*बीते दस दिनों से चोरी हुआ 14 चक्का ट्रक जशपुर के बालाछापर में मिला* *डीजल खत्म होने पर चोर ट्रक को वहीं छोड़कर भाग निकले*

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जशपुर,04 अगस्त 2025 – जशपुर जिले से बड़ी खबर है, बीते दस दिन पहले बलौदाबाजार से चोरी हुआ 14 चक्का ट्रक आखिरकार जशपुर जिले के बालाछापर में मिला। मिली जानकारी के अनुसार ट्रक को चोर काफी दूर तक ले आए थे, लेकिन डीजल खत्म हो जाने पर उसे सड़क किनारे छोड़कर वहां से भाग निकले। ड्राईवर संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन के द्वारा लगातार प्रयास और निगरानी के चलते ट्रक का लोकेशन पता चला, जिसकी सूचना तत्काल जशपुर पुलिस को दी गई। वहीं पुलिस की मौजूदगी में ट्रक में डीजल डलवाकर वाहन को सुरक्षित जशपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंगठन ने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया है तथा भविष्य में भी वाहन चोरी की घटनाओं के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

बड़ी खबर: बच्चे चप्पल पहनकर स्कूल आए तो प्रिंसिपल ने कहा – भागो यहां से,अभिभावकों में रोष,लोयोला हाईस्कूल का मामला

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रिपोर्ट – संतोष चौधरी जशपुर/कुनकुरी, 2 अगस्त – एक तरफ सरकार हर बच्चे को शिक्षा दिलाने की कोशिश में करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विधानसभा से ही ऐसी तस्वीर सामने आई है जो न केवल अमानवीय है बल्कि “शिक्षा का अधिकार कानून” (RTE Act, 2009) की खुलेआम अवहेलना है। दरअसल, जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित प्रतिष्ठित लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल, जहां से खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पढ़ाई की है, वहां शनिवार को कुछ छात्रों को सिर्फ इसलिए स्कूल से बाहर निकाल दिया गया क्योंकि वे बारिश में भीगने के कारण जूते नहीं पहन सके और चप्पल पहनकर आ गए थे। बताया गया कि शुक्रवार को स्कूल से लौटते समय बारिश के चलते कई बच्चों के जूते भीग गए। शनिवार को जब वे सूखे नहीं तो मजबूरी में बच्चों ने चप्पल पहनकर स्कूल आना उचित समझा, पर प्रिंसिपल फादर सुशील टोप्पो ने इसे “अनुशासनहीनता” मानते हुए बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर निकाल दिया। छात्र हर्ष राम (कक्षा 9वीं) का कहना है – “हमने पहले भी देखा है कि पुराने प्रिंसिपल हमारी परिस्थितियों को समझते थे, लेकिन नए प्रिंसिपल बहुत सख्त हैं। आज हम लोग को बिना पढ़ाई के घर भेज दिए।बहुत खराब लग रहा है।” वहीं अभिभावक विष्णु राम और श्रवण यादव ने इसे बच्चों के शिक्षा के अधिकार का हनन बताया और जिला प्रशासन से मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। क्या कहता है कानून? “शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009” (Right to Education Act) के तहत कोई भी स्कूल 6 से 14 वर्ष की आयु के किसी भी बच्चे को इस तरह शिक्षा से वंचित नहीं कर सकता। यूनिफॉर्म संबंधी नियमों के पालन में लचीलापन आवश्यक है, विशेषकर जब मामला गरीब परिवारों या प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ा हो। प्रिंसिपल ने रखा अपना पक्ष इस घटना के बारे में जब हमने लोयोला हाईस्कूल हिंदी मीडियम के प्रिंसिपल फादर सुशील तिग्गा से बात की तो उन्होंने यह स्वीकार किया कि बिना जूता पहने स्कूल आने वाले छात्रों को बिना आवेदन के क्लास में बैठने नहीं दिया जाता।सुशील ने बताया कि हमने बच्चों को जुलाई तक रियायत दी थी।आज तीन छात्र मेरे पास आए थे,उन्होंने बारिश में जूता भींगने की बात बताई थी तो मैने उन्हें आवेदन देने को कहा था लेकिन उन्होंने आवेदन नहीं दिया और स्कूल से बाहर चले गए। प्रशासन से अपील इस मामले की जानकारी मिलने पर कई अभिभावकों ने कहा – “यह मामला न सिर्फ संवेदनशील है, बल्कि कानूनन भी गलत है। ज़रूरत है कि जिला शिक्षा अधिकारी, बाल संरक्षण आयोग और प्रशासन इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराए और बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ा जाए। साथ ही स्कूल प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि बच्चों की समस्याओं को मानवीय दृष्टिकोण से समझें।”

