नवनियुक्त राज्यपाल रमेन डेका छत्तीसगढ़ पहुंचे,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत,बुधवार को चीफ जस्टिस दिलाएंगे शपथ

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*छत्तीसगढ़ तेजी से उभरता प्रदेश, विकास को नई ऊंचाइयां देंगे* *मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका का छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत* *पारंपरिक लोकनृत्यों और लोक धुनों के साथ हुआ मनोनीत राज्यपाल का स्वागत* *शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में* रायपुर, 30 जुलाई, 2024। प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्टेट हेंगर में आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर मनोनीत राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के परिदृश्य में तेजी से उभर रहा है। यहां विकास को नये स्तरों पर पहुंचाने हम काम करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त करने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह को धन्यवाद व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच फैसिलिटेटर की भूमिका निभाएंगे ताकि प्रदेश का विकास तेजी से हो। उन्होंने कहा कि वे असम और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भी काम करेंगे। श्री डेका ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के विकास को लेकर है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर राज्यपाल का अभिवादन किया। साथ ही मंत्रिमंडल के सदस्य उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी मनोनीत राज्यपाल का अभिवादन किया। स्टेट हेंगर में मनोनीत राज्यपाल को गार्ड आफ आनर दिया गया। राज्यपाल का स्वागत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्यों सुआ, कर्मा, डंडा और राउत नाचा से किया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। *दसवें राज्यपाल के रूप में लेंगे शपथ* उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मनोनीत राज्यपाल श्री डेका प्रदेश के दसवें राज्यपाल के रूप में बुधवार 31 जुलाई को सवा दस बजे राजभवन के दरबार हाल में शपथ लेंगे। उन्हें यह शपथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय रमेश सिन्हा शपथ दिलाएंगे।

सांय-सांय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा के किसानों की दी बड़ी सौगात,बगीचा में अपेक्स बैंक खोले जाने की स्वीकृति मिली,किसानों में खुशी की लहर

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जशपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बगीचा में अपेक्स बैंक की शाखा शुरू करने की स्वीकृति प्रदेश सरकार ने दे दी है। आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद जल्द ही बैंक बगीचा में काम करना शुरू कर देगी।जिससे बगीचा तहसील के किसान जशपुर और कुनकुरी अपेक्स बैंक जाने की परेशानी से बचेंगे। रायपुर स्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रिय बैंक ने बगीचा में अपेक्स बैंक की शाखा शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस बैंक के शुरू हो जाने से बगीचा ब्लाक के किसानों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अपेक्स बैंक का प्रयोग किसानों के समर्थन मूल्य में फसलों की खरीदी के भुगतान के लिए किया जाता है। इस बैंक में जमा होने वाली राशि को निकालने के लिए किसानों को जशपुर और कुनकुरी तक दौड़ लगाना पड़ता था। अपेक्स बैंक की शाखा खुल जाने किसानों को इस दौड़ से मुक्ति मिल जाएगी। उल्लेखनीय है कि साय सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही है। विधानसभा चुनाव के तत्काल बाद सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किये गए वायदों को पूरा करते हुए पंजीकृत किसानों से 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर,बोनस सहित धान का मूल्य किसानों के खाते में डाल चुकी है। इससे किसानों में प्रसन्नता व्याप्त है। बगीचा में अपेक्स बैंक की शाखा की शुरूआत होने से किसानों को एक और बड़ी सुविधा मिल गई है।

*केंद्रीय बजट विकसित भारत व विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में मील का पत्थर – विष्णुदेव* *छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की सराहना, कहा बजट में हर वर्ग का रखा ख्याल*

