कुनकुरी: खेत में पेड़ पर टंगी अधेड़ की लाश, मवेशी तस्करी से जुड़ाव की आशंका, सनसनी

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कुनकुरी: खेत में पेड़ पर टंगी अधेड़ की लाश, मवेशी तस्करी से जुड़ाव की आशंका, सनसनी कुनकुरी,17 सितम्बर 2025 – कुनकुरी थाना क्षेत्र के गिनाबहार गांव में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के पास एक खेत में पेड़ से एक अधेड़ व्यक्ति का शव लटका हुआ मिला। सुबह लगभग 9 बजे ग्रामीणों की नजर जब खेत में पेड़ पर लटकी लाश पर पड़ी तो पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पन्ना मास्टर के घर से दो खेत बाद जयनाथ चौहान की बाड़ी में सेंधवार के पेड़ पर एक अज्ञात व्यक्ति रस्सी से लटका मिला। मृतक के पैरों पर खरोंच के गहरे निशान थे, जिनसे खून निकल रहा था। घटनास्थल पर एक टॉर्च भी बरामद की गई है। मृतक ने नीले रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी। ग्रामीणों ने मृतक की पहचान के लिए व्हाट्सएप के जरिए तस्वीरें शेयर कर प्रयास किया, लेकिन अब तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। आसपास के लोगों का कहना है कि मृतक कुनकुरी थाना क्षेत्र का नहीं लगता। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कई लोगों ने आशंका जताई है कि मृतक मवेशी तस्करी से जुड़ा हो सकता है और किसी विवाद में फंसकर हत्या का शिकार हुआ हो। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि उसने खुद ही आत्महत्या कर ली होगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस रास्ते का वर्षों से मवेशी तस्कर इस्तेमाल करते आ रहे हैं।   घटना की खबर मिलते ही कुनकुरी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव ने सब इंस्पेक्टर राकेश सिंह को टीम के साथ मौके पर रवाना किया। फिलहाल पुलिस ने शव को पेड़ से उतारने की कार्यवाही शुरू कर दी है और मृतक की पहचान में जुट गई है। रहस्य यह है कि क्या यह आत्महत्या का मामला है या फिर हत्या ? पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ पाएगा।

जशपुर में गणेश विसर्जन हादसे पर बवाल, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतरी कांग्रेस

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Iजशपुर,03 सितंबर 2025 – बगीचा थाना क्षेत्र के जुरूडांड गांव में गणेश विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। तेज रफ्तार बोलेरो की चपेट में आने से तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।   घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित राहत की घोषणा करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही है। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इस घोषणा को नाकाफी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।   सोमवार को जुरूडांड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के नेतृत्व में सड़क पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस की मांग है कि मृतकों के परिवार को 50-50 लाख रुपये और घायलों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।   फायरब्रांड नेता विनयशील ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “दो-तीन साल पहले पत्थलगांव में दुर्गा विसर्जन हादसे में भाजपा ने सड़क पर उतरकर मृतकों के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये की मांग की थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वह मुआवजा दिया भी था। अब भाजपा सरकार क्यों पीछे हट रही है?”   प्रदर्शन के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि हालात काबू से बाहर न हों। वहीं प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शव का अंतिम संस्कार कराने की अपील कर रहे हैं।  

जशपुर के बगीचा में गणेश विसर्जन के दौरान हादसे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक, मृतक के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि का ऐलान, घायलों के समुचित इलाज के लिए दिए निर्देश

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Update News : जशपुर के बगीचा में गणेश विसर्जन के दौरान हादसे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक, मृतक के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि का ऐलान, घायलों के समुचित इलाज के लिए दिए निर्देश….*   जशपुर,03 सितम्बर 2025  जशपुर जिले के जुरुडांड, बगीचा में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मृत्यु तथा कई अन्य के घायल होने की दुखद खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए घायलों की समुचित चिकित्सा एवं आवश्यक मदद के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुःखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों एवं घायलों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए एवं घायलों को पचास-पचास हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है। हम आपको बता दें कि घायलों में इस हादसे में घायल हुए 22 लोगों को बेहतर उपचार किए जाने की जानकारी जिला प्रशासन ने दी है। इनमें से 15 का इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में तथा 7 का इलाज निजी अस्पताल में किया जा रहा है। शेष 8 घायलों का इलाज बगीचा सीएचसी में चल रहा है। घायलों में 2 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

