*”नक्सल प्रभावित विशेष जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई राह: नियद नेल्लानार योजना बनी वरदान”*

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विशेष लेख रायपुर, 15 सितंबर2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए नियद नेल्लानार योजना चलाई जा रही है। इससे क्षेत्रों के विकास में तेजी आई है। मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। नियद नेल्लानार योजना के तहत स्थानीय लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं और इन सुरक्षा कैंपों की पांच किमी की परिधि में आने वाले गांवों में सरकार की 12कल्याणकारी एवं विकास योकजनाओं के अंतर्गत मूलभूत संसाधन जैसे आवास, पानी बिजली,सड़क, स्कूल आदि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री की इस योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों को  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते में खाद्यान्न और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत बस्तर संभाग के 1335 परिवारों को घरेलू गैस सिलेंडर मिल गया है, जिससे उनका जीवन सहज और खुशहाल हुआ है। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में 10हजार154 परिवारों का राशनकार्ड बनवाया गया है, जिससे उन्हें सस्ता खाद्यान्न मिलने लगा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए बस्तर संभाग में नक्सल आतंक से बंद हुए42 प्राथमिक शालाओं को फिर से खुलवाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों और नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी टंकी का निर्माण कराकर सोलर मोटरपंप के माध्यम से स्वच्छजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तरह राज्य सरकार की नियद नेल्लानार योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को उठाने के साथ ही वरदान साबित हो रही है।

जनदर्शन में सीएम ने ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों की फ़रियाद सुनी, 7 गांव के किसानों को मिली राहत,सीएम को बताया “सुशासन का देवता”

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  *रायपुर, 14 सितंबर 2024* – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास पर आयोजित मुख्यमंत्री जनदर्शन के दौरान किसानों को बड़ी राहत प्राप्त हुई है। बलोदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में ओलावृष्टि से प्रभावित 7 गांवों के 772 किसानों के लिए 98 लाख 38 हजार 528 रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। गांवों में सुखरी के 79, छतवन के 174, देवगांव के 44, गनौद के 59, कुशगढ़ के 156 और कुशभाटा के 174 किसानों को इस मुआवजे का सीधा लाभ मिला है। यह राशि तहसीलदार सोनाखान द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खातों में जमा कर दी गई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। गौरतलब है कि 2023 में इन क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल पर ओलावृष्टि का कहर टूटा था। पक चुकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, और किसानों ने मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को आवेदन किया था। उस समय कुल 33 गांवों के किसानों को मुआवजा मिल चुका था, लेकिन कुछ गांवों के किसान इस राहत से वंचित रह गए थे। अब उन किसानों को भी राहत मिल गई है। नगेड़ा गांव के किसान डीगेश पटेल ने बताया कि जनदर्शन में अपनी परेशानी बताई , श्री साय की किसान हित में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश के बाद अब परिवार के सदस्यों के खातों में मुआवजा राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री जनदर्शन के तहत मिली इस त्वरित राहत से प्रभावित किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है, और यह सरकार के प्रति उनका विश्वास बढ़ा रही है।

सीएम के निर्देश पर वन विभाग द्वारा हाथी से सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन

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*जशपुर, 14 सितंबर 2024*: जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव में जन-जागरूकता लाने के लिए कार्यशालाओं और संगोष्ठियों का आयोजन करने का निर्देश दिए हैं। इसी दिशा में जशपुर जिले के ग्राम पंचायत खंटाडाड में “झांसी की रानी संकुल संगठन” की कार्यकारी समिति द्वारा वन विभाग और वन धन संरक्षण के सहयोग से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हाथियों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों पर चर्चा की गई। संगोष्ठी में बताया गया कि यदि लोग जंगल या हाथियों की उपस्थिति वाले क्षेत्रों में हों, तो उन्हें समूह में रहना चाहिए और सुरक्षित स्थानों या वाहनों में रहने की सलाह दी गई। साथ ही, हाथियों के भोजन और पानी के स्रोतों से दूर रहने की अपील की गई। संगोष्ठी के दौरान यह भी बताया गया कि जंगल सफारी या जंगल भ्रमण के समय गाइड या प्रशिक्षकों के निर्देशों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इन सावधानियों के माध्यम से लोग हाथियों के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व में रह सकते हैं और उनका प्राकृतिक आवास भी संरक्षित रह सकता है। गौरतलब है कि विष्णु देव साय कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जिसे हाथियों का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। उन्होंने खुद हाथियों के हमले में अपने करीबी लोगों को खोने का दुख सहा है और कई घरों की क्षति भी देखी है। इस पहल से क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी और सरकार के सुशासन के तहत हाथी-मानव सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिलेगा।