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रायपुर, 23 जुलाई 2024/ “यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज प्रस्तुत हुआ। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन का सातवां बजट दूरदृष्टि और दृढ निश्चय का बजट है। यह सबका बजट है, सबके लिए, सबके विकास का बजट है।”उक्त प्रतिक्रिया छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट पर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में कृषि और रोजगार पर सबसे अधिक ध्यान देना इसे ऐतिहासिक बनाता है। छत्तीसगढ़ के लिए सबसे विशेष बात यह है कि जहां 1.52 लाख करोड़ रूपये कृषि क्षेत्र के लिए रखे गये हैं, कृषि क्षेत्र का ऐतिहासिक पैकेज देश में एक नयी हरित क्रांति लाकर किसानों को समृद्ध बनायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय उन्नत ग्राम योजना लांच हुई है। इससे जनजाति समाज के 63 हजार गांव और 5 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों को इससे काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि एक करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप और इंटर्नशिप के दौरान पांच हजार रूपए महीना देने का प्रावधान रखा गया है। रोजगार कौशल के लिए 2 लाख करोड़ की स्कीम शुरू की जा रही है। इसके साथ ही मुद्रा लोन की रकम 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गयी है, जिससे युवाओं को स्टार्ट-अप में मदद मिल सकेगी। इस योजना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं, बजट में घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख तक का एजुकेशन लोन प्रावधान किया गया है। जिससे शिक्षा व स्किल को नई ऊंचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2.66 लाख करोड़ ग्रामीण विकास के लिए प्रस्तावित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के हित में कल्याणकारी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह बजट मोदी जी के 2047 में भारत को विकसित बनाने का संकल्प सिद्ध करने वाला बजट है। यह बजट एक आदर्श कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को सामने लाता है। भारत को विकसित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा बजट में कृषि व संबंधित क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के किसानों को वित्तीय सुरक्षा और कृषि के लिए आवश्यक संसाधन मिलेंगे। इसके अलावा 6 करोड़ किसानों की जानकारी लैंड रजिस्ट्री पर लाई जाएगी जिससे जमीन संबंधी विवादों का जल्द निपटारा हो सकेगा। उन्होंने कहा कृषि में रिसर्च को ट्रांसफॉर्म करना, एक्सपर्ट की निगरानी, और जलवायु के मुताबिक नई वैरायटी को बढ़ावा देने की योजनाएँ छत्तीसगढ़ के किसानों को नई तकनीकों और संसाधनों का लाभ प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा बजट में सरकार द्वारा रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन दिये गए हैं। 1 लाख रुपए से कम सैलेरी होने पर इपीएफओ में पहली बार रजिस्टर करने वाले लोगों को 15 हजार रुपए की मदद तीन किश्तों में मिलेगी। नए कर्मचारियों को एक महीने का वेतन, विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन, नियोक्ताओं को सहायता दी गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सैलरीड लोगों को बड़ी राहत मिली है। टैक्स स्लैब में बदलाव लाया गया है, इससे करदाताओं को बचत होगी। उन्होंने कहा बजट में शहरों के क्रिएटिव री-डेवलपमेंट के लिए पॉलिसी लाई जाएगी और पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा करने की बात कही गई है। इसके अलावा बजट में नवाचार, अनुसंधान और विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।

पत्थलगांव तहसील में शासकीय पट्टे की भूमि की अवैध रजिस्ट्री का खुलासा, पट्टा निरस्त कर शासकीय भूमि में दर्ज करने का आदेश जारी

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जशपुर/पत्थलगांव – एक सनसनीखेज खुलासे में, ग्राम कुडकेल खजरी की खसरा नम्बर 1191/2, रकबा 2.024 हेक्टेयर भूमि की अवैध रजिस्ट्री के बाद इसे शासकीय भूमि में दर्ज करने का आदेश पारित किया गया है। इस प्रकरण का भंडाफोड़ तब हुआ जब तहसीलदार पत्थलगांव ने भूमि के नामांतरण की कार्यवाही के दौरान असामान्य गतिविधियों का संदेह जताया। यह भूमि 1931-32 के मिसल बंदोबस्त में बड़े झाड़ का जंगल मद के रूप में दर्ज की गई थी और 1954-55 के अधिकार अभिलेख में भी इसी श्रेणी में दर्ज रही है। 16 अप्रैल 1986 को तहसीलदार पत्थलगांव ने उजागर राम पिता दुष्टीराम निवासी कुडकेल खजरी को इस भूमि का पट्टा कृषि कार्य हेतु प्रदान किया था। दरअसल, पट्टे से प्राप्त भूमि को उजागर पिता दुष्टी जाति कोलता ने 8 जून 2023 को कलेक्टर की अनुमति के बिना रमेश शर्मा पिता रामशरण शर्मा जाति ब्राम्हण निवासी पत्थलगांव एवं सुदाम गोयल पिता दीपचन्द गोयल जाति अग्रवाल निवासी बटईकेला तहसील कासाबेल को रजिस्ट्री के माध्यम से विक्रय कर दिया। नामांतरण की कार्यवाही के दौरान तहसीलदार पत्थलगांव को यह भूमि शासकीय पट्टे से प्राप्त भूमि होने का संदेह हुआ और उन्होंने मार्गदर्शन हेतु प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव के समक्ष प्रस्तुत किया। अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव ने मामले की जांच की और पाया कि भूमि वास्तव में शासकीय पट्टे से प्राप्त थी। इसके बाद हल्का पटवारी अरूण कुमार लकड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिन्होंने अपने जवाब में भूमि को शासकीय पट्टे से प्राप्त होने की जानकारी न होने का दावा किया। गहन जांच के दौरान तहसीलदार पत्थलगांव और अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव के प्रतिवेदन के आधार पर क्रेता और बिक्रेता को सुनवाई का अवसर दिया गया। यह पुष्टि होने पर कि भूमि शासकीय पट्टे से प्राप्त हुई थी और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना रजिस्ट्री बैनामा के जरिये बेची गई थी, पट्टा निरस्त कर उक्त भूमि को शासकीय भूमि में दर्ज करने का आदेश पारित किया गया। इस खुलासे ने पूरे तहसील में हलचल मचा दी है। हल्का पटवारी अरूण कुमार लकड़ा की संलिप्तता पाये जाने के कारण उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रकरण संस्थित करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव को दिए गए हैं। यह मामला प्रशासनिक सतर्कता और पारदर्शिता के महत्व को फिर से उजागर करता है, जिससे शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

**भारतीय न्याय संहिता के तहत रेंज स्तरीय प्रथम समीक्षा बैठक का आयोजन** **रेंज के सभी जिलों के लगभग 749 प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई**

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जशपुर –  नवीन कानून के लागू होने के पश्चात दोष मुक्ति प्रकरणों के संबंध में रेंज स्तरीय प्रथम समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में रेंज के सभी जिलों के लगभग 749 प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। समस्त पुलिस अधीक्षक एवं लोक अभियोजन अधिकारी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग ने की। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2024 से लागू नवीन कानून के तहत पुलिस मुख्यालय द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन कार्यक्रमों में रेंज स्तर एवं जिला स्तर पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता में परिवर्तित धाराओं एवं प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। **समीक्षा के प्रमुख बिंदु:** 1. **नवीन कानून की समझ और प्रशिक्षण**: आईजी  गर्ग ने बताया कि किसी भी गंभीर प्रकरणों में विवेचकों द्वारा विवेचना में की जाने वाली त्रुटियों को दूर करने हेतु भौतिक साक्ष्यों को फोटो ग्राफी और वीडियो ग्राफी कर साक्ष्यों को सावधानी से एकत्र करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही अभियोजन अधिकारियों को सुझाव दिए गए कि वे होस्टाईल हो रहे प्रार्थी एवं गवाहों को उनके द्वारा दिए गए अभिमत/कथन पर कायम रहने के लिए प्रेरित करें। 2. **महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित मामलों की प्राथमिकता**: महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित गंभीर प्रकरणों, जैसे बलात्कार एवं पास्को एक्ट के मामलों में एफआईआर के पश्चात 60 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से चालान पेश करने की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, प्रार्थी/पीड़िता जो न्यालय में 183 बीएनएसएस के तहत कथन दे चुके हैं, यदि ट्रायल के दौरान होस्टाईल होते हैं, तो उनके विरुद्ध धारा 307 बीएनएसएस के तहत कार्यवाही हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की चर्चा की गई। 3. **अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण**: एनडीपीएस एक्ट/आबकारी एक्ट एवं सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरणों में हो रही दोषमुक्ति के कारणों की समीक्षा की गई। साथ ही, विवेचना में आवश्यक सुधार हेतु कार्यशाला आयोजन करने का सुझाव दिया गया। इस समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर  एम. आर. आहिरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बलरामपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल, पुलिस अधीक्षक कोरिया सूरज सिंह परिहार, पुलिस अधीक्षक एमसीबी चंद्र मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर अनिल सोनी, उप पुलिस अधीक्षक एम.आर. कश्यप, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल एवं समस्त जिला अभियोजन अधिकारी एवं आईजी रीडर सुभाष ठाकुर मौजूद रहे। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य नवीन कानून के तहत दोष मुक्ति प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करना और भविष्य में होने वाली त्रुटियों को दूर करना था, ताकि न्याय प्रणाली और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी हो सके।