स्टेट हाइवे पर गणेश विसर्जन जुलूस पर तेज रफ्तार बोलेरो चढ़ी, 3 की मौत, 22 से ज्यादा घायल

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उल्लास का माहौल मातम में बदला, घायलों में एक दर्जन की हालत गंभीर, आरोपी चालक गिरफ्तार जशपुर (छत्तीसगढ़)03 सितम्बर 2025 – छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गणेश विसर्जन का जुलूस उस वक्त मातम में बदल गया जब एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस गई। यह हादसा बगीचा थाना क्षेत्र के जुरुडांड गांव में बीती रात करीब साढ़े दस बजे हुआ। घटना में 3 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 22 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें से एक दर्जन से ज्यादा की हालत गंभीर बताई जा रही है। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण गणेश प्रतिमा का ग्राम भ्रमण कर विसर्जन करने तालाब की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अंबिकापुर से कुनकुरी की ओर जा रही बोलेरो ने अचानक भीड़ को अपनी चपेट में ले लिया। वाहन की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई लोग हवा में उछलकर दूर जा गिरे और कई लोग वाहन के नीचे कुचल गए। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने चालक की जमकर पिटाई कर दी, जबकि वाहन में सवार अन्य लोग मौके से फरार हो गए। मृतकों की पहचान   इस दर्दनाक हादसे में जिनकी मौत हुई है, उनमें – अरविंद (19 वर्ष), पिता तोबियस केरकेट्टा विपिन कुमार प्रजापति (17 वर्ष), पिता देवनारायण खिरोवती यादव (32 वर्ष), पत्नी हरीश यादव शामिल हैं। घायलों का उपचार जारी घायलों को तुरंत बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां बीएमओ डॉ. सुनील लकड़ा और उनकी टीम ने पूरी रात इलाज किया। गंभीर घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है। इस बीच सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा ने पूरे स्वास्थ्य अमले को अलर्ट पर रखा है और घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौके पर विधायक, कलेक्टर और एसएसपी हादसे की खबर मिलते ही जशपुर विधायक रायमुनि भगत रात में ही अस्पताल पहुंचीं और घायलों व परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी शशिमोहन सिंह भी देर रात अस्पताल पहुंचे। कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन की ओर से मेडिकल ऑफिसर और दो नायब तहसीलदार को अंबिकापुर भेजा गया है ताकि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी न हो। पुलिस ने बोलेरो व चालक को पकड़ा एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि बोलेरो और उसके चालक को पुलिस ने पकड़ लिया है। “प्रकरण की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पूरे इलाके में शोक गणेश उत्सव के उल्लास के बीच हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। जहां तालाब से लौटते ग्रामीणों को उत्सव का समापन करना था, वहीं अचानक हुए हादसे ने पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल पैदा कर दिया।

