*मोटर वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना होगा अनिवार्य*

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*एक अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत समस्त श्रेणी के मोटर वाहनों पर 120 दिवस के भीतर नए नंबर लगाने हेतु निर्देश जारी* जशपुर, 17 जनवरी 2025/ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत समस्त श्रेणी के मोटर वाहनों पर वाहन स्वामी द्वारा 120 दिवस के भीतर एच.एस.आर.पी.(हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) लगवाया जाना अनिवार्य किया गया है। जिला परिवहन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा दो वेंडर कमशः मेसर्स रीयल मेजॉन इंडिया लिमिटेड एवं रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम्स लिमिटेड को निर्धारित दर पर एच.एस.आर.पी. लगाने के लिए अधिकृत किया गया है। परिवहन विभाग द्वारा समस्त आर.टी.ओ. कार्यालयों को दो जोन में बांटा गया है। जोन बी के अंतर्गत जिला परिवहन कार्यालय जशपुर शामिल है। जशपुर जिले में पंजीकृत समस्त श्रेणी के वाहनों का एच.एस.आर.पी. लगाने की जिम्मेदारी मेसर्स रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम्स लिमिटेड को दी गई है। आम नागरिकों की सुविधा हेतु हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह आवेदन की प्रक्रिया वेबसाईट www.hsrpcg.com पर उपलब्ध होगी।

जशपुर की मिशन संस्था में धर्मांतरण का खेल! नन्हें-मुन्नों को धार्मिक शिक्षा का कैसे दिया जा रहा लॉलीपॉप?सरकारी अनुदान के पैसों का दुरुपयोग कर मिशनरी स्कूल से कौन कर रहा है काली कमाई? सवाल कई जवाब भी पढ़िए –

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जशपुर,17 जनवरी 2025 – जिले के पोरतेंगा स्थित सरकारी अनुदान प्राप्त विनय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से संबंधित गंभीर अव्यवस्थाएं उजागर हुई हैं। स्थानीय जागरूक निवासियों ने इन मुद्दों को लेकर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नितिन राय को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। छात्रावास में दुर्व्यवस्था का आरोप छात्रावास में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बच्चों को अस्वच्छ और असुरक्षित वातावरण में रखा जा रहा है, जिससे उनका स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है।बच्चों ने बताया कि खाट,मच्छरदानी,कम्बल घर से लाएं हैं। बच्चों पर धार्मिक और सांस्कृतिक दबाव डालने का आरोप बच्चों को जबरदस्ती धर्म और परंपराओं का पालन करने के लिए विवश किया जा रहा है।बच्चों ने बताया कि छात्रावास चर्च से सटा हुआ है।यहाँ चर्च में प्रार्थना करने के लिए सभी को जाना होता है चाहे बच्चे किसी भी धर्म को मानने वाले हों।छात्रावास में दैनिक समय सारणी,शनिवार समय सारणी,रविवार समय सारणी चस्पा किया हुआ है।जिसे कार्यालय,विनय बालक छात्रावास पोरतेंगा ने 1 सितंबर 2023 से जारी किया हुआ है।जिसके अनुसार दैनिक समय सारणी में छात्रावासी बालकों को सुबह उठकर 6 बजे मिस्सा करना शाम को 4 बजे बागवानी,शाम 6 बजे रोजरी अन्य गतिविधियों के साथ करना है।इसी तरह शनिवार समय सारणी में सुबह उठकर 6 बजे मिस्सा फिर शाम 3 बजे बागवानी,5:30 बजे रोजरी अन्य गतिविधियों के साथ करना है।वहीं रविवार समय सारणी के अनुसार सुबह उठकर 6 बजे मिस्सा,11 बजे गाना अभ्यास, शाम 5 बजे बेनेदिक्सन व अन्य गतिविधियां लिखी हुई हैं। ये बात समझा जा सकता है कि सभी बालकों को रोज सुबह उठने के बाद मिस्सा पूजा कर दिन की शुरुआत करनी है।रोज बागवानी करनी है।शाम को भी ईसाई धर्म के अनुसार रोजरी विनती आदि करना है। अवैध वसूली का आरोप प्रति बच्चे से ₹1000 की अवैध वसूली की जा रही है, जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।बच्चों को बाकायदा इसकी रसीद दी जाती है,जिसकी पुष्टि बच्चों ने और खुद संस्था प्रमुख फादर अमित बेक ने कैमरे में की है। शराब पीकर अनुशासनहीनता का आरोप: विद्यालय प्रशासन पर शराब और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया है, जिससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर बुरा असर पड़ रहा है। शोषण और जबरदस्ती मजदूरी का आरोप: बच्चों से जबरदस्ती मजदूरी करवाई जा रही है।जैसा कि बच्चों ने बताया ,”हम सभी को बागान में रोज काम करना होता है।उससे जो सब्जी उगती है उसे हमें खिलाया जाता है।जब बागान में सब्जी खत्म हो जाती है तो हमें सुकटी भात दिया जाता है।(सुकटी मतलब पत्तियों का पावडर)।खाना भी दिन में जो मिड डे मील स्कूल में मिलता है उसी को शाम को छात्रावास में दुबारा खिलाया जाता है।छुट्टी के दिन सरकारी चावल,सोयाबीन बड़ी को हॉस्टल में लाकर रखे हैं,उसे पकाया जाता है।जबकि हर महीने एक हजार की फीस ली जाती है।  सरकारी अनुदान के दुरुपयोग का आरोप छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रदान किए गए ₹79 लाख के अनुदान के बावजूद, विद्यालय प्रशासन की लापरवाही और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन चिंता का विषय है।जिसकी जांच सरकारी ऑडिटर से कराई जाने की मांग है। संस्था प्रमुख फादर अमित बेक ने आरोपों को किया खारिज वहीं सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूल विनय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय के प्रमुख व चर्च परिसर में कथित छात्रावास चलानेवाले फादर अमित बेक ने बाल कल्याण समिति को की गई सभी शिकायतों पर अपना पक्ष रखा।उन्होंने बताया कि वह हॉस्टल नहीं है,दूर-दराज से गरीब बच्चों के अभिभावकों की सहमति-पत्र लेकर पढ़ाई करने के लिए स्थान दिया गया है।वहीं सभी बच्चे किसान के बेटे हैं,सभी को नौकरी तो नहीं मिल सकती इसलिए उन्हें खेती-किसानी साथ मे बागवानी करते हुए सीखा रहा हूँ।धर्म विशेष की पढाई करने,पूजा पाठ करने,चर्च भेजे जाने पर कहा कि किसी पर दबाव नहीं है।जो जाना चाहता है वह जा सकता है।उन्होंने यह भी बताया कि यहां अभी 23 बच्चे रहकर पढ़ रहे हैं जिसमें ज्यादातर ईसाई धर्म के बच्चे हैं दूसरे हिन्दू धर्म के हैं,मुस्लिम धर्म के बच्चे नहीं हैं। शिकायत पर CWC ने लिया संज्ञान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नितिन राय ने शिकायत में उल्लेखित बिंदुओं को बेहद गम्भीर माना है।उन्होंने कहा – “शिकायत मिली है।ऐसे सभी सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलों में चल रहे छात्रावासों,अवैध छात्रावासों की सूची मंगा रहा हूँ।सम्बंधित विभागों को पत्र भेजा जा रहा है।इस मामले में बाल कल्याण समिति एक्शन लेगी।जांच में बाल अधिकारों का हनन और शिक्षा देने के नाम पर धर्मांतरण की कोशिश करना पाए जाने पर कानून सम्मत कार्रवाई जाएगी।” बहरहाल, शिकायत के साथ यह भी मांग की गई है कि विद्यालय और छात्रावास में बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाए।दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की जांच के लिए एक टीम का गठन हो।यदि इन गंभीर मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे बच्चों के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए ठोस कदम उठाएं।

क्राइम स्टोरी: महाकुंभ पर्व और गांजा तस्करों का खेल,भारी पड़ी इस क्राइम किलर IPS की पुलिस

