मुख्यमंत्री के जिले में धान खरीदी पर घमासान, 9 जनवरी को 46 केंद्रों में कांग्रेस का जिला-व्यापी “धान खरीदी किसान न्याय आंदोलन”

मुख्यमंत्री के जिले में धान खरीदी पर घमासान,

9 जनवरी को 46 केंद्रों में कांग्रेस का जिला-व्यापी “धान खरीदी किसान न्याय आंदोलन”

जशपुर,08/01/2026

मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नमी, कटौती, अवैध वसूली और बिचौलियों के जरिए धान खरीदी के आरोपों को लेकर जशपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने 9 जनवरी शुक्रवार को जिले-व्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस के अनुसार जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में एक साथ सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

यह जिला-व्यापी “धान खरीदी किसान न्याय आंदोलन” जिला कांग्रेस अध्यक्ष यूडी मिंज के नेतृत्व में होगा। कार्यक्रम के वरिष्ठ मार्गदर्शक प्रदेश महासचिव एवं जिला कांग्रेस प्रभारी भानु प्रताप सिंह होंगे, जो आंदोलन को संगठनात्मक और रणनीतिक दिशा देंगे।

कांग्रेस ने आंदोलन के लिए संयोजक और सह-संयोजक भी तय किए हैं। पूर्व विधायक विनय भगत को मुख्य संयोजक बनाते हुए जशपुर जिला एवं जशपुर विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज सागर यादव को कुनकुरी विधानसभा का सह-संयोजक बनाया गया है। वहीं पत्थलगांव विधानसभा में प्रदेश महासचिव एवं जिला पंचायत सदस्य आरती सिंह को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। युवा कांग्रेस प्रभारी रवि शर्मा, महिला कांग्रेस प्रभारी रत्ना पैकरा, सेवा दल एवं सभी प्रकोष्ठों को भी आंदोलन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। कांग्रेस का दावा है कि जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में पार्टी की ओर से प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जो ब्लॉक अध्यक्षों और ब्लॉक प्रभारियों के साथ मिलकर आंदोलन को सफल बनाएंगे और किसानों के साथ खड़े रहेंगे।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के जिले में ही किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। धान खरीदी केंद्रों में नमी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित 40.680 किलोग्राम (बारदाना सहित) के मानक की अनदेखी कर अधिक तौल की जा रही है। कई केंद्रों पर बिचौलियों के माध्यम से धान खरीदी होने से किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विरोध करने पर किसानों से दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री महेश त्रिपाठी ने बताया कि 22 दिसंबर 2025 को इन गड़बड़ियों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक किसी भी दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस का आरोप है कि धान खरीदी में फैली अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।

कांग्रेस ने मांग की है कि धान की तौल निर्धारित 40.680 किलोग्राम के मानक के अनुसार की जाए, बिचौलियों के जरिए खरीदी पर तत्काल रोक लगे और राइस मिलों को विशेष निगरानी में रखा जाए, जहां से पिक-अप के माध्यम से धान मंडी आने की शिकायतें मिल रही हैं। साथ ही किसानों से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो तथा नमी के नाम पर होने वाली अवैध वसूली पूरी तरह बंद की जाए।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि 9 जनवरी का धरना-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि अन्नदाता के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसान न्याय की यह लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी।