सीएम साय बैकुंठवासी कुमार दिलीप सिंह जूदेव को याद कर हुए भावुक,कहा-मेरे राजनीतिक गुरु थे स्व. जूदेव,किलकिला में खोला विकास का पिटारा

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*बेहद सरल-सहज व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव हमेशा लोगों के जेहन में रहेंगे जिंदा: विष्णुदेवः* *मुख्यमंत्री ग्राम किलकिला में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के पुण्य तिथि पर आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल* *नगर पंचायत पत्थलगांव को नगरपालिका बनाने की भी घोषणा* जशपुर – 14 अगस्त 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पत्थलगांव तहसील के ग्राम किलकिला में पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने नगर पंचायत पत्थलगांव को नगरपालिका बनाने सहित कई घोषणाएं की। सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, किलकिलाधाम के मुख्य पुजारी श्री श्री 1008 स्वामी कपिलदास जी महाराज भी इस अवसर पर मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा में मौजूद साधु, संत और विशाल जनसमूह के बीच स्वर्गीय श्री जूदेव का पुण्य स्मरण करते हुए कहा की वे मेरे राजनैतिक गुरु थे। मैंने उनके साथ 25 साल से अधिक राजनीति में साथ रहकर काम किया। वे बेहद सरल हृदय व्यक्ति थे। सभी के साथ वे अपनेपन के साथ मिलते थे। किसी के साथ उनकी नाराजगी नहीं रही। जिससे भी एक बार मिल लेते थे उनका नाम कभी नहीं भूलते थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा की स्वर्गीय जूदेव का डील-डौल और व्यक्तित्व सहज ही लोगों को आकर्षित करता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को धान की कीमत दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रति माह 1000 रूपए का सम्मान राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपया किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा चरण पादुका योजना को फिर से लागू किया जाएगा। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को याद करते हुए कहा की उनकी ऊंगली पकड़कर मैने राजनीति का पाठ सिखा है। वे एक महापुरुष, कर्मवीर और योद्धा थे। मेरा सौभाग्य है की उनके साथ लंबे समय तक काम करके सीखने का अवसर मिला। कार्यक्रम को विधायक श्रीमती गोमती साय, गहिरा गुरु आश्रम के पुजारी बभ्रुवाहन जी महाराज ने भी संबोधित किया। *आजादी-पर्व पर सीएम ने पत्थलगांव विधानसभा में खोल दिया सौगातों का पिटारा* मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में जनकल्याण के कई घोषणाएं की। जिसमें पत्थलगांव में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की विशाल प्रतिमा का निर्माण, हर वर्ष उनकी जयंती भव्य तरीके से मनाने की घोषणा, किलकिलेश्वर महादेव परिसर में प्रवेश द्वार बनाने के साथ ही बाउंड्रीवाल, सौंदर्यीकरण, परिसर में सोलर लाइट लगाने सहित गौशाला के उन्नयन की घोषणा, नगर पंचायत पत्थलगांव को नगरपालिका बनाने की घोषणा, मांड नदी में बने एनीकेट में घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण की घोषणा, पत्थलगांव के मुख्य चौक से रायगढ़, जशपुर और अंबिकापुर की ओर जाने वाली सड़कों के 3-3 किलोमीटर तक निर्माण किए जाने की घोषणा, पत्थलगांव में मॉडर्न बस स्टैंड बनाया जाएगा, पत्थलगांव में ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा, रेस्ट हाउस का उन्नयन का कार्य, नगर पंचायत कोतबा पीएससी को सीएससी बनाए जाने की घोषणा। इस अवसर पर कृष्ण कुमार राय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, कमिश्नर  जी. आर. चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

*देश के प्रति समर्पण और सेवा का प्रतीक है तिरंगा यात्रा: कृष्ण कुमार राय* *पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय और विधायक रायमुनि भगत ने झंडा दिखा कर रैली को रवाना किया*

