*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमवीरों को दी बड़ी सौगात,हजारों श्रमिक हुए लाभान्वित* *श्रमवीरों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया*

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*जशपुर 17 सितम्बर 2024/* विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 57 हजार श्रमिकों के खातों में 49.43 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। जिसमें जिला जशपुर के 1326 श्रमिकों को 1.47 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत कुल 1052 श्रमिकों को कुल राशि 81 लाख 50 हजार एवं असंगठित कर्मकार राज्य समाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत कुल 274 श्रमिकों को राशि 65 लाख 84 हजार रुपये हस्तातंरित किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 13 श्रमिकों को 13 लाख रुपये, मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 190 श्रमिकों को 38 लाख रुपये, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 248 श्रमिकों को 4 लाख 48 हज़ार रुपये, नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 43 श्रमिकों को 8 लाख 60 हज़ार रुपये, मुख्यमंत्री आवास सहायता योजना के अंतर्गत 6 श्रमिकों को 06 लाख रुपये, निर्माण श्रमिक के बच्चे हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के अंतर्गत 543 श्रमिकों को 7 लाख 57 हज़ार रुपये, मुख्यमंत्री सियान सहायता योजना के अंतर्गत 4 श्रमिकों को 80 हज़ार रुपये, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 5 श्रमिकों को 3 लाख 05 हज़ार रुपये प्रदान किये। वहीं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की ओर से असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 15 श्रमिकों को 15 लाख रुपये, असंगठित कर्मकार प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत 139 श्रमिकों को 27 लाख 80 हज़ार रुपये, ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं हमाल श्रमिक के बच्चों हेतु छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 5 श्रमिकों को 4 हजार 500 रुपए, ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं हमाल श्रमिक प्रसूति योजना के अंतर्गत 115 श्रमिकों को 23 लाख रुपये प्रदान किये गए हैं।

नंदकुमार ने कृत्रिम पैर मिलने पर मुख्यमंत्री का जताया आभार,सड़क हादसे में खोया था एक पैर,अब जागी नई उम्मीद

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*मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर सड़क दुर्घटना में एक पैर गंवा चुके नंदकुमार को मिला कृत्रिम पैर* *सीएम कैंप कार्यालय से मांगी थी मदद* *मुख्यमंत्री का जताया आभार* *जशपुरनगर 17 सितम्बर 2024/* मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरि । यत् कृपा तमहं वंदे परमानंद माधवम् ॥ इस सूक्ति को छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने जीवन में उतारकर जरूरतमंदों की सहायता कर रहे हैं।सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर गंवा चुके नंदकुमार के लिए एक नई उम्मीद की किरण तब आई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर उन्हें कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया गया। इससे नंदकुमार की जिंदगी में फिर से एक नई शुरुआत हुई है और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। *मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में नंदकुमार ने किया था आवेदन* एक पैर गंवा चुके नंदकुमार जो दुर्घटना के बाद जीवन में कई परेशानियों से जूझ रहे थे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में जाकर अपनी समस्या का आवेदन दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कृत्रिम पैर की मांग करते हुए अपनी स्थिति को साझा किया। इस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नंदकुमार को जल्द से जल्द कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद इन्हें रायपुर भेज कर कृत्रिम पैर दिलाया गया। अब वह फिर से बिना परेशानी से अच्छे से चल फिर रहा है और बहुत खुश है। उन्होंने सीएम साय का आभार जताते हुए धन्यवाद दिया है। *नंदकुमार के चेहरे पर फिर से लौटी मुस्कान* मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के केरसई निवासी नंदकुमार को कृत्रिम पैर प्रदान किया गया, जिसके बाद उनके चेहरे पर एक नई मुस्कान देखने को मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह कृत्रिम पैर उनके लिए एक नई जिंदगी जैसा है। अब वे सामान्य जीवन की तरफ वापसी कर सकते हैं और एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़े होकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने को तैयार हैं। *बगिया कैंप कार्यालय जरूरतमंदों के लिए बना आशा का केंद्र* मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया, जो इस तरह की जनसहायक पहलों के लिए जाना जाता है, अब लोगों के बीच आशा का केंद्र बन चुका है। यहां न केवल नंदकुमार जैसे व्यक्तियों को मदद मिल रही है, बल्कि अन्य जरूरतमंद लोग भी अपनी समस्याओं को लेकर यहां आकर सहायता प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है, क्योंकि यह साबित करता है कि राज्य सरकार समाज के कमजोर और जरूरतमंद तबके की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। बगिया कैंप कार्यालय अब उन लोगों के लिए एक प्रतीक बन गया है जो जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं और किसी प्रकार की सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।इस प्रकार, नंदकुमार की यह कहानी एक उदाहरण बन गई है कि कैसे सरकार और समाज के सहयोग से जीवन में नई उम्मीदें और खुशियाँ लौट सकती हैं।

