स्टेट लेबल क्वान की डो मार्शल आर्ट में जशपुर की खिलाड़ी अर्चना ने कहाँ जीता स्वर्ण पदक? पढ़िए एक्सक्लूसिव खबर,,,

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जशपुर, 4 अक्टूबर 2024: द्वितीय छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय क्वान की डो मार्शल आर्ट चैंपियनशिप 2024 का आयोजन अंबिकापुर के मल्टीपरपज इनडोर हॉल में किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से 150 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। जशपुर जिले के मनोरा ब्लॉक की अर्चना बुनकर ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। अर्चना ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हराकर न केवल स्वर्ण पदक हासिल किया, बल्कि अपने ऐज और वेट कैटेगरी में नेशनल चैंपियनशिप के लिए छत्तीसगढ़ टीम में भी स्थान बनाया। उनके कोच विकास दोहरे ने बताया कि राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन नेशनल स्तर के लिए किया गया है। कार्यक्रम के अध्यक्ष संजय अंबास्थ, प्रदेश संघ के सचिव अमन गुप्ता, और सरगुजा जिले के सचिव मोहम्मद शराफत ने अर्चना को स्वर्ण पदक जीतने पर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। दोहरे जी ने क्वान की डो के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक वियतनामी मार्शल आर्ट है जिसे फ्रांस में विकसित किया गया। इसके ग्रैंड मास्टर शाओलिन कुंग फू के मास्टर हैं, जिन्होंने शाओलिन कुंग फू से प्रेरित होकर इस खेल को विकसित किया। इस मौके पर यह भी घोषणा की गई कि जल्द ही बलरामपुर और जशपुर जिले के सभी खिलाड़ियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ेगा, और वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता की ओर कदम बढ़ाएंगे।  

मोदी के चलते भाजपा से जुड़े सिरजीयुस ने क्यों की भाजपा विधायक रायमुनी की गिरफ्तारी की मांग? सीएम की विधानसभा से उठी नाराजगी,,,देखें वीडियो

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जशपुर/कुनकुरी,03 अक्टूबर2024  – भाजपा विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत के बिगड़े बोल ने भाजपा समर्थित ईसाई आदिवासियों को नाराज कर दिया है।यह बात आज ईसाई आदिवासी महासभा के बैनर तले बनाई गई मानव श्रृंखला को कवर करने के दौरान सामने आई। यहां आपको बता दें कि 2023 के चुनाव में यूडी मिंज जो 2018 में कांग्रेस विधायक बने थे,25 हजार के बड़े अंतर से हार गए।जीते विष्णुदेव साय जो मुख्यमंत्री हैं।हार का अंतर काफी ज्यादा होने की वजह ईसाई मतदाताओं का भाजपा की ओर जाना बताया गया।हालांकि ईसाई परम्परागत रूप से कांग्रेस के वोट बैंक है लेकिन लुंड्रा में प्रबोध मिंज को भाजपा की टिकट देने, 2013 में कांग्रेस की टिकट से हारे अब्राहम तिर्की का भाजपा प्रवेश करने के अलावा सिटिंग एमएलए से स्थानीय ईसाई नेताओं की दूरी हार के कारण बने।इधर मुख्यमंत्री बनने के बाद विष्णुदेव साय की सरल,सहृदय,मिलनसार और मिशन स्कूल लोयोला में पढ़ाई करने से ईसाई समाज का झुकाव लगातार उनकी ओर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में हमेशा सुर्खियों में रहनेवाली दबंग विधायक रायमुनी भगत के द्वारा बीते माह सितंबर में पवित्र धार्मिक ग्रन्थ बाइबिल और ईसाई धर्म के आराध्य ईसा मसीह पर की गई टिप्पणी ने मोदी का नारा ‘सबका साथ,सबका विश्वास,सबका विकास’ को कमजोर किया है।जिसका असर रायमुनी भगत को कितना पड़ेगा यह अलग बात है लेकिन सिटिंग सीएम विष्णुदेव साय की बढ़त में फर्क जरूर पड़ सकता है। नीचे जो वीडियो आप देखने जा रहे हैं उसे देखने के बाद कमेंट जरूर करें,,,

सत्ता में बैठी विधायक रायमुनी भगत के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन,130 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला में 1 लाख ईसाई समुदाय के लोग सड़क पर, प्रदर्शन शांतिपूर्ण सम्पन्न

