बादलखोल से बगीचा तक: शिव बाबा को मिला भाजपा पि.व.मोर्चा का बड़ा दायित्व

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बादलखोल से बगीचा तक: शिव बाबा को मिला भाजपा पि.व.मोर्चा का बड़ा दायित्व बगीचा (जशपुर) –  वनवासी अंचल बादलखोल में भारतीय जनता पार्टी का झंडा मजबूती से गाड़ने वाले जनप्रिय नेता शिव कुमार यादव को भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा का बगीचा मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पिछड़ा वर्ग मोर्चा जशपुर के जिलाध्यक्ष अनूप नारायण सिंह द्वारा की गई। देखिए सूची विकास की राह में संघर्ष का दूसरा नाम बन चुके शिव कुमार यादव—जिन्हें क्षेत्र में लोग स्नेह से शिव बाबा कहते हैं—ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है। संगठन के भीतर सक्रियता और जनसमस्याओं को लेकर सतत संघर्ष उनकी पहचान बन चुका है। उपसरपंच पद पर दूसरी बार निर्विरोध जीत जनपद पंचायत बगीचा की ग्राम पंचायत गायलूँगा में 8 मार्च को संपन्न उपसरपंच चुनाव में शिव कुमार यादव ने निर्विरोध जीत दर्ज कर दूसरी बार यह पद हासिल किया। इससे पहले वे निर्विरोध पंच भी चुने जा चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं का आभार नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष शिव कुमार यादव ने नई जिम्मेदारी मिलने पर मोर्चा जिलाध्यक्ष अनूप नारायण सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। गांव की आवाज बने ‘शिव बाबा’ शिव बाबा सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि गांव की आवाज बन चुके हैं। सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर उनके संघर्ष और धरना-प्रदर्शनों ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में वे गांव के समग्र विकास को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। नियुक्ति पर जश्न   उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटी। संघर्ष से सफलता तक—शिव बाबा की कहानी गायलूँगा से लेकर पूरे बगीचा क्षेत्र तक शिव बाबा के संघर्षों की गूंज सुनाई देती है। सड़क हो, बिजली हो या अन्य बुनियादी जरूरतें—वे हर मुद्दे पर जनता के साथ खड़े नजर आते हैं। उनका मिलनसार स्वभाव और हर दुख-सुख में गांववासियों के साथ रहने की प्रवृत्ति ही उन्हें सबसे अलग बनाती है।

ईब नदी पर चल रहे सोना खदानों से नदी का पानी हुआ लाल,परम्परा का हवाला देकर नदी का जीवन खतरे में डाल रहा मानव समूह,सरकार को इसका पता नहीं!