बिलासपुर गांव में दबंगई: धार्मिक-सामाजिक अशांति फैलाने और सीसी रोड पर कब्जा कर मकान निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने पट्टा निरस्तीकरण की उठाई मांग

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जशपुर/कुनकुरी, 24 जुलाई 2025/ कुनकुरी विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत रेंगारघाट के आश्रित ग्राम बिलासपुर में झूलन राम चौहान पिता स्व. गुरबारु राम द्वारा किए जा रहे मकान निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि झूलन राम न केवल सीमेंट-कांक्रीट (सीसी) सड़क से सटाकर मकान बना रहा है, बल्कि गांव में धार्मिक और सामाजिक अशांति भी फैला रहा है। ग्रामीणों ने 8 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगीचा में आवेदन प्रस्तुत कर शासन से मांग की है कि झूलन राम को प्रदाय किया गया आवासीय पट्टा शासन के नियमों के विरुद्ध है और इसे तत्काल निरस्त किया जाए। मुख्यमंत्री को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने जो बिंदु प्रस्तुत किए, वे इस प्रकार हैं— झूलन राम को दिया गया पट्टा गलत तरीके से जारी हुआ है। वह जिस वार्ड का निवासी है, वह प्लॉट उस क्षेत्र में नहीं आता। मकान निर्माण सीसी रोड से बिल्कुल सटा हुआ है और दूसरी ओर सड़क किनारे बोर खनन भी किया गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। वहीं गांव में धार्मिक-सामाजिक वातावरण को बिगाड़ने की नियत से लगातार दबाव और टकराव की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। ग्राम पंचायत व तहसील स्तर पर शिकायतों के बावजूद झूलन राम किसी भी निर्णय का पालन नहीं कर रहा है। उसके पास पहले से ही ग्राम बिलासपुर में 2.1920 हेक्टेयर और मकरिबन्धा (दुलदुला) में 1.7200 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। वह हर साल 73 क्विंटल से अधिक धान का उत्पादन कर मंडी में बिक्री करता है। वर्ष 2024-25 में उसने 72 क्विंटल मोटा धान बेचकर सरकार से ₹1,55,892.50 की राशि प्राप्त की है, जो प्रमाण सहित है। टीप स्वरूप तीन और गंभीर आरोप लगाए गए हैं— 1. झूलन राम ने ईब नदी से लगी हुई लगभग 3 एकड़ भूमि पर भी अवैध कब्जा कर रखा है। 2. गांव के स्थायी निवासी और पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ संतोष भगत पर झूठा आरोप लगाया गया है कि वह गांव वालों को भड़का रहा है, जबकि गांव वाले इसके साक्षी हैं कि यह आरोप निराधार है। 3. तहसील और पंचायत स्तर से प्राप्त आवेदन की प्रतिलिपि भी सलग्न की गई है। *आवेदन के बाद की स्थिति:* 8 जुलाई 2025 को यह आवेदन सीएम कैंप बगिया में दिया गया। इस आवेदन पर तहसीलदार स्तर पर जांच हुई है, जिससे डरकर झूलन राम अब सड़क के ऊपर बनाए छज्जे को तोड़ा है, लेकिन सड़क से मकान नहीं हटाया है। ग्रामीणों ने इस बात का प्रमाण खबर जनपक्ष को देते हुए बताया कि खरीफ वर्ष 2024-25 में झूलन ने 72 क्विंटल मोटा धान बेचकर सरकार से ₹1,55,892.50 प्राप्त किया है। ऐसे में उसे भूमिहीन कैसे माना जाए? अब ग्रामीणों ने झूलन की करतूतों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि शासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए तत्काल उक्त विवादित पट्टा को निरस्त करे ताकि ग्राम का सामाजिक सौहार्द बना रह सके। राजनीतिक संदर्भ में भी मामला संवेदनशील उल्लेखनीय है कि यह वही ग्राम बिलासपुर है, जो कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में आता है और जहां वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बंपर वोट मिला था।भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं में यह चिंता है कि यदि शासन को गुमराह कर बड़े किसान को लाभ पहुंचाने वाले इस पट्टे को निरस्त नहीं किया गया, तो इसका सीधा नुकसान पार्टी को आगामी चुनाव में हो सकता है।

बड़ी खबर:रानी दरहा वाटरफॉल बना फिर हादसे का गवाह, तीन युवक बहे – एक की मौत, एक को बचाया गया, तीसरे की तलाश जारी

