा पूर्वक करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

*ग्रामीणों का हंगामा: जंगल में अवैध कब्जा हटाने पहुंचे, हाथियों के आगमन ने मचाई हलचल,जांच अधूरी छोड़ भागे अफसर*

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जशपुर: महेशपुर के जंगल में रविवार को कुछ ऐसा हुआ जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक तरफ जंगलों की सुरक्षा के लिए सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम पहुंचा, तो दूसरी तरफ अचानक हाथियों के झुंड ने सभी को चौंका दिया। यह मामला न केवल ग्रामीणों के साहसिक कदम को दिखाता है, बल्कि वन विभाग की उदासीनता और हाथियों के जंगलों से बाहर निकलने की वजह पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों के विरोध की वजह महेशपुर के रिजर्व फॉरेस्ट क्रमांक 984 में, झिमकी पंचायत के उपसरपंच ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी थी। इससे महेशपुर के ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए एकजुट होकर जंगल की ओर रुख किया। करीब साढ़े चार सौ ग्रामीणों ने एक साथ जंगल में पहुंचकर अपनी नाराजगी जाहिर की और अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया। ### **अचानक हाथियों का आगमन** जब ग्रामीण जंगल में आगे बढ़ रहे थे, तभी जंगल में हाथियों के झुंड का आगमन हुआ। ग्रामीणों के लिए यह अनुभव बेहद रोमांचक और डरावना था। हालांकि, ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक अपने विरोध को जारी रखा। हाथियों के इस अप्रत्याशित आगमन ने वन विभाग के अधिकारियों को जांच पूरी करने से रोक दिया। ### **वन विभाग की भूमिका** इस मामले में वन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन समिति के अध्यक्ष अगस्तुस बेक ने बताया कि जंगल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर जमीन को खेती के लिए तैयार किया जा रहा है। जब ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को जंगल में ले जाकर यह स्थिति दिखाई, तो अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए।  जांच अधूरी पत्थलगांव रेंजर कृपासिंधु पैंकरा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जांच टीम गठित की गई और जमीन की नाप शुरू की गई। लेकिन हाथियों के वन क्षेत्र में आने की वजह से जांच पूरी नहीं हो सकी। रेंजर ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना हसदेव अरण्य के बाद दूसरी बड़ी घटना है जब ग्रामीणों ने जंगल बचाने के लिए कदम उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी हद तक जाकर जंगलों की रक्षा करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीणों की जागरूकता और उनके जंगल प्रेम को उजागर किया है, जो एक सकारात्मक संदेश देता है। इस घटना ने बता दिया कि जंगलों की सुरक्षा के लिए न केवल वन विभाग बल्कि आम जनता को भी सक्रिय होना पड़ेगा। अवैध कब्जे और कटाई को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जा सके।

BLACK FRIDAY : वारिसों को विष्णु सरकार दे 50-50 लाख,हाथी के हमले में 4 लोगों की मौत पर कांग्रेस ने की सियासत शुरू,,बगीचा शहर में हुई दर्दनाक मौतों से हिला छत्तीसगढ़,हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में मौत का तांडव जारी