सीएम विष्णुदेव साय की कुनकुरी में पानी को लेकर क्या है अर्धशतायु योजना? विष्णु का सुशासन जानकर लोगों में जागेगा नया विश्वास,,पढ़िए पूरी खबर

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जशपुर,17 सितंबर2024: कुनकुरी के लोगों को पेयजल की समस्या से जल्द ही राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, नगर पंचायत कुनकुरी के लिए 48 करोड़ रुपये की जल आवर्द्धन योजना को मंजूरी दिलवाई है। यह योजना अमृत मिशन 2.0 के तहत आएगी, जिससे अगले 50 सालों तक कुनकुरी के निवासियों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। योजना का विस्तार कुनकुरी नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रवीण कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस योजना के तहत फरसाकानी में ईब नदी के किनारे इंटकवेल, पम्पिंग स्टेशन, 3.50 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, और कुल 5713 मीटर रॉ वाटर पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 4010 मीटर क्लियर वाटर पाइपलाइन, 36,930 मीटर जल आपूर्ति पाइपलाइन और 940 किलोलीटर क्षमता का एक ओवरहेड टैंक भी बनाया जाएगा। क्या होंगे लाभ? नगर पंचायत का अनुमान है कि इस जल आवर्द्धन योजना के पूरा हो जाने पर कुनकुरी के लगभग 13,648 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में नगर के 15 वार्डों में 2,495 घर हैं, जिनमें से कई को पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पाती है। गर्मियों में पानी की कमी से जूझने वाले कुनकुरी के निवासी टैंकरों पर निर्भर होते हैं, जिससे जल वितरण को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। निवासियों को मिलेगी राहत योजना के पूर्ण होने पर कुनकुरी में घर-घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सीएमओ प्रवीण कुमार उपाध्याय ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। इससे न केवल मौजूदा जल संकट हल होगा, बल्कि भविष्य में कुनकुरीवासियों को किसी प्रकार की जल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगले 50 सालों तक पानी की समस्या से मुक्ति अमृत मिशन के तहत स्वीकृत यह योजना कुनकुरी के लिए एक स्थायी समाधान साबित होगी, जिससे अगले 50 सालों तक पानी की किल्लत से निजात मिल सकेगी।  

*मोर आवास, मोर अधिकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों को गृहप्रवेश पर दी शुभकामनाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उन्हें ‘भारत का भगवान विश्वकर्मा’ बताया

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  रायपुर, 17 सितम्बर 2024 – प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी) के तहत छत्तीसगढ़ में हजारों लोगों का सपना आज साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘मोर आवास, मोर अधिकार’ कार्यक्रम के तहत 8 लाख 46 हजार 932 ग्रामीण और 23 हजार 71 शहरी हितग्राहियों को बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने नए घरों के लाभार्थियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भी शुभकामनाएं दीं और उनके दीर्घायु जीवन की कामना की, उन्हें आधुनिक भारत का विश्वकर्मा बताया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष श्री रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, श्री दयाल दास बघेल और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री साय ने योजना की तकनीकी मार्गदर्शिका का विमोचन किया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जारी इस महत्वाकांक्षी योजना को जनहित के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा, “आज छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों का घर का सपना पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उड़ीसा से इस योजना की पहली किश्त जारी की है, जिससे हितग्राहियों का गृहप्रवेश समारोह भी संभव हुआ। विश्वकर्मा जयंती के इस पावन अवसर पर मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।” इस कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ के हजारों लाभार्थी अब अपने नए घरों में प्रवेश कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं।  