जशपुर से हिमालय तक: जनजातीय युवाओं की ऐतिहासिक चढ़ाई की तैयारी

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जशपुर –  26 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला जो अब तक अपनी हरियाली, झरनों और शांत वनों के लिए प्रसिद्ध रहा है, देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर की स्थापना के बाद अब एक और नई पहचान बनाने जा रहा है।जिले के आदिवासी युवा हिमालय की चोटियों पर अल्पाइन तरीके की रॉक क्लाइम्बिंग चढ़ाई के लिए निकलने की तैयारी कर रहे हैं। मियार वैली ट्राइबल अल्पाइन एक्सपेडिशन 2025 केवल एक पर्वतारोहण अभियान नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व और उम्मीद की कहानी बन रहा है। इस अभियान के लिए अंतिम चरण में पाँच युवाओं का चयन किया गया है, जिनकी अपनी-अपनी कहानियाँ प्रेरणादायक हैं। रुसनाथ भगत जो एम.ए. हिस्ट्री के छात्र और एनसीसी कैडेट हैं, शहर में अपने लोकप्रिय नेपोलियन चाउमिन सेंटर चलाते हैं और कंटेंट क्रिएशन में भी सक्रिय हैं। तेजल भगत एम.एससी. बॉटनी की छात्रा, अपने गाँव बस्ता में एकता क्लब के ज़रिए शिक्षा और बाल अधिकारों के लिए काम करती हैं। सचिन कुजूर, एम.ए. हिस्ट्री के छात्र, जय हो एनजीओ से जुड़े रह चुके हैं और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ मंडार, एक पारंपरिक जनजातीय वाद्य, बजाने में माहिर हैं। प्रतीक, बी.कॉम स्नातक और एनएसएस वॉलंटियर, खेती करना पसंद करते हैं और परिवार का सहारा बनने के लिए बर्तन की दुकान में काम भी कर चुके हैं। वहीं रवि सिंह, बाइक मैकेनिक और साइकिलिंग के शौकीन, ने हाल ही में जशपुर का पहला देशदेखा क्लाइम्बिंग को. नामक एडवेंचर गाइडिंग कार्य बाकी प्रशिक्षित युवाओं के साथ शुरू किया है। टीम को जशपुर के जंगलों और आसपास की चट्टानों में कठोर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ उन्हें कैंपिंग, ट्रैड क्लाइम्बिंग, रूट ओपनिंग, वाइल्डरनेस फर्स्ट एड और माउंटेन एथिक्स जैसी अहम तकनीकें सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण की कमान स्वप्निल शिरीष रचेलवार, अमेरिका से डेव गेट्स, रनर्सग्च से सागर दुबे, प्रसिद्ध भारतीय कोच प्रतीक निनवाने वर्तमान में यू मुम्बा कबड्डी टीम के प्रमुख फिटनेस कोच और काफी मीडिया से ईशान गुप्ता जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों के हाथों में है। यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक तैयारी नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी केंद्रित है। जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के इस अभियान को स्थानीय लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर समर्थन मिला है। विश्व की सबसे बड़ी पर्वतारोहण उपकरण निर्माता कंपनी पेटज़ल ने भारत में अपने साझेदार अलाइड सेफ्टी इक्विपमेंट के साथ मिलकर आधिकारिक उपकरण प्रायोजक की भूमिका निभाई है। अद्वेनोम एडवेंचर और जय जंगल ने पौष्टिक और ऑर्गेनिक भारतीय शैली के एडवेंचर फ़ूड उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है। रनर्सग्च्, एक प्रतिष्ठित एथलीट कोचिंग ब्रांड, टीम की शारीरिक और मानसिक मजबूती पर काम कर रहा है। इसके साथ स्पेन की प्रसिद्ध बार्सिलोना क्लाइम्ब्स और मिस्टिक हिमालयन ट्रेल्स ने गाइडिंग और बेसकैंप गतिविधियों में सहयोग दिया है। इस अभियान का संचालन पहाड़ी बकरा एडवेंचर कर रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ का प्रमुख औद्योगिक समूह हिरा ग्रुप इस पहल से प्रेरित होकर आधिकारिक प्रायोजक बना है। रेकी ऑउटडोर्स ने टीम को आधिकारिक पर्वतीय परिधान मुहैया कराए हैं, जबकि रेडपांडा ऑउटडोर्स और गोल्डन बोल्डर्स ने उपकरण सपोर्ट दिया है। आदि कैलाश वेलनेस पार्टनर के रूप में टीम के स्वास्थ्य और रिकवरी में सहयोग कर रहा है। मुख्य प्रायोजकों के अलावा कुल मिलाकर 15 कंपनियों ने अपना सहयोग प्रदान कर इसे शुरुआत से ही एक सफल अभियान बना दिया है। जशपुर से निकले ये पाँच युवा अब हिमालय की मियार वैली की ऊँचाइयों को छूने के सपने के साथ आगे बढ़ रहे हैं। ज्ञात रहे कि यह टीम 31 अगस्त को जशपुर से हिमाचल प्रदेश की ओर गंतव्य के लिए निकलेगी। एक महीने के इस अभियान पर जनजातीय युवक देश-विदेश के प्रसिद्ध माउंटेन क्लाइम्बर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लीडर के तौर पर प्रतिभाग करेंगे। यह पहल केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक प्रेरणा है। यह साबित कर रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जंगलों और गाँवों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्वतारोही तैयार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान आने वाले समय में भारतीय हिमालयी पर्वतारोहण की दिशा बदल सकता है और अगली पीढ़ी के अल्पाइन क्लाइम्बर्स इन्हीं अप्रत्याशित इलाकों से निकल सकते हैं। यह केवल एक चढ़ाई नहीं, बल्कि बदलाव की चढ़ाई है।

छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ डॉ. हरविंदर मांकड़ की नई फिल्म ‘अर्पण’ का सफर, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को समर्पित,

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कुनकुरी (जशपुर, छत्तीसगढ़): 22/08/2025 कुनकुरी की धरती पर आयोजित एक अद्वितीय और यादगार संध्या ने पूरे जशपुर ज़िले के लिए एक ऐतिहासिक पल रच दिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक, कार्टूनिस्ट और फिल्म निर्देशक डॉ. हरविंदर मांकड़ को जी.के. साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर द्वारा विशेष रूप से मुंबई से आमंत्रित किया गया।   आदिवासी नृत्य से हुआ स्वागत डॉ. मांकड़ के आगमन पर सबसे पहले केरसई गाँव की आदिवासी जनजाति ने परंपरागत कर्मा नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य में आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। स्थानीय कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों की थाप पर डॉ. मांकड़ का स्वागत कर कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया। आदिवासी समाज की कला और संस्कृति को इस अवसर पर विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिसे देखकर सभी अतिथि भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद महान कार्टूनिस्ट कुनकुरी जीके साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटी सेंटर पहुंचे जहां छत्तीसगढ़ और झारखंड से पहुंचे लोगों ने आत्मीय स्वागत किया।मुख्य अतिथि के रूप में श्री मांकड़ ने विशिष्ट अतिथियों दीपक बड़ा,रोशन किरो ,नितेश महतो के साथ दीप जलाकर अर्पण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्री मांकड़ ने ‘प्योर सोल चिल्ड्रेन’ कुमारी नीति के हाथों अपनी किताब Journey of Soul का विमोचन हुआ। इसके बाद डॉ. हरविंदर मांकड़ ने अपनी प्रेरणादायी मोटिवेशनल क्लास में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा – “बच्चे सभी ईश्वर की अनुपम देन हैं। इन्हें भरपूर प्यार दीजिए, ये किसी से कम नहीं हैं। बस इन्हें सही इलाज और अपनापन दीजिए, यही इनकी असली ताक़त बनेगी।” उनके शब्दों ने न केवल विशेष बच्चों के अभिभावकों के दिलों को छुआ, बल्कि हर उस व्यक्ति को नई सोच दी जो समाज सेवा और मानवता की राह पर चलना चाहता है। विशेष बच्चों के उपचार में मील का पत्थर मानी जाने वाली डॉ. ग्रेस कुजूर ने अपने विचार रखते हुए कहा –“डॉ. हरविंदर मांकड़ का कुनकुरी आना किसी करिश्मे से कम नहीं है। उनका यहां आना और हमें अपना कीमती समय देना, हमारे लिए सौभाग्य की बात है। वे जिस आत्मीयता से विशेष बच्चों से जुड़े, वह इस क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी है।” नई फिल्म “अर्पण” का निर्माण शुरू इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि डॉ. हरविंदर मांकड़ कुनकुरी में ही डॉ. ग्रेस कुजूर पर एक डॉक्यूमेंट्री फिक्शन फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। इस फिल्म का नाम है – “अर्पण”। यह फिल्म छत्तीसगढ़ के पर्यावरण अभियानों को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को समर्पित है। इस फिल्म को स्वयं डॉ. हरविंदर मांकड़ ने लिखा और निर्देशित किया है। फिल्म के माध्यम से न केवल डॉ. ग्रेस कुजूर की अनूठी सेवाओं को दिखाया जाएगा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया जाएगा कि प्रकृति और मानवता का संरक्षण साथ-साथ चलना चाहिए।   छत्तीसगढ़ की सुंदरता की सराहना की कार्यक्रम का संचालन  संतोष चौधरी ने किया। उन्होंने बताया कि डॉ. मांकड़ छत्तीसगढ़ की सुंदरता से गहराई तक प्रभावित हुए हैं। डॉ. मांकड़ के शब्दों में –“मैंने छत्तीसगढ़ से अधिक सुंदर जगह आज तक नहीं देखी। कुनकुरी की धरती सचमुच स्वर्ग के समान है। यहाँ की सादगी, अपनापन और प्राकृतिक सौंदर्य मन को छू लेने वाला है।” कुनकुरी के गणमान्य नागरिक और गायक अजय मूंदड़ा ने बताया कि यह ऐतिहासिक शाम न केवल विशेष बच्चों और उनके परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई, बल्कि पूरे जशपुर ज़िले के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई। आदिवासी कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मानवता की महक से सजी इस संध्या ने यह संदेश दिया कि सच्ची समृद्धि तभी संभव है जब हम समाज और प्रकृति दोनों को समानता और प्रेम के साथ आगे बढ़ने का अवसर दें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मोटू पतलू कॉमिक सीरीज लिखनेवाले लेखक और उन्हें उकेरनेवाले कार्टूनिस्ट डॉ हरविंदर को अपने संस्मरण बताए।

देश के ख्यातिप्रात कार्टूनिस्ट डॉ. हरविंदर मांककर 21 अगस्त को कुनकुरी में,जीके साइकोथेरेपी सेंटर का करेंगे दौरा, विशेष बच्चों से भी मिलेंगे

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जशपुर, 17 अगस्त2025 – देश के जाने-माने कार्टूनिस्ट, फिल्म निर्देशक, लेखक और मोटिवेटर डॉ. हरविंदर मांककर 21 अगस्त को कुनकुरी पहुंच रहे हैं। वे यहां जशपुर जिले की आदिवासी परंपरा और खानपान से रूबरू होंगे।खास तौर पर वे जीके साइकोथेरेपी एंड रिहैबिलिटी सेंटर का भ्रमण करेंगे, जो विशेष बच्चों के इलाज और पुनर्वास के लिए समर्पित संस्थान है।   डॉ. ग्रेस कुजूर ने दी जानकारी संस्थान की निदेशक डॉ. ग्रेस कुजूर ने बताया कि डॉ. मांककर विशेष बच्चों से मिलकर उनसे जुड़े अनुभवों और संघर्षों को समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा – “डॉ. मांककर का यह आगमन बच्चों और उनके परिजनों के लिए प्रेरणादायी क्षण होगा।”   नई सीरीज ‘शेख चिल्ली’ डॉ. मांककर की नई कार्टून सीरीज “शेख चिल्ली” 15 अगस्त से डिस्कवरी किड्स चैनल पर शुरू हुई है। इससे पहले उनकी लोकप्रिय सीरीज “मोटू पतलू” बच्चों के बीच सालों से बेहद पसंद की जा रही है। विकिपीडिया से मिली जानकारी डॉ. मांककर अब तक 22,000 से अधिक कॉमिक स्ट्रिप्स और कहानियाँ लिख चुके हैं। वे लोटपोट मैगज़ीन के क्रिएटिव डायरेक्टर और मायापुरी फिल्म मैगज़ीन के एडिटोरियल डायरेक्टर रहे हैं। 2013 में उन्हें राजीव गांधी ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्ड समेत कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। एपीजे अब्दुल कलाम पर लिखी बायोग्राफी  डॉ. मांककर को पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने भी सराहा था। उन्होंने कलाम पर “रामेश्वरम टू राष्ट्रपति भवन” किताब लिखी, जिसे उन्होंने स्वयं कलाम को भेंट किया।   फिल्म और मीडिया में योगदान उन्होंने टूनपुर का सुपरहीरो और आईसी-एन-स्पाइसी जैसी फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट और संवाद लिखे। इसके अलावा वे अपने चैनल पॉपकॉर्न फ्लिक्स के माध्यम से पॉजिटिव जिंदगी के संदेश लगातार देते रहते हैं।   जशपुर के लिए गर्व का अवसर डॉ. मांककर का कुनकुरी आगमन जशपुर जिले के लिए गर्व की बात है। यहां वे न केवल विशेष बच्चों से मिलेंगे, बल्कि आदिवासी समाज की परंपराओं और जीवनशैली को करीब से समझेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की सलामी ली और पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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जशपुरनगर, 15 अगस्त 2025/ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आजादी का तिरंगा फहराया और उनके गृहजिले में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने तिरंगा फहराया। जिला मुख्यालय जशपुर में 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति और हर्षोल्लास के साथ रणजीता स्टेडियम में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संदेश वाचन किया। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों के साथ परेड का निरीक्षण किया तथा शांति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे उड़ाए। समारोह में 13 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया, जिसका नेतृत्व मुख्य परेड कमांडर अमरजीत खूंटे ने किया। मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों से भेंट कर उन्हें शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बैंड, सामूहिक व्यायाम और देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 152 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सर्किट हाउस प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया। मंत्री ने सिंदूरी, विधायक रायमुनी भगत ने सीता अशोक, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने गुलमोहर,नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद भगत ने नागकेशरी का पौधा लगाया। सभी ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। संचालन डी. आर. राठिया एवं जयेश सौरभ टोपनो ने किया।

