सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने से छात्रा की तबीयत बिगड़ी,रसोइया ने दिया जहरीला टेबलेट! जमीन विवाद से जुड़ा मामला गर्माया

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जशपुर,25 नवम्बर 2024 – कुनकुरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला टोंगरीटोली में मिड-डे मील खाने के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। घटना में संदिग्ध परिस्थितियों को लेकर गांव में आक्रोश है। छात्रा नव्या यादव (कक्षा 5) को मिड-डे मील कड़वा लगा, जिसके बाद उसने खाना छोड़ दिया। घर पहुंचने पर उसे चक्कर, सिरदर्द, और पेट दर्द होने लगा। छात्रा को कुनकुरी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया। घटना का विवरण नव्या के पिता नरेश यादव के अनुसार, दोपहर में स्कूल के भोजन में गड़बड़ी का पता चलते ही नव्या ने खाना घर ले जाने का निर्णय लिया। रास्ते में रसोइया भी उनके साथ गई। बताया गया कि नव्या की रसोइया ने रास्ते में खाने की थाली से थोड़ा भोजन चखा, जिसके बाद उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। दोनों को कुनकुरी के हॉलीक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विवाद की ये है पृष्ठभूमि नरेश यादव ने बताया कि यह मामला केवल खाने की गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पारिवारिक जमीन विवाद की गहराई छिपी है। नरेश के परिवार का अपने ही रिश्तेदार बैजनाथ यादव और उसके बेटे रघुनाथ, बसंत और देवनाथ से दो साल से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते दोनों पक्षों में तनाव है। नरेश का कहना है कि बैजनाथ और उसके परिवार ने उनकी जमीन पर कब्जा कर रखा है और फसल भी काटकर ले जा रहे हैं। तहसील कोर्ट में मामला विचाराधीन है, लेकिन परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है।इसी के कारण छात्रा को खाने में जहरीला टेबलेट मिलाया गया।खाने की थाली को छात्रा के परिजन सुरक्षित रखे हैं। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। हालांकि, मामला नारायणपुर थाने का होने के कारण अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। डॉक्टरों के अनुसार, नव्या की हालत खतरे से बाहर है लेकिन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। मिड-डे मील में क्या गड़बड़ी हुई, यह जांच का विषय है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को जानकारी दी गई है, लेकिन कार्रवाई की प्रतीक्षा है। प्रशासन से न्याय की मांग नरेश यादव और उनके परिवार ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मिड-डे मील में हुई गड़बड़ी और जमीन विवाद का आपस में कोई संबंध हो सकता है। गांव के लोगों ने भी प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने कृषि पशु की हत्या कर मांस भक्षण करनेवाले दर्जनभर से ज्यादा लोगों को सलाखों के पीछे धकेला

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नारायणपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर मौके से कृषि पशु का मांस, हथियार और अवशेष किए जब्त जशपुर, 25 नवंबर 2024/ छत्तीसगढ़ के नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेहराखार में मवेशी का वध कर मांस बनाने और खाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सतीश सोनवानी के नेतृत्व में की गई। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में मवेशी का मांस, अवशेष और वध में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद किए गए हैं। घटना का विवरण 24 नवंबर 2024 को नारायणपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बेहराखार में अश्विन कुजूर के घर पर कुछ लोग मवेशी को मारकर कर मांस पका रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी ने टीम के साथ मौके पर छापा मारा। मौके पर रोहित कुजूर, संजय कुजूर, अश्विन कुजूर, अनुरंजन कुजूर, दीप कुमार तिर्की, बरथोलुयिस लकड़ा, प्रकाश तिर्की, पोलडेक लकड़ा, रानू कुजूर, अजमेस लकड़ा, संदीप कुजूर, तेलेस्फोर कुजूर, नवीन मिंज और आशीष टोप्पो मौजूद मिले। पुलिस ने मौके से दो बड़े बर्तनों में पकाया हुआ 10 किलो गौमांस, सफेद बोरे में गौवंश के अवशेष, वध में इस्तेमाल की गई टांगी और दो बैठी (धारदार हथियार) बरामद किए। कानूनी कार्रवाई थाना नारायणपुर में सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा बीएनएस अधिनियम की धारा 325, 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को 24 नवंबर को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी: 1. रोहित कुजूर (28 वर्ष) 2. संजय कुजूर (32 वर्ष) 3. अश्विन कुजूर (32 वर्ष) 4. अनुरंजन कुजूर (25 वर्ष) 5. दीप कुमार तिर्की (25 वर्ष) 6. बरथोलुयिस लकड़ा (50 वर्ष) 7. प्रकाश तिर्की (45 वर्ष) 8. पोलडेक लकड़ा (35 वर्ष) 9. रानू कुजूर (31 वर्ष) 10. अजमेस लकड़ा (25 वर्ष) 11. संदीप कुजूर (35 वर्ष) 12. तेलेस्फोर कुजूर (57 वर्ष) 13. नवीन मिंज (30 वर्ष, निवासी कांसाबेल) 14. आशीष टोप्पो (28 वर्ष, निवासी कांसाबेल) गिरफ्तारी और जांच कार्य में उपनिरीक्षक सतीश सोनवानी, शिव कुमार यादव, सहायक उपनिरीक्षक भिनसेंट टोप्पो, प्र. आरक्षक अजय कुजूर, रंजीत खलखो, पूरन चंद पटेल, बेलसाजर तिग्गा, प्रदीप भगत, जीवन मसीह, और अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई ने समाज में सख्त संदेश दिया है कि गौवंश संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। जशपुर पुलिस ने इस घटना पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई कर कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। (सोर्स – जशपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति)  

