कुनकुरी मंगल भवन मोड़ पर साइड देने के चक्कर में हुआ मारपीट,5 लड़के हिरासत में,पुलिस कार्रवाई में जुटी

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जशपुर – बीती रात 10 बजे के करीब कार और स्कूटी सवारों के बीच साइड देने को लेकर गाली-गलौच के बाद मारपीट हो गई।इस मारपीट की घटना की खबर पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप में चलने के बाद एएसआई मनोज साहू टीम लेकर मौके पर पहुंचे।5 लड़के पुलिस हिरासत में हैं। दरअसल,मामला कुनकुरी बाजारडांड से सरकारी शराब दुकान वाली सड़क का है।जहाँ मोड़ पर कार और स्कूटी आमने-सामने आ गए।जिससे साइड देने को लेकर विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि सलियाटोली के लड़कों और जोकबहला,रजौटी,गिनाबहार के लड़कों के बीच मारपीट हुई लेकिन पुलिस के पहुंचने पर सलियाटोली के लड़के भाग गए।वहीं हिरासत में लिए गए 5 लड़के नशे में इतने धुत्त थे कि वे आपस में ही मारपीट करने लगे।हो-हल्ला सुनकर आसपास के घरों से लोग इकट्ठा होकर तमाशा देख रहे थे। एएसआई मनोज साहू ने बताया कि झगड़ा विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर गए।वहां मारपीट करते पाए जाने पर शांति भंग करने वाले लड़कों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।अभी कार्रवाई खत्म नहीं हुई है। वहीं सरकारी शराब दुकान जाने वाली सड़क संकरी होने और कई सँकरे मोड़ होने से आये दिन साइड देने को लेकर माहौल खराब होता रहता है।सड़क किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि कम से कम शराब दुकान को ऐसी जगह ले जाएं जहां शराबी सुरक्षित आ-जा सकें।रात को 7 बजे से दुकान बंद होने तक तेज रफ्तार वाहनों के कहर से बचने के लिए आम लोग सड़क पर नहीं चलते हैं।

मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नहीं भूले किसानी,धरती माता से विष्णुदेव साय ने मांगी किसानों की खुशहाली

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जशपुर, 18 जून 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य की कमान संभालने के साथ साथ अपने पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभाल रहे हैं। उन्होंने आज अपने गृह ग्राम बगिया में मानसून की आहट को देखते हुए पुश्तैनी खेतों में खेती-किसानी की शुरूआत की। उन्होंने स्वयं एक किसान की तरह धान की बोनीे कर परंपरा का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री ने परंपरा के मुताबिक पांच बार बीजों को अपने हाथों में लेकर खेतों में बिखरा दिया, इसके बाद परिवारजनों ने भी उनका अनुसरण किया। खेती-किसानी को लेकर जशपुर, सरगुजा अंचल के किसानों में ऐसी परंपरा है, जिसमें परिवार के लोग मुखिया के साथ धान की बोनी की रस्म निभाते हैं। मुख्यमंत्री खेती-किसानी का पारंपरिक परिधान पहनकर खेतों में नजर आए। उन्होंने पगड़ी लगाई और पारंपरिक वस्त्र पहना इसके बाद टोकरी में धान बीज रखे और इनकी पूजा की गई। उल्लेखनीय है कि फसल की समृद्धि की कामना के लिए बीज छिड़कने के पूर्व यह रस्म जशपुर-सरगुजा क्षेत्र में की जाती है। छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है प्रदेश का हर किसान खेती किसानी की तैयारियों में जुट गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में बेहतर खरीफ फसल के लिए बीते दिनों कृषि विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी की। मुख्यमंत्री किसानों के सरोकार रखते हैं चूकि वे हमेशा खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्होंने समय पूर्व ही अधिकारियों को खाद बीज की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की जरूरतों के अनुरूप कृषि अदानों की व्यवस्था करने और टेक्नोलॉजी का अधिक प्रयोग करते हुए उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया था।

