नए साल की दावत में ‘मुर्गा विवाद,’ जर्मन शेफर्ड ने बिगाड़ा पड़ोसी का प्लान

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जशपुर/कुनकुरी,03 जनवरी 2025: नए साल का जश्न मनाने के लिए तैयारियां कर रहे एक परिवार की खुशियों पर तब पानी फिर गया, जब उनके पकवान का मुख्य किरदार, मुर्गा, पड़ोसी के जर्मन शेफर्ड कुत्ते का शिकार बन गया। इस ‘मुर्गा विवाद’ ने न सिर्फ दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ा दिया, बल्कि मामला थाने तक पहुंच गया। कहानी की शुरुआत लंबीटोली के निवासी देवनाथ राम ने नए साल की दावत के लिए एक खास मुर्गा पाला था। परिवार और दोस्तों के साथ स्वादिष्ट दावत की योजना बनाई गई थी। लेकिन उनका सपना उस वक्त टूट गया जब पड़ोसी प्रेम यादव का तीन महीने का जर्मन शेफर्ड कुत्ता उनके घर में घुसकर मुर्गे को चट कर गया। हर्जाना मांगने पर बढ़ा विवाद मुर्गा खाने की इस घटना से नाराज देवनाथ राम ने प्रेम यादव से हर्जाने में उतने ही वजन और रंग का नया मुर्गा देने की मांग की। लेकिन कुत्ते के मालिक प्रेम यादव ने हर्जाना देने से साफ इनकार कर दिया और उल्टा मुर्गे को संभालकर न रखने के लिए देवनाथ को खरी-खोटी सुना दी। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौच और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। थाने तक पहुंचा ‘मुर्गा मामला’ हालात बिगड़ते देख देवनाथ राम ने कुनकुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। दूसरी ओर, प्रेम यादव भी अपने पक्ष को लेकर थाने पहुंच गए। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की और झगड़ा न करने की हिदायत दी। समझौते पर खत्म हुआ विवाद थाने में हुई बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया। कुत्ते के मालिक ने देवनाथ राम को 500 रुपये बतौर हर्जाना दिया, और मामला शांत हो गया। शहर में चर्चा का विषय बना ‘मुर्गा विवाद‘ इस अनोखे ‘मुर्गा-कुत्ता’ विवाद ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी। नए साल पर जहां लोग पार्टी और जश्न में व्यस्त थे, वहीं लंबीटोली मुहल्ले के इस किस्से ने सबका ध्यान खींच लिया। “मुर्गा खाओ, लेकिन संभलकर!” इस घटना ने लोगों को यह सिखाया कि मुर्गे की दावत की योजना बनाते वक्त उसे सुरक्षित रखना भी जरूरी है। मुर्गा विवाद की यह कहानी भले ही मजेदार लगे, लेकिन पड़ोसियों के रिश्ते पर इसने जरूर गहरा असर छोड़ा है।  

गलतफ़हमी में दो भाइयों ने पड़ोसी को इतना पीटा कि हो गई मौत,पुलिस चौकी पर लाश रखकर कर रहे बवाल,फोर्स तैनात

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जशपुर, 27 दिसंबर 2024 : नशे में धुत्त एक ग्रामीण को आवारा कुत्ते ने काट लिया जिसपर नशेड़ी कुत्ते को गाली देने लगा,जिसे सुनकर दो भाई गलतफहमी के शिकार हो गए और झगड़ते हुए इतना पीट दिया कि दूसरे दिन उसकी अस्पताल में मौत हो गई।घटना तपकरा थाना क्षेत्र के ऊपरकछार पुलिस चौकी की है।चक्काजाम को हटाने के लिए प्रशासन के अधिकारी बीते 3 घण्टों से बातचीत कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना 25 दिसंबर की रात की है, जब उपरकछार नामनी गांव निवासी दीनानाथ राठौर को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया। नशे की हालत में दीनानाथ कुत्ते को गाली देने लगा, लेकिन पास के दो संदीप साहू और हेमराज साहू को लगा कि वह उन्हें गाली दे रहा है। इससे विवाद बढ़ गया, जो बाद में हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने डंडों से दीनानाथ पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।गंभीर हालत में दीनानाथ को जशपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल से पीएम के बाद लाश जब गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने उपरकछार चौकी के सामने लाश को रखकर ओडिशा-झारखंड सीमा पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे मारपीट की शिकायत दर्ज कराने चौकी पहुंचे, तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में लापरवाही की। फिलहाल,चक्काजाम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है,अन्यथा समय पर ईलाज मिलने से यह स्थिति नहीं बनती। आक्रोशित ग्रामीण दोषी पुलिसकर्मियों और हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन: देश ने खोया एक महान अर्थशास्त्री और राजनेता

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नई दिल्ली,27 दिसम्बर 2024 // भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का कल 26 दिसम्बर को निधन हो गया। 91 वर्ष की आयु में डॉ. सिंह ने नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कांग्रेस प्रमुख खड़गे,सोनिया गांधी, राहुल गांधी और देश के अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। एक आर्थिक सुधारक का सफर डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत (अब पाकिस्तान) के गाह गांव में हुआ था। वे बचपन से ही मेधावी छात्र थे और उच्च शिक्षा के लिए ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गए। डॉ. सिंह को 1991 में देश के आर्थिक सुधारों का मुख्य शिल्पकार माना जाता है। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की दिशा में ले जाते हुए एक नई राह दिखाई। प्रधानमंत्री के रूप में योगदान 2004 से 2014 तक डॉ. मनमोहन सिंह ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की। उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास की दर तेज हुई, और देश ने कई ऐतिहासिक समझौतों, जैसे कि भारत-अमेरिका परमाणु समझौता, पर हस्ताक्षर किए। उनकी सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शिता ने उन्हें एक अनुकरणीय नेता के रूप में स्थापित किया। सामाजिक और राजनीतिक विरासत डॉ. सिंह को भारत रत्न समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वे न केवल एक कुशल अर्थशास्त्री थे, बल्कि एक प्रेरक नेता भी थे, जिन्होंने अपने जीवन को देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। देशभर में शोक उनके निधन पर प्रधानमंत्री, विपक्षी नेताओं, उद्योगपतियों और आम जनता ने शोक व्यक्त किया। डॉ. सिंह के सम्मान में देशभर में दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उनका निधन भारतीय राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।  

जशपुर में आज हिंदू सुरक्षा मंच की आक्रोश रैली, राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की तैयारी

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जशपुर, 3 दिसंबर 2024 – आज जशपुर नगर में हिंदू सुरक्षा मंच के बैनर तले एक विशाल आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक महाराजा चौक से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक निकाली जाएगी। इस रैली का उद्देश्य बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध जताना है। हिंदू सुरक्षा मंच के संयोजक एवं सह-संयोजक द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रैली के माध्यम से बांग्लादेश में हिंदुओं पर इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा हमले, लूटपाट, आगजनी और महिलाओं-बच्चों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आक्रोश जताया जाएगा। रैली के अंत में मंच के प्रतिनिधि राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे। रैली के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि रैली के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। हिंदू सुरक्षा मंच ने जशपुर के नागरिकों से इस रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन देने की अपील की है।  

जशपुर: कुसमी से गायब महिला और दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद परिवार ने किया अंतिम संस्कार, दोषियों को फांसी देने की मांग