ठंड से मौत! गोकुला मेले में लाश मिलने से फैली सनसनी,पुलिस को शिनाख्ती करने में लगे 5 घण्टे

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जशपुर,24 नवम्बर 2024 – कुनकुरी थाना क्षेत्र के कंडोरा गांव में आयोजित गोकुलाष्टमी मेले में रविवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मेले में मौजूद थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत हेलीपैड ग्राउंड पहुंचे और अज्ञात व्यक्ति के जीवन बचाने के लिए उसे एम्बुलेंस से कुनकुरी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने जांच शुरू की और पांच घंटे के भीतर मृतक की शिनाख्त कर ली। थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान प्रेम शंकर राम (49 वर्ष), पिता स्वर्गीय जगदीश राम, निवासी नोनियातला, थाना दुलदुला के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच में पता चला कि प्रेम शंकर राम शनिवार रात 12 बजे घर से मेले में आया था। मेले के दौरान वह नशे की हालत में जमीन पर सो गया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण अत्यधिक ठंड लगने से होना माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। ठंड और नशे का घातक संयोजन! पुलिस के मुताबिक, मृतक कम कपड़ो में था।नशे और अत्यधिक ठंड के कारण उसकी जान गई हो सकती है। हालांकि, अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।परिजनों ने थाने आकर पुष्टि की कि प्रेम शंकर राम अपनी 12 वर्षीय बेटी को लेकर गोकुलाष्टमी मेले के लिए घर से निकला था और उसके बाद वापस नहीं लौटा। मेला समिति ने पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता की सराहना कंडोरा मेले में मिली लाश की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा।एसपी शशिमोहन सिंह की लगातार मॉनिटरिंग करते रहने और आसपास के सभी थानों-चौकियों और कई व्हाट्सएप ग्रुप्स में मृतक की फोटो शेयर करने का परिणाम आया।जिसके कारण पांच घंटे के भीतर मृतक की पहचान दुलदुला थाने के नोनियातला गांव के प्रेमशंकर राम उम्र 52 वर्ष के रूप में करने और परिजनों को सूचना देने में पुलिस की सक्रियता की सराहना हो रही है। स्थानीय प्रशासन की अपील इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि मेले जैसे आयोजनों में लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और नशे का सेवन न करें, ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जा सके। जांच जारी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। वहीं, परिजनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।  

बड़ी खबर:अंधेरी रात में जंगल के अंदर चल रहे बड़े खेल को पुलिस ने ऐसे बिगाड़ा,,,एक गिरफ्तार बाकी फ़रार,,