सीएम विष्णुदेव साय चचेरे भाई के दशगात्र में हुए शामिल,नगरपालिका अध्यक्ष थे नरेशचंद्र साय, दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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जशपुर –  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अपने गृह जिले के ग्राम बन्दरचुंआ पहुंचे। वे अपने चचेरे भाई एवं जशपुर नगर पालिका के अध्यक्ष स्व. नरेश चंद्र साय के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए। सपत्नीक उनके घर पहुंचकर मुख्यमंत्री साय ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भाव पूर्ण श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से पार्थना की। मुख्यमंत्री ने सभी परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्व. श्री नरेश चंद्र साय जी मेरे चचेरे भाई और पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री स्व. नरहरी साय जी के पुत्र थे। आज वे हमार बीच नहीं है यह हमारे लिए दुःखद क्षण है। इस दुःख की घड़ी में मैं यहां आकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से पार्थना की है। स्व.  नरेश चंद्र जी जशपुर नगर पालिका के अध्यक्ष थे। जनप्रिय नेता स्व. नरेश  क्षेत्र के विकास के लिये सदैव समर्पित रहते थे। उल्लेखनीय है कि विगत 06 जून को मुख्यमंत्री के चचेरे भाई एवं जशपुर नगर पालिका के अध्यक्ष नरेश चंद्र साय जी का निधन हो गया था।

अबूझमाड़ में नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए एसटीएफ जवान नितेश एक्का को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई,शहीद की झलक पाने के लिए उमड़ी भीड़

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**जशपुर, छत्तीसगढ़:** अबूझमाड़ में नक्सलियों के खिलाफ अद्वितीय साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए शहीद हुए विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवान नितेश एक्का के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव चरईडांड,पोर्टेंगा में दफनाया गया। इस अवसर पर आईजी अंकित गर्ग और एएसपी अनिल सोनी ने शहीद को कंधा देकर अंतिम विदाई दी। शहीद का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से जशपुर हेलीपैड लाया गया, जहां से नगर में शहीद शौर्य यात्रा निकाली गई।   नितेश एक्का का जन्म 28 फरवरी 1997 को जशपुर जिले के पोरतेंगा गांव में हेलारियूस एक्का के घर हुआ था। उनके पिता की पिछले वर्ष 23 जून 2023 को बीमारी से मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना ने उनकी माता नीलिमा एक्का और बड़े भाई अशोक एक्का को गहरे सदमे में डाल दिया है। नितेश एक्का विशेष टास्क फोर्स के अग्रिम दल की स्काउट पार्टी का हिस्सा थे, जो किसी भी अभियान में सबसे आगे रहती है और सबसे जोखिम भरी स्थिति में होती है। उन्होंने अपनी बहादुरी और कुशलता से कई अभियानों को सफल बनाया। बड़े भाई अशोक ने  बताया कि उनके शहीद भाई के प्रेरणास्रोत बालोद एसपी चाचा सुरजन राम भगत थे। नितेश को हथियार और वर्दी पहनने का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने सेना में भर्ती होने का प्रयास किया, लेकिन ऊंचाई कम होने के कारण वह सेना में भर्ती नहीं हो सके। इसके बाद, 2017 में उन्होंने छत्तीसगढ़ सुरक्षा बल में भर्ती होकर एसटीएफ में अपनी सेवाएं शुरू कीं और 28 नवंबर 2020 से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हुए। 15 जून 2024 को अबूझमाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में सिर में गोली लगने से वह शहीद हो गए। अशोक ने कहा कि नितेश की शहादत उनके वर्दीधारी जीवन की चरम सफलता थी। आईजी सरगुजा अंकित गर्ग ने श्रद्धांजलि संदेश में कहा, “नितेश एक्का ने राष्ट्र के दुश्मनों के खिलाफ अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। यह गर्व का विषय है और इस परिवार का बेटा चला गया तो दुख भी है।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलियों का दंश झेल रहा है, लेकिन अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है। हमारा लक्ष्य है नक्सलवाद का समूल नाश करना और नक्सलियों का अंत करना ही शहीद नितेश एक्का को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर बालोद एसपी ने भी अपने श्रद्धांजलि संदेश में नितेश की बहादुरी की सराहना की। शहीद नितेश एक्का को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा इलाका उमड़ पड़ा और “शहीद जवान अमर रहें” के नारे गूंजते रहे। नितेश की अद्वितीय बहादुरी और समर्पण हमेशा याद रखे जाएंगे और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।सामाजिक रीति रिवाज से मृत देह का अंतिम संस्कार पोर्टेंगा पल्ली पुरोहित सरजियूस किंडो ने कराया।प्रशासन की ओर से एसडीएम कुशवाहा,एसडीओपी चंद्रशेखर परमा उपस्थित थे।अंतिम विदाई के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत उमेश प्रधान, अनिल किस्पोट्टा,वाल्टर कुजूर,संदीप मिंज सैंडी,अभिनंद खलखो,रजनी प्रधान,विनोद प्रधान,देवधन नायक विशेष रूप से सक्रिय रहे।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पत्थलगांव में खुला ई-सायकिल बिक्री केंद्र,सेहत और धन में फायदेमंद सायकिल की खूबियां देख युवा बिक्री केंद्र पहुंचने लगे,9 ई-सायकिल बिकी

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जशपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस का परिणाम ई-सायकिल,ई-स्कूटी,ई-बाईक्स के रूप में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिल रहा है।देशी कम्पनी VERB ELECTRIC की ई-सायकिल पत्थलगांव में कॉलेज,स्कूल के स्टूडेंट्स के आकर्षण का केंद्र बना है। इसकी खूबियों के बारे में सरगुजा सम्भाग के डिस्ट्रीब्यूटर कुजूर ट्रेडर्स की प्रमुख श्रीमती नीलम कुजूर ने बताया कि भारतीय वर्ब कम्पनी के स्मार्ट ई-साईकिल पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है और पर्यावरण मित्र के साथ ही शरीर को फिट रखने का विकल्प देनेवाला आधुनिक सायकिल है।यह साइकिल इलेक्ट्रिक चार्ज से बिना पैडल मारे 50 किलोमीटर का माइलेज देता है।स्पीड की बात करें तो 25 किलोमीटर से लेकर 35 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार देता है।सबसे अच्छी बात यह है कि पेट्रोल,डीजल,सीएनजी की बढ़ती मंहगाई का यह बेहद सस्ता समाधान है।सभी उम्र के लोगों के लिए ई-सायकिल हेवी ट्रैफिक, तंग गलियों में आसानी से ले जाने के कारण काफ़ी तेजी से मार्केट में अपनी बिक्री बढ़ा रहा है।पत्थलगांव में कुजूर ट्रेडर्स ने 15 दिन पहले लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देते हुए ई-सायकिल बेचना शुरू किया है।अभी तक पत्थलगांव में 9 लोगों ने ई-सायकिल खरीदी है।वहीं 50 लोगों ने ई-सायकिल के बारे में जानकारी ली और टेस्ट ड्राइव भी किया।

अधूरे-बिगड़े संसाधनों के साथ कुनकुरी कृषि महाविद्यालय युवाओं को दे रहा पँख,उम्दा प्रयोगशालाओं व हाईटेक क्लासरूम में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने में डीन के प्रयासों की दिखी झलक

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जशपुर – 2019 में भूपेश सरकार ने जिले को कृषि कॉलेज के साथ रिसर्च सेंटर की बड़ी सौगात दी।जिसका लाभ जशपुर सहित पूरे प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है।बावजूद इसके  कुछ कमियों की वजह से कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों का मनोबल गिरता दिख रहा है। दरअसल,18 जुलाई 2019 को कुनकुरी के आईटीआई कॉलेज में कृषि कॉलेज की कक्षाएं लगनी शुरू हुईं।उधर रायगढ़ रोड पर कुनकुरी से 4 किलोमीटर दूर पंडरीपानी गांव में कॉलेज की बिल्डिंग और फिर दो हॉस्टल बनना शुरू हुआ।कॉलेज के डीन अमित कुमार सिन्हा बताते हैं कि पंडरीपानी में 2023 में कॉलेज की बिल्डिंग अम्बिकापुर के ठेकेदार शिव अग्रवाल ने गुणवत्ता के साथ बनाकर दी।जिसमें नवम्बर 2023 से हमने कॉलेज व रिसर्च सेंटर शिफ्ट किया।इसी कैम्पर में 50-50 मीटर में छात्र व छत्राओ के दो हॉस्टल भी बनाये गयेव जिसमें बीते दो महीने से विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यह आवासीय महाविद्यालय है जिसमें फ़िलहाल 40 छात्र और 25 छात्राएं रह रहे हैं।कॉलेज परिसर में टॉप क्लास के सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जिससे संस्था प्रमुख के कमरे से पूरे कैम्पस पर नजर रखी जाती है।दोनों हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी डीन के चैंबर से कंट्रोल होता है।इंटरनेट की समस्या को देखते हुए डॉ सिन्हा ने वाई-फाई सिस्टम लगाकर सभी को फ्री इंटरनेट दे दिया है। वहीं हॉस्टल में भी छात्र-छात्राओं ने डीन के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा करते हुए बताया कि यहां पढ़ाई करने,भोजन करने की अच्छी व्यवस्था है।विद्यार्थियों को ही अपना मीनू तय करने का अधिकार है।डायनिंग हॉल, किचन रूम सभी सुव्यवस्थित रखा जाता है। (भूपेश सरकार में बने छात्रावास में दीमक लगने की एक तस्वीर) इसके बाद विद्यार्थियों ने परेशानियों के बारे में पूछने पर बताया कि भवन में बिजली वायरिंग सही तरीके से नहीं हुआ है।टाइल्स लगे फर्श से दीमक निकलकर कमरों में लकड़ी और किताबों को खराब कर रहे हैं।बिजली भी बार-बार चली जाती है जिसके कारण पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है।यहां जनरेटर नहीं है।बारिश होती है तो छत से पानी टपकता है। इन सब कमियों को लेकर संस्था प्रमुख से जवाब-तलब किया गया तो उन्होंने कहा कि इन सभी परेशानियों को कम करने के लिए प्रयास कर रहा हूँ।कॉलेज परिसर में बाउंड्रीवाल, विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल व शैक्षणिक भ्रमण,कृषि फार्म आने जाने के लिए एक बस ,स्टॉफ क्वार्टर और परिसर में हॉस्टल से कॉलेज और कॉलेज से मेन रोड तक आने-जाने के लिए सड़क की मांग है। बहरहाल,उम्मीद की जा रही है कि कुनकुरी विधायक विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने से कृषि शिक्षा के बड़े केंद्र में भ्रष्टाचार का दीमक लगाने वाले  जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी और कॉलेज की परेशानियों को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।

शिक्षा विभाग समर कैंप लगाकर विद्यार्थियों की रुचिकर विधाओं को उभारने में जुटा,बन्दरचुंवा हाईस्कूल में धूमधाम से शुरू हुआ समर कैंप

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जशपुर –  जिला कलेक्टर डॉ. रवि के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने वाले विकास खण्ड कुनकुरी के शास, अशासकीय, अनुदान प्राप्त स्कूलों में समर कैंप प्रारम्भ हो गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को तरह तरह की विधाओं में पारंगत किया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर विद्यालय बन्दरचुवा में भी समर कैंप संचालित हो रहा है । रुचिकर विधा में बच्चे भाग ले रहे हैं । संस्था के प्राचार्य गुप्तेश्वर साय , ब्याख्याता आयोध गुप्ता, सी ए सी  विजय यादव के सार्थक पहल से  बन्दरचुवा में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक के बच्चे मोटिवेट होकर अच्छी संख्या मे भाग ले रहे हैं।कुछ रंगोली तो कुछ क्विज में तो कुछ चित्र कला में तो कुछ पेंटिंग में भाग ले रहे हैं। ग्रीष्म अवकाश के प्रारम्भ से ही विकास खण्ड कुनकुरी के प्राथमिक विद्यालय सलिकटोली, धूमा डाँड़, कन्या कुनकुरी, भुइहरतोली जैसे विद्यालय में अजीज प्रेमजी के ब्लॉक प्रभारियों व शिक्षकों के द्वारा समर कैंप प्रारम्भ हो गया है। हमारे जिले के जिला शिक्षा अधिकारी पी के भटनागर, डी एम सी  नरेन्द्र सिन्हा, के नेतृत्व में लगातार शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन मिल रहा है। इस कार्यक्रम के संचालन, मॉनिटरिंग, के लिए विकास खण्ड स्तर पर टीम का गठन भी किया गया है। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी सीताराम साव, सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती मारिया गोरोति तिर्की, बी आर सी सी  बिपिन कुमार अम्बष्ट के समन्वित योजना से ब्लॉक के शत प्रतिशत स्कूलों में समर कैंप संचालन के लिए प्रयास किया जा रहा है।

 धनवंतरी के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में अतिक्रमण का खिलाड़ी कौन?नगरपंचायत और सीएसची के बीच रस्साकशी का कागजी खेल जारी,,पढ़ते रहिए खबर JANपक्ष

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जशपुर – सत्ता की सरपरस्ती में भ्रष्टाचार का नँगा नाच करने वाले धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर के प्रोपराइटर की करतूत सामने आई है।पिछली खबर के दौरान जो जानकारी हमें मिली है वो काफ़ी हैरान कर देने वाली है।वहीं अवैध रूप से बने गुमास्ता लाईसेंस पर नगर पंचायत प्रशासन मौन है। पूरे छत्तीसगढ़ में आपने ऐसा मामला कहीं और नहीं देखा होगा कि हड़बड़ी में क्रेडिट लेने के चक्कर में, भूपेश सरकार का चेहरा चमकाने के लिए सत्ताधीशों ने एक दवा बेचनेवाले को अस्पताल की गोद दे दी।अब वो सिर पर चढ़ बैठा है।   दरअसल,कुनकुरी के बड़े सरकारी अस्पताल के कक्ष क्रमांक 10 में बिना लिखित अनुमति के सरकारी योजना श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर में भ्रष्टाचार की कलई खुलने लगी है। बता दें कि मामला केवल स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में अवैध अतिक्रमण तक ही सीमित नही है, योजना को लेकर की जा रही काली कमाई के साथ साथ अनेक प्रकार के भ्रष्टाचार से भी जुड़ता जा रहा है। अब तक की पड़ताल में अवैध तरीके से अस्पताल प्रबंधन एवं नगरीय प्रशासन को अंधेरे में रखकर अवैध दुकान के निर्माण की पोल खुली तो अस्पताल प्रशासन अब खुलकर सामने आ गया है।इस निर्माण को अवैध बताकर कार्यवाही करने की बात करने लगा है। गुमाश्ता में पंजीकृत दुकान के कागजात के अनुसार श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर को प्रोपराईटर विशाल गुप्ता पिता जंगली निवासी बगीचा द्वारा 16 जनवरी 2023 से संचालित किया जा रहा है तथा फार्मासिस्ट के रूप में प्रभु तिग्गा दवा दुकान में बैठते है। दुकान के संचालन के दौरान मरीजों से जानकारी मिली कि दवा का किसी प्रकार का बिल नही दिया जाता है। भुगतान भी केवल नगद के रूप में लिया जाता है, जिसके कारण अधिक भुगतान लेने पर इसे प्रमाणित भी नही किया जा सकता है। जबकि यह दुकान इसी कक्ष क्रमांक 10 में 20 अक्टूबर 2021 से यानि कि लगभग तीन सालों से चल रहा है।अस्पताल से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर को अस्थायी तौर पर शासन की महत्वपूर्ण योजना के नाम पर स्थान दिया गया था। जिसे अस्पताल प्रबंधन ने कुछ दिनों बाद स्थान की कमी के कारण अन्यत्र संचालन करने कई बार नगरीय प्रशासन को पत्र लिखा भी था। जिसपर कोई कार्यवाही नही हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी के विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक द्वारिका निकुंज द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर का संचालन अस्पताल परिसर से बाहर करने का प्रावधान है, जिससे अस्पताल के मरीजों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हो सके। परिसर में हो रहे अवैध निर्माण के सवाल पर उन्होने निर्माण हेतु किसी प्रकार की स्वीकृति न दिये जाने की जानकारी दी तथा अवैध निर्माण की सूचना उच्चधिकारियों को देकर जल्द ही कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। नगर पंचायत के इंजीनियर सुशांत मिंज द्वारा दवा दुकान संचालन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि दवा दुकान को अस्पताल भवन से अन्यत्र स्थानांतरण हेतु अस्पताल प्रबंधन द्वारा पत्र लिखा गया था। नगर पंचायत द्वारा आबंटित स्थल दूर होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को परिसर में स्थल देने हेतु आग्रह किया गया है। चल रहे निर्माण हेतु नगर पंचायत को किसी प्रकार की सूचना नही दी गई है। निर्माण दवा दुकान के संचालक द्वारा स्वयं कराया जा रहा है। इस प्रकरण की पड़ताल के दौरान चौकाने वाली जानकारी सामने आई है, जशपुर जिले के पांचों नगरीय निकाय में एक ही व्यक्ति विशाल गुप्ता के नाम पर श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर संचालित किया जा रहा है। एक ही व्यक्ति का एकाधिकार होने के कारण मरीजों से दवा का मनमाना मूल्य लिया जाना जानकारी में आया है। इस प्रकरण की भी गहन जांच करने से और भी कई अनियमित्ता सामने आने की संभावना है। मरीजों एवं आम नागरिकों को सस्ते मूल्य पर दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य की प्राप्ति के लिये इस पूरी व्यवस्था का पोस्टमार्टम कर जनता की सुविधा के अनुकूल व्यवस्था स्थापित करने में शासन और प्रशासन को ध्यान देना होगा। बहरहाल,पिछली :खबर का असर यह हुआ है कि अवैध तरीके से अतिक्रमण कर बन रही दुकान में शटर भी लग गया।ताज़्जुब इस बात पर कि जो अस्पताल नगर पंचायत को चिट्ठी लिखकर निवेदन कर रहा है कि धनवंतरी जेनेरिक दवा की दुकान को बाहर ले जाओ।उसी अस्पताल की बाउंड्री के अंदर बल्कि बाउंड्री तोड़कर धड़ल्ले से नई दुकान बनाई जा रही है।

भूपेश सरकार में संचालित जनस्वास्थ्य की दुकान अवैध तरीके से चल रही है,सांय सांय..बड़ा खुलासा जारी है,,पढ़ते रहिए ख़बर JANपक्ष

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नियमों की धज्जियां उड़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर का किया जा रहा संचालन, काली कमाई के लिये अस्पताल की जमीन पर किया जा रहा अतिक्रमणबाहरी मरीज़ों को नही मिलता सस्ती दवाओं का लाभ भ्रामक जानकारी देकर नगर पंचायत में कराया गया गुमाश्ता पंजीयन जशपुर  : आम जनता को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन भूपेश सरकार ने धन्वंतरि जेनेरिक मेडिसिन सेंटर खोला जो विष्णु सरकार में भी चल रहा है।कुनकुरी में संचालित सेंटर का मुआयना करने पर जानकारी मिली कि यहां दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके राजनैतिक संरक्षण में बड़ा काम किया जा रहा है। दरअसल, जनस्वास्थ्य के नाम पर इस खेल की शुरूवात राजनैतिक हस्तक्षेप में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के अंदर 10 नम्बर के कमरे में अवैधानिक रूप से दवा दुकान खोलने के साथ हुई। अवैधानिक इसलिए क्योंकि इस दवा दुकाम को खोलने के लिये किसी भी प्रकार की न तो अनुमति ली गई और न ही अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। यह जांच का विषय है कि यह दवा दुकान नियमों के विपरित अस्पताल भवन में खुली कैसे ? इस मामले की पड़ताल प्रारंभ होने पर पता चला कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी के भवन मं संचालित हो रही श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिसिन सेंटर से जुड़ा हुआ है और इसी दवा दुकान को इसी परिसर में संचालित करने के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर एक दुकान का निर्माण कराया जा रहा है। पड़ताल में ज्ञात हुआ कि इस दवा दुकान का गुमास्ता पंजीयन में भी वैध दस्तावेज की जानकारी दिये बगैर रहस्यमय ढ़ंग से कराया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस दुकान के संचालन को अन्यत्र किये जाने हेतु नगर पंचायत को कई बार पत्र लिखे जाने की भी जानकारी प्राप्त हुई है लेकिन लम्बा समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई कार्यवाही नही हुई है। अस्पताल परिसर में हो रहे इस अतिक्रमण के बारे में अस्पताल प्रशासन द्वारा भी किसी प्रकार की कार्यवाही किये जाने की जानकारी नही मिली है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों से जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि इस दवा दुकान को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन से हटाये जाने हेतु प्रारंभ से लिखा जा रहा है। अस्पताल परिसर में हो रहे अवैध निर्माण कार्य से अस्पताल प्रशासन जानकारी नही होने की बात कह रहा है। इस दवा दुकान से मरीजों को बेची जा रही दवा में भी अधिक मूल्य वसूल करने की मरीजों से जानकारी मिली है। दुकानदार द्वारा मरीजों को दवा का बिल भी नही दिये जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। दुकान से मनमाने मूल्य पर दवा विक्रय किये जाने की भी जांच की मांग उठ रही है।

 बिरहोरों के भाई जगेश्वर यादव को राष्ट्रपति मुर्मू ने पद्मश्री अवार्ड से किया सम्मानित,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

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जशपुर – समाज सेवक जगेश्वर यादव को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया है । आज राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में पद्मश्री से सम्मानित किया है । श्री जागेश्वर यादव का नाम 2024 के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित हुआ था। जिले के बिरहोर आदिवासियों के उत्थान हेतु बेहतर कार्य के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। बगीचा ब्लॉक के भितघरा गांव में पहाड़ियों व जंगल के बीच रहने वाले श्री जागेश्वर यादव 1989 से ही बिरहोर जनजाति के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए जशपुर जिले में एक आश्रम की स्थापना की है। साथ ही शिविर लगाकर निरक्षरता को खत्म करने और स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उनके प्रयासों का नतीजा था कि कोरोना के दौरान टीकाकरण की सुविधा मुहैया कराई जा सकी। इसके अलावा शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिली। पद्मश्री जगेश्वर यादव का जन्म जशपुर जिले के भितघरा गांव में हुआ था। बचपन से ही इन्होंने बिरहोर आदिवासियों की दुर्दशा देखी थी। उस समय घने जंगलों में रहने वाले बिरहोर आदिवासी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से वंचित थे। जगेश्वर ने इनके जीवन को बदलने का फैसला किया। इसके लिए सबसे पहले उन्होंने आदिवासियों के बीच रहना शुरू किया। उनकी भाषा और संस्कृति को सीखा। इसके बाद उन्हें शिक्षा की अलख जगाई, और स्कूलों में भेजने के लिए प्रोत्साहित किया। जगेश्वर यादव ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से चर्चित हैं। उनके बेहतर कार्य के लिए पहले भी 2015 में शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान मिल चुका है। जगेश्वर के लिए आर्थिक कठिनाइयों की वजह से यह सब आसान नहीं था। लेकिन उनका जुनून सामाजिक परिवर्तन लाने में सहायक रहा। जगेश्वर बताते हैं कि पहले बिरहोर जनजाति के लोग उनके बच्चे अन्य लोगों से मिलते जुलते नहीं थे। बाहरी लोगों को देखते ही भाग जाते थे। इतना ही नहीं जूतों के निशान देखकर भी छिप जाते थे। ऐसे में पढ़ाई के लिए स्कूल जाना तो बड़ी दूर की बात थी। लेकिन अब समय बदल गया है। जगेश्वर यादव के प्रयासों से अब इस जनजाति के बच्चे भी स्कूल जाते हैं। जगेश्वर यादव के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद से ही परिवार और पूरा गांव खुशियां मना रहा था। लोगों का बधाई देने के लिए उनके घर आने का सिलसिला जारी था । आज राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने श्री जागेश्वर यादव को पद्मश्री से सम्मानित किया। जिसके बाद से ही परिवार और पूरा गांव सहित जिले भर में लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।