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जशपुर,13 जनवरी 2025 –स्टेप बाय स्टेप जानिए गांजा तरकारी की क्राइम स्टोरी * महाकुंभ पर्व और तस्करों की साजिश: महाकुंभ पर्व के नजदीक आते ही उत्तर प्रदेश में नशे की तस्करी बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश पहुंचाने की साजिश रची गई। तस्करों ने महाकुंभ की भीड़ और व्यस्तता का फायदा उठाते हुए पुलिस से बचने के लिए शातिराना योजना तैयार की। * पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली: 12 जनवरी की सुबह तपकरा पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि एक सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार (MP09CM-8238) ओडिशा से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ के तपकरा-घुमरा-बनडेगा मार्ग होते हुए उत्तर प्रदेश जा रही है। * फर्जी नंबर प्लेट का शातिराना इस्तेमाल: तस्करों ने कार में एमपी (मध्य प्रदेश) नंबर की असली प्लेट के साथ यूपी (उत्तर प्रदेश) की दो फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया। योजना के मुताबिक, वे जगह-जगह यूपी नंबर प्लेट लगाकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए मंजिल तक पहुंच जाते। * पुलिस की घेराबंदी: मुखबिर की सूचना पर जशपुर के पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। तपकरा और फरसाबहार थानों की संयुक्त टीम ने तपकरा-घुमरा-बनडेगा मार्ग पर घेराबंदी कर वाहनों की तलाशी शुरू की। * संदिग्ध कार पकड़ी गई: नाकाबंदी के दौरान पुलिस को सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। कार को रोककर जांच की गई तो उसमें से 46 पैकेट गांजा बरामद हुआ। ये पैकेट भूरे रंग की प्लास्टिक टेप में लिपटे हुए थे और कार की सीट व डिक्की में छिपाए गए थे। * गांजे की खेप और बरामदगी का विवरण: बरामद गांजे का कुल वजन 1 क्विंटल 1 किलो था, जिसकी बाजार कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई। इसके साथ ही कार, यूपी नंबर की फर्जी प्लेट और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। * तस्करों की गिरफ्तारी: पुलिस ने दो तस्करों को मौके पर गिरफ्तार किया। सूरज गौतम (उम्र 19 वर्ष): निवासी मुशीलाठपुर, थाना भदोही, जिला भदोही (उत्तर प्रदेश)। शिवम गुप्ता (उम्र 23 वर्ष): निवासी सहरमा, दुर्गागंज, थाना बरसठी, जिला जौनपुर (उत्तर प्रदेश)। * एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज: दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना तपकरा में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट की धारा 20(ख)ii(ग) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। * मास्टरमाइंड की तलाश जारी: पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह ने बताया कि यह साजिश किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। मास्टरमाइंड और अन्य तस्करों की तलाश की जा रही है। महाकुंभ पर्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश में नशे के सामान की खपत बढ़ने की संभावना के मद्देनजर यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। * पुलिस टीम में ये थे शामिल इस सफलता में तपकरा थाना प्रभारी खोमराज ठाकुर, फरसाबहार थाना प्रभारी विवेक भगत और अन्य पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। कहा जा सकता है कि पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल गांजे की बड़ी खेप को उत्तर प्रदेश पहुंचने से रोका, बल्कि तस्करों के नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया।

बड़ी खबर: गौतम अडानी ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात,छत्तीसगढ़ में ऊर्जा और सीमेंट परियोजनाओं में अडानी का ₹65,000 करोड़ का निवेश

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रायपुर,12 जनवरी 2025 –  उद्योगपति गौतम अडानी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर राज्य में ऊर्जा और सीमेंट परियोजनाओं में ₹65,000 करोड़ के बड़े निवेश की घोषणा की। राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, अडानी ने मुख्यमंत्री साय से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अडानी समूह छत्तीसगढ़ के रायपुर, कोरबा और रायगढ़ में स्थित अपने पावर प्लांट्स के विस्तार के लिए ₹60,000 करोड़ का निवेश करेगा। इस विस्तार से राज्य की कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 6,120 मेगावाट की वृद्धि होगी। इसके अलावा, अडानी समूह राज्य में अपने सीमेंट संयंत्रों के विकास और विस्तार के लिए ₹5,000 करोड़ का निवेश करेगा। मुख्यमंत्री साय की सलाह पर अडानी ने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में ₹10,000 करोड़ खर्च करने का भी आश्वासन दिया। यह धनराशि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और अन्य माध्यमों से दी जाएगी। बैठक में रक्षा उपकरण निर्माण, डेटा सेंटर्स और छत्तीसगढ़ में एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। यह निवेश छत्तीसगढ़ के विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

BIG UPDATE : मुकेश चंद्रकार हत्याकांड: मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर हैदराबाद में पकड़ा गया, पूछताछ जारी

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#justiceformukesh रायपुर,06 जनवरी 2025 –  पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस जघन्य अपराध के फरार मुख्य आरोपी सुरेश चंद्रकार को एसआईटी टीम ने देर रात हैदराबाद से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सुरेश को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया था, जो अब सफल हो गया है। एसआईटी द्वारा गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। सुरेश चंद्रकार से पूछताछ के दौरान हत्याकांड के कई अहम पहलुओं पर से पर्दा उठने की संभावना है। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका भी उजागर हो सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कल इस हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सुरेश चंद्रकार गिरफ्तारी को इस दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस मामले में पुलिस द्वारा जल्द ही और खुलासे किए जाने की संभावना है। वहीं, सुरेश चंद्रकार की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।  

पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: नेशनल हाईवे जाम, आरोपियों और पुलिस पर कार्रवाई की मांग

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  बीजापुर,04 जनवरी 2025 –  बीजापुर जिले के निर्भीक पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या और शव मिलने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। तीन दिनों से लापता मुकेश का शव शुक्रवार को ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया। घटना के बाद पत्रकार समुदाय में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। हत्या का संदिग्ध मामला: बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव द्वारा जारी बयान के अनुसार, पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी को शाम के समय घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनका फोन बंद हो गया और वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश के बाद उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस जांच में शुक्रवार को उनका शव चट्टानपारा बस्ती में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के परिसर में एक सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर बनी कारण? मुकेश के भाई युकेश चंद्राकर ने खुलासा किया कि कुछ दिनों पहले मुकेश ने गंगालूर से नेलसनार तक बन रही 45 किलोमीटर लंबी सड़क में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उन्होंने बताया कि मुकेश बीजापुर के अंदरूनी नक्सल प्रभावित इलाकों में पत्रकारिता करते हुए ज्वलंत मुद्दों को सामने लाने में अग्रणी थे। पत्रकारों का विरोध प्रदर्शन: मुकेश के शव मिलने के बाद शनिवार सुबह से ही बीजापुर में पत्रकारों ने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हत्या के दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा के साथ-साथ बीजापुर एसपी को सस्पेंड कर तबादला करने की मांग की है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की भारी तैनाती की गई है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। मुकेश चंद्राकर को क्षेत्र में निर्भीक और सशक्त पत्रकार के रूप में जाना जाता था। उन्होंने न केवल भ्रष्टाचार उजागर किया, बल्कि नक्सल कब्जे से जवानों को छुड़ाने में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी हत्या ने पूरे बस्तर संभाग को स्तब्ध कर दिया है। सरकार और प्रशासन पर उठे सवाल: इस जघन्य हत्या ने पुलिस और प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारों का आरोप है कि मुकेश की हत्या में पुलिस की लापरवाही भी जिम्मेदार है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि हत्या के पीछे छिपे कारणों और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।  

बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: सीएम साय समेत पत्रकारिता जगत और समाज में शोक की लहर

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ख़बर ज़नपक्ष डेस्क : बीजापुर के युवा और समर्पित पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस जघन्य घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पत्रकारिता जगत और समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आया बयान   मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए लिखा, “मुकेश चंद्राकर जी की हत्या का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। इस घटना के अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए।” पत्रकारिता में योगदान मुकेश चंद्राकर बीजापुर के चर्चित पत्रकारों में से एक थे और उनके यूट्यूब चैनल “बस्तर जंक्शन” ने नक्सल प्रभावित इलाकों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया था। उनकी साहसी पत्रकारिता ने उन्हें लोगों के बीच एक पहचान दिलाई। परिवार और समाज में शोक मुकेश चंद्राकर के परिवार और स्थानीय पत्रकार समुदाय में इस घटना से भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। उनकी हत्या ने क्षेत्र में प्रेस की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस जांच में प्रगति इस मामले में पुलिस ने अब तक एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और कई सुरागों पर काम कर रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने दावा किया है कि इस केस को जल्द सुलझाया जाएगा। शोक संदेश मुख्यमंत्री श्री साय के अलावा कई अन्य नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकार संगठनों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की है।  

बुरी खबर: बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या की खबर,घर के पास लाश मिली,आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं

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रायपुर डेस्क,03 जनवरी2025 –  बीजापुर जिले के चर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर बीते तीन दिनों से लापता हैं। सोशल मीडिया में खबर आ रही है कि उनकी अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है।लाश उनके घर के पास मिली है।इस खबर ने पूरे पत्रकार जगत में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने शुरुआती जांच में अपहरण की आशंका जताई है और मामले को सुलझाने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने आज दोपहर में मीडिया को बताया कि इस मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। दरअसल, 1 जनवरी की शाम मुकेश चंद्राकर टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहनकर घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनका फोन बंद हो गया। जब रात तक वे घर नहीं लौटे, तो उनके भाई और साथी पत्रकार युकेश चंद्राकर ने उनकी तलाश शुरू की। करीबियों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद जब कोई सूचना नहीं मिली, तो युकेश ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। CCTV और संदिग्ध पर पुलिस की नजर शहर के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। फेसबुक यूजर अंशु रजक ने लिखा है – बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर को एक ठेकेदार ने मार डाला अपने घर के सेप्टिक टैंक में दफना दिया.. वो भी सिर्फ इसलिए क्योकि उसके भ्रष्टाचार को मुकेश ने उजागर किया.. सच्चाई लोगो को बताई और इसका परिणाम मिला मौत .. छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की जरूरत है..!! मुकेश चंद्राकर: नक्सल मुद्दों की रिपोर्टिंग में सक्रिय नाम मुकेश चंद्राकर बीजापुर में “बस्तर जंक्शन” नामक यूट्यूब चैनल चलाते थे, जो नक्सल गतिविधियों और मुद्दों की रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। उनकी निर्भीक पत्रकारिता ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है। सक्रिय पत्रकार की हत्या ने बस्तर के पत्रकार समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने बस्तर आईजी से मुलाकात कर मामले को जल्द सुलझाने और मुकेश का पता लगाने की मांग की थी। कई पत्रकारों का दल भी उनकी तलाश में जुटा हुआ था। मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर ने स्थानीय लोगों और प्रशासन को गहरी चिंता में डाल दिया है। क्षेत्र में उनके योगदान और निर्भीक पत्रकारिता को देखते हुए, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेस स्वतंत्रता और सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा करता है।  

2024 को विदा करने निकले 4 युवकों में 3 दुनिया से हो गए विदा,स्टेट हाइवे पर बाईक-ट्रक में टक्कर,एसपी शशिमोहन सिंह ने कहा,,,,

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जशपुर, 31 दिसंबर 2024 – नए साल का जश्न मनाने निकले चार युवाओं की खुशियां सड़क हादसे में मातम में बदल गईं। स्टेट हाईवे-27 पर कुनकुरी-लवाकेरा मार्ग पर तपकरा थाना क्षेत्र के कोतईबीरा के पास देर रात हुए इस दर्दनाक हादसे में तीन युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे चार युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर नए साल का स्वागत करने निकले थे। रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों युवक बेसुध होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही तपकरा थाना प्रभारी खोमराज ठाकुर मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को कुनकुरी के निजी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने 18 वर्षीय एलेन्स तिर्की, 18 वर्षीय दीपसन टोप्पो और 17 वर्षीय रोहित चौहान को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल आदित्य बड़ा (18) को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान 1. एलेन्स तिर्की (उम्र 18) निवासी खरीबहार, थाना तुमला 2. दीपसन टोप्पो (उम्र 18) निवासी बांसाझाल, थाना तपकरा 3. रोहित चौहान (उम्र 17)   गंभीर घायल 1. आदित्य बड़ा (उम्र 18) निवासी बांसाझाल, थाना तपकरा   पुलिस की अपील और सख्ती जशपुर पुलिस ने नए साल के जश्न में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाएं और लापरवाह वाहन चालकों पर कठोर कार्रवाई करें। इस हादसे ने क्षेत्र में गहरा शोक पैदा कर दिया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जश्न के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करें।  

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन: देश ने खोया एक महान अर्थशास्त्री और राजनेता

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नई दिल्ली,27 दिसम्बर 2024 // भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का कल 26 दिसम्बर को निधन हो गया। 91 वर्ष की आयु में डॉ. सिंह ने नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कांग्रेस प्रमुख खड़गे,सोनिया गांधी, राहुल गांधी और देश के अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। एक आर्थिक सुधारक का सफर डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत (अब पाकिस्तान) के गाह गांव में हुआ था। वे बचपन से ही मेधावी छात्र थे और उच्च शिक्षा के लिए ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गए। डॉ. सिंह को 1991 में देश के आर्थिक सुधारों का मुख्य शिल्पकार माना जाता है। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की दिशा में ले जाते हुए एक नई राह दिखाई। प्रधानमंत्री के रूप में योगदान 2004 से 2014 तक डॉ. मनमोहन सिंह ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की। उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास की दर तेज हुई, और देश ने कई ऐतिहासिक समझौतों, जैसे कि भारत-अमेरिका परमाणु समझौता, पर हस्ताक्षर किए। उनकी सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शिता ने उन्हें एक अनुकरणीय नेता के रूप में स्थापित किया। सामाजिक और राजनीतिक विरासत डॉ. सिंह को भारत रत्न समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वे न केवल एक कुशल अर्थशास्त्री थे, बल्कि एक प्रेरक नेता भी थे, जिन्होंने अपने जीवन को देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। देशभर में शोक उनके निधन पर प्रधानमंत्री, विपक्षी नेताओं, उद्योगपतियों और आम जनता ने शोक व्यक्त किया। डॉ. सिंह के सम्मान में देशभर में दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उनका निधन भारतीय राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।