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  जशपुर – ब्लैक फ्राइडे हाँ, हाँ ब्लैक फ्राइडे ही कहेंगे क्योंकि शुक्रवार की आधी रात को घुप्प अंधेरे में जंगली हाथी ने बगीचा शहर के गम्हरिया मुहल्ले में 4 लोगों को कुचलकर मारा,जिनके खून के निशान सीसी रोड पर सूख रहे हैं।जो भी इस मंजर को देख रहा है उसके आंसू रुक नहीं रहे हैं।वहीं हाथी से मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस के सदस्य विनयशील ने 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करके सियासत शुरू कर दी है। दरअसल,बगीचा के रिहायशी इलाकों आने वाला वार्ड नम्बर 09 गम्हरिया में सड़क किनारे हाथी ने एक घर पर हमला किया जहां 6 लोग सो रहे थे।हमले में घर का दीवार पूरी तरह ढह गया।जिसमें दो बहन दब गए जिसमें से एक बहन का पैर बाहर घा जिसे हाथी ने खींचकर मार डाला। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि रात में हाथी मित्रदल की गाड़ी भी आई थी। सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है और घरों की बिजली गुल थी।इससे पहले कि शहरवासी कुछ समझ पाते हाथी ने सड़क किनारे रामकेश्वर सोनी के कच्चे मकान पर हमला कर दिया।घटना देर रात 12 बजे की है।बिजली नहीं होने के कारण लोगों  को कुछ समझ में नहीं आया और हाथी लगातार हमला करता गया।उसी घर में सो रहे पिता, पुत्री और चाचा को हाथी ने पटक पटक कर मार डाला।हो हल्ला सुनकर पड़ोस का एक युवक बाहर निकला उसपर भी हाथी ने हमला कर दिया।मृतकों में पिता रामकेश्वर सोनी उम्र 35 वर्ष,पुत्री रवीता सोनी उम्र 09 वर्ष,चाचा अजय सोनी उम्र 25 वर्ष,पड़ोसी अश्विन कुजूर उम्र 28 वर्ष हैं।  इस बड़ी घटना से पूरा प्रदेश सिहर उठा है।बताया जा रहा है कि भोजन की तलाश में लोनर बेहद आक्रमक हो गया है और बीते कई दिनों से कच्चे मकानों पर हमला कर रहा है।हमले में तीन दिन पहले ही कुनकुरी रेंज में 1 और बादलखोल अभ्यारण्य के अंदर 1 व्यक्ति की जान गई है। इन घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सदस्य विनयशील ने गहरा दुःख जताया है।उन्होंने अपने सोशल एकाउंट X पर बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए लिखा है कि CG में BJP सरकार और वन विभाग सब सो रहे हैं : आदिवासी मुख्यमंत्री के गृह ज़िले जशपुर में बगीचा के नगर पंचायत क्षेत्र में हाथी और मानव द्वन्द में 4 लोगों की जान चली गई । सरकार कह रही है कि 25 हज़ार रुपया मुआवज़ा देगी बेशर्मी की हद है. हम माँग करते हैं कि  – मृतिकों को 50- 50 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाना चाहिए. – जशपुर में हाथी मानव द्वन्द समस्या की समझ वाले IFS ऑफ़िसर की नियुक्ति कीजिए. – हाथियों का रास्ता ट्रैक करके स्थानीय स्तर पर लोगों को सूचना देने की व्यवस्था की कीजिए. – द्वन्द रोकने के लिए जंगल में हाथियों के लिए खाने की व्यवस्था की जाना चाहिए. – जंगल से सटे नगर क्षेत्र में हाईमास्क लाइट लगाएँ. – पास ही डीएवी स्कूल और छात्रावास भी स्थित है,वहाँ     बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएँ. CM साहब सबसे अपने क्षेत्र के आदिवासी और रहवासियीं को प्रधानमत्री आवास बनवा के दीजिए. इन क्षेत्रों में बिजली कटौती रोकिए. @vishnudsai ji @INCChhattisgarh  1/1 बहरहाल,ये बड़ा सवाल है कि क्या छत्तीसगढ़ में हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में हाथी-मानव संघर्ष को बढ़ने से रोकना किसी सरकार के बस की बात नहीं रही? घटते जंगल,बढ़ते लोग वन्यजीवों के लिए खतरा बन गए हैं।वन अधिकार पट्टा देकर पिछली सरकारों ने जंगल खत्म करने का रास्ता दिखा दिया है क्योंकि नियमों का पालन हर पट्टाधारी कर रहा हो,यह कोई नहीं मानता। फिलहाल,इस बड़ी घटना के बाद वन विभाग नुकसान का आंकलन कर मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि देकर,लोनर हाथी को लगातार ट्रेस कर रहा है। वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि लोनर हाथी बीते दस दिनों में तपकरा रेंज से कुनकुरी रेंज होते हुए बादलखोल अभ्यारण्य पहुंचा था जहां से शुक्रवार की शाम को बगीचा की ओर आया था।जहां रात को गम्हरिया में एक मकान को नुकसान पहुंचाया,इसी दौरान घर मे सो रहे लोगों में से तीन लोगों की हाथी से सामना होने पर उनकी जान चली गई।वहीं पड़ोस का एक युवक भी हाथी के सामने आ गया।अभी जिले में 40 हाथी हैं जिसमें यह दल से अलग किया गया हाथी है।हाथी विशेषज्ञ अजित पांडे और महावत को बुलाया गया है।जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।हाथी पर लगातार नजर रखे हुए है लेकिन अंधेरे और बस्तियों में लाइट नहीं  रहने से हाथी का लोकेशन मिस हो जाता है।हमारे द्वारा लगातार लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। .