*महावृक्षारोपण अभियान:*जिले के स्कूलों में एक हजार फलदार तथा छायादार प्रजाति के पौधों भी किया गया वितरण* *वैधराजों, शिक्षक एवं बच्चों ने मां के नाम एक पेड़ लगाकर ली सुरक्षा की जिम्मेदारी*

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जशपुर –  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों से वनमण्डल कार्यालय जशपुर में उपस्थित हुए। सभी वैधराजों को डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने वन औषधिय पौधे हर्रा, बेहरा, अर्जुन, सतावर, बेल, एलोवेरा, नीम, काली मूसली, सफेद मूसली,, सर्पगंधा, करंज, नागकेशरी, गिलोय, अश्वगंधा, गटारन तथा अन्य फलदार एवं औषधीय पौधों का वितरण किया गया।   वन मण्डल अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय के द्वारा जशपुर के वैद्यो को औषधि बगिया के संवर्धन  हेतु पौधों के रख रखाव, सिंचाई,सुरक्षा हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि  ‘वन एवं पर्यावरण की रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। वृक्ष हमे प्राण वायु, फल, फूल, औषधि, ईंधन प्रदान करते है, वह घट रहे हैं। हमे वनों की सुरक्षा करनी चाहिए।’ जशपुर अंचल के गांवों से प्रमाणित आदिवासी उपचारकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजक पिरामल फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक संतोष सोन ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम इन पौधे की जतन कर उन्हें वृक्ष होने तक सेवा कर आने वाली पीढ़ी के लिए उपहार स्वरूप सौंपें। हमारी स्मृति के रूप में इन वृक्षो को देख कर याद करंगे। उपचारकर्ता को जड़ी बूटी व औषधि घर आंगन में प्राप्त होने से हमें जंगल जाने से जो वक्त लगता है वह बच जाएगा एवं दुर्घटनाओं से भी बच सकेंगे। साथ ही जिले के स्कूलों में 1000 फलदार तथा छायादार प्रजाति के पौधों का रोपण एवं वितरण स्कूल के शिक्षक, बच्चें एवं वन अमला की उपस्थित में किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वैधराजों, शिक्षक एवं बच्चों ने अपनी मां के नाम से एक पेड़ लगाया एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी ली।

*जशपुर सहित प्रदेश में तेजी से सुधर रहा है स्वास्थ्य सेवा – कौशल्या*मुख्यमंत्री घोषणा के 24 घंटे के अंदर जिले को मिले दो एंबुलेंस और एक शव वाहन**सीएम कैम्प बगिया से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने हरी झंडी दिखा कर सेवा के लिए वाहन किया रवाना*