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शहर में उत्साह के साथ निकली तिरंगा यात्रा भारत माता के जयकारे से गूंज उठा शहर जशपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर  भारतीय जनता युवा मोर्चा के आह्वान पर मोर्चा के कार्यकर्ता और शहर के युवाओं ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर बाइक रैली निकाली। बाइक रैली का शुभारंभ जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन से हुआ। पार्टी के वरिष्ठ नेता और छग पर्यटन मंडल के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय और जशपुर की विधायक रायमुनि भगत ने झंडा दिखा कर रैली को रवाना किया। बाइक रैली भाजपा कार्यालय से निकल कर शहर के प्रमुख मार्गो का भ्रमण करते हुए आदर्श बस स्टेण्ड पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान रैली में शामिल कार्यकर्ताओं और शहरवासियों को सम्बोधित करते हुए कृष्ण कुमार राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए देश और देशहित सर्वोपरी है। पार्टी कभी भी सत्ता और वोट बैंक की राजनीति नहीं करती है। पार्टी में भाई भतीजावाद के लिए कोई स्थान नहीं है। सभी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर मिलता है। उन्होनें कहा कि भाजपा का लक्ष्य भारत को विश्व गुरू बनाना है। यह लक्ष्य युवा शक्ति के बिना प्राप्त किया जा सकता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय युवाओं के कौशल विकास,रोजगार और तकनीकि शिक्षा पर जोर दे रहें हैं। विधायक रायमुनि भगत ने कहा कि भाजपा के लिए देश सर्वोपरी है,इसलिए भाजपा ने तिरंगा यात्रा का आह्वान किया है,वहीं कांग्रेस संविधान यात्रा के नाम पर ओछी राजनीति कर रही है। उन्होनें युवाओं से आह्वान किया कि देश को आगे ले जाने के लिए अपनी शक्ति को तकनीकि शिक्षा से निखारे। युवाओं के कांधे पर ही देश का भविष्य टिका हुआ है। शिक्षा के साथ अपनी परम्परा,संस्कृति व रीतियों को संरक्षित और संवद्वित करना भी युवाओं की महती जिम्मेदारी है। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से भाजपा ने पूरे देश को तिरंगे के नीचे एकजुट करने का काम किया है। इस तिरंगे के लिए हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजी सरकार से लोहा लेते हुए बलिदान दिया था। तिरंगे को हाथ में थाम कर चलने हमें अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस होता है। उक्त जानकारी देते हुए जिला मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि तिरंगा यात्रा में मुख्य रूप से जशपुर विधायक रायमुनी भगत,पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, जिला उपाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, नपा अध्यक्ष राधेश्याम राम, पूर्व नपा अध्यक्ष रजनी प्रधान, नपा उपाध्यक्ष राजू गुप्ता, भाजयुमो जिलाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, गोपाल राय, संतोष सिंह, संजीव ओझा सहित भाजयुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय की कुनकुरी में ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, विद्यार्थियों के साथ रैली में पैदल चले एसपी-विधायक,कहा – भारत माता की जय

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जशपुर/कुनकुरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कुनकुरी विधानसभा में ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। सुबह शहर की गलियों में विधायक गोमती साय के नेतृत्व में जब बाइकर्स हाथों में तिरंगा लेकर निकले, तो देशभक्ति का जज्बा चारों तरफ फैल गया। दोपहर में हजारों स्कूली बच्चों ने जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के साथ 500 फीट लंबा तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारों से शहर में उत्साह और जोश भर दिया। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 11 अगस्त से 14 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत देशभर में लोग घर-घर तिरंगा लगाने और गाँव-गाँव तिरंगा यात्रा निकालने के लिए आगे आए हैं। इसी अभियान के अंतर्गत, जशपुर और कुनकुरी विधानसभा में एक विशाल तिरंगा रैली निकाली गई। इस रैली में जशपुर के एसपी शशिमोहन सिंह, पत्थलगांव की विधायक श्रीमती गोमती साय, और जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता समेत भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इन रैली में स्वामी आत्मानन्द स्कूल,सरस्वती शिशु मंदिर,निर्मला स्कूल,लोयोला स्कूल/कॉलेज, शासकीय महाविद्यालय सलियाटोली, शासकीय कन्या विद्यालय के विद्यार्थी शहर में निकले। इस रैली का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया।हालांकि रैली भ्रमण के दौरान इक्का-दुक्का घरों को छोड़ दें तो नगर के कई स्वघोषित राष्ट्रवादियों के घरों के ऊपर तिरंगा नहीं दिखा। इससे पहले तिरंगा यात्रा की मुख्य अतिथि पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने जय स्तम्भ पर माल्यार्पण कर बाईक रैली शुरू की।वे खुद स्कूटी में बैठकर 5 किलोमीटर का शहर भ्रमण किया। इस रैली को जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने इसे ऐतिहासिक रैली बताते हुए कहा कि “इस रैली से न केवल देशभक्ति की भावना का संचार होता है, बल्कि यह हमारे युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है।” गोमती साय, विधायक पत्थलगांव ने लोगों में जोश भरते हुए कहा कि “यह आयोजन हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक है। बच्चों और युवाओं में देशप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं।” सुनील गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा जशपुर ने कहा कि “प्रधानमंत्री जी के हर घर तिरंगा अभियान से प्रेरित होकर, यह तिरंगा यात्रा हमारे क्षेत्र में देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैला रही है। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि वे अपने घरों पर तिरंगा लगाकर इस मुहिम में शामिल हों।”

