बड़ी खबर : सरिता के ‘राशन’ पर मचा बवाल,भूपेश के पोस्ट पर भाजपा और कांग्रेस भिड़ी,विनयशील ने पूछा सवाल

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रायपुर – भूपेश सरकार में डेढ़ साल तक राशन मिला और विष्णु सरकार के आते ही पिछले 6 माह से राशन नहीं मिल रहा है।यह पढ़ते ही आपको लगेगा कि राशनकार्डधारी के परिवार के साथ ऐसे कैसे हो गया? दरअसल, जशपुर जिले के कुनकुरी विधानसभा की राशनकार्डधारी महिला को बीते 18 जनवरी 2024 के बाद से आज तक राशन नहीं मिल रहा है।इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर पोस्ट करते हुए सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर हमला बोला है।वहीं बीजेपी ने इस मामले को ही खारिज करते हुए पार्टी के X एकाउंट से भूपेश बघेल को जवाब दिया है।इसके बाद छतीसगढ़ कांग्रेस के आधिकारिक एक्स X एकाउंट से महिला सरिता बाई का बयान पोस्ट कर भाजपा को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि क्या हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पोस्ट से भाजपा सरकार वंचितों को राशन देगी? दरअसल,यह मामला इसलिए बड़ा सियासी हो गया क्योंकि महिला जिस विधानसभा से आती है वह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सीट है ।ऐसे में मोदी की गारंटी के साथ डबल इंजन की सरकार में सुशासन जिनका नारा हो उनके ही एक परिवार की हांडी में सरकारी राशन क् चावल नहीं पकना कांग्रेस के लिए मुद्दा तो बन ही गया। सो,कांग्रेस के बड़े नेता भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उछाल दिया।उन्होंने 31 जुलाई को X पर लिखा मुख्यमंत्री @vishnudsai जी सुनिए आपके कुनकुरी के ग़रीब परिवार के लोगों का दर्द। फ़रवरी से इस परिवार को राशन का चावल भी नहीं मिल रहा है। वे बता रहे हैं कि नया राशन कार्ड बना नहीं रहे हैं और पुराने राशन कार्ड से चावल नहीं दे रहे हैं। सोसायटी और अधिकारियों के पास गये तो बता रहे हैं कि ऊपर से चावल नहीं आ रहा है। इस पोस्ट के बाद सरकार हरकत में आई और मामले की तफ़्तीश बड़ी तेजी से कराई जिसके बाद प्रदेश भाजपा ने खाद्य अधिकारी का पत्र अटैच करके भूपेश बघेल पर पलटवार किया।पढ़िए , ठगेश जी, झूठ बोलने की कांग्रेसी यूनिवर्सिटी के आप टॉपर छात्र हैं। जिस विषय पर आपने जो रायता फैलाया है, उसकी सच्चाई जान लीजिए। महिला का राशनकार्ड झारखंड में बना था, जिसके कारण उनका कार्ड छत्तीसगढ़ में निरस्त किया गया। अब महिला ने झारखंड से अपना राशन कार्ड निरस्त करवा लिया है, जशपुर जिला प्रशासन को नए कार्ड के लिए आवेदन भी दे दिया है। विष्णु सरकार सुचारू रूप से कार्य कर रही है। आपकी सरकार में बैठे लोगों ने इतनी खोजबीन तब की होती तो आपके 9 मंत्री अपना चुनाव न हारते। अब इस पलटवार से जाहिर है भूपेश बघेल /कांग्रेस तिलमिला गई।