 जशपुर में सड़क किनारे पहाड़ी कोरवा महिला ने दिया शिशु को जन्म, समय पर सहायता से सुरक्षित रहे जच्चा-बच्चा

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जशपुर: कुनकुरी तहसील के नारायणपुर गांव में आज सुबह 11 बजे एक असाधारण घटना घटी, जब एक पहाड़ी कोरवा महिला ने सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर शिशु को जन्म दिया। इस घटना में मकान मालकिन, दुकानदार और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और सहयोग से समय से पहले हुए इस प्रसव में जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर श्रीमती किरण कांति कुजूर ने खबर जनपक्ष  को बताया कि प्रसूता बिंदेश्वरी बाई (21) अपने ससुराल बछरांव जाने के लिए नारायणपुर बस स्टेशन पर बस का इंतजार कर रही थीं। वह पिछले सप्ताह से अपने मायके जाताकोना में थीं और उनके भाई ने उन्हें बाइक से नारायणपुर छोड़ा था। अचानक, बिंदेश्वरी को पेट में तेज दर्द हुआ और वह सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर चली गईं, जहां उनका मेम्ब्रेन फूटने से समय से 2 महीने पहले प्रसव हो गया। नवजात बालिका का वजन डेढ़ किलो है और उसे कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु विशेषज्ञों द्वारा जांच के लिए ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही बीएमओ ने ड्यूटी पर तैनात नर्सों को तत्काल मौके पर भेजा और जच्चा-बच्चा को सकुशल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना में युवा व्यवसायी राहुल बंग और मकान मालकिन सपना सिंह की संवेदनशीलता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सपना सिंह ने बताया कि जब वह सावन सोमवार को शिव मंदिर से पूजा करके लौटीं, तो उन्होंने बाउंड्रीवाल के पास एक महिला को बच्चे को जन्म देते देखा। उन्होंने तुरंत पड़ोसी राहुल बंग को अस्पताल की सूचना देने के लिए कहा और खुद वाहन की व्यवस्था करने लगीं। महिला का बीपी बढ़ा हुआ था और खराब सड़कों पर बाइक से यात्रा करने के कारण यह घटना हुई थी। डॉ. मीना कुजूर, लैब टेक्नीशियन समाप्रिया खाखा, स्टाफ नर्स दीपा टोप्पो और लिपिक किरण मिंज ने भी मौके पर पहुंचकर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की और महिला व शिशु को अस्पताल पहुंचाया। इन सभी की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक जीवनरक्षक भूमिका निभाई और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखा।

हाथी के हमले में बाल-बाल बचे दंपत्ति, बाउंड्रीवाल व घर को किया क्षतिग्रस्त

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जशपुर – बादलखोल अभ्यारण्य से सटे ग्राम बुटंगा में बीती रात एक दंतैल हाथी ने आतंक मचाया। एलासीयूस एक्का और उनकी पत्नी घर में गहरी नींद में सो रहे थे जब हाथी ने उनके घर पर हमला किया। घटना रात करीब 3 बजे की है, जब हाथी दल से बिछड़कर बस्ती में घुस आया। हाथी ने सबसे पहले एलासीयूस के घर की बाउंड्रीवाल को तोड़ा और फिर घर की दीवार में छेद कर धान के बोरों तक पहुंचने की कोशिश की। दीवार गिरने की आवाज से एलासीयूस जाग गए और उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी को जगाया। दोनों ने समझदारी दिखाते हुए पड़ोसियों को आवाज देकर बुलाया। लगभग आधे घंटे तक हाथी घर के बाहर खड़ा रहा। ग्रामीणों के शोर-शराबे के बाद हाथी ख्रीस्तोफर के खेत में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाते हुए जंगल की ओर लौट गया।   गेम रेंजर बुधेश्वर साय ने बताया कि अभयारण्य का स्टाफ लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को हाथी से बचाव के उपाय बता रहा है। रविवार को बादलखोल अभयारण्य के स्टाफ ने साहीडांड़, रामसमा, सेंद्रीगुंडा, बच्छरांव, कलिया और सरायटोली गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को हाथियों से छेड़खानी न करने की सलाह दी और आवश्यक जानकारी दी। इस घटना से ग्रामीणों में हाथियों के हमले के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियानों की महत्वपूर्णता और भी स्पष्ट हो गई है।