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जशपुर :15 जुलाई 2024/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घोषणा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जिले को दो बड़ी सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने सीएम कैंप बगिया में दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखा कर जरूरतमंद मरीजों की सेवा के लिए रवाना किया।श्रीमती साय ने कहा कि ये एंबुलेंस दुलदुला ब्लॉक के करडेगा और फरसाबहार ब्लाक के कोल्हेनझरिया में सेवा देगी। वहीं मुक्तांजली शव वाहन दुलदुला में सेवा प्रदान करने के लिए तैनात रहेगी। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही रविवार को दुलदुला में आयोजित मतदाता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की थी। घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय में उनकी घोषणा का सरकार ने पूरा करते हुए जिलेवासियों को सौगात दिया है। भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने सीएम साय का आभार जताते हुए कहा कि  यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आपकी सरकार ने जशपुर सहित पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा को सुधारने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सीएम के रूप में शपथ ग्रहण करने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एंबुलेंस सेवा में गुणात्मक सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया था। उन्होनें कॉल के आधा घंटा के अंदर मरीज को एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में सस्ती जेनरीक दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया था। ताकि मरीजों को महंगी दवाओं से मुक्ति मिल सके। वही गृह जिले जशपुर में स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाने के लिए सीएम साय की पहल से दिसंबर 2023 से अब तक जिले को 7 एंबुलेंस और 1 शव वाहन मिल चुके हैं। इससे मरीजों की सेवा में लगे एंबुलेंस की संख्या जिले में बढ़ कर 21 हो चुकी है। इसके साथ ही कुनकुरी में 220 बिस्तर की क्षमता वाली सर्वसुविधा युक्त अस्पताल निर्माण की घोषणा पहले ही हो चुकी है। जिले के 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देते हुए आवश्यक मानव संसाधन जुटाने के लिए स्वीकृति दिया जा चुका है। जिला चिकित्सालय को आदर्श चिकित्सालय के रूप में विकसीत करने की घोषणा भी हो चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य जिलेवासियों को जिले में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि लोगों को उपचार के लिए बड़़े शहरों की ओर दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सके। इस अवसर पर जिला भाजपाध्यक्ष सुनिल गुप्ता, ममता कश्यप, उमा देवी, फरसाबहार के पूर्व जनपद अध्यक्ष वेद प्रकाश भगत, सीएमएचओ डॉ. व्ही.के. इंदवार भी उपस्थित थे।

*‘‘एक पेड़ मां के नाम’’* *मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में किया पौधरोपण महाभियान का शुभारंभ*

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*‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ पर जशपुर में चलेगा पौधा वितरण महाभियान, महतारी वंदन हितग्राहियों को जिले में 2 लाख से अधिक पौधे वितरित किए जायेंगे* जशपुर :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत जशपुर जिले में पौधरोपण महाभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने दुलदुला में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 10 हितग्राही महिलाओं को अमरूद का पौधा व संदेश पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवनदायिनी धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और आने वाली पीढियों को अनुकूल वातावरण देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रेरणादायी अभियान, ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ की शुरुआत की है। हमारी सभी माताओं-बहनों को एक पौधा भेंट कर रहा हूँ। यह पौधा प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी के साथ ही उससे हमारे अटूट संबंध को दर्शाएगा। उन्होंने कहा कि पौधे से हमें प्राण वायु मिलता है। जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। पौधरोपण से पर्यावरण में सुधार होता है और मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हितग्राही अनिता लकड़ा को अमरूद का पौधा सौंपते हुए पूछा कि पौधा कहां पर लगाएंगे। अनिता ने बताया कि इसे अपने आंगन में लगाऊंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने हितग्राहियों को पौधे वितरित किए और उन्होेंने कहा कि इन पौधों को रोपित कर उन्हें अपने बच्चों की तरह देख-भाल करें। ताकि भविष्य में आने वाले पीढ़ी को इन पौधरोपण का लाभ मिल सके। इस अवसर पर सांसद रायगढ़ श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनि भगत, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ मुहिम के तहत इस पौध वितरण महाभियान के तहत महतारी वंदन की हितग्राही महिलाओं को जशपुर जिले में 2 लाख से अधिक पौधे वितरित किए जायेंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए पंचायत स्तर पर तैयारी कर ली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बनाने के लिए जशपुर पुलिस की अनूठी पहल