*ग्रामीणों का हंगामा: जंगल में अवैध कब्जा हटाने पहुंचे, हाथियों के आगमन ने मचाई हलचल,जांच अधूरी छोड़ भागे अफसर*

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जशपुर: महेशपुर के जंगल में रविवार को कुछ ऐसा हुआ जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक तरफ जंगलों की सुरक्षा के लिए सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम पहुंचा, तो दूसरी तरफ अचानक हाथियों के झुंड ने सभी को चौंका दिया। यह मामला न केवल ग्रामीणों के साहसिक कदम को दिखाता है, बल्कि वन विभाग की उदासीनता और हाथियों के जंगलों से बाहर निकलने की वजह पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों के विरोध की वजह महेशपुर के रिजर्व फॉरेस्ट क्रमांक 984 में, झिमकी पंचायत के उपसरपंच ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी थी। इससे महेशपुर के ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए एकजुट होकर जंगल की ओर रुख किया। करीब साढ़े चार सौ ग्रामीणों ने एक साथ जंगल में पहुंचकर अपनी नाराजगी जाहिर की और अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया। ### **अचानक हाथियों का आगमन** जब ग्रामीण जंगल में आगे बढ़ रहे थे, तभी जंगल में हाथियों के झुंड का आगमन हुआ। ग्रामीणों के लिए यह अनुभव बेहद रोमांचक और डरावना था। हालांकि, ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक अपने विरोध को जारी रखा। हाथियों के इस अप्रत्याशित आगमन ने वन विभाग के अधिकारियों को जांच पूरी करने से रोक दिया। ### **वन विभाग की भूमिका** इस मामले में वन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन समिति के अध्यक्ष अगस्तुस बेक ने बताया कि जंगल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर जमीन को खेती के लिए तैयार किया जा रहा है। जब ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को जंगल में ले जाकर यह स्थिति दिखाई, तो अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए।  जांच अधूरी पत्थलगांव रेंजर कृपासिंधु पैंकरा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जांच टीम गठित की गई और जमीन की नाप शुरू की गई। लेकिन हाथियों के वन क्षेत्र में आने की वजह से जांच पूरी नहीं हो सकी। रेंजर ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना हसदेव अरण्य के बाद दूसरी बड़ी घटना है जब ग्रामीणों ने जंगल बचाने के लिए कदम उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी हद तक जाकर जंगलों की रक्षा करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीणों की जागरूकता और उनके जंगल प्रेम को उजागर किया है, जो एक सकारात्मक संदेश देता है। इस घटना ने बता दिया कि जंगलों की सुरक्षा के लिए न केवल वन विभाग बल्कि आम जनता को भी सक्रिय होना पड़ेगा। अवैध कब्जे और कटाई को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जा सके।

बच्चों के लिए सुरक्षित शिक्षा: जशपुर में अवैध छात्रावास से बच्चों का सफल रेस्क्यू** **शासकीय छात्रावास में स्थानांतरित बच्चों का भव्य स्वागत, SDM ने बच्चों को उपलब्ध कराई गई सभी सुविधाएं**