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील की भेजी एक वीडियो के साथ INC CHHATTISGARH ने X पर लिखा, लीपापोती से कुछ नहीं होगा @BJP4CGState जो पद्मव्यूह जनता के लिए रच रहे हो ना उसे जनता समझ रही है। राशन कार्डधारी सरिता बाई कह रही हैं कि उनका नाम झारखंड से 2021 में कट गया था। 2022 में उनके नाम से छत्तीसगढ़ में कार्ड बन गया था। डेढ़ साल राशन भी मिला और जनवरी से बंद हुआ। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए अधिकारी से चिट्ठी लिखवा रहे हो। तारीख़ तो डाल देते!!!! हड़बड़ी में वो भी भूल गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का क्षेत्र है, कम से कम मुख्यमंत्री की बेइज़्ज़ती तो न करवाओ। इस सियासी उठाफ्टक से हटकर देखा जाए तो कुनकुरी विकासखंड के रायकेरा ग्राम पंचायत निवासी सरिता बाई पति दीपक राम को जनवरी 2024 से आज तक राशन नहीं मिला।जिसका कारण बताया जा रहा है कि वह शादी से पहले झारखण्ड राज्य के सिमडेगा जिले की निवासी थी,वहां के राशनकार्ड से नाम नहीं कटाया गया था। जनवरी में इसकी जानकारी हुई और छत्तीसगढ़ से प्राप्त राशनकार्ड में सरिता का नाम हटाया गया जिससे राशनकार्ड शून्य हो गया।जिसका असर सरिता के पति व बच्चों पर पड़ा।सरिता बाई का कहना है जैसा कि वीडियो में कांग्रेस को बताई, हमर राशनकार्ड बइन रहलक जे हमें चावल नी मिलत रहलक तो हमें मन मंत्री ठन शिकायत कईर रहली तो ओ मन कहलें,पँचायत के कहलें तो पँचायत से मोर ठन आलें और वीडियो बनाइकर लेगलें,कहलें कि झारखण्ड से तोर नाम नी कइट रहलक। विनयशील पूछते हैं – तोर नाम कब कईट रहलक? तब सरिता बताती है कि  मोर नाम 2021 में झारखण्ड से कटलक तब 2022 में छत्तीसगढ़ में कार्ड बनलक और डेढ़ साल तक राशन मिललक।जनवरी 24 तक मिललक ओखर बाद में अचानक नाम कट गेलक।6-7 महीना से चावल नी मिलअथे।फिर सोसायटी वाला आलक और मोर वीडियो बनालक कहलक कि झारखण्ड में तोर नाम जुडले आहे।अब नया कार्ड बनही।कार्ड लाइन देबुं,अगले महीना से राशन भी देबुं। इस मामले में खबर जनपक्ष ने जब भाजपा का पक्ष जानना चाहा तो एक भाजपा नेता ने वीडियो भेजा और अभी खबर लिखे जाने तक जिला अथवा मंडल भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।वीडियो में सरिता बाई अपने पति के साथ खड़ी है और हिंदी में में कह रही है कि झारखण्ड में मेरा मायके था वहां झारखण्ड में मेरा नाम था इसलिए छत्तीसगढ़ में मेरा राशनकार्ड कट गया।झारखण्ड का राशनकार्ड से मेरा नाम कटवा दी हूँ और छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड बनवाने का कष्ट करें। इन दोनों वीडियो में सरिता की परेशानी एक ही है कि राशन नहीं मिल रहा है।बहरहाल,अब यह तो तय हो गया कि बीते 6 माह का राशन नहीं मिलेगा लेकिन अगस्त माह से सरिता को राशन मिलना शुरू हो जाएगा।जैसा कि राशन विक्रेता ने कहा है। खबर से सम्बंधित तस्वीरें देखें :  

**मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्थलगांव से गुमला तक हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई**

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**रायपुर:** मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और प्रधानमंत्री का आभार जताया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति पर बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथ-साथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनों राज्यों में विकास कार्यों की गति में तेजी आएगी। यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50,655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी X पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह बड़ा संयोग भी है कि दोनों आदिवासी बाहुल्य प्रदेश हैं और इस सड़क परियोजना से उन्हें विशेष लाभ होगा। नई सड़क से आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, और स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच सुगम होगी। इससे दोनों प्रदेशों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय समुदायों के जीवनस्तर में सुधार होगा।

*छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा देश में धान का सर्वाधिक मूल्य**धान की बिक्री से 24 लाख 72 हजार किसानों के खाते में आए 32 हजार करोड़*

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फाइल फोटो : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए *किसानों को मिला 13,320 करोड़ रूपए का बकाया धान बोनस* रायपुर, 02 अगस्त 2024/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए विश्वास, विकास और बदलाव की गारंटी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान कल्याण की नीतियों से खेती में किसानों का मुनाफा बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनसे किसान परिवार अधिक सशक्त और फसल उगाने से लेकर उसे बेचे जाने तक की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है। सरकार के परिवर्तनकारी फैसलों से छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां किसानों को उनके धान का उच्चतम मूल्य मिल रहा है। कृषक उन्नति योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी दी जा रही है। इस फैसले से किसानों में उत्साह दिख रहा है। किसानों से अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ में की विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसानों के बैंक खातों में पिछले दो वर्ष का लंबित धान बोनस का 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया। किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसके एवज में उन्हें 31,913 करोड़ रुपये का भुगतान कियागया। 12 जनवरी, 2024 को धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 24.75 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लागू होने से अब अन्य प्रदेश के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे, इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर अब मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क शब्द जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कृषक कल्याणकारी गतिविधियों के लिए मंडी बोर्ड अपनी वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी, इस योजना के लिए सरकार ने वर्ष 2024-2025 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीजों का वितरण भी समय के भीतर ही हो सके।

बड़ी खबर : हाथी भोजन की तलाश में मकान तोड़ रहे,बदहवास इंसान बेमौत मर रहे,वन विभाग का अलर्ट सायरन बेअसर,6 में 1 की मौत,5 ऐसे बचे,,,

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जशपुर/कुनकुरी, 1 अगस्त 2024: जिले के नारायणपुर रेंज के अंतर्गत बिलासपुर डुमरटोली बस्ती में बीती रात एक जंगली हाथी ने 55 वर्षीय जगरनाथ राम चौहान को उनके घर पर हमला कर मार डाला। यह घटना रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई, जब हाथी ने उनके घर को तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि  घटना के दौरान, हाथी गश्ती दल ने समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट किया था, जिससे परिवार के बाकी सदस्य पक्के मकान में सुरक्षित चले गए। हालांकि, जगरनाथ राम चौहान मिट्टी के मकान में ही रह गए और जब हाथी ने मकान को तोड़ा, तो बाहर निकलते समय उनका हाथी से सामना हो गया। हाथी ने उन्हें सूंड में लपेटकर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।इससे पहले 27 जुलाई को तपकरा रेंज के केरसाई में हाथी के हमले में दो सगे भाइयों की मौत हो गई थी। वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय के निर्देश पर कुनकुरी रेंज के रेंजर सुरेंद्र होता और वनकर्मियों की टीम घटनास्थल पर तुरंत पहुंची। रेंज अफसर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथी का लोकेशन मिलने के बाद से गश्ती दल लोगों को लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रहा था। मृतक का मकान बस्ती से थोड़ी दूर जंगल के पास होने के कारण यह हादसा हुआ। वहीं खबर आ रही है कि फरसाबहार तहसील के खुटगांव और ओरिजोर में भी एक हाथी ने कई मकान तोड़े हैं, जहां ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई। इधर,जनहानि होने की जानकारी मिलते ही वन अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधिक कार्रवाई शुरू की। हाथी गश्ती दल लगातार क्षेत्र में लोगों को अलर्ट कर रहा है और हाथी के विचरण क्षेत्र में नहीं जाने की हिदायत दे रहा है। इस दुखद घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग हाथी के हमलों से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

नवनियुक्त राज्यपाल रमेन डेका छत्तीसगढ़ पहुंचे,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत,बुधवार को चीफ जस्टिस दिलाएंगे शपथ

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*छत्तीसगढ़ तेजी से उभरता प्रदेश, विकास को नई ऊंचाइयां देंगे* *मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका का छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत* *पारंपरिक लोकनृत्यों और लोक धुनों के साथ हुआ मनोनीत राज्यपाल का स्वागत* *शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में* रायपुर, 30 जुलाई, 2024। प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्टेट हेंगर में आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर मनोनीत राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के परिदृश्य में तेजी से उभर रहा है। यहां विकास को नये स्तरों पर पहुंचाने हम काम करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त करने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह को धन्यवाद व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच फैसिलिटेटर की भूमिका निभाएंगे ताकि प्रदेश का विकास तेजी से हो। उन्होंने कहा कि वे असम और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भी काम करेंगे। श्री डेका ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के विकास को लेकर है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर राज्यपाल का अभिवादन किया। साथ ही मंत्रिमंडल के सदस्य उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी मनोनीत राज्यपाल का अभिवादन किया। स्टेट हेंगर में मनोनीत राज्यपाल को गार्ड आफ आनर दिया गया। राज्यपाल का स्वागत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्यों सुआ, कर्मा, डंडा और राउत नाचा से किया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। *दसवें राज्यपाल के रूप में लेंगे शपथ* उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री डेका प्रदेश के दसवें राज्यपाल के रूप में बुधवार 31 जुलाई को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में शपथ लेंगे। उन्हें यह शपथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय रमेश सिन्हा शपथ दिलाएंगे।

हाथी ने दो भाइयों को दी दर्दनाक मौत,भोजन की तलाश में जंगली हाथी ने तोड़ा मकान,इंसान को देखकर हाथी को आया गुस्सा

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जशपुर, 27 जुलाई 2024: जशपुर जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र के केरसई (रापाडांड) में  रात लगभग 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। घर में हाथी के हमले के कारण दीवार गिर गई और घर में मौजूद दो सगे भाई कोकडे पिता रामसाय (45 वर्ष) और पड़वा पिता रामसाय (43 वर्ष) बाहर की ओर भागते समय हाथी के सामने आ गए। हाथी ने उन दोनों को मार डाला। घर के अन्य सदस्य जान बचाकर भागने में सफल रहे। घटना की पुष्टि डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने की है। **वन विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई** घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया, “बीते तीन महीने से तपकरा रेंज में 9 लोनर हाथी विचरण कर रहे हैं। ये हाथी जंगल के किनारे अकेले मकानों पर भोजन की तलाश में हमला करते हैं। बीती रात एक लोनर हाथी ने घर पर हमला किया, जिसमें दो भाइयों की जान चली गई। वन विभाग जंगल के पास बने मकानों में रह रहे लोगों को सामुदायिक भवन में शिफ्ट करने में जुट गया है।” वहीं जनपद सदस्य संगीता कालो ने कहा, “रापाडांड में बिजली नहीं है, जिससे वन्य जीव घरों तक बेधड़क पहुंच जा रहे हैं।” **हाथी मित्र दल और गश्ती दल की सक्रियता** हाथी मित्र दल और हाथी गश्ती दल दिन-रात इन हाथियों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। बावजूद इसके, हाथियों के हमलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में हाथी के हमलों में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2019 से अब तक 200 से अधिक लोग हाथियों के हमलों में मारे जा चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि वन्यजीवों और मानवों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। इस तरह की घटनाएँ वन्यजीवों के साथ सहअस्तित्व के महत्व और चुनौती को रेखांकित करती हैं। इस तरह की घटनाएं जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं और यह आवश्यक है कि सरकार और वन विभाग मिलकर इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालें।

विशेष खबर : यहाँ के आदिवासी मिर्ची खिलाकर पता करते हैं कि सांप का जहर चढ़ रहा है या नहीं, सर्पदंश की शिकार महिला की LIVE STORY

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जशपुर/कुनकुरी – बीती रात कुनकुरी थानांतर्गत लोधमा निवासी एक 35 वर्षीय महिला अलकिस्था बरवा की सर्पदंश से मृत्यु हो गई।  मृतिका के पति, विनोद बरवा ने बताया कि कल वह खेत में धान रोपाई का काम करके शाम को घर लौटे थे। रात को खाना खाकर सोने के बाद, पत्नी कलिस्ता अकेले पलंग पर सोई थी, जबकि विनोद दूसरे कमरे में सो रहे थे और बच्चे तीसरे कमरे में नानी के साथ सो रहे थे। कुनकुरी थाने में मर्ग इंटिमेशन लिखाने पहुंचे मृतिका के पति विनोद ने बताया कि रात के करीब ढाई बजे,खपरैल मकान के ऊपर से पलंग में सोई अलकिस्था पर एक करैत सांप गिर गया और पेटिकोट में घुस गया। अलकिस्था ने इसे गिरगिट समझकर हटाने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही समझ गई कि यह करैत सांप था और उसे सांप ने डस लिया था। अलकिस्था की चिल्लाने की आवाज सुनकर बगल कमरे में सोया भांजा सिमोन तुरंत कमरे में आया और सांप को मार दिया। इसके बाद, घर के सभी लोग जाग गए और पता करने लगे कि अलकिस्था को वास्तव में सांप ने डसा है या नहीं। गाँव की मान्यता के अनुसार, उन्होंने उसे मिर्ची खिलाई ताकि यह पता चल सके कि उसे सांप ने डसा है या नहीं। यदि सांप का जहर शरीर में होता तो मिर्ची का तीखापन महसूस नहीं होता। लेकिन मृतिका को तीखापन महसूस हुआ, जिससे उन्हें लगा कि सांप का जहर प्रभावी नहीं हुआ है। इस भ्रम के कारण घरवाले उसे तत्काल अस्पताल नहीं ले गए और बैगा गुनिया से झाड़-फूंक कराने लगे। जब तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगी और गले से पानी भी नहीं उतरने लगा, तब घरवाले उसे ऑटो से कुनकुरी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकिसकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह मामला अंधविश्वास और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से होने वाली मौतें एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जबकि सरकार ने सर्पदंश से बचाव के लिए अस्पतालों में पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराए हैं, जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण लोग समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं ले पाते हैं। सर्पदंश से होने वाली मौतों के आंकड़े चिंताजनक हैं। भारत में हर साल लगभग 58,000 लोग सर्पदंश के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। इनमें से अधिकांश मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में होती हैं, जहाँ चिकित्सा सुविधाओं की कमी और अंधविश्वास का बोलबाला है। स्वास्थ्य विभाग और मितानिन बहनें लगातार सर्पदंश से बचने और सही समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सर्पदंश के प्रति जागरूक करने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए शिक्षित करने की आवश्यकता है। सर्प संरक्षण व जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय शिक्षक कैसर छत्तीसगढ़िया ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि  “अंधविश्वास और लापरवाही को दूर करके ही हम सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोक सकते हैं। समय पर चिकित्सा सहायता लेना और सही जानकारी के साथ जागरूकता फैलाना ही इस समस्या का समाधान है।”

पत्थलगांव तहसील में शासकीय पट्टे की भूमि की अवैध रजिस्ट्री का खुलासा, पट्टा निरस्त कर शासकीय भूमि में दर्ज करने का आदेश जारी