*सीएम विष्णु देव साय की बड़ी पहल: झारखंड के लोगों को भी मिल रहा स्वास्थ्य सेवा लाभ* *छत्तीसगढ़ में इतने शिशुओं ने लिया जन्म*

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**जशपुर के स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: झारखंड की जनता को मिला सीधा लाभ** *लोदाम सीएचसी में पिछले 4 महीनों में 27 झारखंड निवासियों के सफल प्रसव* जशपुरनगर, 16 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की स्वास्थ्य सुधार की मंशा से जशपुर जिले में हो रहे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का फायदा न केवल छत्तीसगढ़ के लोगों को मिल रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड के निवासियों को भी इससे सीधा लाभ हो रहा है। जशपुर जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित लोदाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जो झारखंड सीमा के निकट है, वहां पर झारखंड के कई गांवों के लोग इलाज कराने आ रहे हैं। लोदाम सीएचसी की बेहतर सुविधाओं की वजह से झारखंड के मांझा टोली और आसपास के गांवों के लोग नियमित रूप से यहां पहुंच रहे हैं। बीते 4 महीनों में ही यहां 27 झारखंड निवासियों के सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराए गए हैं। इसके अलावा 10 से अधिक टाइफाइड मरीजों का इलाज भी यहां सफलतापूर्वक किया गया है। यह केंद्र एक्सरे, ब्लड टेस्ट, सामान्य प्रसव और आयुष्मान कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी उपलब्ध कराता है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीणों को बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर कार्य हो रहा है। अभी तक 18 एबीबीएस और 7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा, नवीन स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों की खरीदी के साथ-साथ नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस दरियादिली और प्रयासों से न केवल जशपुर बल्कि झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बना रही है, बल्कि राज्य की सीमाओं से बाहर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रही है।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सार्थक प्रयास से बबीता का हुआ सफल आपरेशन,बच्ची के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

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जशपुर 16 सितंबर 24/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सार्थक प्रयास से गंभीर बीमारी के ईलाज के लिए बच्चों को तत्काल सहायता मिल रहा है। जिले में एक बार पुनः राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु की टीम ने जशपुर जिले के 10 साल की बबीता का रायपुर एम्स अस्पताल में सफल आपरेशन करवाया है । बबीता की मां जय कुमारी बाई और पिता झमेश राम ने बताया कि उनकी बेटी को जन्म से दिल में छेद था । बच्ची के माता-पिता ने मुख्यमंत्री बगिया कैम्प कार्यालय में आवेदन दिया था । मुख्यमंत्री ने तत्काल बबीता का ईलाज करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन और चिरायु टीम बच्ची का घर जाकर पालकों से सम्पर्क किया और ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई। चिरायु टीम के अमित भगत ने बताया बचपन से बबीता को दिल में छेद था सांस लेने और दौड़ने भागने में भी दिक्कत आती थी ।बबीता के पालकों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सायजी के सार्थक प्रयास से उनकी बच्ची पूरी तरह से ठीक हो गई है । वर्तमान में कक्षा 6 वी में पढ़ाई कर रहीं हैं। स्कूल आने जाने में भी किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आ रही है। अपनी बच्ची को हंसता मुस्कुराता देखना अच्छा लगता है।

*विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय ‘श्रमिक सम्मेलन‘ का होगा आयोजन* *मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 57 हजार श्रमिकों को 49.43 करोड़ राशि का डी.बी.टी. के माध्यम से करेंगे वितरण