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  रायपुर – जशपुर जिले से बाल अधिकार को लेकर अच्छी खबर आई है जहां दीपू बगीचा में नियम विरुद्ध संचालित एक छात्रावास से रेस्क्यू किए गए बालक और बालिकाओं को सुरक्षित रूप से सरकारी छात्रावासों में स्थानांतरित कर दिया गया। यह कदम न सिर्फ प्रशासन की ओर से तत्परता से उठाया गया बल्कि अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि इन बच्चों का स्वागत और देखभाल पूरे सम्मान और आदर के साथ हो। छात्रों के आगमन पर अधिकारियों और अन्य छात्रावासी बच्चों द्वारा भव्य स्वागत किया गया और केक काटकर उत्सव मनाया गया।   एसडीएम प्रशांत कुशवाहा के निर्देशन में इस पूरी प्रक्रिया को कुशलता से अंजाम दिया गया। उन्होंने हॉस्टल अधीक्षक और अधीक्षिका को निर्देश दिया कि वे बच्चों की विशेष निगरानी रखें और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत सूचना दें। साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास संजय सिंह और तहसीलदार राहुल कौशिक जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति इस कदम की गंभीरता को रेखांकित करती है। उल्लेखनीय है कि स्थल जांच के दौरान, एसडीएम ने पाया कि संस्कृति कला केंद्र दीपू बगीचा और राजी पड़हा में बने दो भवनों में बच्चों को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के छात्रावास के रूप में रखा जा रहा था, और कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। कार्रवाई के तहत बच्चों को अवैध छात्रावास से निकालकर शासकीय छात्रावास में स्थानांतरित कर दिया गया।   इस घटना ने एक बार फिर देश में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। ऐसे उदाहरण हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि शिक्षा और सुरक्षा के प्रति समाज और प्रशासन की ज़िम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। बाल अधिकारों के लिए समर्पित एसडीएम प्रशांत कुशवाहा और सहायक आयुक्त संजय सिंह जैसे अधिकारी, जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस से पहले इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया, समाज के सामने एक मिसाल पेश करते हैं। *भारत में बच्चों के अधिकारों के लिए महान कार्यकर्ताओं के उदाहरण पढ़िए* भारत में बाल अधिकारों की लड़ाई में कई महान व्यक्तित्वों ने अहम भूमिका निभाई है। जिनमे 1. **कैलाश सत्यार्थी**: बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले कैलाश सत्यार्थी को 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की शुरुआत की, जिसके तहत उन्होंने हजारों बच्चों को बंधुआ मजदूरी और शोषण से मुक्त कराया। 2. **मदर टेरेसा**: अपनी करुणा और सेवा के लिए विख्यात मदर टेरेसा ने समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों के लिए समर्पित कार्य किया। उन्होंने ‘मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी’ की स्थापना की, जिसके तहत अनाथालयों और शेल्टर होम्स का संचालन किया जाता है। 3. **सुरभि सिंह**: ‘सोकोफाऊंडेशन’ की संस्थापक सुरभि सिंह ने सड़कों पर रहने वाले बच्चों और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। 4. **शांति राघवन**: दिव्यांग बच्चों और युवाओं के लिए काम करने वाली शांति राघवन ने ‘एनाबिल इंडिया’ की स्थापना की। उनकी पहल से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला। इन सभी व्यक्तियों ने अपने कार्यों के माध्यम से यह दिखाया है कि जब समाज में बच्चे सुरक्षित और शिक्षित होते हैं, तभी एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है। जशपुर में उठाए गए कदम बाल अधिकारों के लिए एक सार्थक पहल है और इस दिशा में अन्य राज्यों को भी प्रेरित करता है।

BLACK FRIDAY : वारिसों को विष्णु सरकार दे 50-50 लाख,हाथी के हमले में 4 लोगों की मौत पर कांग्रेस ने की सियासत शुरू,,बगीचा शहर में हुई दर्दनाक मौतों से हिला छत्तीसगढ़,हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में मौत का तांडव जारी