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मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले हीरे मोती,,,हमारे जशपुर जिले में फरसाबहार तहसील क्षेत्र की धरती सोना उगल रही है।जिसकी स्पीड बढ़ाने के लिए स्वर्ण माफिया सक्रिय हो गए हैं।बीते तीन दिनों की हमारी पड़ताल में मानव समूह ईब नदी के लिए खतरा बन चुके हैं हालांकि इस अवैध कारोबार के पीछे के चेहरे तक पहुंचने की हमारी कोशिश नाकाम रही है। जशपुर (फरसाबहार) जशपुर जिले में अवैध रेत खदानों की खबरें आम हैं, लेकिन अब जिले की जीवनदायिनी ईब नदी अवैध सोना खनन की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। फरसाबहार तहसील के धौरासांड गांव से होकर बहने वाली ईब नदी पम्पशाला, कोताईबीरा कपाट द्वार और लावाकेरा होते हुए ओडिशा राज्य में प्रवेश करती है। इसी पूरे क्षेत्र में नदी के तटों और आसपास की सरकारी व निजी जमीनों को जेसीबी और ट्रैक्टरों से खोदकर, मिट्टी के ढेर बनाए जा रहे हैं और ओपन टनल सिस्टम के जरिए मिट्टी को सीधे नदी में बहाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सोने के कण बेहद नाममात्र निकल रहे हैं, लेकिन उसके बदले लाखों गुना ज्यादा मिट्टी नदी को गंदला और बीमार कर रही है। धौरासांड से लेकर लावाकेरा तक ईब नदी का पानी लगातार खराब हो रहा है। हालात यह हैं कि लावाकेरा गांव के लोगों का कहना है कि अब नदी में मछली मिलना मुश्किल हो गया है, निस्तार के लिए पानी उपयोग लायक नहीं रहा और पशुओं को भी साफ पानी नसीब नहीं हो पा रहा। मीडिया को देख भागे, सवालों से बचते दिखे खननकर्ता जब इस अवैध गतिविधि की पड़ताल के लिए टीम मौके पर पहुंची, तो उससे पहले ही सोनाजोरी नाला में भी पांच अवैध सोना खदानें संचालित होती मिलीं। एक स्थान सीनाजोरी पुल के पास भोकलू राम की जमीन से जेसीबी द्वारा खोदी गई मिट्टी नदी किनारे डाली जा रही थी, जिसे बाद में उसका परिवार नदी में बहाकर स्वर्ण कण चुनता है।जिसका कहना है कि बंजर जमीन को खेती लायक बनाने के लिए जमीन की मिट्टी नदी में डालकर सोना मिल रहा है जिससे जेसीबी,ट्रैक्टर का खर्चा निकल जाएगा।इसमें गलत क्या है? मैं नहीं जानता। हालांकि, धौरासांड ईब नदी के किनारे जैसे ही मीडिया मौके पर पहुंची, अधिकांश लोग मौके से भाग खड़े हुए। मोटर पंप बंद कर दिए गए और काम रोक दिया गया। दो मजदूरों को रोककर बातचीत शुरू की गई, तब उनके बुलाने पर 5 से 10 लोग सामने आए। यह व्यवहार खुद ही इस बात की ओर इशारा करता है कि सब कुछ “परंपरा” के नाम पर इतना सरल नहीं है। आजीविका का तर्क, लेकिन नुकसान नदी का खनन में लगे लोगों का कहना है कि गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा धौरासांड से दाईजबहार तक ईब नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। मजदूरी नहीं मिलने और सोना निकालने की पुरानी परंपरा का हवाला देकर वे इसे अपनी आजीविका का एकमात्र साधन बता रहे हैं। यह तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजगार के नाम पर पूरी नदी को बर्बाद कर देना जायज़ है? सरपंच अनजान, पंचायत से नहीं ली गई अनुमति मामले में धौरासांड की सरपंच दशमती पैंकरा से बात करने पर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। सरपंच ने कहा कि उन्हें पंचायत क्षेत्र में वर्षों से चल रही सोने की खदानों की कोई जानकारी नहीं है। न तो पंचायत से किसी प्रकार की अनुमति ली गई है और न ही कोई टैक्स जमा किया गया है। सरपंच ने साफ कहा कि नदी में मिट्टी बहाना गलत है। वहीं, एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह ने कहा कि वे मौका मुआयना के बाद ही इस पर कोई ठोस टिप्पणी कर पाएंगे। पर्यावरण नियम क्या कहते हैं? पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की Sustainable Sand Mining Management Guidelines 2016 भले ही रेत और लघु खनिजों के लिए हों, लेकिन इनके मूल सिद्धांत साफ हैं— नदी के प्राकृतिक बहाव और पारिस्थितिकी तंत्र से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए नदी तटों को काटकर या मिट्टी बहाकर खनन करना पर्यावरणीय अपराध है बिना अनुमति, बिना आकलन और बिना पुनर्स्थापन योजना के कोई भी खनन अवैध माना जाता है नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) भी कई मामलों में स्पष्ट कर चुका है कि नदी के सक्रिय प्रवाह क्षेत्र में खनन पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। नतीजा क्या होगा? एक तरफ स्वर्ण माफिया ग्रामीणों को सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण इसे अपनी मजबूरी और परंपरा बताकर जारी रखने की बात कह रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर यही हाल रहा तो ईब नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। अब सवाल साफ है— क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर ईब नदी को बचाएगा, या फिर सोने की कुछ चमकदार रेत के लिए जशपुर अपनी जीवनदायिनी नदी खो देगा?

*जशपुर में तानाशाह अफसरशाही एवं भ्रष्टाचार को लेकर सड़क पर उतरे हजारों ग्रामीण, तहसीलदार हटाओ, सन्ना बचाओ के लगे नारे। खुड़िया क्षेत्र में सांकेतिक धरना प्रदर्शन एवं जनसंवाद कार्यक्रम हुआ सम्पन्न,नेताओं के साथ आम जनमानस ने सरकार को बदनाम करने का अफसरों पर लगाए कई गम्भीर आरोप* देखिए पूरी खबर

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*जशपुर में तानाशाह अफसरशाही एवं भ्रष्टाचार को लेकर सड़क पर उतरे हजारों ग्रामीण, तहसीलदार हटाओ, सन्ना बचाओ के लगे नारे। खुड़िया क्षेत्र में सांकेतिक धरना प्रदर्शन एवं जनसंवाद कार्यक्रम हुआ सम्पन्न,नेताओं के साथ आम जनमानस ने सरकार को बदनाम करने का अफसरों पर लगाए कई गम्भीर आरोप* जशपुर/सन्ना – जशपुर जिले के खुड़िया क्षेत्र कहे जाने वाला सन्ना तहसील क्षेत्र के नन्हेसर ग्राम में बीते दिन बगीचा जनपद सदस्य राकेश गुप्ता के द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन एवं जनसंवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें खुड़िया क्षेत्र में रहने वाले गांव गांव के प्रमुखों को बुलाया गया था जिसमें हजारों की संख्या में आम जनमानस का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जहां क्षेत्रवासियों ने पहले नन्हेसर ग्राम में रैली निकाल कर तहसीलदार रौशनी तिर्की हटाओ – सन्ना बचाओ का नारा लगाने के साथ साथ जल जीवन मिशन योजना के नलों में शुद्ध पानी मांगने, किसानों के साथ अन्याय करना बंद करो जैसे नारा लगाया।जिसके बाद रैली सभा स्थल में पहुंची और फिर जनसंवाद का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ जिस जनसंवाद में खुड़िया क्षेत्र के प्रमुखों के अलावा बगीचा से कोरवा समाज की नेत्री शोभापति दीवान,चंद्रदेव ग्वाला,सुखलाल यादव ने सभा को संबोधित किया। जनसंवाद कार्यक्रम में बारी बारी क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रमुखों ने उठ उठ कर क्षेत्र की समस्याओं को बताया।जिसमें सबसे एक स्वर में बताया कि खुड़िया क्षेत्र के बहुत से गांव में जल जीवन मिशन के तहत लगाया गया घर घर नल जल योजना में एक दिन भी पानी नहीं मिला है जिसे यहां के अधिकारी गलत रिपोर्टिंग करके सरकार को गुमराह कर रहे हैं।दूसरा मामला सन्ना तहसील में पदस्त तहसीलदार रौशनी तिर्की को लेकर भी दर्जनों ग्राम प्रमुखों ने तहसीलदार पर रिश्वतखोरी के अलावा कई गम्भीर गंभीर आरोप लगाए और सन्ना तहसीलदार को सन्ना से हटाए जाने की मांग करने लगे।वहीं इस जनसंवाद कार्यक्रम में कई किसानों का धान भी रकबा के हिसाब से नहीं खरीदने का गम्भीर आरोप लगाया और बचे हुए किसानों का धान पुनः खरीदी करने का मांग किया गया।वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन,विधवा,वृद्धा,विकलांग पेंशन में भी हो रहे अनियमितता को भी कई बुजुर्गों ने बताया। जनसंवाद कार्यक्रम के अंतिम में क्षेत्र के जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम जशपुर जिले में पदस्थ झूठे और तानाशाह अफसरशाही को लेकर एक सांकेतिक प्रदर्शन था । सरकार की अच्छी – अच्छी योजनाओं को जिले के अधिकारी मिट्टी में मिलाकर सरकार को गुमराह करने का प्रयास करते हैं और झूठी रिपोर्ट भेजते हैं इसी कारण यह जनसंवाद कर सरकार तक सच्चाई पहुंचाने का यह पहल है।मेरे अलावा क्षेत्र में आए दिन कई ग्रामीणों को सन्ना तहसीलदार रौशनी तिर्की के द्वारा परेशान करने शिकायत मिलता रहता है परंतु कार्यवाही नहीं होने से माहौल इस ओर परिवर्तित हो रहा है। *जमकर दहाड़ी कोरवा समाज की नेत्री शोभापति दीवान* उपरोक्त कार्यक्रम में सहयोग देने बगीचा से पहुंची कोरवा समाज की नेत्री शोभापति दीवान ने भी प्रशासन के खिलाफ जमकर बोली उन्होंने कहा कि एक दुष्ट तहसीलदार अधिकारी रौशनी तिर्की पूरे क्षेत्र को तबाह करके रखी है जिसका आए दिन शिकायत मिलता है परंतु इसे ऐसा कौन है जो संरक्षण दे रहा है और इसे सन्ना खुड़िया क्षेत्र को लूटने के लिए बैठाया है अब इस क्षेत्र की नारी शक्ति को जाएंगे कि आवश्यकता है और तहसीलदार को भगाने की आवश्यकता है। *जनजाति सुरक्षा मंच के सैकड़ों कार्यकर्ता दिखे सभा में* जनजाति सुरक्षा मंच के चंद्रदेव ग्वाला और सुखलाल यादव ने भी क्षेत्र में चल रहे काले कारनामों को सभा को संबोधित करते हुए बताया और जनता को आगे बढ़ने का बात कहा।कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में जनजाति सुरक्षा मंच के प्रमुख कार्यकर्ता दिखे जिसमें उल्लेश्वर भगत,हेमनाथ भगत जिससे तेज तर्रार युवा कार्यकर्ताओं का ग्रुप शामिल था। कोरवा समाज के प्रमुख नन्हेसर के अमृत कोरवा ने भी गांव में शुद्ध पानी नहीं मिलने का बात को कहा और तहसीलदार को जल्दी हटाने का मांग किया। कार्यक्रम के अंतिम में सभी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम नायब तहसीलदार तोष कुरमा सिंह को ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग किया।

*बड़ी खबर* *धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था*

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*धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था* रायपुर 3 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गणतंत्र दिवस पर लापरवाही की हद: तेज रफ्तार आईशर ट्रक से बाल-बाल बचे दो लोग, पुलिस ने पकड़ा चालक

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गणतंत्र दिवस पर लापरवाही की हद: तेज रफ्तार आईशर ट्रक से बाल-बाल बचे दो लोग, पुलिस ने पकड़ा चालक कुनकुरी , 27 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस की शाम जब कुनकुरी शहर में देशभक्ति का माहौल था, उसी दौरान एक तेज रफ्तार आईशर ट्रक ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी। लापरवाह तरीके से ट्रक चला रहा चालक शहर के बीचों-बीच आतंक मचाता नजर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जय स्तंभ चौक के पास ट्रक की चपेट में आने से दो लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद चालक ट्रक लेकर भागने लगा, लेकिन कुनकुरी पुलिस ने तुरंत पीछा कर कचहरी के पास ट्रक को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद भी चालक पुलिस से उलझता रहा। पुलिस ट्रक और चालक को थाना लेकर पहुंची, जहां पूछताछ की गई। चालक की पहचान अरविंद बड़ाइक, निवासी कुरडेग (झारखंड) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही ड्राइवर संघ के जिलाध्यक्ष फिरन राम यादव और जिला उपाध्यक्ष मुन्ना खान कुनकुरी थाने पहुंचे। जांच में ट्रक चालक की स्पष्ट गलती सामने आई। इस दौरान जिलाध्यक्ष फिरन राम यादव ने चालक को कड़ी फटकार लगाई और उससे माफी मंगवाई। साथ ही ड्राइवर संघ की बैठक बुलाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही। वहीं जिला उपाध्यक्ष मुन्ना खान ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कुनकुरी पुलिस ने ट्रक चालक पर ₹1000 का चालान किया और सख्त समझाइश देकर छोड़ा।

*नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर जशपुर में जश्न, पार्टी नेताओं ने जताई खुशी*

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*नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर जशपुर में जश्न, पार्टी नेताओं ने जताई खुशी* जशपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के प्रभारी एवं बिहार सरकार के मंत्री श्री नितिन नबीन के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर जशपुर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर जशपुर जिले के विभिन्न स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी मनाई। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना संगठन की मजबूती और कार्यकर्ता आधारित राजनीति की जीत है। उनके नेतृत्व में भाजपा देशभर में और अधिक सशक्त होकर जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाएगी। पूर्व प्रदेश महामंत्री *कृष्ण कुमार राय* ने कहा कि नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ प्रभारी के रूप में कार्यकाल अत्यंत सफल और प्रेरणादायी रहा है। उनके प्रभारी रहते छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिली, कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आया और भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत की। अब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पूरे देश में पार्टी को इसी तरह सशक्त नेतृत्व मिलेगा। पूर्व राज्यसभा सांसद *रणविजय सिंह जूदेव* ने कहा कि नितिन नबीन एक अनुभवी, दूरदर्शी और संगठन के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित नेता हैं। उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भाजपा के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। जशपुर विधायक *रायमुनी भगत* ने कहा कि यह नियुक्ति पूरे भाजपा परिवार के लिए गर्व का विषय है। नितिन नबीन के नेतृत्व में पार्टी गरीब, किसान, महिला और आदिवासी समाज के कल्याण के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करेगी। पत्थलगांव विधायक *गोमती साय* ने कहा कि नितिन नबीन का लंबा संगठनात्मक अनुभव और कार्यशैली भाजपा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। इससे कार्यकर्ताओं में नया जोश और आत्मविश्वास पैदा हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष *सालिक साय* ने कहा कि नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों के विकास को भी नई दिशा देगा। उनके नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का संकल्प और मजबूत होगा। भाजपा जिलाध्यक्ष *भरत सिंह* ने कहा कि जशपुर जिले के सभी कार्यकर्ता इस ऐतिहासिक निर्णय से अत्यंत उत्साहित हैं। नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पार्टी की संगठनात्मक शक्ति और अनुशासन का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में भाजपा राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य को और दृढ़ता से आगे बढ़ाएगी। उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि जशपुर बस स्टैंड में कार्यक्रम के समय मुख्य रूप से बलरामपुर जिला संगठन प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगा राम भगत, संतोष सिंह, मुकेश सोनी, शरद चौरसिया, पिंटू गोस्वामी, रागिनी भगत, सुधीर पाठक, रविन्द्र पाठक, विनोद निकुंज, विजय सहाय, राजा सोनी, आकाश गुप्ता, दीपक गुप्ता, सज्जू खान, नीतीश गुप्ता, राहुल गुप्ता, नागेंद्र भगत सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बड़ी खबर : कंवर समाज को मिला नया राष्ट्रीय नेतृत्व, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बनीं राष्ट्रीय अध्यक्ष

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बड़ी खबर : कंवर समाज को मिला नया राष्ट्रीय नेतृत्व, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बनीं राष्ट्रीय अध्यक्ष   जशपुर : अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति का तीन दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन केंद्रीय कार्यालय पमशाला, जिला जशपुर में भव्य व गरिमामय वातावरण में संपन्न हो रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन सर्वसम्मति से राष्ट्रीय पदाधिकारियों का चयन किया गया, जिसमें श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। उल्लेखनीय है कि श्रीमती कौशल्या साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी हैं और समाजसेवा के क्षेत्र में उनकी भूमिका लंबे समय से सक्रिय, समर्पित और प्रभावशाली रही है। सम्मेलन में मंगरु साय पैंकरा को राष्ट्रीय महासचिव, अनंत राम पाकरगांव को न्याय समिति अध्यक्ष, श्रीमती शांता साय (लैलूंगा) को राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष तथा हरिशंकर साय (मधुबन) को राष्ट्रीय युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर समाज उत्थान, शिक्षा, संगठन विस्तार और जनकल्याण के मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही समाज और जनसेवा को मजबूत करने के उद्देश्य से “ मिलनसार समाज एवं जनसेवा दौरा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत नवचयनित पदाधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में जाकर समाजजनों से सीधा संवाद करेंगे। नवचयनित पदाधिकारियों को पूर्व पदाधिकारियों और समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने बधाई देते हुए विश्वास जताया कि श्रीमती कौशल्या साय के नेतृत्व में कंवर समाज को नई दिशा, संगठनात्मक मजबूती और जनसेवा को व्यापक विस्तार मिलेगा।

*निर्माण कार्यों में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त — कलेक्टर व्यास**पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के प्रगतिरत कार्यों की हुई कड़ी समीक्षा*

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*निर्माण कार्यों में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त — कलेक्टर व्यास* *पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के प्रगतिरत कार्यों की हुई कड़ी समीक्षा* जशपुर 14 जनवरी 2026/ कलेक्टर  रोहित व्यास ने विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्वीकृत, प्रगतिरत, निर्माणाधीन तथा अप्रारंभ कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी लंबित एवं प्रगति पर चल रहे कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री व्यास ने PWD अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में चल रहे सड़क, स्कूल भवन, तहसील भवन, हाई स्कूल भवन, विभिन्न भवनों के उन्नयन कार्य, पहुंच मार्ग, परिवार न्यायालय भवन, नवीन पॉलिटेक्निक भवन, विश्राम गृह भवन सहित अन्य सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा से बाहर चल रहे कार्यों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से विलंब के कारण पूछे और निर्माण गति तेज करने के निर्देश दिए। PMGSY अंतर्गत संचालित सड़कों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सड़कों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। साथ ही नए स्वीकृत कार्यों की गूगल एंट्री अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्यों की समयबद्ध प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके।

देखिए धान की “उल्टी गंगा” — राइस मिल से सीधे खरीदी केंद्र पहुंच रहा धान!प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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देखिए धान की “उल्टी गंगा” — राइस मिल से सीधे खरीदी केंद्र पहुंच रहा धान! जशपुर से बड़ी खबर जशपुर जिले में धान खरीदी के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर किसानों का धान खरीदी केंद्र से राइस मिल जाता है, लेकिन जशपुर में मामला बिल्कुल उल्टा निकला — राइस मिल से धान निकालकर सीधे खरीदी केंद्र ले जाने की कोशिश पकड़ी गई है। ताजा मामला कांसाबेल विकासखंड का है। यहां बगिया स्थित वेदांश राइस मिल से अवैध रूप से धान निकालकर उसे चोंगरीबहार धान खरीदी केंद्र ले जाया जा रहा था। प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। 🚜 दो ट्रैक्टर पकड़े गए, 100 क्विंटल धान जब्त कार्रवाई के दौरान राइस मिल से निकलकर धान खरीदी केंद्र की ओर जा रहे दो ट्रैक्टरों को रोका गया। ट्रैक्टरों में करीब 100 क्विंटल धान लोड था। ट्रैक्टर चालकों मानेश्वर सिदार और यमन बेहरा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि धान राइस मिल से चोंगरीबहार धान खरीदी केंद्र ले जाया जा रहा था। यह कार्रवाई राइस मिल के पास ही, खरीदी केंद्र के रास्ते में की गई। फिलहाल दोनों ट्रैक्टर जब्त कर लिए गए हैं और दस्तावेजों की जांच जारी है। ❓ पुराने धान को नया बताकर खपाने की आशंका प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक आशंका है कि राइस मिल में रखा पुराना धान नए धान के रूप में खरीदी केंद्र में खपाने की कोशिश की जा रही थी। अगर ऐसा साबित होता है, तो यह सीधे-सीधे सरकारी खरीदी प्रणाली से बड़ा खेल माना जाएगा। 🔍 और भी जगहों से मिल रही शिकायतें धान मंडी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिंगीबहार क्षेत्र की एक राइस मिल से भी आसपास की मंडियों में इसी तरह धान भेजे जाने की चर्चा है।हमारी पड़ताल जारी है। इतना ही नहीं, गड़बड़ी पकड़ने के लिए उपरकछार बेरियर पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की दिशा भी संदिग्ध बताई जा रही है। कैमरा सड़क की बजाय पुलिस चौकी को कवर कर रहा है। जानकारों का दावा है कि जिला प्रशासन राइस मिलों के सीसीटीवी कैमरे में धान लद रहे विजुअल और धान खरीदी में लगे सीसीटीवी कैमरे से धान उतरते विजुअल की मिलान करे तो बिचौलिए और राइस मिलर बेपर्दा हो जाएंगे। आज दोपहर करीब 2 बजे बेरियर पर कोई भी अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं था, जिससे ग्रामीणों के आरोपों को और बल मिलता है। 🏛️ संरक्षण का आरोप, बड़ा खेल होने की चर्चा ग्रामीणों और मंडी सूत्रों का दावा है कि यह खेल छोटे स्तर का नहीं, बल्कि बड़े संरक्षण में चल रहा है। चर्चा है कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण राइस मिलरों को मिल रहा है। ⚠️ प्रशासन सख्त, बड़ी कार्रवाई के संकेत अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के बाद राइस मिल संचालक पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। 👉 जशपुर में धान खरीदी को लेकर उठे ये सवाल अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ और भी बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव की कृपा से किसान को मिला पट्टा,फिर भी नहीं बेच पा रहा धान,,,सुशासन पर बड़ा सवाल

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पटवारी–पोर्टल की जुगलबंदी में पिसता किसान: बी-1 खसरा गड़बड़ी से धान अटका, मुख्यमंत्री के गृहजिले में सुशासन पर उठा बड़ा सवाल जशपुर,13/012026 – जिले के कांसाबेल तहसील का एक किसान बी वन में दर्ज आधिकारिक खसरे नम्बर के कारण न तो सरकार को धान बेच पा रहा है, न सोलर पैनल लगवा पा रहा है,न ही अपनी खेती को बढ़ाने के लिए बैंक से लोन ले पा रहा है। दरअसल,तिलंगा गांव का किसान दिलबंधु तिर्की को पिता की मृत्यु के बाद भाइयों के बीच जमीन बंटवारे के बाद पट्टा नहीं मिल रहा था।जिसको लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अपनी तकलीफ बताई। मुख्यमंत्री कार्यालय बगिया के त्वरित सक्रियता से पटवारी ने किसान का पट्टा बनाकर दे दिया। अब परेशानी तब खड़ी हो गई जब दिलबंधन तिर्की अपनी खेती का धान बेचने के लिए पंजीयन कराने सहकारी समिति गया।जहां देखा गया की पट्टे में दर्ज खसरा नंबर सरकार के भू रिकॉर्ड से बिल्कुल अलग है। दरअसल, वर्ष 2022–23 की बंटवारा सूची में खाता विभाजन पूरी तरह वैधानिक रूप से हुआ था। बंटवारे के आधार पर दर्ज खसरा नंबर हैं— 666/6, 666/9, 666/1 ठ, 666/13, 666/15, 666/20, 672/7, 666/5, 666/8, 666/11, 666/1 ण, 666/17, 666/19, 672/1उ। इन खसरा नंबरों के आधार पर बंटवारा सूची पूरी तरह सही है। यही नहीं, इसी आधार पर ऋण पुस्तिका भी विधिवत जारी की गई, जिसे 23 जून 2025 को पटवारी द्वारा प्रदान किया गया था। लेकिन समस्या तब सामने आई जब किसान ने ऑनलाइन बी-1 रिकॉर्ड निकाला। बी-1 में खसरा नंबर 666/2, 666/12, 666/16, 666/21, 666/5, 666/17 दर्ज मिले, जो न तो बंटवारा सूची से मेल खाते हैं और न ही ऋण पुस्तिका से। इसी तकनीकी विसंगति के कारण सहकारी समिति ने किसान का धान पंजीयन करने से इंकार कर दिया। नतीजतन, किसान का धान आज भी घर में रखा हुआ है। इस संबंध में जब किसान पटवारी के पास गया तो पटवारी ने साफ कह दिया कि खसरा नंबर पट्टे वाले ही पोर्टल पर चढ़ाया लेकिन नहीं लिया।अब खसरा नंबर चेंज नहीं हो सकता।पटवारी की दो टूक बातें सुनकर किसान हताश हो गया और उसका पंजीयन नहीं होने से धान घर में रखा हुआ है।   इस संबंध में जब हमने हल्का पटवारी विक्की गुप्ता से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि दिलबंधन तिर्की के साथ ही उसके दो भाइयों का भी खसरा नंबर पोर्टल में बदल गया है। ऐसा कइयों का हुआ है।जो खसरा नंबर बी वन में दिख रहा है, वही मान्य है।किसान सीमांकन करा सकता है लेकिन किसान इस बात को समझ नहीं पा रहा है। वहीं पीड़ित किसान ने बताया कि पटवारी के मनमानी से तंग आकर नायब तहसीलदार कांसाबेल के न्यायालय में खसरा नंबर को ठीक करने के लिए आवेदन दिया गया है।जो बी वन में खसरा नंबर है,वह मेरे भाइयों की जमीन है।ऐसे में भविष्य में विवाद पैदा हो सकता है।किसान ने पटवारी पर तहसीलदार के आदेश नहीं मानने और किसान का धान नहीं बिकने पर हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।   बहरहाल,यह बड़ा सवाल है कि ऐसे में विष्णु का सुशासन कैसे सफल होगा कि एक किसान सरकारी सिस्टम के कारण अपना धान नहीं बेच पा रहा है? यह स्थापित लोकल्याणकारी राज्य में शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राही को पहुंचा कर देना है न कि उसे दफ्तरों के चक्कर लगवाने हैं। अब देखना है कि मुख्यमंत्री के गृहजिले में ऐसे किसानों को न्याय कब तक मिलेगा या कागजी घोड़े दौड़ते रहेंगे।