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जशपुर,16 नवम्बर 2024 // बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सितंबर माह में गायब हुई महिला कौशल्या ठाकुर और उनके दो बच्चों के कंकाल मिलने के बाद आज मृतिका के मायकेवालों ने जशपुर जिले के गांव बंदरचुवां में उनका अंतिम संस्कार किया। घटना को लेकर परिजनों और सर्व नाई समाज ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कुसमी थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की है। गायब होने की घटना और पुलिस पर लापरवाही का आरोप 27 सितंबर को जितिया पर्व के अगले दिन, कौशल्या ठाकुर अपने पति को बाजार जाने की बात कहकर दोनों बच्चों के साथ घर से निकली थीं। जाते समय उन्होंने अपने पति से कहा था कि देर हो सकती है, इसलिए चूल्हा जला देना। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। कौशल्या के पति सूरजदेव ठाकुर ने बताया, “हमने दो दिन इंतजार किया और फिर मायकेवालों के साथ कुसमी थाने में सूचना दी। लेकिन थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 1 अक्टूबर तक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 5 अक्टूबर को दोबारा जाने पर रिपोर्ट दर्ज हुई। हमने संदिग्धों के नाम और अंतिम लोकेशन के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी, लेकिन जांच में काफी देरी की गई। अब जाकर उनकी हत्या की पुष्टि हुई है।” सर्व नाई समाज की नाराजगी इस हत्याकांड से नाई समाज में भारी रोष है। सर्व नाई समाज के जिला अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर ने दोषियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा, “मृतिका के परिवार को न्याय दिलाना जरूरी है। सरकार को मृतिका की इकलौती बची बेटी के भविष्य की चिंता करनी चाहिए।” सर्व नाई समाज के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन ठाकुर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब महिला और बच्चे गायब हुए थे, तब केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करना और मामले को हल्के में लेना गंभीर लापरवाही है। पुलिस को इस मामले में सक्रिय होकर पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी।” मामले में दो संदिग्ध गिरफ्तार परिजनों ने बताया कि बलरामपुर पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, घटना का विस्तृत खुलासा अभी बाकी है। मृतिका के भांजे बिट्टू श्रीवास ने कहा, “पुलिस की लापरवाही की वजह से हमने अपनी बुआ और उनके बच्चों को खो दिया। हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हैं।” परिजनों की मांग परिजनों और नाई समाज ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से अपील की है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा दी जाए और लापरवाह थाना प्रभारी को तुरंत बर्खास्त किया जाए। अपनों का दर्द कुछ यूँ छलका –  सूरजदेव ठाकुर, मृतिका के पति: “कौशल्या और बच्चों के गायब होने के बाद हमने पुलिस को जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद आज वे हमारे साथ होते।”  उमाशंकर ठाकुर, जिलाध्यक्ष सर्व नाई समाज: “यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद है। दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए और परिवार की आर्थिक मदद होनी चाहिए।” अर्जुन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, सर्व नाई समाज: “पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में लापरवाही दिखाई। ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।” बिट्टू श्रीवास, मृतिका का भांजा: “हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और यह सुनिश्चित हो कि भविष्य में ऐसा किसी और परिवार के साथ ऐसा बुरा न हो।”  

मुख्यमंत्री साय का फोन बना निशा के सपनों का सहारा, किलिमंजारो पर फहरेगा छत्तीसगढ़ से तिरंगा

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रायपुर, 15 नवंबर 2024 // आज सुबह बिलासपुर की निशा यादव के जीवन में एक ऐसा पल आया, जिसने उनके सपनों को नई उड़ान दी। अलसुबह, जब उनका फोन बजा और दूसरी तरफ से एक सौम्य आवाज सुनाई दी, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। आवाज आई, “बेटा, मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोल रहा हूं। तुम्हें किलिमंजारो पर तिरंगा फहराने जाना है, और तुम्हें पैसों की कोई चिंता नहीं करनी है।” पहले तो निशा को लगा कि कोई मजाक कर रहा है। संकोच के साथ उन्होंने पूछा, “क्या आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं?” लेकिन जब मुख्यमंत्री ने निशा के सपने और उनकी पर्वतारोहण यात्रा के बारे में विस्तार से चर्चा की, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। “आपने मेरे सारे डर दूर कर दिए” निशा, जो एक साधारण परिवार से आती हैं, ने बताया कि उनके पिता एक ऑटो चालक हैं। पर्वतारोहण जैसे महंगे शौक को पूरा करना उनके परिवार के लिए मुश्किल था। निशा ने भावुक होकर कहा, “मुख्यमंत्री जी, मैं कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे सपने को पूरा करने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। आज आपने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया। मैं आपको तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।” निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर अपनी चढ़ाई और वहां तिरंगा फहराने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पर्वतारोहण न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक मजबूती की भी परीक्षा लेता है। अब उनका अगला सपना अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना है, और इसके बाद वे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना चाहती हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशा के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। आपका आत्मविश्वास और जुनून आपको आपके लक्ष्य तक जरूर पहुंचाएगा। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। आर्थिक तंगी कभी किसी के हौसले को रोक नहीं सकती। हमारी सरकार आपके साथ है।” मुख्यमंत्री के इस स्नेह और समर्थन से निशा का उत्साह दोगुना हो गया। उन्होंने कहा कि अब वे और भी ज्यादा मेहनत करेंगी और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी। निशा की कहानी न केवल उनके जैसे युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब सरकार और नेतृत्व का सहयोग मिलता है, तो कोई भी सपना असंभव नहीं रहता। जल्द ही निशा तिरंगे के साथ किलिमंजारो की ऊंचाइयों को छूने की तैयारी शुरू करेंगी। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पल न केवल निशा के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण होगा।  

