संवेदनशील मुख्यमंत्री की तत्परता से  बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में टूटी पुलिया की मरम्मत कार्य शुरू,सोमारू ने कहा-साय साहब कर राज मा चिंता हटिस,ओला बताए के देरी हे बस…

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जशपुर,28 सितंबर 2024 / लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जशपुर जिले के बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में आवागमन बुरी तरह बाधित हो गया था। विशेष रूप से कलिया से जोराजाम सड़क पर रांझामुड़ा नाले की पुलिया बहने से स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के आवागमन ठप होने की जानकारी मिलते ही, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, विभागीय अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिया के निर्माण कार्य को शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की, जिसके कारण उन्हें बड़ी राहत मिली। पुलिया का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे जल्द ही आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने सरकार के इस सकारात्मक कदम के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री श्री साय ने जिस तरह हमारी समस्या को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्यवाही करवाई, उसके लिए हम उनके आभारी हैं।”  

सिरफोड़वा कांड-2: स्वामी आत्मानन्द स्कूल में मारपीट का मामला थाने पहुंचा, फाइटर और कड़े से फोड़ा सिर

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जशपुर/कुनकुरी – शिक्षा के सरकारी केंद्र स्वामी आत्मानन्द हिंदी मीडियम स्कूल में छात्रों के बीच हुए मारपीट में 12 वीं कक्षा का एक छात्र बुरी तरह घायल हो गया।घटना 25 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे की है।घायल छात्र ने अपनी माँ के साथ कुनकुरी थाने में इसकी शिकायत की है। जैसा कि छात्र ने बताया कि एग्जाम लिखने जा रहा था तो लड़के बोले कि इधर से नहीं उधर से जाओ, उल्टा – सीधा बोलने लगे तो मैं लैंग्वेज सुधारकर बोलो तो उन लोग बोले”तुम छुट्टी टाइम में मिलना।छुट्टी होने के बाद स्कूल के बाहर बरगद पेड़ के पास 7-8 लड़के आये जिसमें एक फाइटर से और दो लोग कड़ा पकड़े थे,मारने लगे।” वहीं दूसरी ओर मारपीट में दूसरे पक्ष के छात्र की ओर से भी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।जिसमें शिकायतकर्ता छात्र समेत दस छात्रों (सभी 11 वीं में अध्ययनरत) को 12 वीं के शिकायतकर्ता छात्र ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पीटा है,गाली गलौच किया है। हम आपको बता दें कि महीने भर के अंदर यह दूसरी घटना है जिसमें इसी स्कूल के छात्रों के बीच मारपीट में फाइटर जैसे घातक हथियार का प्रयोग हुआ है।जिससे यह चर्चा होने लगी है कि आत्मानन्द स्कूल में पढ़ने वाले छात्र भविष्य के बुरे नागरिक बनने जा रहे हैं। यह सोचनेवाली बात है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृहक्षेत्र बल्कि उनकी विधानसभा में इस तरह की यह दूसरी घटना है।इससे समझा जा सकता है कि सीएम के गृहजिले में विद्या का दीपक किस तरह से बुझाया जा रहा है। बहरहाल,इस घटना की शिकायत कुनकुरी थाने में होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

सायकिल रैली : आयुष्मान पखवाड़ा के तहत 28 को स्कूली बच्चों के साथ जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि कहेंगे ‘आयुष्मान भवः’

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जशपुर 27 सितंबर 24 / जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में जिले आयुष्मान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 सितंबर24 को सायकल रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली प्रातः 8 बजे से रंजीता स्टेडियम से महाराजा चौक , सन्ना रोड, हनुमान मंदिर, जैन मंदिर, बस स्टैंड, नीचे रोड से होते हुए रंजिता स्टेडियम में रैली का समापन होगा। जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधिगण, अधिकारियों, कर्मचारियों। स्कूली बच्चों को सायकल रैली में शामिल होने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी विश्व पर्यटन दिवस पर बधाई

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रायपुर, 27 सितंबर 2024 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन का उद्देश्य पर्यटन के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है। यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल, जैसे चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर, और बस्तर का दशहरा, देशभर में प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा, प्राचीन दंडकारण्य वन और माता कौशल्या की जन्मस्थली जैसे स्थल राज्य के गौरव का प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इन स्थानों को विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि छत्तीसगढ़ की सुंदरता और विरासत से पूरी दुनिया परिचित हो सके।  

कुंभकारों को मिला सम्मान : मुख्यमंत्री श्री साय ने 100 कुंभकारों को दिया इलेक्ट्रॉनिक चाक

