दुलदुला PHC को कायाकल्प के लिए मिला प्रथम पुरुस्कार, सीएम साय ने दिया 15 लाख का चेक, और भी बहुत कुछ,,

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*छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा है स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार : मुख्यमंत्री श्री साय* *मुख्यमंत्री ने कायाकल्प राज्य स्तरीय पुरस्कारों का किया वित कायाकल्प सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं संस्था गत प्रसव कराने के लिए पाकरगांव की सी एच वो संगीत सिंगार को किया गया सम्मानित रायपुर 23 दिसंबर 2024/ “प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।”  मेडिकल कॉलेज रायपुर में कायाकल्प राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए  सीएम साय ने यह बात कही। जशपुर जिले से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला को मिला। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जात्रा को प्रशस्ति पत्र और 15 लाख का चेक प्रदान किया गया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य में अच्छे कार्य के लिए पत्थलगांव विकास के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पाकरगांव की सी. एच. ओ. संदीपा सिंगार को संस्था गत प्रसव कार्य में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया। कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास ने स्वास्थ्य विभाग के टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में स्वास्थ्य योद्धाओं, टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया और चिकित्सकीय संवर्ग के नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ होगा तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ हो रही हैं। उन्होंने प्रदेश में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 11 लाख से अधिक लोगों के स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य अमले को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परिवेश की स्वच्छता के साथ ही अस्पताल की स्वच्छता भी बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब स्वच्छ भारत का संकल्प लिया था, उसमें अस्पताल की स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांसद रहने के रहने के दौरान मेरे दिल्ली स्थित निवास में इलाज के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता था। एम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन मेरे आवास में ही रुकते थे। तब मेरे घर की व्यवस्था देख श्रद्धेय स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने कहा था कि तुमने तो अपने घर को मिनी एम्स बना रखा है। श्रद्धेय अटल जी के कार्यकाल के दौरान रायपुर एम्स की जब स्वीकृति मिली तो वास्तव में छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का रास्ता खुल गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील नेतृत्व ने आम जनता के कारगर इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना तैयार की। गरीबों के लिए पांच लाख रुपए तक के इलाज की व्यवस्था हो गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वो अपने वयोवृद्ध लोगों का कितना ख्याल रख पाता है। हमारे बुजुर्ग अपना पूरा जीवन समाज के लिए देते हैं और समाज का फर्ज है कि उनकी पूरी देखरेख करें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों के लिए भी पांच लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का फोकस है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भी मिले। लोगों के आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़िया हुआ है इसका असर मेडिकल टूरिज्म के रूप में दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में भी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल्स में पड़ोसी राज्यों से भी मरीज आते हैं। हम लगातार छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचना को बेहतर करने काम कर रहे हैं। आंबेडकर हास्पिटल में हम 700 बिस्तर अस्पताल भवन तैयार कर रहे हैं। इसके बाद यहां की क्षमता दो हजार मरीजों की हो जाएगी।छत्तीसगढ़ में मेडिकल कालेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हाल ही में हमने चार मेडिकल कालेजों के भवन निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। हमारे हिंदी मीडियम के और ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा में किसी तरह की दिक्कत न आये, इसके लिए हम हिंदी माध्यम में मेडिकल की शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। मेडिकल कालेजों में पीजी की सीटें भी बढ़ाई गई हैं ताकि विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में लिए गए बड़े निर्णय और अपने प्रयासों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने मेकाहारा में 700 बिस्तर अस्पताल की स्वीकृति, 4 नए मेडिकल कॉलेज भवन की स्वीकृति और बुनियादी स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

बड़ी खबर: खेल-खेल में खलिहान जलाने से मासूम की दर्दनाक मौत, एक बालक बाल-बाल बचा

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जशपुर,21 दिसम्बर 2024 – खेल-खेल में मासूम बच्चों की नादानी ने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। कुनकुरी थाना क्षेत्र के घटमुण्डा नवाटोली में गुरुवार दोपहर 3 बजे के करीब हुई इस घटना में 7 वर्षीय एल्ड्रियन पिता प्रबोध एक्का की दर्दनाक मौत हो गई। खलिहान में खेलते-खेलते लगी आग समाजसेवी सेराज खान से मिली जानकारी के अनुसार, घटमुण्डा के पास 4-5 किसानों का संयुक्त खलिहान है, जहां दो बच्चे, एल्ड्रियन और अविरल पिता रोहित एक्का (उम्र 7 वर्ष), खेल रहे थे। खेलते-खेलते उनमें से किसी एक ने माचिस जलाकर पुआल में आग लगा दी। तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर खलिहान को चपेट में ले लिया। एक बचा, एक फंस गया आग लगने के दौरान अविरल किसी तरह कूदकर खलिहान से बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन एल्ड्रियन अंदर फंस गया। धुएं और आग के बीच दम घुटने से वह बेहोश होकर गिर पड़ा।बच्चे को बचाने के चक्कर में पिता भी झुलस गया है।हालांकि वह खतरे से बाहर है। परिजनों और प्रशासन का घटनास्थल पर पहुंचना आग की सूचना मिलते ही परिजन दौड़ते हुए खलिहान पहुंचे। अंदर फंसे एल्ड्रियन को निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह ने पुलिस और दमकल टीम को मौके पर भेजा। इसके अलावा, एसडीएम नन्द जी पांडे ने भी घटनास्थल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पुलिस कर रही कार्रवाई मृतक के पिता प्रबोध एक्का घटना की जानकारी थाने में दे रहे हैं। वहीं, प्रधान आरक्षक रामानुजम पांडे ने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। सावधानी की अपील इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि खलिहानों के पास बच्चों को खेलने न दें और आग से संबंधित किसी भी गतिविधि पर विशेष ध्यान दें।  

जशपुर पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार

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जशपुर, 21 दिसंबर 2024: पुलिस ने अपनी कुशलता और तत्परता से अंधे कत्ल के एक जटिल मामले को मात्र 24 घंटे में सुलझा लिया। आरोपी अंकित मिंज (23) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि मामले में शामिल एक 15 वर्षीय नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। मामले का खुलासा घटना 19 दिसंबर को चौकी करडेगा थाना तपकरा क्षेत्र के घांसीमुंडा गायबेड़ा स्थित एक तालाब में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से शुरू हुई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने शव को बाहर निकाला और मृतक की पहचान भूषण तिर्की (30), निवासी ग्राम केरसई बड़ा बस्ती, के रूप में की। शव की फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत को होमोसाइडल (हत्यात्मक) करार दिया गया। इसके बाद पुलिस ने अप. क्र. 123/24 धारा 103, 238 भा.दं.सं. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना का सिलसिला जानिए पुलिस जांच में पता चला कि मृतक भूषण तिर्की और आरोपी अंकित मिंज के बीच 14 दिसंबर को शराब पार्टी के दौरान विवाद हुआ था। विवाद पेन ड्राइव छिपाने को लेकर बढ़ा, जिसके बाद गुस्से में आरोपी ने भूषण की पिटाई की। आरोपी ने लकड़ी के डंडे से वार कर भूषण की हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक की बोरी में डालकर तालाब में फेंक दिया। आरोपी ने नाबालिग रिश्तेदार की मदद से शव को ठिकाने लगाया और सबूत मिटाने की कोशिश की। मृतक की मोटरसाइकिल को पुलिया से नीचे गिरा दिया गया और प्लास्टिक की बोरी व रस्सी को जला दिया गया। पुलिस की कार्यवाही जशपुर पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी और एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद मंडावी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से जांच करते हुए आरोपी अंकित मिंज को गिरफ्तार किया। आरोपी के मेमोरण्डम पर हत्या में प्रयुक्त डंडा, मृतक का मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद की गई। टीम का सराहनीय योगदान इस जटिल मामले को सुलझाने में सायबर सेल और पुलिस टीम, जिसमें चौकी प्रभारी उपरकछार सउनि रामनाथ राम, आरक्षक दिलीप खलखो, सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक नसरुद्दीन अंसारी, और अन्य अधिकारी शामिल थे, का योगदान सराहनीय रहा। पुलिस अधीक्षक का बयान पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा, “जशपुर पुलिस ने अंधे कत्ल की इस गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम की तत्परता और समर्पण के लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।”  

जशपुर एसपी शशिमोहन सिंह के विशेष अभियान के तहत प्रतिबंधित नशीली दवाओं का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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जशपुर,14 दिसम्बर 2024 : जिले में युवाओं और बच्चों को नशे के जाल से बचाने के लिए पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने प्रतिबंधित स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन (ट्रामाडोल) दवा बेचने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 13 दिसंबर 2024 को मुखबिर की सूचना पर नार्कोटिक्स टीम द्वारा कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कुनकुरी के मस्जिद मोहल्ला निवासी आरोपी मकसूद उर्फ मिस्टर से 407 नग प्रतिबंधित नशीली दवा के कैप्सूल, एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। जब्त सामग्रियों की कुल कीमत लगभग 30,000 रुपये आंकी गई है।पुलिस ने इससे पहले कुनकुरी के ड्रग पैडलर दिवाकर ताम्रकार और तारा बाबा पर प्रतिबंधित दवा पकड़े जाने पर कार्रवाई की जा चुकी है। एसपी शशिमोहन सिंह का युवाओं के नाम सन्देश : नशीली चीजों का सेवन करने से आपकी सेहत,आपका कैरियर ,आपकी आर्थिक स्थिति सबकुछ बर्बाद हो जाएगा।ये घुन की तरह आपको खा जाएगा।इसलिए आप लोग अपने कैरियर पर ध्यान दें।पुलिस नशीली दवाओं के कारोबार को बंद करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।इसको लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। विशेष अभियान की सफलता पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक संतोष तिवारी, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर प्रसाद वारले,प्रधान आरक्षक ढलेश्वर यादव, आरक्षक नंदलाल यादव,चंद्रशेखर बंजारे,सुरेश एक्का,औषधि निरीक्षक योगेश परस्ते की विशेष भूमिका रही। जिले के नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के इस अभियान की सराहना की है और इसे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशे के कारोबार से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए तुरंत पुलिस को सूचित करें।  

बांग्लादेशी नाव में मछलियों को लेकर विवाद, ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की

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कोलकाता,13 दिसम्बर 2024 – भारतीय जलक्षेत्र में मछली पकड़ते पकड़ी गईं दो बांग्लादेशी नावों और 78 मछुआरों को तटरक्षक बल द्वारा जब्त किया गया था। हालांकि, इन नावों और मछुआरों को गृह और विदेश मंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद ही छोड़ा जा सकेगा। लेकिन इसी बीच नावों में मौजूद 170 टन मछलियों को लेकर विवाद गहरा गया है। ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का विरोध ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए सरकार को चेतावनी दी है। संघ ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि यह मछलियां भारतीय मछुआरों का अधिकार हैं और उन्हें किसी भी हाल में बांग्लादेश को नहीं सौंपा जाना चाहिए। इस विवाद को लेकर संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा है। संघ का आरोप: संघ ने आरोप लगाया कि 16 अक्टूबर को भारतीय नाव “जय जगन्नाथ” और “बसंती” को बांग्लादेश तटरक्षक बल ने पकड़ा और उनमें मौजूद 30 टन मछलियों को वहीं नीलाम कर दिया।हमारे 60 मछुआरे अभी तक रिहा नहीं किये गए हैं। इसके बावजूद भारतीय सरकार ने बांग्लादेशी नावों और मछुआरों को तुरंत माफी देकर वापस जाने दिया। सरकार पर सवाल ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीकांत कुमार परिडा ने कहा, “हमारी सरकार का रवैया बांग्लादेश के प्रति नरम क्यों है? 170 टन भारतीय मछलियां हमारे मछुआरों की आजीविका हैं। सरकार चाहे नावें छोड़ दे, लेकिन हम मछलियों को नहीं छोड़ेंगे।” संघ की चेतावनी उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो 15 लाख मछुआरे विरोध प्रदर्शन करेंगे और बांग्लादेशी नावों को रोकने के लिए मजबूर होंगे। — प्रधानमंत्री के नाम पत्र का सारांश (हिंदी अनुवाद) सेवा में, माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी, विषय: बांग्लादेशी नावों से जब्त की गई मछलियों की नीलामी के संबंध में हस्तक्षेप की मांग श्रीकांत परिडा, अध्यक्ष, ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने पत्र के माध्यम से लिखा है कि जब भारतीय नावें बांग्लादेश द्वारा पकड़ी जाती हैं, तो न केवल नाव और मछुआरों को दंडित किया जाता है, बल्कि उनकी मछलियों को भी जब्त कर नीलाम कर दिया जाता है। पत्र में उन्होंने आग्रह किया कि जब्त की गई 170 टन मछलियों को तुरंत नीलाम किया जाए और उससे होने वाली आय को स्थानीय मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए उपयोग किया जाए। उन्होंने लिखा: “यह न केवल हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय मछुआरों की आजीविका पर भी प्रभाव डालता है। यदि सरकार तुरंत कार्रवाई नहीं करती, तो यह स्थानीय मछुआरों और समुद्री पारिस्थितिकी पर बुरा प्रभाव डालेगा।” निवेदन: “आपके नेतृत्व में हमें विश्वास है कि यह मुद्दा जल्द ही भारतीय मछुआरों के अधिकारों और हितों की रक्षा करते हुए सुलझाया जाएगा।” Yours faithfully, श्रीकांत परिडा अध्यक्ष, ओडिशा मरीन फिश प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन  

वर्ल्ड रिकार्ड: विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक प्रतिकृति शिवलिंग बना मधेश्वर पर्वत,गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड ने सीएम साय को दिया सर्टिफिकेट

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गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ जशपुर, 11 दिसंबर 2024: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिलने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त हुआ है। इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में ‘लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री को सौंपा गया वर्ल्ड रिकॉर्ड का मान्यता प्रमाणपत्र  गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि श्रीमती हेमल शर्मा और अमित सोनी ने मुख्यमंत्री श्री साय को वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट सौंपा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े भी उपस्थित थे। जशपुर जिले को मिली नई पहचान यह उपलब्धि जशपुर जिले के पर्यटन को एक नई ऊंचाई तक ले जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जशपुर को प्रसिद्ध पर्यटन वेबसाइट EaseMyTrip.com पर शामिल किया गया था, जिससे यह छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा जिला बना जिसने इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त की। अब मधेश्वर पहाड़ को मिली यह मान्यता न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र को और मजबूती देगी बल्कि जशपुर को पर्यटन और रोमांचक खेलों का हब बनाने में भी सहायक होगी। मधेश्वर पहाड़: आस्था और रोमांच का संगम मधेश्वर पहाड़, जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। शिवलिंग के आकार में बनी इसकी प्राकृतिक संरचना इसे अद्वितीय बनाती है। स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग मानते हैं और यह स्थान धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण 1. धार्मिक महत्व: यहाँ हर साल बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। विशेष रूप से महाशिवरात्रि और सावन के महीनों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। 2. प्राकृतिक सुंदरता: मधेश्वर पहाड़ अपनी नैसर्गिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है। 3. एडवेंचर स्पोर्ट्स: पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह स्थान तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जशपुर जिले में इन गतिविधियों के लिए असीम संभावनाएँ मौजूद हैं। जशपुर का बढ़ता पर्यटन महत्व जशपुर को हाल ही में EaseMyTrip.com में शामिल किया गया था, जो जिले की प्राकृतिक खूबसूरती और पर्यटन स्थलों को वैश्विक मंच पर लाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने की अपील मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे मधेश्वर पहाड़ जैसे प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण करें और इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जशपुर जिले को छत्तीसगढ़ का पर्यटन गढ़ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भविष्य की संभावनाएँ इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटकों की सुविधा के लिए नई योजनाओं पर काम करने का निर्णय लिया है। मधेश्वर पहाड़ को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने की योजना तैयार की जा रही है।  

छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक: विकास, रोजगार और खेलों को बढ़ावा देने के कई निर्णय

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रायपुर, 11 दिसंबर 2024 – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार, खेल और आर्थिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं: द्वितीय अनुपूरक बजट अनुमोदन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए द्वितीय अनुपूरक अनुमान को मंजूरी दी गई। इसे विधानसभा में प्रस्तुत करने हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024 का अनुमोदन किया गया। आदिवासी युवाओं को पुलिस भर्ती में राहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए पुलिस भर्ती में ऊंचाई और सीने के मापदंडों में एक बार के लिए छूट प्रदान की गई। वर्ष 2024 की सीधी भर्ती प्रक्रिया में इन मापदंडों को कम करते हुए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया गया। विधेयकों का अनुमोदन कैबिनेट ने विभिन्न विधेयकों को मंजूरी दी, जिनमें छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक, और छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा प्रदेश में डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर का निर्णय लिया गया। यह कदम दुग्ध उत्पादन लागत घटाने और किसानों को सुदृढ़ विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। खेल संस्कृति को बढ़ावा खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल क्लबों की स्थापना, पारंपरिक खेलों का पुनर्जीवन, और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वाहनों पर रोड टैक्स में छूट रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों पर 50% रोड टैक्स की छूट दी जाएगी। इस निर्णय से ऑटोमोबाइल सेक्टर में वृद्धि की उम्मीद है। धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निपटान के लिए नीलामी का प्रावधान किया गया है। साथ ही फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाओं का अनुमोदन किया गया। नवाचार और प्रशासनिक सुधार पंचायत राज अधिनियम और नगर पालिका अधिनियमों में संशोधन के विधेयकों को मंजूरी दी गई। जीएसटी संशोधन विधेयक को भी मंजूरी मिली, जिससे कर प्रणाली में सुधार होगा। आर्थिक प्रोत्साहन राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि का वितरण प्रारंभ करने और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर ₹80 करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “आज के फैसले प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन और खेल संस्कृति को सशक्त बनाएंगे। ये कदम छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।”  

बड़ी खबर : लव ट्राइएंगल के चक्कर में आउट हाऊस में हुई मौत,प्रेमी समेत दो गिरफ्तार,जांच जारी

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जशपुर – 5 माह पहले अपने जीजा के घर से गायब हुई नाबालिग बच्ची का शव कुनकुरी थाना इलाके के महुआटोली गांव के खेत में मिली है।एसपी शशिमोहन सिंह ने घटना का कारण त्रिकोणीय प्रेम से उपजे विवाद को बताया है जिसमें नाबालिग द्वारा प्रेमी के आउट हाउस में खुदकुशी करने के बाद लाश को प्रेमी ने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपने ही खेत मे दफना दिया।जिसका खुलासा प्रेमी हेमंत प्रधान ने पुलिस के समक्ष किया है। दरअसल, घटना 6 अगस्त 2024 की है जब दुलदुला थाना क्षेत्र के 5 अगस्त को एक गांव में नाबालिग बच्ची अपने जीजा के घर आई हुई थी जो दूसरे दिन रात को अचानक गायब हो गई।बाद में फोन करने पर बालिका ने अपनी सहेली के यहां होना बताई।जिसके बाद घरवालों की चिंता खत्म हो गई। लेकिन इधर जैसा कि पुलिस ने बताया, लाश को ठिकाने लगाने वाला मुख्य आरोपी हेमंत प्रधान का 16 वर्षीय नाबालिग बालिका से प्रेम सम्बन्ध था।जिसे वह लेकर अपने खेत के पास आउट हाउस में रखा था।इसी दौरान प्रेमी के मोबाइल से किसी और लड़की से बातचीत होना देखकर मृतिका ने विवाद किया और दूसरी प्रेमिका को भी बुला लिया।इसको लेकर मृतिका काफी नाराज हुई और आउट हाउस में फांसी लगा ली।जब प्रेमी कमरे में आया तो शव लटकते देखकर अपने बड़े भाई नितेश प्रधान और चाचा सचनन्दन प्रधान को बताया।फिर तीनों ने मिलकर सौ मीटर दूर अपने खेत मे दफना दिया और उसके ऊपर धान की रोपाई कर दी।घटना के दूसरे दिन आरोपी हैदराबाद चला गया।   इधर जब एक माह बीतने के बाद बालिका घर नहीं लौटी तो परिजनों ने सितंबर माह में दुलदुला थाने में बच्ची के अपहरण का एफआईआर दर्ज कराया।एसपी शशिमोहन सिंह ने घटना की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल एक टीम गठित कर मामले की छानबीन करने के निर्देश दिए।विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि अपहृत बालिका का प्रेम प्रसंग कुनकुरी थाना क्षेत्र के महुआटोली गांव के युवक हेमंत प्रधान से चल रहा था।जिसकी पता-तलाश में उसका पता हैदराबाद में होना बताया गया।जिसे जशपुर पुलिस की टीम बड़ी मशक्कत के बाद हैदराबाद से लेकर आई।   आरोपी और सहआरोपियों की निशानदेही पर खेत मे दफन शव का विधिवत उत्खनन कराया गया।शव की शिनाख्ती मृतिका की माँ ने की है।मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट व डॉक्टरों की टीम पहुंची हुई है।इस सनसनीखेज मामले की जाँच जारी है।घटनास्थल पर एसपी शशिमोहन सिंह,डीएसपी चंद्रशेखर परमा,एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी,थाना प्रभारी दुलदुला कृष्णा साहू,कुनकुरी सुनील सिंह ,हेड कांस्टेबल निर्मल बड़ा, मोहन बंजारे,छविकान्त पैंकरा,आरक्षक नन्दलाल यादव,गणेश यादव कार्रवाई में जुटे हुए हैं।  

प्राचार्य एम.जेड.यू. सिद्दीकी को मिली डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी की उपाधि, बिरहोर जनजाति के विकास पर किया शोध

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जशपुर,5 दिसम्बर 2024 – जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य श्री एम.जे.यू. सिद्दीकी को डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की गई है। उनका शोध बिरहोर जनजाति की शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास पर केंद्रित रहा। शोध का विषय “शिक्षा का व्यक्तिगत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक विकास पर प्रभाव और बिरहोर जनजाति के उत्थान में इसकी भूमिका” था। श्री सिद्दीकी ने बताया कि बिरहोर जनजाति के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के लिए नीतियां बनाने की आवश्यकता है। इस शोध के निष्कर्ष से सरकार द्वारा नीति निर्माण में सहायता मिलेगी, जिससे बिरहोर जनजाति के सामाजिक उत्थान में मदद हो सकेगी। इस उपाधि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। श्री सिद्दीकी का कहना है कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे जशपुर जिले के लिए गौरव का विषय है।  

पीड़िता को रेपिस्ट फोन पर कहता था – मुझे कोई पकड़ नहीं सकता,एसपी शशिमोहन ने दिया टास्क,विशेष टीम ने यूँ पकड़ा ,,,,

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जशपुर, 29 नवम्बर 2024 – जिले में शादी का झांसा देकर महिला के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को पुलिस ने झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की। दरअसल,पीड़िता ने जनवरी 2024 में कुनकुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 2018 में वासिफ अंसारी, निवासी सिमडेगा (झारखंड), से उसकी पहचान हुई थी। वासिफ ने उसे शादी का झांसा देकर 2019 में शारीरिक संबंध बनाए और 2023 तक लगातार शोषण करता रहा। जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो वासिफ बहाने बनाने लगा। इस पर कुनकुरी थाने में आरोपी के खिलाफ धारा 376 (2)(ढ), 493 भादवि. और 3(2-v) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिससे पुलिस को काफी समय तक उसकी तलाश करनी पड़ी। विशेष न्यायालय जशपुर ने आरोपी के खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया था। एसपी शशिमोहन सिंह ने सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें थाना प्रभारी सुनील सिंह, एएसआई मनोज साहू, प्रधान आरक्षक छविकांत पैंकरा, आरक्षक राजेंद्र तिर्की और साइबर सेल प्रभारी नसरूद्दीन अंसारी शामिल थे। ऐसे पकड़ा गया आरोपी: पुलिस टीम को जानकारी मिली कि वासिफ अंसारी झारखण्ड लातेहार के पुंदाग क्षेत्र में छिपा हुआ है। टीम ने वहां पहुंचकर लगातार तलाश की और उसे हिरासत में लिया। आरोपी की उम्र 29 वर्ष है और वह सिमडेगा के ईदगाह मोहल्ला का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया है। इस सफल कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।