धान खरीदी: 734 बोरी अवैध धान से भरा ट्रक जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

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छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान देश मे सबसे ज्यादा कीमत 3100 ₹ प्रति क्विंटल धान खरीदने वाली भाजपा सरकार में बिचौलिए-किसान और फड़ प्रभारियों की सांठगांठ जारी है।धान खरीदी शुरू होने के बाद धान परिवहन का मामला पकड़ा जाना इसका प्रमाण है। कबीरधाम,15 नवम्बर 2024 – जिले में धान खरीदी के दौरान अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने पंडरिया ब्लॉक के ग्राम रहमान काँपा के लघुवनोपजन नाके पर एक ट्रक (क्रमांक सीजी 16 सी एल 1676) को जब्त किया, जिसमें 314 क्विंटल (734 बोरी) अवैध धान लदा हुआ था। यह धान मध्य प्रदेश से लाकर कबीरधाम के राजनांदगांव में खपाने की तैयारी थी, जिससे अंतराज्यीय धान परिवहन का मामला सामने आया है। कबीरधाम जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और इसे अवैध रूप से खपाए जाने की संभावनाओं को देखते हुए कड़ी निगरानी की जा रही है। कलेक्टर वर्मा ने इस सख्ती के निर्देश दिए हैं ताकि जिले में किसानों का धान सही और उचित मूल्य पर बिक सके। जब्त किए गए अवैध धान को आगामी आदेश तक मंडी परिसर कृषि उपज मंडी, पंडरिया में सुरक्षित रखा गया है। कबीरधाम में समर्थन मूल्य पर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान खरीदी आरंभ हो चुकी है। पहले दिन 94 केंद्रों पर 1189 किसानों को टोकन जारी कर 56,520 क्विंटल धान खरीदा गया। 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से इस बार धान खरीदी हो रही है। जिले के 108 धान खरीदी केंद्रों पर कुल 1,24,787 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है, जिनके पास 1,24,411 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को उनके मेहनत का सही लाभ मिल सके और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।  

कल जशपुर में ऐतिहासिक ‘माटी के वीर पदयात्रा’ का पूरा कार्यक्रम देखिए,,,सुबह से लेकर शाम तक जनजातीय समुदायों के भव्य प्रदर्शन के साक्षी बनेंगे दिग्गज नेता