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  *जशपुर, 26 सितम्बर 2024/* पारम्परिक कलाओं से समृद्ध जशपुर में कुंभकारों की अद्भुत कला के सम्मान के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को अपने बगिया स्थित निवास कार्यालय से जिले के 100 कुंभकार शिल्पकारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कुंभ शिल्प कला के मूर्धन्य कलाकारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनसे चर्चा की। इस अवसर अखिल भारतीय प्रजापति कुम्भकार महासंघ के प्रांत संरक्षक शम्भूनाथ चक्रवर्ती ने बताया कि जशपुर जिले में 195 ग्रामों में 2236 कुम्भकार परिवारों के 100 शिल्पकारों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव के द्वारा उपहार के रूप में इलेक्ट्रॉनिक चाक दिया गया है। जिसपर उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा हमें अपनी कला के विस्तार के लिए इलेक्ट्रॉनिक चाक प्रदान किया गया है इसके लिए हम बहुत आभारी हैं। उल्लेखनीय है कि माटी कला बोर्ड की ओर से कुम्भकार टेराकोटा योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक चाक कुम्भ शिल्पकारों को प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत 22 हज़ार 2 सौ लागत के 100 इलेक्ट्रॉनिक चाक शिल्पकारों को प्रदान किये गए हैं।

सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर होने लगा अमल,जशपुर जिले की इन पंचायतों में एक्सपर्ट पहुंचे

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*जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने के लिए चलाया जा रहा है अभियान* *एकलव्य विद्यालय घोलेंग, बटईकेला, सन्ना,सराईटोला में किया गया टीबी जागरूकता का कार्यक्रम* *टीबी रोग होने के कारण, लक्षण, जांच और उपचार के संबंध में दी गई जानकारी* जशपुर 23 सितम्बर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले के ग्राम पंचायतों में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला को टीबी मुक्त करने पिरामल फाउन्डेशन द्वारा ट्राइबल टीबी इनिसिएटिव प्रोजक्ट के जिल के समस्त एकलव्य विद्यालयों में टीबी जागरूकता का कार्यक्रम किया गया। एकलव्य विद्यालय घोलेंग, बटईकेला, सन्ना, सराईटोला में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को टीबी रोग होने के कारण, लक्षण, जांच, उपचार, निक्ष्य मित्र, निक्षय पोषण योजना और प्रोत्साहन राशि पर विस्तारपूर्ण जानकारी प्रदान किया गया और कभी भी किसी व्यक्ति को एक भी लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पिरामल टीम से संपर्क कर सकते हैं। डॉ. उदय प्रकाश भगत जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी एवं कुसुम बड़ा उप संचालक पंचायत नोडल अधिकारी टीबी मुक्त भारत अभियान जशपुर के कुशल मार्गदर्शन में पिरामल फाउन्डेशन द्वारा टीबी मुक्त पंचायत पर सक्रियता से कार्य किया जा रहा है। रूस्तम अंसारी जिला समन्वयक एनटीईपी द्वारा जानकारी दिया गया कि वर्ष 2024 में जिले के 220 पंचायतों को समस्त विभाग पंचायत प्रतिनिधि, पिरामल फाउन्डेशन के सहयोग से संयुक्त प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम को पलक टांडिया, जितेन्द्र जीत, यश पाण्डे, गांधी फेलो एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक संतोष सोन द्वारा संपन्न किया गया।

PM आवास:विष्णु के सुशासन में जिले के 10 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला पक्का आवास

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जशपुर 23 सितम्बर 2024/मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन में दूरस्थ अंचल के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उनका अपना एक पक्का मकान हो, जिसे पूरा करने के लिए वह आजीवन परिश्रम करता है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए स्वयं का पक्का मकान बना पाना एक सपने ही रह जाता है । ऐसे में उनके सपने साकार प्रधानमंत्री आवास योजना कर रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् जिले के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इनमें दिसम्बर 2023 से 22 सितम्बर 2024 तक कुल 10 हजार 706 हितग्राहियों का आवास निर्माण कराया जा चुका है। ऐसी ही एक कहानी जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा के ग्राम पंचायत करदना (छतौरी) के हितग्राही श्रीमती करमी बाई का है, जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से हैं। ये जनजाति ज्यादातर घने जंगलो में पेड़, पत्ते एवं छाल से झोपड़ी बनाकर निवास करते थे जिन्हें बरसात के मौसम में प्रतिवर्ष टपकते छत एवं सांप-बिच्छू की समस्या रहती थी। जिसके कारण उन्हें जीवन-यापन करना एक चुनौती थी। इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान साबित हुई है। मुख्यमंत्री के सार्थक प्रयास से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के सपने भी पूरे हो रहे हैं। हितग्राही ने पक्का मकान मिलने से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।

*बड़ी खबर: 20 लाख के चार इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, लोन वर्राटू अभियान के तहत हुई बड़ी सफलता**मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पुनर्वास नीति का बड़ा असर*