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जशपुर, 12 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को समर्थन देने के लिए जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत 12 जुलाई को ठीक 12 बजे, जिले के 1200 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर एक पेड़ मां के नाम से लगाए। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है, बल्कि अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक तरीका है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने इस मौके पर कहा, “हम सभी को अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए, और यह पहल हमारे समाज में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देगी।” जशपुर जिले के विभिन्न पुलिस थानों, कार्यालयों और अन्य कार्यस्थलों पर पुलिसकर्मियों ने बड़े उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। पेड़ लगाने के बाद, सभी ने अपने माता-पिता के नाम का एक बोर्ड भी पेड़ों के साथ लगाया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ये पेड़ उनके सम्मान में लगाए गए हैं। इस पहल ने जशपुर के लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और अन्य विभागों और संगठनों को भी ऐसे अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया है। शशिमोहन सिंह की इस पहल को व्यापक सराहना मिली है और इसे अन्य जिलों में भी अपनाने की चर्चा हो रही है। **प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बनाने के लिए जशपुर पुलिस की अनूठी पहल** जशपुर, 12 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को समर्थन देने के लिए जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत 12 जुलाई को ठीक 12 बजे, जिले के 1200 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर एक पेड़ मां के नाम से लगाए। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है, बल्कि अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक तरीका है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने इस मौके पर कहा, “हम सभी को अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए, और यह पहल हमारे समाज में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देगी।” जशपुर जिले के विभिन्न पुलिस थानों, कार्यालयों और अन्य कार्यस्थलों पर पुलिसकर्मियों ने बड़े उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। पेड़ लगाने के बाद, सभी ने अपने माता-पिता के नाम का एक बोर्ड भी पेड़ों के साथ लगाया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ये पेड़ उनके सम्मान में लगाए गए हैं। इस पहल ने जशपुर के लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और अन्य विभागों और संगठनों को भी ऐसे अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया है। शशिमोहन सिंह की इस पहल को व्यापक सराहना मिली है और इसे अन्य जिलों में भी अपनाने की चर्चा हो रही है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए ये पेड़ न केवल पर्यावरण में सुधार लाएंगे, बल्कि यह उन सभी के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे, जो अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना चाहते हैं। इस अवसर पर कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए ये पेड़ न केवल पर्यावरण में सुधार लाएंगे, बल्कि यह उन सभी के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे, जो अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना चाहते हैं।

* किसानों के रक्षक हैं भगवान जगन्नाथ महाप्रभु – विष्णुदेव साय,मुख्यमंत्री साय रथयात्रा में हुए शामिल* *छेरापहरा की रस्म अदा कर मांगा प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद*

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  रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को रथयात्रा धूमधाम से मनाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष रस्म के साथ रथ यात्रा निकाली गई है। रथ यात्रा शुरू करने से पहले भगवान की प्रतिमा को रथ तक लाया गया और रास्ते को सोने के झाड़ू से साफ भी किया गया । इस रस्म को छेरापहरा रस्म कहा जाता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथयात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। महाप्रभु जगन्नाथ जितने ओडिशा के लोगों को प्रिय हैं, उतने ही छत्तीसगढ़ के लोगों को भी प्रिय हैं, और उनकी जितनी कृपा ओडिशा पर रही है, उतनी ही कृपा छत्तीसगढ़ पर रही है। श्री साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से बारिश होती है। उन्हीं की कृपा से धान की बालियों में दूध भरता है। और उन्हीं की कृपा से किसानों के घर समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस साल भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी प्रार्थना है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि और खुशहाली की ओर अग्रसर करें। *मुख्यमंत्री ने सोने के झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई* राजधानी रायपुर के गायत्री मंदिर में पुरी के जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर पुरानी परंपरा निभाई जाती है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी कर सोने की झाड़ू से बुहारी लगाकर रथ यात्रा की शुरुआत की।  इसके बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय प्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक लेकर गए। *ओडिशा के तर्ज पर होती है छत्तीसगढ़ में रथ यात्रा* रथ यात्रा के लिए भारत में ओडिशा राज्य को जाना जाता है।  ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के नाते छत्तीसगढ़ में भी इसका काफी बड़ा प्रभाव है। आज निकाली गई रथयात्रा में प्रभु जगन्नाथ, भैया बलदाऊ और बहन सुभद्रा की खास अंदाज में पूजा-अर्चना की गई।  जगन्नाथ मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच की यह एक अटूट साझेदारी है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण-तीर्थ है, यहीं से वे जगन्नाथपुरी जाकर स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के मीठे बेरों को ग्रहण किया था। यहां वर्तमान में नर-नारायण का मंदिर स्थापित है।