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  रायपुर, 16 सितंबर 2024/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है। उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘श्रमिक सम्मेलन‘ में 57 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को 49 करोड़ 43 लाख 52 हजार 294 रूपए केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी रायपुर के इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालयपरिसर जोरा के कृषि मंडप मे आयोजित होगा। श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकांे एवं उनके परिवार के सदस्यों को श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सर्न्न्मिाण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 निर्माण श्रमिकों 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 6873 श्रमिकों को 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 2496 श्रमिकों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए की राशि डी.बी.टी. के जरिए वितरण करेंगे। इस तरह कुल 57 हजार 95 श्रमिकों को कुल राशि 49 करोड़ 43 लाख 5 हजार 229 रूपये का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 लाभार्थियों को कुल 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 5793 लाभार्थियों को 11 करोड़ 58 लाख 60 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 8181 लाभार्थियों को 3 करोड़ 3 लाख 8 हजार 652 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 6171 लाभार्थियों को 2 करोड़ 15 लाख 34 हजार 288 रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 125 लाभार्थियों को 9 लाख 79 हजार 600 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 9749 लाभार्थियों को 1 करोड़ 84 लाख 87 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 576 लाभार्थियों को 73 लाख 67 हजार 612 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाभार्थियों को 1 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 3653 लाभार्थियों को 54 लाख 79 हजार 500 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 279 लाभार्थियों को 2 करोड़ 83 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 6517 लाभार्थियों को 13 करोड़ 3 लाख 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 708 लाभार्थियों को 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता राशि भुगतान योजना के अंतर्गत 5941 लाभार्थियों को 79 लाख 94 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 28 लाभार्थियों को 28 लाख रूपए का डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। इसी तरह छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत 6873 लाभार्थियों को कुल 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के 3085 लाभार्थियों को 6 करोड़ 17 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार मृत्य एवं दिव्यांग सहायता योजना के 322 लाभार्थियों को 3 करोड़ 22 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना के 3463 लाभार्थियों को 46 लाख 8 हजार 500 रूपए, ई-रिक्शा सहायता योजना के 3 लाभार्थियों को 1 लाख 50 हजार रूपए का वितरण करेंगे। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत 2496 लाभार्थियों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए का वितरण करेंगे। जिसमें शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना के 504 लाभार्थियों को 22 लाख 42 हजार रूपए, निःशुल्क सायकल वितरण योजना के 1427 लाभार्थियों को 52 लाख 17 हजार 342 रूपए, निःशुल्क सिलाई मशीन वितरण योजना के 562 लाभार्थियों को 44 लाख 38 हजार 800 रूपए एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजना के 3 लाभार्थियों को 85 हजार रूपए का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में बच्चों का पोषण प्राथमिक सूची में,आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे हो रहा बच्चों का पोषण,,,*

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*जशपुर, 15 सितम्बर 2024/* मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश अनुसार जिले को कुपोषण से मुक्त करने सार्थक प्रयास किया जा रहा है। आंगनबाड़ी में बच्चे उत्साह से भाग ले रहे हैं। नवाचार गतिविधियों से बच्चों का उत्साह वर्धन किया जा रहा है। पोषण संबंधित देख-भाल के लिए पोषण माह का आयोजन जिले में किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान अंतर्गत बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी को मापने के साथ ही वजन त्यौहार , चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन पंचायत और शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित की जा रही है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समूह बैठक में वजन त्यौहार के बारे में चर्चा की जा रही है। ग्रामीण महिलाओं से चर्चा के दौरान 0 से 06 साल के बच्चे, किशोरी बालिकाओं की खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बताया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार भोजन में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है।जशपुर जिले के लगभग 4315 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह अभियान चलाया जा रहा है । जिसका लाभ जिले के 76 हजार से अधिक बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।

*”नक्सल प्रभावित विशेष जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई राह: नियद नेल्लानार योजना बनी वरदान”*

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विशेष लेख रायपुर, 15 सितंबर2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए नियद नेल्लानार योजना चलाई जा रही है। इससे क्षेत्रों के विकास में तेजी आई है। मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। नियद नेल्लानार योजना के तहत स्थानीय लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं और इन सुरक्षा कैंपों की पांच किमी की परिधि में आने वाले गांवों में सरकार की 12कल्याणकारी एवं विकास योकजनाओं के अंतर्गत मूलभूत संसाधन जैसे आवास, पानी बिजली,सड़क, स्कूल आदि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री की इस योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों को  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते में खाद्यान्न और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत बस्तर संभाग के 1335 परिवारों को घरेलू गैस सिलेंडर मिल गया है, जिससे उनका जीवन सहज और खुशहाल हुआ है। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में 10हजार154 परिवारों का राशनकार्ड बनवाया गया है, जिससे उन्हें सस्ता खाद्यान्न मिलने लगा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए बस्तर संभाग में नक्सल आतंक से बंद हुए42 प्राथमिक शालाओं को फिर से खुलवाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों और नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी टंकी का निर्माण कराकर सोलर मोटरपंप के माध्यम से स्वच्छजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तरह राज्य सरकार की नियद नेल्लानार योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को उठाने के साथ ही वरदान साबित हो रही है।

