बड़ी खबर : शेरा ने तेंदुए के जबड़े से छीनकर बचाई बच्चे की जान, वन विभाग की अनदेखी पर उठे सवाल

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इंसानी खून का स्वाद चख चुके तेंदुए पर वन विभाग की अनदेखी ने लोगों के अंदर खौफ़ बढ़ा दिया है। कांकेर,02 अक्टूबर2024/ जिले के दुधावा में बीती शाम दिल दहला देने वाली घटना हुई। 11 साल का नीरज ध्रुव अपने चाचा के घर जा रहा था, जब अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुआ नीरज को गले से पकड़कर जंगल की ओर ले जा रहा था, लेकिन तभी पालतू कुत्ता शेरा सामने आया और तेंदुए पर टूट पड़ा। शेरा की बहादुरी से तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग गया। नीरज के परिवार और ग्रामीणों ने शेरा की बहादुरी को सराहा और बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पहले उसे कांकेर और फिर रायपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, नीरज की हालत अब स्थिर है। हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र में तेंदुआ पहले भी तीन बच्चों पर हमला कर चुका है, जिसमें एक बच्चे की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद, वन विभाग अब तक तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहा है। वन विभाग के अधिकारी डीएफओ आलोक बाजपेई ने बताया कि रायपुर से एक्सपर्ट की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए पहुंच गई है, और जल्द ही उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। लेकिन, ग्रामीणों में वन विभाग की सुस्ती को लेकर नाराजगी है। पालतू कुत्ते शेरा की बहादुरी ने जहां एक ओर बच्चे की जान बचाई, वहीं वन विभाग की अनदेखी ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।  

गांधी जयंती पर मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया विशेष स्वच्छता अभियान, थाने में ली अनोखी शपथ

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जशपुर/कुनकुरी 02 अक्टूबर 2024:  सदगुरुदेव सतपाल महाराज की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति की जिला जशपुर इकाई ने गांधी जयंती के अवसर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। समिति के सदस्यों ने स्वच्छता का संदेश देते हुए कुनकुरी थाना परिसर में सफाई की और समाज को स्वच्छता के महत्व की याद दिलाई। समिति ने न केवल बाहरी सफाई बल्कि आंतरिक स्वच्छता पर भी जोर दिया, जिसमें आत्मिक और नैतिक शुद्धि का संदेश दिया गया। अभियान का नेतृत्व संस्था प्रमुख जयनन्दन यादव और सचिव सन्तोष भगत ने किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मानव धर्म की पुस्तिका भेंट की, जो जीवन में स्वच्छता और नैतिकता के महत्व को रेखांकित करती है। इस मौके पर एसडीओपी विनोद मंडावी ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “स्वच्छता अभियान देश के लिए एक बड़ा योगदान है और इससे समाज में जागरूकता फैलती है।” स्वच्छता अभियान में समिति के कई कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें जयमन यादव, देवमन्त, जगेश्वर, मनधर, नीरज राम, श्रीमती सिरीमुनी भगत, मूलो बाई, शांति देवी, उमा बाई, नेहरू राम, राधेलाल सिंह और चन्द्रकिशोर यादव शामिल थे। इन सभी ने न केवल गांधी जी के स्वच्छता के सपने को साकार करने का प्रयास किया, बल्कि समाज को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह कार्यक्रम पूरे कुनकुरी क्षेत्र में एक प्रेरणा बनकर सामने आया, जो बताता है कि स्वच्छता केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक भी होनी चाहिए।  

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए PM किसान सम्मान निधि योजना के लाभ को बढ़ाने के दिए निर्देश,किसान अनिल ने कहा – ‘मदद से हम किसानों को मिली मजबूती’

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जशपुर, 28 सितंबर 2024 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। यह योजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिससे वे अपनी खेती-बाड़ी के कामों को बेहतर ढंग से कर सकें। जशपुर जिले के कांसाबेल विकास खंड के किसान अनिल राम को इस योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “किसान सम्मान निधि से मुझे खेती करने में बड़ी आर्थिक सहायता मिली है। इस योजना का लाभ उठाकर मैं अपनी कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित कर पा रहा हूँ।” मुख्यमंत्री श्री साय के सुशासन में यह योजना सीधा किसानों तक पहुंच रही है, जिससे छोटे किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए लाभदायक है जिनके पास 2 हेक्टेयर तक कृषि भूमि है। योजना का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारना और कृषि विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाती है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के खेती-बाड़ी के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकें। अन्य लाभ इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है। यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि पूरे कृषि क्षेत्र को भी सशक्त बना रही है। किसान सम्मान निधि योजना, किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, और प्रदेश के किसान इसे सराहनीय पहल मानते हैं।  

 संवेदनशील मुख्यमंत्री की तत्परता से  बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में टूटी पुलिया की मरम्मत कार्य शुरू,सोमारू ने कहा-साय साहब कर राज मा चिंता हटिस,ओला बताए के देरी हे बस…

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जशपुर,28 सितंबर 2024 / लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जशपुर जिले के बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में आवागमन बुरी तरह बाधित हो गया था। विशेष रूप से कलिया से जोराजाम सड़क पर रांझामुड़ा नाले की पुलिया बहने से स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के आवागमन ठप होने की जानकारी मिलते ही, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, विभागीय अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिया के निर्माण कार्य को शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की, जिसके कारण उन्हें बड़ी राहत मिली। पुलिया का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे जल्द ही आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने सरकार के इस सकारात्मक कदम के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री श्री साय ने जिस तरह हमारी समस्या को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्यवाही करवाई, उसके लिए हम उनके आभारी हैं।”  

भारी बारिश : सीएम के निर्देश पर कलेक्टर ने नदी पुल पर की कर्मचारियों की तैनाती

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  जशपुर, 27 सितंबर 2024 – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में भारी वर्षा के मद्देनजर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के तहत जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने और निगरानी बढ़ाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। विशेष रूप से कुनकुरी विकासखंड के ग्राम ढोढ़ीडांड़ स्थित ईब नदी पुल पर लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कर्मचारियों की एक टीम गठित की है, जिनमें राजस्व निरीक्षक, पटवारी, और कोटवारों को शामिल किया गया है। बाढ़ नियंत्रण में तैनात प्रमुख अधिकारी: 1. श्री चन्द्रविजय साय (राजस्व निरीक्षक) – 8223960203 2. श्री विकास खलखो (पटवारी) – 8103015506 3. श्री बसंत राम (कोटवार) – 9907483152 4. श्री जगदीर कुजूर (कोटवार) – 6260919776 5. श्री रोहित कुमार सुकरा (राजस्व निरीक्षक) – 9827964811 6. श्री निशीकांत गुप्ता (पटवारी) – 7828169535 7. श्री सातु राम (कोटवार) – 6265271343 8. श्री रूबेन केरकेट्टा (कोटवार) – 9285195379   प्रशासन ने पुल के दोनों ओर बैरियर सहायक और अन्य कर्मियों को तैनात कर दिया है, ताकि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।  

हमर जशपुरिया बेटा कर राइज में दवा-दारू बढ़िया मिलथे, बिष्णु बेटा बूढ़ा मन कर उमर बढ़ाई देलक – बुधनी बाई, सीएम साय के निर्देश पर लोदाम स्वास्थ्य शिविर में बुजुर्गों की सेहत जांची गई

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुजुर्गों की सेहत पर दे रहे विशेष ध्यान जशपुर, 24 सितंबर 2024: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। इसी दिशा में जशपुर विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लोदाम में बुजुर्गों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें निःशुल्क दवाइयां और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर के दौरान वरिष्ठ नागरिकों की एनीमिया, शुगर और खून की जांच समेत कई अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। इस पहल का उद्देश्य बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ प्रदान करना है, जिससे वे स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकें। बुजुर्ग महिला बुधनी बाई ने निःशुल्क दवा मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को खूब आशीर्वाद देते हुए स्थानीय बोली में कहा कि हमर अपन बेटा विष्णु कर राइज में मोर उमर बाढ़ गेलक।ओकरो उमर भगवान बढ़ाई। इसके अलावा, शिविर में लोदाम के स्कूली बच्चों को पोषण आहार की ज़रूरत के बारे में जागरूक किया गया। बच्चों की भी हीमोग्लोबिन जांच की गई, ताकि उनमें पोषण की कमी को पहचाना जा सके और सही मार्गदर्शन दिया जा सके। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत राज्य भर में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त हो सके। इस प्रयास से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

ब्रेकिंग – सन्ना-जशपुर रोड जाम,किसानों ने किया जाम,छुट्टेवेशियों से परेशान किसान कर रहे नारेबाजी

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जशपुर,22 सितंबर 2024/ आवारा पशुओं से परेशान किसानों ने सन्ना – जशपुर सड़क जाम कर दी है।किसानों का कहना है कि आवारा मवेशियों को खुला छोड़े जाने पर महीने भर पहले से ही मवेशी मालिकों और प्रशासन को कंट्रोल करने कहा गया था।कोई सुनवाई नहीं होने और सुबह 8 बजे से ही सड़क पर चक्का जाम कर दिए हैं।स्थानीय पुलिस व तहसीलदार मौके पर जाम खुलवाने के लिए प्रदर्शनकारियों से बात कर रहे हैं लेकिन पर्दशनकारी मानने को फिलहाल तैयार नहीं हैं।

महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने नक्सल पीड़ितों की कहानी उनकी जुबानी सुनी,पीड़ितों ने मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

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  नई दिल्ली, 22 सितंबर 2024 – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से 70 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आज राष्ट्रपति भवन पहुंचा, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। बस्तर में दशकों से माओवाद के आतंक का सामना कर रहे ये लोग, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत अपनी आवाज देश की सर्वोच्च सत्ता तक पहुंचाने में सक्षम हुए। राष्ट्रपति ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि बस्तर के लोग पिछले 40 वर्षों से माओवादी आतंक का शिकार हो रहे हैं।जिनमें से कुछ लोग आपके सामने जीवित बचकर आये हैं।उन्होंने बताया कि माओवादियों के हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों स्थायी रूप से अपंग हो चुके हैं। बारूदी सुरंगों और बम विस्फोटों ने न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें गहरा आघात दिया है। उन्होंने बताया कि माओवादी आतंक ने उनके घरों, जमीन और सांस्कृतिक धरोहर को बर्बाद कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले ढाई दशकों में 8,000 से अधिक लोग इस हिंसा के शिकार हुए हैं, और आज भी कई लोग नक्सलियों के डर में जी रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए बताया कि  बस्तर में शांति बहाली और विकास के कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल के तहत बस्तर के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी योजनाओं ने बस्तरवासियों में एक नई उम्मीद का संचार किया है। प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने न केवल नक्सल उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाए हैं, बल्कि वहां के लोगों को एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए भी काम किया है। उनके नेतृत्व में बस्तर में शांति बहाली और पुनर्निर्माण के लिए गम्भीर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर शांति समिति के प्रतिनिधियों मंगऊ राम कावड़े और जयराम दास ने राष्ट्रपति से अपील की कि बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने बस्तर को फिर से उसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांति लौटाने की मांग की। महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिनिधियों की पीड़ा को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद से मुक्ति पाने के लिए  छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री की नई पहल की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।यह मुलाकात नक्सल पीड़ितों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। वहीं,राष्ट्रपति से मिलने का यह अवसर बस्तरवासियों के लिए एक आशा की किरण साबित हो सकता है, जो वर्षों से नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।नक्सल प्रभावित लोगों में उम्मीद जागी है,जो आने वाले समय में बस्तर के भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।  

*विख्यात पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानी**मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर चिकित्सकों का दल उपचार और देखभाल के लिए तैनात*

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रायपुर, 21 सितम्बर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विख्यात पंडवानी गायिका पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने श्रीमती तीजन बाई के बेहतर स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को श्रीमती तीजन बाई के बेहतर उपचार और देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर चिकित्सकों का दल द्वारा श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के दल द्वारा दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी स्थित आवास में उनकी नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच की जा रही है।  

*दर्दनाक हादसा: प्लांट में काम कर रहे मजदूर की ऊंचाई से गिरकर मौत,सेफ्टी रूल्स की अनदेखी बनी वजह,पुलिस जांच में जुटी*

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बड़ी खबर : प्लांट में मजदूर की मौत से प्रबंधन की सुरक्षा मानकों के पालन में गम्भीर चूक सामने आई है,पुलिस घटनास्थल पहुंचकर जांच में जुटी रायगढ़, 21 सितंबर: रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अंजनी स्टील प्लांट में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। बिना सेफ्टी बेल्ट के ऊंचाई पर काम कर रहे एक मजदूर की गिरने से मौत हो गई। मृतक मजदूर की पहचान राकेश (28), निवासी बिहार के रूप में हुई है। हादसे के बाद घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राकेश बिना सेफ्टी बेल्ट के काम कर रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ। प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय मजदूरों का कहना है कि इस तरह की दुर्घटनाएं नियमित रूप से हो रही हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। घटना के बाद पूंजीपथरा थाना ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्लांट प्रबंधन द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की बात सामने आ रही है, जिससे प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो सकती है। रायगढ़ जिले के विभिन्न औद्योगिक प्लांटों में आए दिन इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। मजदूरों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन सुरक्षा उपायों की अनदेखी कर रहा है, जिसके कारण मजदूरों की जान जोखिम में पड़ रही है। बावजूद इसके, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। मजदूरों की लगातार हो रही मौतों के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर से रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। जिले के कई प्लांटों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में है।