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 रायपुर/दन्तेवाड़ा,22 सितंबर2024 – लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान के तहत दंतेवाड़ा जिले में माओवादी गतिविधियों पर एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। विष्णु सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर, माओवादी दंपति सहित 20 लाख रुपये के चार इनामी माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित माओवादियों में रीजनल कंपनी नंबर 02 के दो सदस्य, एक उत्तर सब जोनल ब्यूरो में सक्रिय राजनीतिक टीम की सदस्य और एक केएएमएस (क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन) की पूर्व अध्यक्ष शामिल हैं। शासन ने इन पर क्रमशः 8-8 लाख, 3 लाख और 1 लाख रुपये के इनाम घोषित किए थे। माओवादियों की पृष्ठभूमि रीजनल कंपनी नंबर 02 के सदस्य हुंगा तामो और उनकी पत्नी आयती ताती, दोनों पर 8 लाख रुपये का इनाम था। हुंगा तामो 2018 में छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुलिस पार्टी पर हमले में शामिल था। वहीं, राजनीतिक टीम सदस्य देवे वंजाम नए कैडर को नक्सली विचारधारा सिखाने का कार्य करती थी, जिस पर 3 लाख रुपये का इनाम था। इनके अलावा, केएएमएस की पूर्व अध्यक्ष माड़वी आयते, जिन पर 1 लाख रुपये का इनाम था, भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल थी। माओवादियों ने लोन वर्राटू अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया। नक्सल संगठनों में बढ़ते मतभेद, अमानवीय जीवनशैली, और जंगलों में कठिन जीवन ने इन माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लौटने पर मजबूर किया। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने अपने भविष्य को समाज में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया है। अभियान की अब तक की उपलब्धियां लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पुनर्वास नीति के तहत अब तक 872 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिसमें 197 इनामी माओवादी शामिल हैं। जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ की मदद से चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। पुनर्वास और पुनर्स्थापन आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण और आवास की सुविधा भी प्रदान की जाएगी ताकि वे समाज में पुनर्वासित होकर एक नई शुरुआत कर सकें। इस सफलता के पीछे जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स का विशेष योगदान रहा है।  

*’मोदी है तो सम्भव है’ पुस्तक का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया विमोचन* *रामेश्वर वैष्णव द्वारा रचित है पुस्तक

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रायपुर, 22 सितंबर 2024/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार रात रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध साहित्यकार, गीतकार रामेश्वर दास वैष्णव द्वारा रचित पुस्तक ’मोदी है तो सम्भव है’ का विमोचन किया। विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक के लेखक रामेश्वर दास वैष्णव को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में प्रत्येक क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुए हैं। साथ ही देश के प्रत्येक वर्ग का सर्वांगीण विकास हुआ है। ऐसे में उन्होंने साहित्यिक रचना हेतु पुस्तक के लेखक को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को अलग अंदाज में मुक्तकों के द्वारा प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री के प्रेस ऑफिसर आलोक सिंह, सुप्रसिद्ध रंगकर्मी अनिल शर्मा, लेखक विजय मिश्रा ’अमित’, सतीश शर्मा, पत्रकार योगेश मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, हेमंत शर्मा उपस्थित रहे।

महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने नक्सल पीड़ितों की कहानी उनकी जुबानी सुनी,पीड़ितों ने मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

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  नई दिल्ली, 22 सितंबर 2024 – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से 70 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आज राष्ट्रपति भवन पहुंचा, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। बस्तर में दशकों से माओवाद के आतंक का सामना कर रहे ये लोग, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत अपनी आवाज देश की सर्वोच्च सत्ता तक पहुंचाने में सक्षम हुए। राष्ट्रपति ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि बस्तर के लोग पिछले 40 वर्षों से माओवादी आतंक का शिकार हो रहे हैं।जिनमें से कुछ लोग आपके सामने जीवित बचकर आये हैं।उन्होंने बताया कि माओवादियों के हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों स्थायी रूप से अपंग हो चुके हैं। बारूदी सुरंगों और बम विस्फोटों ने न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें गहरा आघात दिया है। उन्होंने बताया कि माओवादी आतंक ने उनके घरों, जमीन और सांस्कृतिक धरोहर को बर्बाद कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले ढाई दशकों में 8,000 से अधिक लोग इस हिंसा के शिकार हुए हैं, और आज भी कई लोग नक्सलियों के डर में जी रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए बताया कि  बस्तर में शांति बहाली और विकास के कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल के तहत बस्तर के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी योजनाओं ने बस्तरवासियों में एक नई उम्मीद का संचार किया है। प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने न केवल नक्सल उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाए हैं, बल्कि वहां के लोगों को एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए भी काम किया है। उनके नेतृत्व में बस्तर में शांति बहाली और पुनर्निर्माण के लिए गम्भीर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर शांति समिति के प्रतिनिधियों मंगऊ राम कावड़े और जयराम दास ने राष्ट्रपति से अपील की कि बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने बस्तर को फिर से उसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांति लौटाने की मांग की। महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिनिधियों की पीड़ा को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद से मुक्ति पाने के लिए  छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री की नई पहल की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।यह मुलाकात नक्सल पीड़ितों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। वहीं,राष्ट्रपति से मिलने का यह अवसर बस्तरवासियों के लिए एक आशा की किरण साबित हो सकता है, जो वर्षों से नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।नक्सल प्रभावित लोगों में उम्मीद जागी है,जो आने वाले समय में बस्तर के भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।