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पूरे संभाग के जनजातीय कलाओं, व्यंजन, आभूषण संस्कृति का ‘माटी के वीर पदयात्रा’ में होगा प्रदर्शन युवाओं को जनजातीय संस्कृति की समृद्धि से कराया जाएगा अवगत जशपुर, 12 नवम्बर 2024/ जनजातीय युवाओं को जनजातीय संस्कृति से परिचित कराते हुए युवाओं को जागरूक करने एवं उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 13 नवम्बर को सुबह 9 बजे से जनजातीय गौरव यात्रा ‘माटी के वीर पदयात्रा’ का आयोजन किया गया है। इस पदयात्रा में केंद्रीय युवा कार्यक्रम, खेल, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ 10 हज़ार से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा के लिए पूरे जिले में तैयारियां तीव्र गति से की जा रहीं हैं। इस पदयात्रा में पूरे संभाग की जनजातीय संस्कृति, नृत्यों, आभूषण, व्यंजन एवं परम्पराओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पुरनानगर पेट्रोल पंप के निकट बस्तर से आये गौर सिंग नाचा दल द्वारा स्वागत के साथ संभाग के सभी जिलों के हस्तशिल्प से बने आभूषणों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें जशपुर के बांस के पीढ़ा, छिन्द की चटाई, छोपी माहुल पत्ती की टोपी, छिन्द एवं कांसा की टोकरी, खोमरा (गुंगु), अम्बिकापुर की काष्टकला, बांसशिल्प कला, गोदना कला, सूरजपुर की बांस कला, बलरामपुर की वाद्ययंत्र, देवगुड़ी, जनजातीय आभूषण, मनेन्द्रगढ़ कोरिया की लकड़ी की बनी वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिलों के बने जनजातीय व्यंजनों का भी प्रदर्शन होगा। बालाछापर में पदयात्रा का स्वागत मुंडा नृत्य द्वारा किया जाएगा। वहीं गम्हरिया स्थित काष्ठागार के समीप काष्ठ कला के लाइव प्रदर्शन के साथ माई भारत कियोस्क पंजीयन, एवं जनजातीय खेलों का आयोजन होगा। इसके साथ ही करमा नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। गम्हरिया में दिया, खप्पर एवं हवनकुंड के निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। अघोर पीठ के निकट गहिरा गुरु के भक्तों द्वारा गहिरा भजनों का पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही मुंडारी नृत्य दल द्वारा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। रंगोली ढाबा के निकट जनजातीय दलों द्वारा जयद्रा नाचा एवं करमा नृत्य के अतिरिक्त सरगुजा संभाग में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, पंडों एवं बैगा जनजाति के लोगों के द्वारा अपनी पारम्परिक वेशभूषा एवं संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा। डोड़काचौरा बस्ती में कोरिया जिले के दल द्वारा शैला नृत्य एवं करमा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई करते हुए छिन्द की टोकरी, बांस की कलाकृति बनाने की जनजातीय कला का प्रदर्शन किया जाएगा। बांकी नदी पर स्थित पुल पर अम्बिकापुर के शैला नृत्य दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई करते हुए जनजातीय खेलों जैसे कबड्डी एवं खोखो का प्रदर्शन किया जाएगा। जैन मंदिर के समीप महादेवनाचा करते हुए बगीचा के दल के द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी जहां बांस की कलाकृति निर्माण के प्रदर्शन के साथ शास्त्रीय भजन संगीत का प्रदर्शन किया जाएगा। बिरसा मुंडा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनकी जीवन पर प्रकाश डालती आकर्षक प्रदर्शनी के साथ बगीचा के दल द्वारा मुण्डारी नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। महाराजा चौक पर करमा नृत्य एवं गुदुम बाजा के साथ सिहार पताई की टोपी निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। ऐतिहासिक काली मंदिर एवं बालाजी मंदिर के निकट कैशव रामायण मण्डली के द्वारा रामायण पाठ द्वारा लोगों को अभिभूत किया जायेगा। वहीं जनजातीय दलों द्वारा अगरबत्ती एवं फूल माला निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं बाला साहब देशपाण्डे उद्यान के निकट सूरजपुर के बायर नाचा दल द्वारा एवं अम्बेडकर चौक में मनेंद्रगढ़ के सुआ दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। कुमार दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा के पास नगाड़ा बाजा के साथ नारायणपुर जिले के नृत्य दल द्वारा ककसार नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं रणजीता स्टेडियम में जनजातीय समाज के युवाओं एवं माई भारत युवा स्वयंसेवकों को संबोधित किया जाएगा।

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का बड़ा बयान, नक्सलवाद से बड़ा खतरा है धर्मांतरण, बस्तर और जशपुर को लेकर किया बड़ा खुलासा