*साय सरकार की नीतियों से निखर रहा आदिवासी समुदायों का जीवन* *सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास*

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*विशेष लेख* *सुरक्षा और विकास के मोर्चे पर छत्तीसगढ़ सरकार ने हासिल की बड़ी उपलब्धि* *सरकार के ठोस कदम से आदिवासी युवाओं के अच्छे भविष्य की नींव भी मजबूत* रायपुर, 15 सितम्बर 2024/ छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हित में ठोस कदम उठा रही है| दूरस्थ और पिछड़े वनांचल इलाकों में मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अलावा बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का काम तेजी से हो रहा है| छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं जिनके जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव से जन-जीवन जीवन बदल रहा है| मुख्यमंत्री की पहल पर नियद नेल्लानार योजना से आज आदिवासी परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण आई है| इस योजना में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के गांवों का चयन कर शासन के 12 विभागों की 32 कल्याणकारी योजनाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधनों का विकास किया जा रहा| दूरस्थ आदिवासी इलाकों से अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री साय की पहल पर भारत सरकार ने हरी झंडी दे दी है| सडकों के विकास को लेकर भी लगातार कार्य किया जा रहा है, जिससे आदिवासी अंचलों तक आवाजाही आसान हुई है| छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय भी लिया, जिसका लाभ बड़ी मात्रा में आदिवासी अंचलों के जरूरतमंद रहवासियों को मिल रहा है| तेंदूपत्ता वनवासियों की आजीविका का मजबूत स्रोत है, इससे होने वाली आमदनी को बढ़ाते हुए सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से 5500 रुपए प्रति मानक बोरा किया, जिसका लाभ चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार से अधिक संग्राहकों को मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका योजना भी शुरू करने जा रही है, इसके साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा| सुरक्षा और विकास के दोहरे मोर्चे पर काम करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है| इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज अनुपात के हिसाब से छत्तीसगढ़ का बस्तर देश में सबसे सैन्य संवेदनशील क्षेत्र बन चुका है, बस्तर डिवीजन में प्रत्येक 9 नागरिकों के पीछे एक पैरामिलिट्री का जवान है| जल्द ही इन क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के 250 से ज्यादा कैम्प और नियद नेल्लानार से 58 नए कैम्प स्थापित होंगे ताकि सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का दायरा बढ़ सके| मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में आदिवासी संस्कृति और परम्पराओं को आगे बढ़ाने के लिए बस्तर में प्राचीन काल से चले आ रहे अनेक ऐतिहासिक मेलों को भी शासकीय संरक्षण और आर्थिक सहायता दी जा रही है। दूरस्थ आदिवासी इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के सरकार के मजबूत प्रयास से देश के दूसरे सबसे कम साक्षर जिले बीजापुर में नए भविष्य की बुनियाद गढ़ी जा रही है| बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा बंद 28 स्कूल अब मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से खुल गए हैं| स्थानीय बोलियों को सहेजने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी अंचलों में स्थानीय बोलियों में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने का निर्णय नई शिक्षा नीति के तहत आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिसमें 18 स्थानीय भाषा-बोलियों में स्कूली बच्चों की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं। प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंड़ी और कुडुख में पाठ्यपुस्तक तैयार होंगे। छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी युवाओं के सुनहरे भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही है, इसी क्रम में नई दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर अब 185 कर दी गई है। इस निर्णय से देश राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तैयारी करने के इच्छुक अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अब इस हॉस्टल में तीन गुने से भी अधिक सीटें उपलब्ध होंगी| इसी तरह आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण भी किया जाएगा| मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा| शेष जिलों के विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा, जिससे स्वरोजगार की ओर बढ़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगे I