आरटीओ चाचा की अटैची से उड़ाए लाखों! भतीजी ने बॉयफ्रेंड संग रची चोरी की खौफनाक स्क्रिप्ट

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**आरटीओ चाचा की अटैची से उड़ाए लाखों! भतीजी ने बॉयफ्रेंड संग रची चोरी की खौफनाक स्क्रिप्ट** जशपुर,09 जनवरी 2025 कहते हैं लालच जब हदें पार कर जाए तो रिश्ते, भरोसा और इज्जत—सब कुछ बिखर जाता है। जशपुर जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र से सामने आई यह कहानी किसी फिल्मी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं, जहाँ आरटीओ चाचा विजय निकुंज की अटैची में रखे लाखों रुपए और सोने की ज्वेलरी पर भतीजी की नजर पड़ी—और यहीं से शुरू हुआ अपराध का खतरनाक सफर। आईफोन की चाह… और पहली चोरी कहानी की शुरुआत होती है तब, जब कॉलेज में पढ़ने वाली भतीजी मिनल निकुंज साफ-सफाई के बहाने चाचा के कमरे में पहुंचती है। दीवान के भीतर रखी एक अटैची खोलते ही उसकी आंखें चौंधिया जाती हैं—नगद नोटों के बंडल और चमकता सोना। पहले सिर्फ आईफोन खरीदने के लिए दो लाख रुपए उठाए गए। किसी को भनक नहीं लगी… और यहीं से उसका हौसला बढ़ता गया। बॉयफ्रेंड की एंट्री, अपराध को मिली रफ्तार सोशल मीडिया से शुरू हुआ प्यार, जल्द ही लिव-इन रिलेशनशिप में बदल चुका था। बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान को जब पैसों की भनक लगी, तो लालच ने दोनों को एक ही राह पर ला खड़ा किया—अपराध की राह। फिर एक-एक कर अटैची से पैसे निकलते रहे… पिकनिक, पार्टी, होटल, शराब—सब चलता रहा। पूरा सूटकेस ही उड़ा ले गए लेकिन असली खेल तब हुआ, जब भतीजी ने दादी से चाबी चुराई और पूरी अटैची ही बॉयफ्रेंड और उसके साथियों के हवाले कर दी। अटैची खुली—तो निकले 15 लाख नगद, सोने के बिस्किट और जेवरात। इसके बाद शुरू हुआ अय्याशी का दौर— रायपुर में विला बुक हुआ, जन्मदिन मनाया गया, लाखों उड़ाए गए और चोरी के पैसों से 25 लाख की लग्जरी कार खरीद ली गई। सोना बेचा, पैसा बांटा… लेकिन किस्मत ने नहीं दिया साथ आरोपी सोने के बिस्किट बेचने ओडिशा तक पहुंच गए। पैसा आपस में बांटा गया। मगर जल्द ही आरटीओ चाचा को चोरी की भनक लग गई और पुलिस में मामला दर्ज हो गया। इधर, चोरी के माल पर हाथ साफ करने वालों के बीच ही एक और चोरी हो गई, जब उनके किराए के मकान से बाकी सोना भी गायब हो गया। रांची के होटल में टूटा सपनों का महल पुलिस की साइबर टीम और मुखबिरों ने लोकेशन ट्रेस की। आखिरकार रांची के एक होटल में भतीजी और बॉयफ्रेंड को दबोच लिया गया। पूछताछ में पूरा काला सच सामने आया—रिश्तों से गद्दारी, लालच और अपराध की पूरी कहानी। 51 लाख की चोरी, सलाखों के पीछे पांच आरोपी अब तक इस मामले में पांच आरोपी जेल पहुंच चुके हैं।मीनल निकुंज,अनिल प्रधान ,अभिषेक इंद्रवार (28 वर्ष),लंकेश्वर बड़ाईक (35 वर्ष),अलीशा भगत (29 वर्ष)। पुलिस ने हरियर कार, नगद रकम, सोने के बिस्किट, ज्वेलरी और मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। चोरी गए माल की कुल कीमत 51 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। सबक साफ है… यह कहानी सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है— लालच जब रिश्तों पर भारी पड़ जाए, तो अंजाम सिर्फ सलाखें होती हैं।

क्रशर प्लांट के विरोध में उतरे ग्रामीण,कूटरचना कर ले ली लीज!प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में लिया

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जशपुर,07/01/2026 – जिले के बागबहार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकरभुका कोयलापहाड़ी गांव में प्रस्तावित पत्थर खदान और क्रशर प्लांट की स्थापना को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का जबरदस्त विरोध सामने आया है । सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर सड़क पर उतर आए और क्रशर प्लांट के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।   ग्रामीणों का कहना है कि  जंगल, पहाड़ और पेड़-पौधे ही उनकी जीवनरेखा आस्था और आजीविका का आधार हैं, लेकिन कथित तौर पर दस्तावेजों में कूटरचना कर लंबी अवधि की लीज लेकर यहां पत्थर खदान और क्रशर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट के समीप स्थित गौठान की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, साथ ही डभरी को पाटने का भी काम हुआ है। साथ ही स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि क्रशर प्लांट से उड़ने वाली धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ेगा और पूरा गांव प्रदूषण की चपेट में आ जाएगा। ग्रामीणों का दावा है कि वर्ष 2009 में कथित रूप से फर्जी ग्रामसभा कर लगभग 10 एकड़ भूमि लीज पर ली गई, जहां अब प्लांट लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जिस पहाड़ की कटाई की जा रही है, उसे आदिवासी समाज ग्राम देवता के रूप में पूजता आ रहा है। आरोप है कि प्लांट के लिए बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई की गई और पहाड़ियों को काटकर रास्ता बनाया गया है, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने प्लांट संचालक द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। इसके विरोध में ग्रामीणों ने बागबहार थाना में लिखित ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल, बागबहार तहसीलदार कृष्णमूर्ति दीवान, पत्थलगांव नायब तहसीलदार भीष्म पटेल सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की है कि पत्थर खदान और क्रशर प्लांट की अनुमति तत्काल निरस्त की जाए, ताकि जंगल, पर्यावरण और आदिवासी आस्था की रक्षा हो सके ।

छत्तीसगढ़ के साहित्य-सूर्य हुए अस्त: हिंदी के महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन

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छत्तीसगढ़ के साहित्य-सूर्य हुए अस्त: हिंदी के महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन “लिखना मेरे लिए सांस लेने जैसा है”—यह कहने वाले छत्तीसगढ़ के धरोहर, हिंदी साहित्य के अप्रतिम साधक और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया। वे 89 वर्ष के थे। उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढ़ के पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार थे। उनकी लेखनी में साधारण जीवन की असाधारण गहराई, मानवीय संवेदना और मौन की भाषा बोलती थी। वे शब्दों के शोर में नहीं, बल्कि सादगी, ठहराव और संवेदनशीलता में विश्वास करने वाले रचनाकार थे। उनका जन्म 1 जनवरी 1937 को मध्यप्रदेश (अब छत्तीसगढ़) में हुआ था। उन्होंने कविता, उपन्यास और निबंध—तीनों विधाओं में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘नौकर की कमीज’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’, ‘खिलेगा तो देखेंगे’ जैसी रचनाएं शामिल हैं, जिन्होंने हिंदी साहित्य को नई दृष्टि और नई भाषा दी। उनकी रचनाओं पर फिल्में और रंगमंचीय प्रस्तुतियां भी हुईं। विनोद कुमार शुक्ल की लेखनी किसी आंदोलन की घोषणा नहीं करती थी, बल्कि चुपचाप मनुष्य के भीतर उतर जाती थी। वे उन दुर्लभ साहित्यकारों में थे, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि साहित्य ऊंची आवाज़ नहीं, बल्कि गहरी अनुभूति से जीवित रहता है। उनके निधन को साहित्य जगत “साहित्य के सूर्य के अस्त” के रूप में देख रहा है। उनकी कमी शब्दों से नहीं, बल्कि उस खालीपन से महसूस होगी, जिसे केवल उनकी सादगी और मौन भर सकता था। आज हिंदी साहित्य ने अपना एक मौन साधक, छत्तीसगढ़ ने अपनी एक अमूल्य धरोहर और पाठकों ने अपने मन का एक सच्चा साथी खो दिया है। विनोद कुमार शुक्ल भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी रचनाएं सांस की तरह आने वाली पीढ़ियों के साथ जीवित रहेंगी।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर में स्वास्थ्य क्रांति, दो वर्षों में बदली जिले की तस्वीर, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मिली बड़ी सौगात….*

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर में स्वास्थ्य क्रांति, दो वर्षों में बदली जिले की तस्वीर, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मिली बड़ी सौगात….* जशपुर, 19 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं ने ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बना है। कभी सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला यह जिला आज आधुनिक चिकित्सा ढांचे, सुदृढ़ आपात सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जशपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां दूरस्थ अंचलों के लोगों को सामान्य उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही उच्च स्तरीय उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। डायलिसिस जैसी जटिल सेवाएं, जो कभी कल्पना से परे थीं, अब जिलेवासियों के लिए सुलभ होती जा रही हैं। *दो वर्षो में मिली स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलीं जिले को कई ऐतिहासिक सौगातें* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की मंजूरी ने जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था की नींव रख दी है।अखिल भारतीय कल्याण आश्रम परिसर में 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, जो भविष्य में जशपुर को एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। वहीं नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8.78 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी। *मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिली प्राथमिकता* मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कुनकुरी में 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण 8.77 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिले में 14 करोड़ रुपये की लागत से फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा कुनकुरी में 2 करोड़ 62 लाख रुपये से नेचुरोपैथी भवन निर्माण की स्वीकृति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बहुआयामी बनाया है।वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर जिले के फरसाबहार मुख्यालय में बहुत जल्द सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय की स्थापना होगी जो जिले वासियों के साथ पड़ोसी राज्यों को भी इसकी सुविधाएं मुहैया होगी। यह नागलोग क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी सौगात है।अब स्वास्थय के क्षेत्र में लोगों के लिए यह वरदान साबित होगी। *जिले में आपातकालीन सेवाओं को मिली नई गति* मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में आपात चिकित्सा सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिले को 10 नई 108 संजीवनी एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवनरक्षक सेवा प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा 102 महतारी एक्सप्रेस की 18 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर रही हैं। प्रत्येक विकासखंड में शव वाहन की उपलब्धता ने कठिन समय में ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत दी है। *नए स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात से ग्रामीण क्षेत्रों को मिला संबल* जिले के स्वास्थ्य ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हुए कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। साथ ही जिले के फरसाबहार तहसील के पेटामारा (अंकिरा) एवं गांझियाडीह, दुलदुला तहसील के करडेगा एवं सीरिमकेला तथा कुनकुरी तहसील के केराडीह में 5 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी मिली है,जो ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ जाएगी। आज जशपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में किए गए ये ऐतिहासिक प्रयास जिले को एक मजबूत, सक्षम और आधुनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह परिवर्तन केवल अधोसंरचना का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

ब्रेकिंग जशपुर: कटनी–गुमला नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, कार सवार पाँच युवकों की दर्दनाक मौत,इस गांव में मचा हाहाकार,,

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ब्रेकिंग न्यूज़ जशपुर कटनी–गुमला नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, कार सवार पाँच युवकों की दर्दनाक मौत जशपुर,07/12/2025 – कटनी–गुमला नेशनल हाईवे पर दुलदुला थाना क्षेत्र के पतराटोली में देर रात रफ्तार का कहर ऐसा बरपा कि एक तेज रफ्तार कार खड़े ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पाँचों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। दुलदुला थाना प्रभारी के.के. साहू ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक सभी दुलदुला थाना क्षेत्र के खटंगा गांव के रहने वाले थे। मृतकों के परिजनों ने बताया कि ये सभी आस्ता थाना क्षेत्र के एक मेले से लौट रहे थे कि रास्ते में यह भयावह दुर्घटना हो गई। मृतक राधेश्याम यादव (26) के बड़े भाई महेश्वर यादव ने बताया कि रात करीब देर तक सभी दोस्त साथ थे और घर लौटते समय यह हादसा हुआ। मृतक दीपक राम, अमर राम के घर का इकलौता सहारा था और दोस्तों के साथ मेले से लौट रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए दुलदुला भेजा जा रहा है। हाईवे पर कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। गांव में शोक की लहर है, परिजन बदहवास हैं और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व्याप्त है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

जशपुर में दहला देने वाली घटना — प्रिंसिपल के बैड टच से त्रस्त नाबालिग छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में खोले काले राज… अवैध हॉस्टल में चल रहा था दरिंदगी का खेल!

जशपुर में दहला देने वाली घटना — प्रिंसिपल के बैड टच से त्रस्त नाबालिग छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में खोले काले राज… अवैध हॉस्टल में चल रहा था दरिंदगी का खेल!   जशपुर – जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के गोवासी गांव में रविवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने प्रिंसिपल की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगा ली। छात्रा स्कूल के भीतर ही संचालित अवैध हॉस्टल में रहती थी, जिसे स्कूल प्रिंसिपल कुलदीप टोपनो खुद चलाता था।   ❗ सुसाइड नोट में बड़ा खुलासा — बैड टच, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की बातें लिखीं पुलिस को घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में छात्रा ने साफ लिखा है कि प्रिंसिपल उसके साथ बैड टच करता था और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। नाबालिग की पीड़ा पढ़कर जांच टीम भी सन्न रह गई।   ❗ आरोपी प्रिंसिपल हिरासत में, अवैध हॉस्टल का काला सच सामने   सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी प्राचार्य कुलदीप टोपनो को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि ग्रामीण शिक्षा समिति द्वारा संचालित इस स्कूल में 124 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें 33 बच्चे प्राचार्य द्वारा चलाए जा रहे अवैध हॉस्टल में रह रहे थे। मृत छात्रा भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।जिसने बीती रात हॉस्टल के स्टडी रूम में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।   ❗ प्रशासनिक तंत्र हरकत में — कई अधिकारी मौके पर   घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीईओ, एसडीएम, बीईओ, सहायक आयुक्त, तहसीलदार, एसडीओपी और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंच गए हैं। मृतका का कमरा सील कर दिया गया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।   ❗ एसएसपी का बड़ा बयान   एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि, “यह नाबालिग छात्रा की आत्महत्या का मामला है। सुसाइड नोट मिला है जिसमें प्रताड़ना का जिक्र है। जांच गंभीरता से चल रही है।”   ❗ जिले में उबाल — निजी स्कूलों व हॉस्टलों पर सवाल घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। लोग अवैध हॉस्टलों और निजी स्कूलों की लचर व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले भी पोर्तेंगा मिशन स्कूल में अवैध हॉस्टल में बच्चों के धर्मांतरण की कोशिश के आरोप के साथ ही उन्हें शारीरिक प्रताड़ना देने का मामला आया था।वहीं कुनकुरी में नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में एक प्रिंसिपल द्वारा जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आ चुका है। ऐसे में जिले के अंदर निजी स्कूलों और संस्थाओं की निगरानी पर भी अब बड़ी बहस शुरू हो गई है। यह दिल दहला देने वाली घटना न केवल एक छात्रा की जिंदगी छीन ले गई, बल्कि जिले में संचालित निजी शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गई है।

विष्णु सरकार की छवि बिगाड़ने वाले अधिकारियों की तानाशाही पर पत्रकारों ने खोला मोर्चा,मुकेश नायक की पीड़ा छापनेवाले पत्रकारों को टारगेट करने पर मामला गरमाया

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पत्रकार मुकेश नायक की अपील पर कुनकुरी में पत्रकारों की आपात बैठक, जिला प्रशासन पर फूटा आक्रोश — मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन, जनसम्पर्क व्हाट्सएप ग्रुप लेफ्ट कर पत्रकारों ने संघर्ष का बिगुल फूंका   जशपुर/कुनकुरी जशपुर जिले में पत्रकार मुकेश नायक के साथ हुई अमानवीय और संवेदनहीन घटना को लेकर गुरुवार को कुनकुरी में पत्रकारों की जिला स्तरीय आपात बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया से जुड़े पत्रकार मौजूद रहे। बैठक में प्रशासनिक उदासीनता, गलत तथ्यों के प्रसार और पत्रकारों को दबाव में लेने के बढ़ते प्रयासों को लेकर व्यापक आक्रोश देखा गया। स्वास्थ्य विभाग झूठ बोल रहा है,मुझ पर दवाब बनाना बंद करें – मुकेश की भावुक अपील बैठक में पत्रकार मुकेश नायक ने बताया कि 17 नवंबर को ओडिशा के सुंदरगढ़ अस्पताल में जन्मे उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। अस्पताल की शव वाहन सेवा अंतरराज्यीय सीमा पार नहीं कर सकती थी, इसलिए वे छत्तीसगढ़ की 102 मुक्तांजली वाहन सेवा से सहयोग की उम्मीद में बार-बार कॉल करते रहे, लेकिन न फोन रिसीव हुआ, न कोई सहायता मिली। सीएमएचओ से आश्वासन मिलने के बाद भी 102 सेवा ने साफ कह दिया कि वे शव परिवहन नहीं करते। अंततः मजबूरी में उन्हें नवजात के शव को मोटरसाइकिल से घर लाना पड़ा। मुकेश नायक ने कहा कि “इतना कष्ट झेलने के बाद भी जनसम्पर्क विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झूठा दावा कर दिया कि स्वास्थ्य विभाग ने मुझे फोन किया पर मैंने रिसीव नहीं किया। यह असत्य बयान मेरे दर्द पर नमक छिड़कने जैसा है।व्हाट्सएप कॉल करके मुझपर मामला ठंडा करने का दवाब बनाया जा रहा है।”   पत्रकारों ने प्रशासनिक तानाशाही पर जताया तीखा विरोध   पत्रकारों ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का दुख नहीं, बल्कि पूरे जिले में फैली संवेदनहीन कार्यशैली की पहचान है। बैठक में जनसम्पर्क विभाग के एक व्हाट्सएप ग्रुप को लेकर भी कड़ी नाराज़गी व्यक्त की गई। पत्रकारों ने बताया कि इस ग्रुप को अक्सर पत्रकारों को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाने, दबाव बनाने और प्रशासनिक पक्ष को थोपने के “टूल” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।पत्रकारों ने जनसंपर्क व्हाट्सएप ग्रुप का स्क्रीनशॉट दिखाते हुए कहा कि 25 साल के इतिहास में नौकरशाही इस हद तक बेकाबू नहीं हुई थी। चर्चा के बाद पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हो रहे इस अतिक्रमण के विरोध में जिले के सभी पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जनसंपर्क व्हाट्सएप ग्रुप लेफ्ट कर अपना पहला औपचारिक विरोध दर्ज कराया।   मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तैयार — दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नाम एक विस्तृत ज्ञापन भेजा जाएगा। ज्ञापन में इन मांगों को शामिल किया गया है — पत्रकार मुकेश नायक के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच गलत जानकारी प्रसारित करने वाले तथा संवेदनहीन रवैया अपनाने वाले दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई जिले में “प्रशासनिक आतंकवाद” की बढ़ती प्रवृत्ति पर तत्काल रोक शासन की छवि खराब करने वाले अधिकारियों को जशपुर जिले से हटाया जाए स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए पत्रकारों ने कहा कि यदि एक पत्रकार को न्याय नहीं मिलता, तो आम जनता की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।   बैठक में उपस्थित पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार विष्णु नारायण जोशी, विनोद शर्मा, रविन्द्र थवाईत, संतोष चौधरी, राजेश पांडेय, विकास पांडे, दीपक वर्मा, प्रदीप तिग्गा, नवीन ओझा, दीपक सिंह, संजीत यादव, प्रियल जिंदल, सागर जोशी, कुंदन सिंह, शैलेन्द्र चिंतानवीस, एजाज खान, धवलेश्वर सिंह, मयंक शर्मा, तरुण शर्मा, सुनील सिन्हा, निरंजन मोहंती, रुद्रदामन पाठक, नीतीश यादव, राजेश राम भगत, मुकेश नायक, सोनू जायसवाल सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।वहीं इस मामले पर विजय त्रिपाठी, रमेश शर्मा, प्रशांत सहाय, योगेश थवाईत, सुरेन्द्र चेतवानी, शिव प्रताप सिंह, मिथलेश साहू, श्याम चौहान समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी प्रशासनिक तानाशाही पर तीखा विरोध दर्ज किया है। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष मुकेश नायक को न्याय दिलाने के साथ-साथ जिले में प्रशासनिक जवाबदेही की स्थापना के लिए है। उन्होंने कहा कि “जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और जिले में मानवीय व जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाएगा।”

💥बड़ी खबर जशपुर से💥 पर्यटन स्थल पर शर्मनाक करतूत — मयाली नेचर कैंप में संदिग्ध जोड़ा रंगे हाथों पकड़ा गया, प्रबंधन पर उठे सवाल! देखें तस्वीरें

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💥बड़ी खबर जशपुर से💥 पर्यटन स्थल पर शर्मनाक करतूत — मयाली नेचर कैंप में संदिग्ध जोड़ा रंगे हाथों पकड़ा गया, प्रबंधन पर उठे सवाल! जशपुर/कुनकुरी – जिले का प्रसिद्ध मयाली नेचर कैंप, जो अब तक अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता था, आज एक शर्मनाक घटना के कारण सुर्खियों में है। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे नेचर कैंप के मड हाउस में एक संदिग्ध जोड़ा प्रेम संबंध बनाते हुए पकड़ा गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और शर्म दोनों का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मयाली नेचर कैंप का उद्घाटन 27 सितंबर 2015 को तत्कालीन भाजपा विधायक रोहित साय ने किया था। पवित्र मधेश्वर महादेव पर्वत की तलहटी में स्थित यह स्थल अब तक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। पिछले वर्ष यहां पंडित प्रदीप शर्मा द्वारा महाशिव पुराण कथा का आयोजन हुआ था, जिसके बाद से यह स्थान धार्मिक महत्व के साथ राष्ट्रीय पहचान पाने लगा था। लेकिन आज की इस घटना ने पूरे जिले को शर्मसार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, वन प्रबंधन समिति खडसा के सचिव हरिहर यादव के जिम्मे नेचर कैंप में पर्यटकों को कमरा देने की जिम्मेदारी थी। बताया जा रहा है कि उसने बिना इंट्री रजिस्टर में दर्ज किए ही उस जोड़े को मड हाउस की चाबी दे दी। प्रबंधन समिति के सचिव हरिहर यादव ने अपने बचाव में कहा कि, “दिसंबर महीने की तैयारी के चलते साफ-सफाई का काम चल रहा था। उसी दौरान एक युवक और युवती अंदर घुस गए। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी।” हालांकि समिति के कुछ सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया है कि युवक हरिहर यादव का जान-पहचान वाला है और इससे पहले भी कई बार वह मड हाउस में जाकर “अय्याशी” कर चुका है। समिति के अध्यक्ष चंदर सिंह ने इस पूरे मामले को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि —“यह पवित्र स्थान है, यहां ऐसी हरकत अस्वीकार्य है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” वहीं नेचर कैंप के संरक्षक कपिलदेव साय ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और कहा कि,”यह सरकार और प्रशासन की छवि खराब करने की साजिश भी हो सकती है। इंचार्ज पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।बिना इंट्री कैसे किसी को भी कमरा दे दिया?” भंडरी ग्राम पंचायत के सरपंच वाल्टर कुजूर ने भी आक्रोश जताते हुए कहा कि नेचर कैंप में अनैतिक कार्य को बढ़ावा कौन दे रहा है? इसकी जांच कर दोषी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।साथ ही प्रशासन से अपील की है कि जिले के पवित्र स्थलों,पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। फिलहाल कुनकुरी पुलिस ने युवक और युवती दोनों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों को भी थाने बुलाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि —  *क्या धार्मिक और पर्यटन स्थलों की गरिमा की सुरक्षा के लिए प्रशासन सचमुच गंभीर है? *और क्या नेचर कैंप जैसे संवेदनशील स्थलों की निगरानी पर्याप्त है? धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि जशपुर की पवित्र धरती पर मयाली नेचर कैंप में हुई यह घटना केवल एक अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था को ठेस पहुँचाने वाली है।

बड़ी खबर जशपुर से — शराब दुकान के सामने खूनी संघर्ष, रेडियम कटर से हमला; एक युवक गंभीर रूप से घायल, 32 टांके लगे

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बड़ी खबर जशपुर से — शराब दुकान के सामने खूनी संघर्ष, रेडियम कटर से हमला; एक युवक गंभीर रूप से घायल, 32 टांके लगे   बगीचा (जशपुर)। जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में देर रात शराब दुकान के सामने दो युवकों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहा-सुनी के बाद एक युवक ने दूसरे पर रेडियम काटने वाले चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।   जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार देर रात करीब 9 से 10 बजे के बीच की है। शराब दुकान के सामने दिलीप जायसवाल और बाबा उर्फ संजय डेंजारे शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहा-सुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि देखते ही देखते दोनों में हाथापाई शुरू हो गई, और संजय डेंजारे ने अपने पास रखे रेडियम कटर ब्लेड से दिलीप पर हमला कर दिया।   हमले में दिलीप जायसवाल के गले में गहरी चोट आई। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल युवक को तुरंत बगीचा अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायल युवक को 32 टांके लगे हैं और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।   पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी संजय डेंजारे बगीचा में फ्लैक्स प्रिंटिंग की दुकान चलाता है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।   स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद से भारी आक्रोश है। उन्होंने शराब दुकान के आसपास सुरक्षा बढ़ाने और देर रात शराब सेवन पर रोक लगाने की मांग की है।   > फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।

जनपद सदस्य राकेश गुप्ता पर सरेराह जानलेवा हमला, कार सवार युवकों ने की मारपीट, मोबाइल भी छीना,मामला थाने पहुंचा

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🔴 ब्रेकिंग न्यूज – जशपुर जनपद सदस्य राकेश गुप्ता पर सरेराह जानलेवा हमला, कार सवार युवकों ने की मारपीट, मोबाइल भी छीना जशपुर/सन्ना – बगीचा जनपद पंचायत के  सदस्य राकेश गुप्ता पर आज शुक्रवार शाम सरेराह जानलेवा हमला हुआ है। जानकारी के अनुसार, राकेश गुप्ता जब बगीचा से अपने घर लौट रहे थे, तभी कार सवार युवकों ने सड़क पर उनकी गाड़ी रोककर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उनकी जमकर पिटाई की और मोबाइल फोन छीन लिया, जो फिलहाल स्विच ऑफ बता रहा है। घटना खैरापाठ (थाना सन्ना क्षेत्र) की बताई जा रही है। पीड़ित जनपद सदस्य ने सन्ना थाने में रवि भगत, प्रियांशु उर्फ रिशु केसरी, प्रतीक सिंह (प्रतीक होटल वाला) और ख्वाजा खान, सभी सन्ना निवासी, के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक अन्य युवक भी कार में था, जिसने मारपीट में हिस्सा नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार, इस हमले के पीछे सन्ना तहसीलदार रोशनी तिर्की के खिलाफ की गई शिकायत को वजह बताया जा रहा है। बताया गया है कि राकेश गुप्ता आज दिन में बगीचा एसडीएम कार्यालय जाकर तहसीलदार के कथित दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कर लौट रहे थे। उसी दौरान रास्ते में उन्हें अकेला पाकर युवकों ने हमला कर दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सुरक्षा मंच के प्रमुख गणेशराम भगत भी जशपुर से सन्ना के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।