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  जशपुर – ब्लैक फ्राइडे हाँ, हाँ ब्लैक फ्राइडे ही कहेंगे क्योंकि शुक्रवार की आधी रात को घुप्प अंधेरे में जंगली हाथी ने बगीचा शहर के गम्हरिया मुहल्ले में 4 लोगों को कुचलकर मारा,जिनके खून के निशान सीसी रोड पर सूख रहे हैं।जो भी इस मंजर को देख रहा है उसके आंसू रुक नहीं रहे हैं।वहीं हाथी से मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस के सदस्य विनयशील ने 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करके सियासत शुरू कर दी है। दरअसल,बगीचा के रिहायशी इलाकों आने वाला वार्ड नम्बर 09 गम्हरिया में सड़क किनारे हाथी ने एक घर पर हमला किया जहां 6 लोग सो रहे थे।हमले में घर का दीवार पूरी तरह ढह गया।जिसमें दो बहन दब गए जिसमें से एक बहन का पैर बाहर घा जिसे हाथी ने खींचकर मार डाला। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि रात में हाथी मित्रदल की गाड़ी भी आई थी। सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है और घरों की बिजली गुल थी।इससे पहले कि शहरवासी कुछ समझ पाते हाथी ने सड़क किनारे रामकेश्वर सोनी के कच्चे मकान पर हमला कर दिया।घटना देर रात 12 बजे की है।बिजली नहीं होने के कारण लोगों  को कुछ समझ में नहीं आया और हाथी लगातार हमला करता गया।उसी घर में सो रहे पिता, पुत्री और चाचा को हाथी ने पटक पटक कर मार डाला।हो हल्ला सुनकर पड़ोस का एक युवक बाहर निकला उसपर भी हाथी ने हमला कर दिया।मृतकों में पिता रामकेश्वर सोनी उम्र 35 वर्ष,पुत्री रवीता सोनी उम्र 09 वर्ष,चाचा अजय सोनी उम्र 25 वर्ष,पड़ोसी अश्विन कुजूर उम्र 28 वर्ष हैं।  इस बड़ी घटना से पूरा प्रदेश सिहर उठा है।बताया जा रहा है कि भोजन की तलाश में लोनर बेहद आक्रमक हो गया है और बीते कई दिनों से कच्चे मकानों पर हमला कर रहा है।हमले में तीन दिन पहले ही कुनकुरी रेंज में 1 और बादलखोल अभ्यारण्य के अंदर 1 व्यक्ति की जान गई है। इन घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सदस्य विनयशील ने गहरा दुःख जताया है।उन्होंने अपने सोशल एकाउंट X पर बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए लिखा है कि CG में BJP सरकार और वन विभाग सब सो रहे हैं : आदिवासी मुख्यमंत्री के गृह ज़िले जशपुर में बगीचा के नगर पंचायत क्षेत्र में हाथी और मानव द्वन्द में 4 लोगों की जान चली गई । सरकार कह रही है कि 25 हज़ार रुपया मुआवज़ा देगी बेशर्मी की हद है. हम माँग करते हैं कि  – मृतिकों को 50- 50 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाना चाहिए. – जशपुर में हाथी मानव द्वन्द समस्या की समझ वाले IFS ऑफ़िसर की नियुक्ति कीजिए. – हाथियों का रास्ता ट्रैक करके स्थानीय स्तर पर लोगों को सूचना देने की व्यवस्था की कीजिए. – द्वन्द रोकने के लिए जंगल में हाथियों के लिए खाने की व्यवस्था की जाना चाहिए. – जंगल से सटे नगर क्षेत्र में हाईमास्क लाइट लगाएँ. – पास ही डीएवी स्कूल और छात्रावास भी स्थित है,वहाँ     बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएँ. CM साहब सबसे अपने क्षेत्र के आदिवासी और रहवासियीं को प्रधानमत्री आवास बनवा के दीजिए. इन क्षेत्रों में बिजली कटौती रोकिए. @vishnudsai ji @INCChhattisgarh  1/1 बहरहाल,ये बड़ा सवाल है कि क्या छत्तीसगढ़ में हाथियों का प्रवेश द्वार जशपुर में हाथी-मानव संघर्ष को बढ़ने से रोकना किसी सरकार के बस की बात नहीं रही? घटते जंगल,बढ़ते लोग वन्यजीवों के लिए खतरा बन गए हैं।वन अधिकार पट्टा देकर पिछली सरकारों ने जंगल खत्म करने का रास्ता दिखा दिया है क्योंकि नियमों का पालन हर पट्टाधारी कर रहा हो,यह कोई नहीं मानता। फिलहाल,इस बड़ी घटना के बाद वन विभाग नुकसान का आंकलन कर मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि देकर,लोनर हाथी को लगातार ट्रेस कर रहा है। वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि लोनर हाथी बीते दस दिनों में तपकरा रेंज से कुनकुरी रेंज होते हुए बादलखोल अभ्यारण्य पहुंचा था जहां से शुक्रवार की शाम को बगीचा की ओर आया था।जहां रात को गम्हरिया में एक मकान को नुकसान पहुंचाया,इसी दौरान घर मे सो रहे लोगों में से तीन लोगों की हाथी से सामना होने पर उनकी जान चली गई।वहीं पड़ोस का एक युवक भी हाथी के सामने आ गया।अभी जिले में 40 हाथी हैं जिसमें यह दल से अलग किया गया हाथी है।हाथी विशेषज्ञ अजित पांडे और महावत को बुलाया गया है।जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।हाथी पर लगातार नजर रखे हुए है लेकिन अंधेरे और बस्तियों में लाइट नहीं  रहने से हाथी का लोकेशन मिस हो जाता है।हमारे द्वारा लगातार लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। .

*मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता: जनदर्शन में नागरिक की पीड़ा सुनते ही तुरंत कार्रवाई के निर्देश**एसपी से कहा – गुम हुई पत्नी को ढूंढो*

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रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव निवासी नंदकिशोर ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की पीड़ा को मुख्यमंत्री के सामने रखा। नंदकिशोर ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले छह महीनों से लापता है और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नंदकिशोर की बात को गंभीरता से सुना और तत्काल राजनांदगांव एसपी को फोन कर इस मामले की जांच करने और लापता पत्नी को ढूंढने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने फरियादी को आशा की एक नई किरण दी है कि अब उसकी पत्नी का पता जल्द ही चल जाएगा। मुख्यमंत्री साय की जनदर्शन के दौरान नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें जल्द से जल्द हल करने की यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि हर गुरुवार को मुख्यमंत्री श्री साय जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहते हैं। श्री साय ने अपने गृहजिले जशपुर में भी लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए “श्रीराम सदन” में सीएम कैम्प खोलकर जिलेवासियों को रायपुर जाने की परेशानी से भी निजात दिलाई है। यह कदम मुख्यमंत्री की जनसेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना हर ओर की जा रही है, जिससे जनमानस में उनके प्रति विश्वास और बढ़ा है।

छतीसगढ़ में मवेशी तस्करों के गांव साईंटाँगरटोली में पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन शंखनाद’,,पढ़िए खास रिपोर्ट