*जशपुर जिले में 01 से 30 सितंबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा पोषण अभियान**

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  *जशपुर, 13 सितंबर 2024* – जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से सितंबर माह के दौरान महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान ‘वजन त्योहार’ मनाकर बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन को मापा जाएगा और उसका विवरण महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही, पोषण माह के दौरान सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, और व्यंजन प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतियोगिताएं भी होंगी। पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में एनीमिया की जांच, वृद्धि की निगरानी, पूरक पोषण आहार, और गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करना है। जिले के 4315 आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहे इस अभियान से 76,000 से अधिक बच्चों को लाभ मिलेगा। कम वजन वाले बच्चों की पहचान कर कुपोषण की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। जनसामान्य के लिए भी ऑनलाइन बच्चे का वजन दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए विभागीय क्यूआर कोड और मोबाइल नंबर का उपयोग कर ऑनलाइन एंट्री की जा सकेगी।

*सड़क दुर्घटना में घायल छात्र अंकित अब पूरी तरह स्वस्थ, परिजनों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार*

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  जशपुर, 12 सितंबर,2024– करीब एक साल पहले गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हुए छात्र अंकित अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आया है। ढोलचुवा निवासी अंकित के परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की और समुचित इलाज सुनिश्चित किया। इस मौके पर परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। अंकित की दुर्घटना स्कूल जाते समय हुई थी, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं और उसकी स्थिति नाजुक हो गई थी। स्थानीय चिकित्सा केंद्र से उसे रायपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया था। हालत गंभीर होने के कारण अंकित के परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंकित के इलाज की समुचित व्यवस्था करवाई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर के अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अंकित का सफल इलाज किया। लंबे उपचार और रिहैबिलिटेशन के बाद, अब अंकित पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और सामान्य जीवन जी रहा है। परिजनों ने कहा, “अगर हमें समय पर मुख्यमंत्री कार्यालय से सहायता न मिली होती, तो शायद अंकित का उपचार इतना प्रभावी नहीं हो पाता।” सीएम कैम्प बगिया में जरूरतमंदों के आवेदन पर तत्काल सुनवाई होने लगी है।जिससे जिलेवासियों सहित पूरे प्रदेश से लोगों का आना लगातार बढ़ता जा रहा है।

*अच्छी खबर**हीराकुंड बांध से पानी छोड़ा गया, सीएम साय के अनुरोध पर ओडिशा सीएम ने तत्काल दिया आदेश,इतने गांव डूबने से बचे*