कुनकुरी में जय स्तंभ पर माल्यार्पण: नपं अध्यक्ष विनयशील ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं,बीते चार महीने की विकास उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी साझा की

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कुनकुरी, 15 अगस्त 2025/ आजादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुनकुरी नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील ने जय स्तंभ चौक पर माल्यार्पण कर नगरवासियों को संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने बीते चार महीने में नगर के लिए किए गए कार्यों और विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों में मुरारी लाल अग्रवाल, कैलाश नाथ गुप्ता, खालिद सिद्धकी, सुखदेव साय, दिलीप जैन, एस इलियास, दीपक मिश्रा, विनीत जिंदल, बृजलाल राणा, सुनील अग्रवाल, मयूर गर्ग, नीरज पारीक, संतोष सहाय, गजानन गुप्ता, राजकुमार सिंह, उपेंद्र यादव, नायक मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, रामदेव कायता, विवेक बजाज, जयंत लकड़ा उपस्थित रहे। नगर पंचायत के उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा, पार्षदगण मुक्ति मिंज, नील कुजूर, रुकसाना बानो, अजीत किस्पोट्टा, मुकेश नायक, राजेश ताम्रकार, रोहित सिंह, शीतल बजाज, अनीता गुप्ता, सावित्री चौहान सहित नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सूदबल यादव और अजेम टोप्पो भी शामिल हुए। कार्यक्रम में कुनकुरी के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं और प्राचार्य, साथ ही प्रशासन की ओर से SDM नंद पांडेय, तहसीलदार प्रमोद पटेल, जनपद CEO प्रमोद सिंह और CMO राजेन्द्र पात्रे उपस्थित रहे।

स्वर्गीय एडविन बेकमैन : सादगी, अनुशासन और सेवा का प्रेरणास्पद जीवन

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कुनकुरी 07 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ एंग्लो-इंडियन समुदाय के वरिष्ठ सदस्य, सरलता और अनुशासन के प्रतीक स्वर्गीय एडविन बेकमैन अब हमारे बीच नहीं रहे। 02 अगस्त 2025 को प्रातः 10:16 बजे उन्होंने रांची स्थित ऑर्किड मेडिकल सेंटर में अंतिम सांस ली। वे 93 वर्ष के थे। स्व. बेकमैन, छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा के प्रथम शासनकाल के दौरान एंग्लो-इंडियन समुदाय से मनोनीत विधायक सुश्री रोजलिन बेकमैन के पूज्य पिताजी थे। उनका जन्म 24 अगस्त 1932 को झारखंड राज्य के लोहरदगा ज़िले में माता स्व. बिन्थसबा और पिता स्व. जे.पी.एस. बेकमैन के परिवार में हुआ था। नौ भाई-बहनों में वे छठे स्थान पर थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नदिया हाई स्कूल, लोहरदगा में हुई। स्व. एडविन बेकमैन अपने जीवन में अत्यंत सादगीप्रिय, समय के पाबंद और अनुशासन में विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में पहचाने जाते थे। वे मिलनसार, सहृदय और सबके प्रिय थे। उनका विवाह 11 फरवरी 1957 को स्व. रेजिना बेकमैन से हुआ। दोनों ने मिलकर कुनकुरी खेल मैदान में एक आदर्श परिवार की नींव रखी। बीते 19 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रांची के ऑर्किड मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ 14 दिनों के इलाज के बाद, अपनी दोनों बेटियों – सुश्री रोजलिन बेकमैन और रोज़ बेकमैन – के सामने वे शांतचित्त विदा हो गए। उनका अंतिम संस्कार 4 अगस्त को कुनकुरी के आज़ाद मोहल्ला स्थित ईसाई कब्रिस्तान में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर परिवार, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में परिचितों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय एडविन बेकमैन अपने पीछे तीन पुत्र, पांच पुत्रियाँ, तीन पोतियाँ और चार पोते का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका जीवन हम सभी के लिए सादगी, सेवा और संयम की प्रेरणा है। उनका जाना परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। ख़बर जनपक्ष परिवार इस दुख की घड़ी में बेकमैन परिवार के साथ है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।