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मवेशी तस्करों पर पुलिस के प्रहार की ख़ास खबर (खबर जनपक्ष) जशपुर: छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती गांव साईं टांगरटोली में आज सुबह 4:00 बजे जशपुर पुलिस ने वृहद स्तर पर “ऑपरेशन शंखनाद” चलाकर पशु तस्करों के ठिकानों पर धावा बोला। इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सोनी ने किया, जिसमें 125 पुलिसकर्मी शामिल थे। हम आपको बता दें कि यह गांव मुस्लिम आबादी वाला बड़ा गांव है।जो लोदाम पुलिस चौकी के अंदर झारखण्ड बॉर्डर पर शँख नदी के तट पर बसा है।अन्तर्राज्यीय सीमा पर होने के कारण यह गांव अपराधियों के लिए काफी मुफ़ीद रही है।यह गांव खासकर मवेशी तस्करी को लेकर बदनाम है।ढाई हजार की आबादी वाले इस गांव के ज्यादातर लोग छोटी-बड़ी दुकान चलाते हैं और मेहनत -मजदूरी करते हैं।शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है लेकिन दसवीं कक्षा के बाद ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स की संख्या चिंताजनक है।बीते दो माह से जशपुर पुलिस ने जिले को अपराधमुक्त बनाने के लिए मवेशी तस्करी को टारगेट किया है।जिसके कारण आज इस गांव में ऑपरेशन शंखनाद शुरू किया गया। **ऐसा चला ऑपरेशन शंखनाद कि…** एसपी शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सोनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में 125 पुलिसकर्मियों ने पांच टीमों में बंटकर बलवा ड्रिल और आंसू गैस सामग्री के साथ गांव को चारों ओर से घेर लिया। ऑपरेशन के दौरान ड्रोन से निगरानी की गई।पुलिस ने 04 अलग-अलग बाड़ों से कुल 37 गौ-वंश को मुक्त कराया और 10 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे 09 पिकअप वाहन, 03 कार, 01 स्कॉर्पियो और 05 मोटरसाइकिलें जब्त कीं।गिरफ्तार आरोपियों पर कई न्यायालयों से स्थाई वारंट जारी थे।जप्त वाहनों को राजसात किया जाएगा। एसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, “जशपुर पुलिस द्वारा आज प्रातः साईं टांगरटोली में “ऑपरेशन शंखनाद” चलाते हुए 10 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे 09 पिकअप वाहन, 04 कार और 05 मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। आने वाले दिनों में पूरे जिले में इस तरह की कार्रवाई की जाएगी और जिले को पशु तस्करों से पूर्णतः मुक्त कराया जाएगा।” *पुलिस आपकी दुश्मन नहीं है,हम आपको आईना दिखाने आये हैं*   कार्रवाई के दौरान एसपी शशि मोहन ने मुस्लिम बस्ती में युवाओं की स्टैंडिंग मीटिंग ली जिसमें उन्होंने कहा कि ढाई हजार की आबादी में से कुछ सौ-दो सौ लोग अपराध करते होंगे। जिनके चलते गांव की बदनामी होती है। बाकी लोग अपना सामान्य जीवन जी रहे है,कोई दुकान चलाता है,कोई मेहनत-मजदूरी करता है।ऐसे अपराधियों के कारण आपकी पीढ़ी बर्बाद हो रही है।उन्होंने बच्चों और युवाओं को पढ़-लिखकर अच्छा भविष्य बनाने की समझाइश दी। **पशु प्रेमियों की उम्मीदें:** यह गांव छत्तीसगढ़ के मवेशियों को तस्करी के जरिये झारखंड के रास्ते पश्चिम बंगाल होकर बांग्लादेश तक भेजने का प्रमुख EXIT GATE निकास द्वार है। पशु प्रेमी इस कार्रवाई को मवेशी तस्करी की अंतर्राष्ट्रीय चैनल तोड़ने की बड़ी सफलता मान रहे हैं। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि अब देसी नस्ल के मवेशी बच सकेंगे। इस ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सोनी, एसडीओपी जशपुर  चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी  विनोद कुमार मंडावी, उप पुलिस अधीक्षक विजय सिंह राजपूत, उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ, थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक राकेश यादव, निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे और उप निरीक्षक सरिता तिवारी सहित अन्य अधिकारी और पुलिस के जवान शामिल रहे।

 जशपुर में सड़क किनारे पहाड़ी कोरवा महिला ने दिया शिशु को जन्म, समय पर सहायता से सुरक्षित रहे जच्चा-बच्चा