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*हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्र में आने वाले छत्तीसगढ़ के गांवों को इस वर्ष नहीं झेलनी पड़ेगी बाढ़ की विपदा* *संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में बाढ़ विपदा की आशंका को देखते हुए ओडिसा के मुख्यमंत्री से की चर्चा* *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुरोध पर ओडिसा के मुख्यमंत्री ने हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने के दिए निर्देश* *ओडिसा के मुख्यमंत्री की बाढ़ रोकने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट* *पहली बार दोनो राज्यों की जनहितैषी सरकारों के मध्य अपूर्व सामंजस्य से लोकहित में लिया गया त्वरित निर्णय* रायपुर 12 सितंबर 2024/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों के अंतर्गत रायगढ़ के गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर त्वरित गति से पहल करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से गत रात्रि चर्चा कर हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया जिससे बाढ़ की संभावित आपदा से बचाव हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ओडिसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश दिया जिससे दो दर्जन से ज्यादा गांवों में होने वाली जन-धन की संभावित हानि से ग्रामवासियों का बचाव हो सके । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी की इस संवेदनशील पहल के लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रतिवर्ष भारी बारिश की वजह से हीराकुड बांध के डुबान क्षेत्र में आने के कारण छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांवों को बाढ़ की विपदा झेलनी पड़ती थी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनो राज्यों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाली जनहितैषी सरकारों के रहने से पहली बार दोनो राज्यों के मध्य अपूर्व सामंजस्य के साथ त्वरित निर्णय लेकर लोकहित में कार्य किए जा रहे हैं। दोनो राज्यों की सरकारों के मध्य ऐसा सामंजस्य पहली बार देखा जा रहा है जिसका यह सुपरिणाम है की अब दोनो राज्यों में प्रत्येक वर्ष भीषण रूप से बाढ़ग्रस्त रहने वाले क्षेत्र वर्तमान में बाढ़ की विपदा से ग्रस्त नही है।

*किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसान को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिला नया जीवन* *बिलकिस बानो ने सीएम साय को दिया धन्यवाद*

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  *परिवार ने जताया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार, योजना से 131 मरीजों को मिला लाभ* रायपुर, 11 सितंबर 2024। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से बिलासपुर जिले के मंगला निवासी किसान मुजफ्फर खान को किडनी की गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उनका इलाज अब आसानी से हो रहा है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत उन्हें इस वर्ष के दौरान इलाज के लिए राशि स्वीकृत हुई, जिससे खान परिवार को बड़ी राहत मिली है। इस योजना से अब तक जिले के 131 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। मुजफ्फर खान, जो पिछले दो वर्षों से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे, का इलाज किसी बड़े निजी अस्पताल में चल रहा था। लेकिन हर तीसरे दिन होने वाले महंगे डायलिसिस के खर्च ने उनकी आर्थिक स्थिति को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया। उनके बेटे मुश्ताक खान ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी हासिल की और तत्काल आवेदन किया। कुछ ही समय में उनके पिता के इलाज के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत हो गई, जिससे उनका डायलिसिस और दवाओं का खर्च पूरा हो रहा है। खान परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की इस मदद से उनके पिता को नया जीवन मिला है। मुजफ्फर खान की पत्नी बिल्किस बानों ने कहा, “मुख्यमंत्री की ओर से मिली इस सहायता ने हमारी सारी परेशानियों को हल कर दिया। अब हम बिना किसी आर्थिक चिंता के उनके इलाज को जारी रख सकते हैं।” मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को 25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस वर्ष, बिलासपुर जिले में 131 मरीजों को इस योजना का लाभ मिला है, जिससे उनकी जिंदगियों में नई उम्मीद और राहत आई है। विष्णु देव साय का संवेदनशील और स्वस्थ शासन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह योजना न केवल मरीजों को जीवनदान दे रही है, बल्कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी कम कर रही है।

*पत्थलगांव को मिला नगर पालिका का दर्जा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा से क्षेत्र में खुशी की लहर*

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  रायपुर, 5 सितंबर 2024– छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने पत्थलगांव को नगर पालिका का दर्जा देने की अधिसूचना जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 के तहत, राज्य सरकार ने पत्थलगांव नगर पंचायत को अपग्रेड कर नगर पालिका बनाने की घोषणा की। इस अधिसूचना को गुरुवार को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किया गया। राज्यपाल की ओर से जारी इस अधिसूचना में बताया गया है कि पत्थलगांव नगर पंचायत, जिसकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 16,613 थी, अब नगर पालिका बनेगी। इस नए दर्जे के तहत पत्थलगांव नगर पालिका की सीमाएं पूर्व की नगर पंचायत की सीमाओं के अनुरूप ही रहेंगी। जनता में उत्साह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस घोषणा से पत्थलगांव के निवासियों में भारी उत्साह है। नगर पालिका बनने से यहां के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पालिका का दर्जा मिलने से शहर में न सिर्फ सुविधाएं बढ़ेंगी बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में भी सुधार होगा। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इस घोषणा के खिलाफ कोई भी स्थानीय व्यक्ति या प्राधिकारी अगले 21 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव जशपुर कलेक्टर को लिखित रूप में भेज सकता है।