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कांकेर,04 नवंबर2024 – बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने रविवार को कांकेर में धर्मांतरण को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान दिया। धीरेन्द्र शास्त्री ने इसे नक्सलवाद से भी गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि धर्मांतरण का निशाना केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा समाज है। उन्होंने धर्मांतरण को रोकने के लिए देशभर में पदयात्रा करने का संकल्प लिया है और जल्द ही छत्तीसगढ़ के बस्तर और जशपुर में कथावाचन करने की घोषणा की है। मीडिया से बात करते हुए धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई आदिवासी क्षेत्रों में आज भी भोले-भाले लोगों को लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां अन्य समुदायों में एकता है, वहीं हिन्दू समाज में एकजुटता की कमी है, जिसे दूर करने के लिए वह कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य हिन्दू समाज को एकत्रित करना है ताकि धर्मांतरण जैसी समस्याओं का सामना किया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने मिशनरियों के स्कूलों की शिक्षा के बजाय गुरुकुल शिक्षा पद्धति अपनाने की सलाह दी। कांकेर में धर्म वापसी, 11 परिवारों ने लिया हिन्दू धर्म में लौटने का संकल्प पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना भी घटी, जब मिशनरी समाज में शामिल हो चुके 11 परिवारों ने वापस हिन्दू धर्म में लौटने का संकल्प लिया। इस धर्म वापसी से धीरेन्द्र शास्त्री के मिशन को और भी बल मिला। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने अपने कांकेर से पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह कई साल पहले कांकेर में लंबा समय बिता चुके हैं और यहां के पहाड़ा वाली मां भुनेश्वरी के दरबार में उनकी आस्था गहरी है। आने वाले समय में बस्तर और जशपुर में होंगे कथावाचन,देशभर में करेंगे पदयात्रा धर्मांतरण को रोकने के संकल्प के तहत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री जल्द ही बस्तर और जशपुर में भी कथावाचन करेंगे। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र उनकी प्राथमिकता में हैं, जहां वह धर्मांतरण की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे और लोगों को धर्मांतरण से बचने के लिए प्रेरित करेंगे। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने धर्मांतरण को रोकने के लिए देशभर में पदयात्रा करने की घोषणा की है। उनका मानना है कि यह एक सामाजिक आंदोलन है, जिसे समाज के सभी वर्गों का समर्थन चाहिए। उन्होंने कहा, “नक्सलवाद से भी ज्यादा खतरनाक धर्मांतरण है, इसे रोकना हमारी प्राथमिकता है।” इस कड़े और दृढ़ संकल्प के साथ धीरेन्द्र शास्त्री का “मिशन अगेंस्ट धर्मांतरण” न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में हिन्दू समाज को जोड़ने और धर्मांतरण के खिलाफ एकजुट करने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

अनियंत्रित स्कॉर्पियो सवार 8 लोगों की मौत,जेसीबी से निकाली लाशें,ईलाज के दौरान दो की मौत,मुख्यमंत्री ने जताया शोक

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बलरामपुर-रामानुजगंज,03 नवंबर 2024 – जिले के राजपुर में रविवार रात एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में 8 लोगों की जान चली गई। राजपुर-कुसमी मार्ग पर ग्राम लडुवा के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानी से भरी डबरी में जा गिरी, जिसमें एक ही परिवार के 4 लोगों सहित 8 लोगों की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई, जब स्कॉर्पियो सूरजपुर की ओर जा रही थी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। राजपुर पुलिस और ग्रामीणों ने JCB की मदद से पानी में डूब चुकी स्कॉर्पियो को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद स्कॉर्पियो के दरवाजे लॉक हो गए थे, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। इसके बाद सभी को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, सभी स्कॉर्पियो सवार कुसमी क्षेत्र के लरिमा गांव से सूरजपुर के लिए निकले थे। हादसे में जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलने पर मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। इस दुर्घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान इस प्रकार है: चंद्रावती (पति संजय मुंडा) कृति (पिता संजय मुंडा) संजय मुंडा (पिता वासुदेव) उदयनाथ (पिता रामेश्वर) मंगल दास (पिता धनश्याम मुंडा) भूपेंद्र (पिता हरिलाल) अभी-अभी मिली जानकारी के अनुसार, घायल बालेश्वर प्रजापत और चालक मुकेश की भी मौत हो गई है। प्रशासन ने संभाली स्थिति घटना की जानकारी मिलने के बाद राजपुर BMO डॉ. राम प्रसाद और डॉ. आलोक मिश्रा ने स्थिति का जायजा लिया। राजपुर तहसीलदार यशवंत कुमार और पुलिस की टीम भी हॉस्पिटल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने जताया शोक इस हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना से वह बेहद दुखी हैं और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।