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जशपुर,23 नवंबर 2024 – कुनकुरी पुलिस ने कुंजारा सागौन की बड़ी तस्करी पकड़ी है।टीआई सुनील सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि केरसई गांव का पंकज यादव कुंजारा के सागौन जंगल मे दो जिंदा पेड़ काट दिया है और उसे टुकड़ों में काटकर ट्रैक्टर में ले जानेवाला है।यह सूचना शनिवार ढाई बजे मिली।तत्काल रात्रि गश्ती टीम के साथ सुनील सिंह जंगल के अंदर घुसे और ट्रैक्टर में लोड कर रहे तस्कर पंकज यादव पिता नकुल यादव उम्र 35 वर्ष को धर दबोचा।वहीं पेड़ काटने वाले मजदूर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले। यहां यह बताना जरूरी है कि कुंजारा के जंगल से बेशकीमती सागौन की लकड़ी बड़े तस्करों के निशाने पर रहती है।पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने हर प्रकार के अवैध कार्यों पर सख़्त कार्रवाई के निर्देशों का असर है कि पुलिस ने सभी क्षेत्रों में अपना मुखबिर फैला दिया है। थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस गश्ती दल को रवाना किया। आधे घण्टे के भीतर हमारी टीम जंगल में उस जगह पहुंच गई जहां वन अपराधी ने पेड़ काट डाले थे।मौके पर सागौन के 10 लट्ठे परिवहन के लिए ट्रैक्टर पर लोड मिले।जिसकी सूचना वन विभाग को देकर अग्रिम कारवाई के लिए सौंप दिया गया है। कुनकुरी रेंज अफसर सुरेंद्र होता ने बताया कि यह कुंजारा वन क्षेत्र के आर.एफ. 719 का मामला है जहां सागौन का वृक्षारोपण काफी पुराना है।जहां हमें भी सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल के अंदर लकड़ी काटने घुसे हैं।जिसपर वन अमले और वन सुरक्षा समिति को अलर्ट किया गया।कुनकुरी पुलिस के सहयोग से ट्रैक्टर समेत सागौन पेड़ के ताजे कटे गोले बरामद किए गए हैं।वन अधिनियम 1927 की धारा 52 व अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। बेशकीमती सागौन लकड़ी की अवैध कटाई व तस्करी के मामले का पर्दाफाश करने में कुनकुरी थाना प्रभारी सुनील सिंह,गोविंद यादव,देवनाथ साय, प्रदीप एक्का की सक्रिय भूमिका रही।

जशपुर पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई: कबाड़ी कारोबार पर सख्त शिकंजा, लाखों की नकदी और अवैध संपत्ति जब्त

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जशपुर,22 नवम्बर 2024//  जिले में अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह कबाड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने गुप्त सूचना पर बनाई गई विशेष रणनीति के तहत पत्थलगांव, कांसाबेल और कुनकुरी सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर लाखों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में अवैध कबाड़ बरामद किया। गुप्त सूचना पर बनी रणनीति एसपी शशिमोहन सिंह को अवैध कबाड़ी कारोबार की जानकारी मिलने के बाद एक विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई गई। शुक्रवार सुबह 4 बजे पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की। कबाड़ गोदामों पर बड़ी बरामदगी 1. पत्थलगांव: तीन गोदामों में भारी अवैध कबाड़ पुलिस ने पत्थलगांव में कबाड़ी बिट्टू, सुंदर और विक्की के गोदामों पर छापा मारा। यहां से लोहे और अन्य धातुओं का अवैध भंडारण मिला। 2. कांसाबेल: कबाड़न के पास से लाखों रुपए नगद मिले कांसाबेल में कबाड़न पूनम साहू के गोदाम से सैकड़ों कांसे और पीतल के बर्तन बरामद किए गए। इसके अलावा, 22 लाख 30 हजार रुपये नकद मिले, जिसके संबंध में पूनम कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। पुलिस ने इस मामले की सूचना आयकर विभाग को दी है। 3. कुनकुरी: सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग उजागर कुनकुरी के गिनाबहार गांव में कबाड़ी निजाबुल आलम के गोदाम से सरकारी सप्लाई के झूलों और रेलिंग का अवैध भंडार बरामद हुआ। यह सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का गंभीर मामला है। एसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में संगठित अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “जिले में किसी भी तरह के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” एसपी शशिमोहन सिंह ने इससे पहले मवेशी तस्करी और गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इस ताजा कार्रवाई ने जिले के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है और संगठित अपराधों पर कड़ी चोट की है। पुलिस की इस ऐतिहासिक कार्रवाई की जिलेवासियों ने सराहना की है। लोगों का मानना है कि एसपी शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में अपराधों पर लगाम लगाने के प्रयास तेजी से सफल हो रहे हैं।ऐसी कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि संगठित अपराधों को समाप्त करने में मील का पत्थर साबित होगी।  

अभी-अभी: बगीचा-कांसाबेल रोड में भयंकर सड़क हादसा,बाइक सवार एक की मौत,2 गम्भीर

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 जशपुर,17 नवम्बर 2024// अभी-अभी खबर मिली है कि बगीचा-कांसाबेल रोड पर रूपसेरा भड़िया में पिकप और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई है।टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए है तो बाइक सवार तीन ग्रामीण खून से लथपथ सड़क पर पड़े हैं।घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकप शरद इंडेन गैस बगीचा की है जो गैस टँकी लेकर कांसाबेल की ओर जा रहा था,उधर विपरीत दिशा से मोटरसाइकिल सवार तीन लोग आ रहे थे कि टक्कर हो गई।इस सड़क हादसे में बाइक सवार  एक व्यक्ति की मौत होने की खबर है,वहीं दो अन्य गम्भीर रूप से घायल हो गए हैं।बगीचा पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर एम्बुलेंस से तीनों ग्रामीणों को बगीचा अस्पताल भेजा है।अभी एक ग्रामीण के मौत की पुष्टि नहीं हुई है।बाइक सवार तीनों ग्रामीण(बगीचा) लोटा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

सीएम विष्णुदेव साय के रिश्तेदार सड़क हादसे में घायल, रमेश साय की हालत गंभीर

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जशपुर, 15 नवंबर 2024 // कुनकुरी-लवाकेरा स्टेट हाईवे-27 पर शुक्रवार दोपहर लगभग 1:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के चचेरे भाई रमेश साय और उनकी पत्नी पुष्पा साय गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब उनकी कार एक मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे के बाद थाना प्रभारी सुनील सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से कुनकुरी के हॉलीक्रॉस अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि रमेश साय को गंभीर चोटें आई हैं। उनकी तीन पसलियां टूट गई हैं, और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। उनकी पत्नी पुष्पा साय की स्थिति खतरे से बाहर है और उनका इलाज हॉलीक्रॉस अस्पताल में जारी है। थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि रमेश साय तपकरा निवासी हैं और शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। वे पूर्व विधायक रोहित साय के बड़े भाई और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के चचेरे भाई हैं। शुक्रवार को वे अपनी निजी कार  अपनी पत्नी के साथ तपकरा से कुनकुरी आ रहे थे, तभी एक मोड़ पर उनका वाहन अनियंत्रित हो गया और पेड़ से टकरा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी अनिल सोनी, एसडीओपी विनोद मंडावी,एसडीएम नन्दजी पांडे, सीएमएचओ जशपुर, और बीएमओ कुनकुरी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और उनके इलाज में कोई कमी न रहने देने का आश्वासन दिया। एसडीओपी विनोद मंडावी ने कहा, “यह हादसा अचानक हुआ है। हम मामले की जांच कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को जब हादसे की सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल रांची और कुनकुरी के चिकित्सा अधिकारियों से बात की। उन्होंने रमेश साय के बेहतर इलाज और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। रमेश साय की गंभीर स्थिति और मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ाव होने के कारण स्थानीय लोग चिंतित हैं। अस्पताल के बाहर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है।  

मुख्यमंत्री साय का फोन बना निशा के सपनों का सहारा, किलिमंजारो पर फहरेगा छत्तीसगढ़ से तिरंगा