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जशपुर/पत्थलगांव – एक सनसनीखेज खुलासे में, ग्राम कुडकेल खजरी की खसरा नम्बर 1191/2, रकबा 2.024 हेक्टेयर भूमि की अवैध रजिस्ट्री के बाद इसे शासकीय भूमि में दर्ज करने का आदेश पारित किया गया है। इस प्रकरण का भंडाफोड़ तब हुआ जब तहसीलदार पत्थलगांव ने भूमि के नामांतरण की कार्यवाही के दौरान असामान्य गतिविधियों का संदेह जताया। यह भूमि 1931-32 के मिसल बंदोबस्त में बड़े झाड़ का जंगल मद के रूप में दर्ज की गई थी और 1954-55 के अधिकार अभिलेख में भी इसी श्रेणी में दर्ज रही है। 16 अप्रैल 1986 को तहसीलदार पत्थलगांव ने उजागर राम पिता दुष्टीराम निवासी कुडकेल खजरी को इस भूमि का पट्टा कृषि कार्य हेतु प्रदान किया था। दरअसल, पट्टे से प्राप्त भूमि को उजागर पिता दुष्टी जाति कोलता ने 8 जून 2023 को कलेक्टर की अनुमति के बिना रमेश शर्मा पिता रामशरण शर्मा जाति ब्राम्हण निवासी पत्थलगांव एवं सुदाम गोयल पिता दीपचन्द गोयल जाति अग्रवाल निवासी बटईकेला तहसील कासाबेल को रजिस्ट्री के माध्यम से विक्रय कर दिया। नामांतरण की कार्यवाही के दौरान तहसीलदार पत्थलगांव को यह भूमि शासकीय पट्टे से प्राप्त भूमि होने का संदेह हुआ और उन्होंने मार्गदर्शन हेतु प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव के समक्ष प्रस्तुत किया। अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव ने मामले की जांच की और पाया कि भूमि वास्तव में शासकीय पट्टे से प्राप्त थी। इसके बाद हल्का पटवारी अरूण कुमार लकड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिन्होंने अपने जवाब में भूमि को शासकीय पट्टे से प्राप्त होने की जानकारी न होने का दावा किया। गहन जांच के दौरान तहसीलदार पत्थलगांव और अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव के प्रतिवेदन के आधार पर क्रेता और बिक्रेता को सुनवाई का अवसर दिया गया। यह पुष्टि होने पर कि भूमि शासकीय पट्टे से प्राप्त हुई थी और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना रजिस्ट्री बैनामा के जरिये बेची गई थी, पट्टा निरस्त कर उक्त भूमि को शासकीय भूमि में दर्ज करने का आदेश पारित किया गया। इस खुलासे ने पूरे तहसील में हलचल मचा दी है। हल्का पटवारी अरूण कुमार लकड़ा की संलिप्तता पाये जाने के कारण उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रकरण संस्थित करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव को दिए गए हैं। यह मामला प्रशासनिक सतर्कता और पारदर्शिता के महत्व को फिर से उजागर करता है, जिससे शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

*सीएम कैंप कार्यालय के निर्देश पर ग्रामीणों को मिली अंधेरे से मुक्ति, लगा नया ट्रांसफार्मर, ट्रांसफार्मर खराब होने से गांव डूबा था अंधेरे में,विद्युत आपूर्ति बहाल होने पर सीएम साय का जताया आभार…*

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जशपुर –  जिले के फरसाबहार ब्लॉक अंतर्गत बारो पंचायत के उरांव पारा के ग्रामीणों को अब अंधेरे से मुक्ति मिल गई है। सीएम कैंप कार्यालय के निर्देश पर वहां के खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। उरांव पारा का ट्रांसफार्मर बीते 9 जुलाई को खराब हो गया था, जिससे ग्रामीणों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। चूंकि फरसाबहार क्षेत्र नागलोक के नाम से विख्यात है, ऐसे में रात को घर में अंधेरा होने से हमेशा जहरीले सांपों व अन्य जीव जंतुओं का खतरा बना हुआ रहता है। इस परेशानी को लेकर गांव के लोग सीएम कैंप कार्यालय में जाकर आवेदन दिए थे। जिस पर सीएम कैंप कार्यालय से विद्युत विभाग के अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने बारो पंचायत के उरांव पारा में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया है। समस्या का समाधान हो जाने से ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय के प्रति आभार जताया है। उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में सुबह 10 बजे से 3 बजे तक जनदर्शन लगाकर ग्रामीणों की समस्या सुनी जाती है और उसका समाधान भी किया जाता है। जिससे सीएम कैंप कार्यालय लोगों की आस का केंद्र बन चुका है और लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचकर अपनी समस्याएं रख रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नितिन गडकरी से मुलाकात : छत्तीसगढ़ में सड़क परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर चर्चा

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रायपुर, 18 जुलाई 2024/ आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से उनके निवास पर मुलाक़ात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्री श्री गडकरी को इन परियोजनाओं की प्रगति और आवश्यकताओं से अवगत कराया। मंत्री श्री गडकरी ने छत्तीसगढ़ में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। यह मुलाक़ात राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।