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जशपुर/कुनकुरी/पत्थलगांव,03 अक्टूबर 2024 – भाजपा विधायक श्रीमती रायमुनी भगत का ईसाई धर्म व प्रभु ईसा मसीह के खिलाफ आपत्तिजनक भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद से जशपुर जिले में ईसाई समुदाय में आक्रोश है।जशपुर विधानसभा से निर्वाचित विधायक श्रीमती भगत की गिफ्तारी की मांग को लेकर नेशनल हाइवे 43 पर 130 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई जिसमें 1 लाख से ज्यादा ईसाई समुदाय के लोग खड़े रहे।यह मानव श्रृंखला सुबह 10 बजे से शुरू हुई जो 12 बजे खत्म की गई। दरअसल, जशपुर भाजपा विधायक रायमुनी भगत ने 1 सितंबर को आस्ता थाना क्षेत्र के ग्राम ढेंगनी में एक कार्यक्रम के दौरान ईसाई धर्म, धर्मांतरण की बात कहते हुए ईसा मसीह पर विवादित टिप्पणी की।जिसका वीडियो वायरल होने के बाद 10 सितंबर को जशपुर जिले के सभी थानों में विधायक के खिलाफ एफआईआर करने के लिए शिकायत की गई।जिसपर अल्टीमेटम तारीख 25 सितंबर तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर 3 अक्टूबर को ईसाई आदिवासी महासभा ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाई।  डॉ. पीसी कुजूर,संरक्षक ईसाई आदिवासी महासभा ने कहा कि यह विडंबना है कि हमारे क्षेत्र से मुख्यमंत्री हैं और उनकी ही पार्टी की  विधायक ने ऐसी घटिया बातें कहीं है।जिससे हमारे लोग काफी नाराज हैं।हम विधायक रायमुनी भगत के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हैं और उनकी जब तक गिफ्तारी नहीं हो जाती है तब तक आंदोलन करते रहेंगे।संवैधानिक पद पर रहते हुए हमारे पूज्य ईसा मसीह पर अभद्र टिप्पणी करने वाली विधायक से इस्तीफा लेना चाहिए। पूर्व कुनकुरी विधायक यूडी मिंज, वाल्टर कुजूर, अध्यक्ष ईसाई आदिवासी महासभा,जशपुर ने भी विधायक रायमुनी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं करने पर गहरी नाराजगी जताई है। मानव श्रृंखला खत्म कर प्रदर्शनकारी 1 बजे नेशनल हाइवे पर टाँगरपानी अटल चौक से 100 मीटर अंदर सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए और रायमुनी भगत मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए एक और मानव श्रृंखला बनाई। बहरहाल,भाजपा विधायक श्रीमती भगत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर बनाई गई मानव श्रृंखला पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक घटना बन गई है क्योंकि छत्तीसगढ़ में अबतक किसी विधायक के खिलाफ इतनी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन नहीं किया गया है। मानव श्रृंखला को सफल बनाने में ईसाई आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल किस्पोट्टा, संरक्षक डॉ. पी.सी. कुजूर,डॉ. सी.डी.बाखला,अध्यक्ष वॉल्टर कुजूर,काथलिक सभा अध्यक्ष अभिनंद खलखो,पूर्व विधायक यूडी मिंज,बीडीसी बसन्त बेक, संदीप मिंज,विनय तिर्की,अनिमानन्द,रॉबर्ट,अंजना मिंज,अजेम टोप्पो,राजकुमारी लकड़ा,अलमा,हेमंत,सुमित,जॉनी वकील समेत अनेक लोगों का सक्रिय योगदान रहा।

विश्लेषण : *सड़कों से गांवों तक पहुंचने की कोशिश, यह कोई बुरी बात तो नहीं*

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बरुण सखाजी (लेखक राजनीतिक विश्लेषक हैं) बीते कुछ वर्षों से विपरीत दलों की सरकारों में आपसी अदावत (कटुता) बढ़ी है। इस अदावत के लिए कौन जिम्मेदार हैं, सब जानते हैं। हर दल अपने आपको लोकतंत्र का पहरूआ बता रहा है लेकिन इस अहंकार को नहीं छोड़ पा रहा कि वह विपक्ष में भी बैठ सकता है। 2014 के बाद से ऐसी अदावतें बढ़ी हैं। इसका कारण साफ है, सदा सत्ता मे रहने का अहंकार। जनता की राय का अपमान। साठ साल तक राज करके ऐसा स्वभाव हो जाना स्वभाविक भी है, किंतु चुनावी लोकतंत्र में इसे जितने जल्दी हो समझ लेना चाहिए। आज हैं, कल नहीं हैं, कल रहेंगे परसों नहीं होंगे। जनता जिसे चाहेगी वही बैठेगा और वह वैसा ही करेगा जैसा करने के लिए उसे चुना गया है। छत्तीसगढ़ में इस बात को ठीक से समझ लिया गया है। जमीन पर महसूस किया जा रहा है। कहीं कोई चूक न हो पाए इसलिए जनता को सबसे ऊपर जानकर उससे किए वादों को पूरा किया जा रहा है। आलोचना की जा सकती है, किंतु धैर्यपूर्वक देखेंगे तो समझ आएगा आलोचना बेवजह है। चूंकि जो कहा वह करना और वह करके दिखाना ही सफल सियासत और राजनेता की पहचान है। बदले हुए दौर में समझ लेना होगा, लोगों को गुमराह करना अब संभव नहीं है। साल 2023 के विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ में भाजपा की विजय वास्तव में बदले जनमत का ही प्रमाण है। इसमें भी सरकार संचालन के लिए ऐसे व्यक्तित्व का चयन बड़ी चुनौती थी, जिसकी स्वीकार्यता, अनुभव, विनम्रता, मिलनसारता, सियासत की समझ, विकास के कार्यों के प्रति सकारात्मक रवैया और टीम को लेकर चलने का हुनर हो। इस मामले में मोदी की गारंटी और मोदी का चयन दोनों को मानना ही पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का महकमा यूं तो देशभर में सड़कों की सुंदरता, मजबूती और सुलभता के लिए जाना जाता है। लेकिन इसमें भी छत्तीसगढ़ के लिए दिल खोल देना महत्वपूर्ण बात है। सड़कों का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। 2018 तक प्रदेश में सड़कों का निर्माण सामान्यतः अच्छी रफ्तार से चल रहा था, किंतु बाद के कुछ वर्ष जैसे काम रुक गया। न गलियों में निर्माण हो रहा था, न गांवों में। जो नेशनल हाईवे भी बन रहे थे तो उन्हें भी स्टेट लेवल के क्लीयरेंस गैर प्राथमिकता में मिलता था। यानि मिल गया तो मिल गया नहीं तो किसी को पड़ी नहीं थी। परंतु अब ऐसा नहीं है। *नए* दौर में सड़कों को लेकर सरकार आंतरिक रूप से स्पष्ट है। वह मानती है, भले ही कितनी ही रफ्तार से समाज में बदलाव हो रहे हों, लेकिन सड़क, बिजली, पानी मूलभूत जरूरतें बनी रहेंगी। जो भी सरकार इनसे खिलवाड़ करेगी, उसे भुगतना पड़ेगा। इस बात को जो राजनीतिक दल सत्ता में रहते ही समझ जाए वह समझदार, अन्यथा अहंकार तो कोई भी कुर्सियों पर विराजते ही पाल ही लेते हैं। प्रदेश की दुखती रग रहा है जशपुर, पत्थलगांव रोड, केशकाल का घंटो जाम को मजबूर टेढ़ामेढ़ा रास्ता, बस्तर को और दूर करता धमतरी-जगदलपुर का रास्ता। बस्तर के अन्य आंतरिक रास्ते, सरगुजा के भीतरी इलाकों के रोड, बिलासपुर संभाग में आने वाले जिलों की सड़कें। यह सब चीख-चीखकर कह रही हैं इनका निर्माण जरूरी है। वर्तमान सरकार ने सारी बातों को मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने पूरी सच्चाई से गडकरी से सहयोग मांगा। विभागीय मंत्री ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। पैसा भी मिला, समय-सीमा का वादा भी मिला और प्रदेश की ओर से वचनबद्धता भी दी गई। यही होना चाहिए। केंद्र बड़प्पन दिखाता है और प्रदेश अपने गरिमा और आवश्यकता के अनुरूप काम करते हैं। वाद-विवाद की कोई जगह नहीं होती। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से विवाद ने स्थान लिया था। असहमतियों का भ्रम खड़ा किया गया। संकुचित राजनीतिक सोच के चलते टकराव पैदा किए गए। अब यह सब खत्म हो गए हैं। नतीजे में प्रदेश को हजारों करोड़ की सड़कें मिल रही हैं। यह सड़कें एक ही दल की केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के कारण भी मिल रही हैं। संभवतः इसे ही डबल इंजन की सरकार कहा गया था। सड़कों के जरिए गांवों तक पहुंचने की कोशिश, कोई बात बुरी तो नहीं है। क्या इसकी भी आलोचना करेंगे आप? sakhajee.blogpsot.com (यह लेखक के निजी विचार हैं।)

बड़ी खबर : शेरा ने तेंदुए के जबड़े से छीनकर बचाई बच्चे की जान, वन विभाग की अनदेखी पर उठे सवाल

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इंसानी खून का स्वाद चख चुके तेंदुए पर वन विभाग की अनदेखी ने लोगों के अंदर खौफ़ बढ़ा दिया है। कांकेर,02 अक्टूबर2024/ जिले के दुधावा में बीती शाम दिल दहला देने वाली घटना हुई। 11 साल का नीरज ध्रुव अपने चाचा के घर जा रहा था, जब अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुआ नीरज को गले से पकड़कर जंगल की ओर ले जा रहा था, लेकिन तभी पालतू कुत्ता शेरा सामने आया और तेंदुए पर टूट पड़ा। शेरा की बहादुरी से तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग गया। नीरज के परिवार और ग्रामीणों ने शेरा की बहादुरी को सराहा और बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पहले उसे कांकेर और फिर रायपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, नीरज की हालत अब स्थिर है। हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र में तेंदुआ पहले भी तीन बच्चों पर हमला कर चुका है, जिसमें एक बच्चे की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद, वन विभाग अब तक तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहा है। वन विभाग के अधिकारी डीएफओ आलोक बाजपेई ने बताया कि रायपुर से एक्सपर्ट की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए पहुंच गई है, और जल्द ही उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। लेकिन, ग्रामीणों में वन विभाग की सुस्ती को लेकर नाराजगी है। पालतू कुत्ते शेरा की बहादुरी ने जहां एक ओर बच्चे की जान बचाई, वहीं वन विभाग की अनदेखी ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।  

*मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें किया नमन*

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रायपुर, 02 अक्टूबर 2024/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।  महात्मा गांधी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए सीएम श्री साय ने  कहा कि गांधी जी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग अपनाकर पूरे विश्व के सामने मिसाल कायम की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में शास्त्री जी का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। शास्त्री जी ने सादगी से जीवन जिया और अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में अर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शास्त्री जी के विचार और जीवन मूल्य सदा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।

नेशनल हाइवे 43 पर 130 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला की तैयारी में जुटा ईसाई आदिवासी महासभा,जशपुर विधायक रायमुनी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर होगा प्रदर्शन

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  जशपुर, 1 अक्टूबर 2024 – छत्तीसगढ़ में इसाई आदिवासी महासभा द्वारा जशपुर की विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के खिलाफ एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। यह विरोध प्रदर्शन 3 अक्टूबर 2024 को जशपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 1.5 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह विवाद 1 सितंबर 2024 को ढेंगनी  गांव में एक सार्वजनिक सभा के दौरान श्रीमती भगत के कथित अपमानजनक बयान के बाद शुरू हुआ, जो बाद में सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। अपने संबोधन में, भगत ने ईसाई धार्मिक प्रथाओं पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे ईसाई समुदाय ने अत्यंत अपमानजनक बताया है। इसाई आदिवासी महासभा ने इसके बाद विधायक से सार्वजनिक माफी और भारतीय दंड संहिता की धारा 196, 299 और 302 के तहत उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है, आरोप लगाते हुए कि उनके बयान ने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। हालांकि, शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक विधायक भगत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसाई आदिवासी महासभा ने पहली बार 18 सितंबर 2024 को अपनी शिकायतें प्रस्तुत की थीं, लेकिन अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है, तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 25 सितंबर 2024 को महासभा ने दोबारा अपनी मांगों को दोहराया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस घटनाक्रम के कारण तनाव बढ़ गया है, और जशपुर में प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। जशपुर जिले की इसाई आदिवासी महासभा के अध्यक्ष वाल्टर कुजूर के अनुसार, 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक यह प्रदर्शन 130 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।इस मानव श्रृंखला ने डेढ़ लाख लोग शामिल होंगे।  वाल्टर कुजूर ने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन ईसाई समुदाय के न्याय के लिए है, जो विधायक  श्रीमती भगत के बयान से आहत महसूस कर रहा है। जैसे-जैसे प्रदर्शन की तारीख नजदीक आ रही है, स्थानीय प्रशासन इस बड़े आयोजन की तैयारी कर रहा है, जो हाल के समय के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक हो सकता है।  

अवैध साल लकड़ी की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, दो पिकअप वाहन और तीन तस्कर पकड़े गए

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वन अपराध को रोकने में विभाग और जनसमुदाय के बीच बेहतर तालमेल बनने से ही सफलता मिलेगी,यह धरमजयगढ़ वनमण्डल में देखने को मिला है। रायगढ़, 30 सितंबर: धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज में बीती रात अवैध साल लकड़ी की तस्करी करते हुए दो पिकअप वाहन पकड़े गए। यह घटना कूड़ेकेला सर्किल के ग़लीमार बीट की है, जहां से तस्कर साल की लकड़ी चुराकर ले जा रहे थे। ग्रामीणों को इस तस्करी की जानकारी मिलते ही उन्होंने वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर बनहर गांव में घेराबंदी की। तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की मदद से तीन तस्कर पकड़े गए। इसी दौरान एक पिकअप वाहन पलट गया, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। वन विभाग ने इस कार्रवाई को ग्रामीणों और वन विभाग के बीच अच्छे तालमेल का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, “ग्रामीणों की सतर्कता और सहयोग से हम तस्करों को पकड़ने में सफल रहे। इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए ग्रामीणों का सहयोग बेहद जरूरी है।” यह कार्रवाई वन अपराधों पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर जताई खुशी, जशपुर जिले ने राष्ट्रीय पोषण माह में रचा इतिहास,5 लाख से ज्यादा गतिविधियों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर

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  जशपुरनगर, 28 सितंबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान में जशपुर जिले ने कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के मार्गदर्शन में प्रदेश में सबसे अधिक सफलता हासिल की है और पहले स्थान पर पहुंच गया है। जशपुर जिले में अब तक 5 लाख 68 हजार से अधिक गतिविधियों का संचालन किया जा चुका है, जिससे जिले ने प्रदेश भर में अपनी अलग पहचान बनाई है। राष्ट्रीय पोषण माह अभियान: जनआंदोलन के रूप में इस साल 1 से 30 सितंबर तक आयोजित ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ का मुख्य उद्देश्य जनसमुदाय तक स्वास्थ्य, पोषण, और स्वच्छता के महत्व को पहुंचाना है। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में इसे जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधि, पंचायतीराज संस्थाएं, स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला स्व-सहायता समूह, युवा संगठन और अन्य सामाजिक संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने, स्वच्छता बनाए रखने और कुपोषण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल ने जनमानस में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जशपुर जिला पूरे राज्य में राष्ट्रीय पोषण माह अभियान की सबसे उत्कृष्ट मिसाल पेश कर रहा है। 5 लाख से अधिक गतिविधियों के सफल आयोजन से यह स्पष्ट है कि जिला प्रशासन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, और स्थानीय समुदाय इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने कहा, “यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य हमारे समाज के सबसे निचले तबके तक पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश पहुंचाना है। जशपुर के लोग इस अभियान में पूरी सक्रियता से भाग ले रहे हैं और यही हमारी सफलता की कुंजी है।” इस अभियान में पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधि, महिला मंडल, नेहरू युवा केंद्र, नेशनल कैडेट कोर (NCC), और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) जैसे संगठन भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन सभी की सामूहिक भागीदारी ने इसे और अधिक प्रभावी बनाया है, जिससे जशपुर जिले में अभूतपूर्व परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान ने जशपुर जिले में न केवल पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि स्थानीय समुदायों को एक साथ लाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस प्रेरणादायक पहल से प्रदेश के अन्य जिलों को भी सीख मिल रही है और वे भी इसे सफल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए PM किसान सम्मान निधि योजना के लाभ को बढ़ाने के दिए निर्देश,किसान अनिल ने कहा – ‘मदद से हम किसानों को मिली मजबूती’

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जशपुर, 28 सितंबर 2024 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। यह योजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिससे वे अपनी खेती-बाड़ी के कामों को बेहतर ढंग से कर सकें। जशपुर जिले के कांसाबेल विकास खंड के किसान अनिल राम को इस योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “किसान सम्मान निधि से मुझे खेती करने में बड़ी आर्थिक सहायता मिली है। इस योजना का लाभ उठाकर मैं अपनी कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित कर पा रहा हूँ।” मुख्यमंत्री श्री साय के सुशासन में यह योजना सीधा किसानों तक पहुंच रही है, जिससे छोटे किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए लाभदायक है जिनके पास 2 हेक्टेयर तक कृषि भूमि है। योजना का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारना और कृषि विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाती है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के खेती-बाड़ी के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकें। अन्य लाभ इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है। यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि पूरे कृषि क्षेत्र को भी सशक्त बना रही है। किसान सम्मान निधि योजना, किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, और प्रदेश के किसान इसे सराहनीय पहल मानते हैं।