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रायपुर, 15 नवंबर 2024 // आज सुबह बिलासपुर की निशा यादव के जीवन में एक ऐसा पल आया, जिसने उनके सपनों को नई उड़ान दी। अलसुबह, जब उनका फोन बजा और दूसरी तरफ से एक सौम्य आवाज सुनाई दी, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। आवाज आई, “बेटा, मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोल रहा हूं। तुम्हें किलिमंजारो पर तिरंगा फहराने जाना है, और तुम्हें पैसों की कोई चिंता नहीं करनी है।” पहले तो निशा को लगा कि कोई मजाक कर रहा है। संकोच के साथ उन्होंने पूछा, “क्या आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं?” लेकिन जब मुख्यमंत्री ने निशा के सपने और उनकी पर्वतारोहण यात्रा के बारे में विस्तार से चर्चा की, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। “आपने मेरे सारे डर दूर कर दिए” निशा, जो एक साधारण परिवार से आती हैं, ने बताया कि उनके पिता एक ऑटो चालक हैं। पर्वतारोहण जैसे महंगे शौक को पूरा करना उनके परिवार के लिए मुश्किल था। निशा ने भावुक होकर कहा, “मुख्यमंत्री जी, मैं कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे सपने को पूरा करने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। आज आपने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया। मैं आपको तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।” निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर अपनी चढ़ाई और वहां तिरंगा फहराने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पर्वतारोहण न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक मजबूती की भी परीक्षा लेता है। अब उनका अगला सपना अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना है, और इसके बाद वे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना चाहती हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशा के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। आपका आत्मविश्वास और जुनून आपको आपके लक्ष्य तक जरूर पहुंचाएगा। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। आर्थिक तंगी कभी किसी के हौसले को रोक नहीं सकती। हमारी सरकार आपके साथ है।” मुख्यमंत्री के इस स्नेह और समर्थन से निशा का उत्साह दोगुना हो गया। उन्होंने कहा कि अब वे और भी ज्यादा मेहनत करेंगी और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी। निशा की कहानी न केवल उनके जैसे युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब सरकार और नेतृत्व का सहयोग मिलता है, तो कोई भी सपना असंभव नहीं रहता। जल्द ही निशा तिरंगे के साथ किलिमंजारो की ऊंचाइयों को छूने की तैयारी शुरू करेंगी। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पल न केवल निशा के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण होगा।  

बड़ी खबर : जमीन डायवर्सन करने के लिए रिश्वत लेते एसडीएम गिरफ्तार,एसीबी की कार्रवाई में ये भी गया जेल

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विष्णु के सुशासन में भ्रष्टाचार का खेल बर्दाश्त नहीं,बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप बेमेतरा, 14 नवम्बर 2024 – बेमेतरा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साजा के एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर टेकराम माहेश्वरी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में एक होम गार्ड सिपाही गौकरण सिंह बघेल को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पीड़ित और एसडीएम के बीच मीडियेटर की भूमिका निभा रहा था। क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, दिव्यांग युवक तुकाराम पटेल, जो ग्राम भठगांव, तहसील देवकर का निवासी है, ने एसीबी रायपुर में शिकायत की थी। शिकायत में उसने बताया कि उसने अपनी माता के नाम पर नगर पंचायत परपोड़ी में स्थित भूमि के डायवर्सन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए साजा एसडीएम कार्यालय में आवेदन किया था। इस प्रक्रिया के लिए एसडीएम टेकराम माहेश्वरी ने एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। तुकाराम ने इस रिश्वत को देने के बजाय एसीबी से मदद मांगने का फैसला किया। एसीबी ने शिकायत की जांच की और सत्यापित करने के बाद एक जाल बिछाया गया। एसडीएम को 20 हजार की रिश्वत पर सहमति जताई गई, जिसमें 10 हजार रुपए एडवांस दिए गए और शेष 10 हजार रुपए गुरुवार को देने का तय किया गया था। एसीबी ने ऐसे की कार्रवाई गुरुवार को जैसे ही एसडीएम टेकराम माहेश्वरी ने शेष 10 हजार रुपए लिए, एसीबी की टीम ने उन्हें और उनके सहयोगी होम गार्ड गौकरण सिंह बघेल को रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर उनके निवास और अन्य स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। कार्रवाई के तहत धाराएं और आरोप दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बेमेतरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त पहल के रूप में देखी जा रही है। इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को दर्शाया है। एसीबी की इस कार्रवाई ने न केवल स्थानीय प्रशासन को झकझोर दिया है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आम लोगों को भी प्रेरित किया है कि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।  

BLIND MURDER: बटइकेला टेलर के कत्ल की गुत्थी सुलझाने में ज्वाइंट ऑपरेशन सफल,रंजिश बनी हत्या की वजह, एसपी शशिमोहन सिंह ने बताई क्राइम स्टोरी

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जशपुर,14 नवम्बर 2024 – बीते दिनों कांसाबेल थाना के बटाइकेला गांव में दिनदहाड़े हुए गोलीकांड की गुत्थी सुलझी ही थी कि 11 नवम्बर को उसी एरिया में फिर हत्या हो गई।गांव के दर्जी की हत्या का खुलासा करते हुए जशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने जो जानकारी दी उसे पाठक स्टेप-बाय-स्टेप पढ़ें – स्टेप 1: हत्या का प्लान –  गांव बटईकेला के एक अंधेरी शाम का माहौल। बलसाय पैंकरा के दिमाग में एक ही बात घूम रही थी •ठीरू राम नागवंशी से पुरानी रंजिश का बदला। मजदूरी के पैसों के लिए हुए विवाद ने बलसाय को ठीरू के खिलाफ गहरी नफरत से भर दिया था। उसने ठान लिया था कि इस बार वह ठीरू को जिंदा नहीं छोड़ेगा। स्टेप 2: पहले दिन मिली असफलता 10 नवंबर 2024 को बलसाय पैंकरा अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर ठीरू के घर के आसपास घूमता रहा। उसकी नीयत थी कि जैसे ही ठीरू उसे अकेला मिलेगा, वह हमला कर देगा। तीन बार उसने ठीरू को मारने का मौका तलाशा, लेकिन उसे सही समय नहीं मिला। आखिरकार, निराश होकर बलसाय उस दिन अपने घर वापस लौट गया, लेकिन अगले दिन के लिए उसने एक खतरनाक योजना तैयार की। स्टेप 3: वारदात का दिन 11 नवंबर की शाम ठीरू राम नागवंशी खेतों से घास काटकर अपने साइकिल पर घर लौट रहा था। उस समय, बटईकेला के पास का रास्ता लगभग सुनसान था। यही वह मौका था जिसका बलसाय इंतजार कर रहा था। अचानक, बलसाय ने ठीरू का पीछा किया और एक सुनसान स्थान पर उसे रोक लिया। इससे पहले कि ठीरू कुछ समझ पाता, बलसाय ने अपने पास रखे भारी डंडे से उसके सिर पर कई बार वार किया, जिससे ठीरू लड़खड़ाते हुए जमीन पर गिर पड़ा। स्टेप 4: बेरहमी से हत्या ठीरू के गिरने के बाद बलसाय ने पीछे हटने का कोई इरादा नहीं किया। उसने अपने छिपाए हुए लौहे के दौली को निकाला और ठीरू के चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। ठीरू के खून से सारा रास्ता लाल हो गया, और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। बलसाय ने यह नृशंस हत्या अंजाम देकर तुरंत वहां से भागने का प्लान बना लिया। स्टेप 5: पुलिस को खबर मिलना औरजांच शुरू होना ठीरू के भाई हीरू राम नागवंशी को जैसे ही अपने भाई की मौत का पता चला, उसने तुरंत कांसाबेल थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस के पास यह मामला आते ही एक सख्त कदम उठाने का फैसला किया गया। जशपुर के पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें साइबर सेल और कई अनुभवी पुलिस अधिकारी शामिल किए गए। स्टेप 6: पुलिस टीम की रणनीति मामले  को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस ने बलसाय पैंकरा को खोजने की कोशिशें तेज कर दी। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस टीम को पता चला कि बलसाय ने ग्राम केरजू थाना सीतापुर की ओर रुख किया है। पुलिस ने उसका पीछा करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह वहां से भी फरार हो गया। इसके बाद रायगढ़ जिले और पत्थलगांव में नाकाबंदी की गई ताकि वह कहीं भी भागने न पाए। स्टेप7:रायगढ़ में ऐसे बिछाया गया जाल पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार, उप पुलिस अधीक्षक विजय राजपूत और रायगढ़ पुलिस उप पुलिस अधीक्षक अभिनव उपाध्याय ने एक विशेष जाल बिछाकर पूंजीपथरा इलाके में बलसाय पैंकरा का ठिकाना ढूंढ निकाला। पूरी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उस घर पर दबिश दी, जहाँ बलसाय छिपा हुआ था। आधी रात के करीब, पुलिस ने बलसाय को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान, बलसाय ने न केवल अपने अपराध को कबूल किया बल्कि हत्या की पूरी योजना भी बताई। उसने स्वीकार किया कि उसने ठीरू राम नागवंशी को मारने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। हत्या वाले दिन उसने ठीरू को अकेला पाया और मौका देखकर उस पर हमला कर दिया। उसके पास डंडा और दौली पहले से ही तैयार थे, जिन्हें उसने वारदात के समय इस्तेमाल किया।जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी बलसाय के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, डंडा, और लौहे का दौली बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर बलसाय को 14 नवंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस केस की त्वरित कार्रवाई और सटीक रणनीति ने पुलिस की कुशलता को साबित किया।  जशपुर पुलिस और रायगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने न केवल इस हत्या के आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि अपराध चाहे जितना भी जघन्य हो, अपराधी कानून से नहीं बच सकता।