*अभी-अभी**हर्राडांड पंचायत: दबंग ने सड़क खोदी, ग्रामीणों का आना-जाना हुआ मुश्किल, सरपंच ने की थाने में शिकायत*

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*जशपुर, 10 सितंबर 2024* – हर्राडांड पंचायत के डीपाटोली मोहल्ले में सड़क खोदे जाने से ग्रामीणों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। इस घटना से नाराज होकर ग्रामीणों ने  सरपंच राजकिशोर बैगा के नेतृत्व में थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। राजकिशोर बैगा ने बताया कि गांव के कुलदीप तिर्की, पिता पौलुस तिर्की, उम्र 45 वर्ष, ने शासन द्वारा बनाई गई तृतीय श्रेणी सड़क को जेसीबी और ट्रैक्टर से खोद दिया। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो कुलदीप ने उनकी एक नहीं सुनी और खुदाई जारी रखी।मना कर रहे लोगों के साथ उसने गाली-गलौच किया है। इतना ही नहीं, कुलदीप तिर्की ने जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पानी की पाइपलाइन को भी उखाड़ दिया, जिससे ग्रामीणों को और भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दबंगई से तंग आकर ग्रामीणों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सुनील सिंह ने तुरंत पुलिस टीम को मौके पर रवाना कर दिया है। ग्रामीणों ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है और प्रशासन से दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वर्षों पुरानी सरकारी सड़क और पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने की यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।

*जशपुर: गोल्ड ब्लॉक्स की नीलामी रद्द, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम – सुनील गुप्ता, जिला भाजपा अध्यक्ष*

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  *जशपुर, 10 सितंबर 2024* – जशपुर जिले में सोने की खदानों के लिए जारी नीलामी प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मेंडरबहार-भगोरा और बनगांव नॉर्थ स्थित गोल्ड ब्लॉक्स के लिए 30 जुलाई 2024 को जारी एनआईटी (नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। जशपुर के जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “स्वयं मुख्यमंत्री भी नहीं चाहते कि जनभावनाओं के खिलाफ कोई उद्योग यहां शुरू हो।” यह फैसला तब आया है जब फरसाबहार ब्लॉक मुख्यालय में सोना खदान की नीलामी को लेकर दो बार लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति उत्पन्न हो चुकी थी। नीलामी के खिलाफ स्थानीय लोगों में व्यापक असंतोष था, और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। **नीलामी रद्द होने के पीछे जनभावनाओं का सम्मान** नीलामी समिति की बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समिति की अनुशंसा के आधार पर, मेंदरबहार-भगोरा और बनगांव नॉर्थ स्थित गोल्ड ब्लॉक्स की नीलामी को रद्द कर दिया गया है। जिला भाजपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने विरोध प्रदर्शनों को “बेवजह का हंगामा” करार देते हुए कहा कि सरकार जनहित में काम कर रही है और मुख्यमंत्री का यह कदम स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से सरकार के सुशासन और जनसमर्थन की छवि और मजबूत हुई है। **फरसाबहार में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति** फरसाबहार ब्लॉक मुख्यालय में नीलामी के विरोध में स्थानीय लोगों ने दो बार प्रदर्शन किया था, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की नौबत आई थी। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को काबू में रखा और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम उठाए गए। यह निर्णय जशपुर जिले के विकास और स्थानीय जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, और इससे यह साबित होता है कि राज्य सरकार स्थानीय समुदायों की अपेक्षाओं और अधिकारों का सम्मान करती है। अब देखना यह होगा कि भविष्य में इस क्षेत्र में खनन और अन्य उद्योगों से संबंधित नीतियों में क्या बदलाव होते हैं, और किस तरह से सरकार इन परियोजनाओं को जनता की सहमति के साथ आगे बढ़ाती है।