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जशपुर: कुनकुरी तहसील के नारायणपुर गांव में आज सुबह 11 बजे एक असाधारण घटना घटी, जब एक पहाड़ी कोरवा महिला ने सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर शिशु को जन्म दिया। इस घटना में मकान मालकिन, दुकानदार और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और सहयोग से समय से पहले हुए इस प्रसव में जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर श्रीमती किरण कांति कुजूर ने खबर जनपक्ष  को बताया कि प्रसूता बिंदेश्वरी बाई (21) अपने ससुराल बछरांव जाने के लिए नारायणपुर बस स्टेशन पर बस का इंतजार कर रही थीं। वह पिछले सप्ताह से अपने मायके जाताकोना में थीं और उनके भाई ने उन्हें बाइक से नारायणपुर छोड़ा था। अचानक, बिंदेश्वरी को पेट में तेज दर्द हुआ और वह सड़क किनारे एक बाउंड्रीवाल के अंदर चली गईं, जहां उनका मेम्ब्रेन फूटने से समय से 2 महीने पहले प्रसव हो गया। नवजात बालिका का वजन डेढ़ किलो है और उसे कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु विशेषज्ञों द्वारा जांच के लिए ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही बीएमओ ने ड्यूटी पर तैनात नर्सों को तत्काल मौके पर भेजा और जच्चा-बच्चा को सकुशल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना में युवा व्यवसायी राहुल बंग और मकान मालकिन सपना सिंह की संवेदनशीलता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सपना सिंह ने बताया कि जब वह सावन सोमवार को शिव मंदिर से पूजा करके लौटीं, तो उन्होंने बाउंड्रीवाल के पास एक महिला को बच्चे को जन्म देते देखा। उन्होंने तुरंत पड़ोसी राहुल बंग को अस्पताल की सूचना देने के लिए कहा और खुद वाहन की व्यवस्था करने लगीं। महिला का बीपी बढ़ा हुआ था और खराब सड़कों पर बाइक से यात्रा करने के कारण यह घटना हुई थी। डॉ. मीना कुजूर, लैब टेक्नीशियन समाप्रिया खाखा, स्टाफ नर्स दीपा टोप्पो और लिपिक किरण मिंज ने भी मौके पर पहुंचकर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की और महिला व शिशु को अस्पताल पहुंचाया। इन सभी की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक जीवनरक्षक भूमिका निभाई और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखा।

बड़ी खबर : सरिता के ‘राशन’ पर मचा बवाल,भूपेश के पोस्ट पर भाजपा और कांग्रेस भिड़ी,विनयशील ने पूछा सवाल

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रायपुर – भूपेश सरकार में डेढ़ साल तक राशन मिला और विष्णु सरकार के आते ही पिछले 6 माह से राशन नहीं मिल रहा है।यह पढ़ते ही आपको लगेगा कि राशनकार्डधारी के परिवार के साथ ऐसे कैसे हो गया? दरअसल, जशपुर जिले के कुनकुरी विधानसभा की राशनकार्डधारी महिला को बीते 18 जनवरी 2024 के बाद से आज तक राशन नहीं मिल रहा है।इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर पोस्ट करते हुए सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर हमला बोला है।वहीं बीजेपी ने इस मामले को ही खारिज करते हुए पार्टी के X एकाउंट से भूपेश बघेल को जवाब दिया है।इसके बाद छतीसगढ़ कांग्रेस के आधिकारिक एक्स X एकाउंट से महिला सरिता बाई का बयान पोस्ट कर भाजपा को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि क्या हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पोस्ट से भाजपा सरकार वंचितों को राशन देगी? दरअसल,यह मामला इसलिए बड़ा सियासी हो गया क्योंकि महिला जिस विधानसभा से आती है वह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सीट है ।ऐसे में मोदी की गारंटी के साथ डबल इंजन की सरकार में सुशासन जिनका नारा हो उनके ही एक परिवार की हांडी में सरकारी राशन क् चावल नहीं पकना कांग्रेस के लिए मुद्दा तो बन ही गया। सो,कांग्रेस के बड़े नेता भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उछाल दिया।उन्होंने 31 जुलाई को X पर लिखा मुख्यमंत्री @vishnudsai जी सुनिए आपके कुनकुरी के ग़रीब परिवार के लोगों का दर्द। फ़रवरी से इस परिवार को राशन का चावल भी नहीं मिल रहा है। वे बता रहे हैं कि नया राशन कार्ड बना नहीं रहे हैं और पुराने राशन कार्ड से चावल नहीं दे रहे हैं। सोसायटी और अधिकारियों के पास गये तो बता रहे हैं कि ऊपर से चावल नहीं आ रहा है। इस पोस्ट के बाद सरकार हरकत में आई और मामले की तफ़्तीश बड़ी तेजी से कराई जिसके बाद प्रदेश भाजपा ने खाद्य अधिकारी का पत्र अटैच करके भूपेश बघेल पर पलटवार किया।पढ़िए , ठगेश जी, झूठ बोलने की कांग्रेसी यूनिवर्सिटी के आप टॉपर छात्र हैं। जिस विषय पर आपने जो रायता फैलाया है, उसकी सच्चाई जान लीजिए। महिला का राशनकार्ड झारखंड में बना था, जिसके कारण उनका कार्ड छत्तीसगढ़ में निरस्त किया गया। अब महिला ने झारखंड से अपना राशन कार्ड निरस्त करवा लिया है, जशपुर जिला प्रशासन को नए कार्ड के लिए आवेदन भी दे दिया है। विष्णु सरकार सुचारू रूप से कार्य कर रही है। आपकी सरकार में बैठे लोगों ने इतनी खोजबीन तब की होती तो आपके 9 मंत्री अपना चुनाव न हारते। अब इस पलटवार से जाहिर है भूपेश बघेल /कांग्रेस तिलमिला गई।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनयशील की भेजी एक वीडियो के साथ INC CHHATTISGARH ने X पर लिखा, लीपापोती से कुछ नहीं होगा @BJP4CGState जो पद्मव्यूह जनता के लिए रच रहे हो ना उसे जनता समझ रही है। राशन कार्डधारी सरिता बाई कह रही हैं कि उनका नाम झारखंड से 2021 में कट गया था। 2022 में उनके नाम से छत्तीसगढ़ में कार्ड बन गया था। डेढ़ साल राशन भी मिला और जनवरी से बंद हुआ। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए अधिकारी से चिट्ठी लिखवा रहे हो। तारीख़ तो डाल देते!!!! हड़बड़ी में वो भी भूल गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का क्षेत्र है, कम से कम मुख्यमंत्री की बेइज़्ज़ती तो न करवाओ। इस सियासी उठाफ्टक से हटकर देखा जाए तो कुनकुरी विकासखंड के रायकेरा ग्राम पंचायत निवासी सरिता बाई पति दीपक राम को जनवरी 2024 से आज तक राशन नहीं मिला।जिसका कारण बताया जा रहा है कि वह शादी से पहले झारखण्ड राज्य के सिमडेगा जिले की निवासी थी,वहां के राशनकार्ड से नाम नहीं कटाया गया था। जनवरी में इसकी जानकारी हुई और छत्तीसगढ़ से प्राप्त राशनकार्ड में सरिता का नाम हटाया गया जिससे राशनकार्ड शून्य हो गया।जिसका असर सरिता के पति व बच्चों पर पड़ा।सरिता बाई का कहना है जैसा कि वीडियो में कांग्रेस को बताई, हमर राशनकार्ड बइन रहलक जे हमें चावल नी मिलत रहलक तो हमें मन मंत्री ठन शिकायत कईर रहली तो ओ मन कहलें,पँचायत के कहलें तो पँचायत से मोर ठन आलें और वीडियो बनाइकर लेगलें,कहलें कि झारखण्ड से तोर नाम नी कइट रहलक। विनयशील पूछते हैं – तोर नाम कब कईट रहलक? तब सरिता बताती है कि  मोर नाम 2021 में झारखण्ड से कटलक तब 2022 में छत्तीसगढ़ में कार्ड बनलक और डेढ़ साल तक राशन मिललक।जनवरी 24 तक मिललक ओखर बाद में अचानक नाम कट गेलक।6-7 महीना से चावल नी मिलअथे।फिर सोसायटी वाला आलक और मोर वीडियो बनालक कहलक कि झारखण्ड में तोर नाम जुडले आहे।अब नया कार्ड बनही।कार्ड लाइन देबुं,अगले महीना से राशन भी देबुं। इस मामले में खबर जनपक्ष ने जब भाजपा का पक्ष जानना चाहा तो एक भाजपा नेता ने वीडियो भेजा और अभी खबर लिखे जाने तक जिला अथवा मंडल भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।वीडियो में सरिता बाई अपने पति के साथ खड़ी है और हिंदी में में कह रही है कि झारखण्ड में मेरा मायके था वहां झारखण्ड में मेरा नाम था इसलिए छत्तीसगढ़ में मेरा राशनकार्ड कट गया।झारखण्ड का राशनकार्ड से मेरा नाम कटवा दी हूँ और छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड बनवाने का कष्ट करें। इन दोनों वीडियो में सरिता की परेशानी एक ही है कि राशन नहीं मिल रहा है।बहरहाल,अब यह तो तय हो गया कि बीते 6 माह का राशन नहीं मिलेगा लेकिन अगस्त माह से सरिता को राशन मिलना शुरू हो जाएगा।जैसा कि राशन विक्रेता ने कहा है। खबर से सम्बंधित तस्वीरें देखें :