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छत्तीसगढ़ के एक प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल रानी दरहा जलप्रपात में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। पिकनिक मनाने पहुंचे तीन युवक पानी के तेज बहाव में बह गए। हादसे के बाद मौके पर पुलिस और रेस्क्यू टीम तुरंत पहुंची। एक युवक को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि एक अन्य की मौत हो चुकी है। तीसरे युवक की तलाश अब भी जारी है।   मृतक की पहचान नरेंद्र पाल सिंह छाबड़ा, पिता अवतार सिंह, निवासी मुंगेली के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर लिया है। फिलहाल राहत व बचाव कार्य जारी है और प्रशासन मौके पर पूरी निगरानी बनाए हुए है।   गौरतलब है कि यह हादसा कवर्धा जिले के बोडला ब्लॉक स्थित रानी दरहा जलप्रपात में हुआ है, जहां पूर्व में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोग लगातार यहां सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। इस दुखद घटना की पुष्टि एडिशनल एसपी ने भी की है।  

श्री जगन्नाथ महाप्रभु की सज रही है भव्य रथ, गजपति महाराजा की भूमिका निभाएंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, विभिन्न झांकियां एवं कीर्तन मंडली की प्रस्तुति से क्षेत्र होगा भक्तिमय

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जशपुर,27/06/2025 – जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष रथ यात्रा को लेकर भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी की रथ यात्रा का आयोजन ओडिशा के पूरी धाम की परंपरा के अनुरूप किया जा रहा है। मंदिर समिति के अनुसार, इस वर्ष रथ यात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ‘गजपति महाराजा’ की परंपरागत भूमिका निभाएंगे, वहीं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बनेंगी। श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा ने रथ यात्रा की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। आकर्षक ढंग से सजाई जा रही महाप्रभु की रथ मंदिर परिसर से चलकर मौसी बाड़ी तक पहुंचेगी, जहां विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। यह रथ यात्रा केवल धार्मिक महत्व नहीं रखती, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और परंपरा का भी प्रतीक बन गई है। रथ यात्रा में ओडिशा की पारंपरिक विधियों के अनुसार सारी रस्में निभाई जाएंगी। ओडिशा से आमंत्रित विद्वान पंडितों द्वारा पूजन अनुष्ठान और विधिविधान के साथ महाप्रभु को रथ पर विराजमान कराया जाएगा। साथ ही कीर्तन मंडलियों और झांकियों की प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन एवं समिति ने सुरक्षा, यातायात और सुविधा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक प्रबंध किए हैं। यह रथ यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य अनुभव होगी, बल्कि दोकड़ा क्षेत्र के लिए भी गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बनेगी।

परीक्षा अवधि पूर्ण होने पर सहायक शिक्षकों ने सौंपा सामूहिक निवेदन पत्र, जिला शिक्षा अधिकारी ने दिया शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

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🟢 खबर जनपक्ष। शिक्षा संवाद | 23 जून 2025 🟢 📍 जशपुर, छत्तीसगढ़ जशपुर जिले में वर्ष 2022 की सीधी भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त सहायक शिक्षकों ने सोमवार को परीक्षा अवधि समाप्ति एवं सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.के. भटनागर को औपचारिक निवेदन पत्र सौंपा। शिक्षकों ने बताया कि 20 जून 2025 को उनकी तीन वर्ष की निर्धारित परीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है, ऐसे में नियमानुसार उन्हें नियमित सेवा में शामिल किया जाए। ✅ शिक्षकों ने रखी यह प्रमुख मांगें: परीक्षा अवधि समाप्ति की औपचारिक कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए। नियमितीकरण आदेश जारी कर भविष्य की सेवाओं को स्थायित्व प्रदान किया जाए। सेवा लाभ और शासकीय योजनाओं में पात्रता सुनिश्चित की जाए। 👥 ये शिक्षक रहे उपस्थित: देवकी प्रधान, मुकेश कुमार, विजय पैंकरा, अंजना यादव, मधु पैंकरा, अनुपमा कुजूर, बांग्ला रात्रे समेत अन्य कई शिक्षक प्रतिनिधि इस मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों तक नियमों के पालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने के बाद अब वे नियमित आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। — 🗣️ शिक्षकों का बयान: देवकी प्रधान: “तीन वर्षों की सेवा में हमने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए हैं, अब नियमितीकरण की प्रक्रिया समय पर होनी चाहिए।” मधु पैंकरा: “परीक्षा अवधि समाप्ति का आदेश मिलने से शिक्षक समुदाय का मनोबल बढ़ेगा और सेवा के प्रति समर्पण और गहराएगा।” मुकेश कुमार: “हमने कर्तव्यपरायणता से कार्य किया है, प्रशासन से उम्मीद है कि जल्द आदेश जारी होंगे।” — 📌 जिला शिक्षा अधिकारी की प्रतिक्रिया: जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.के. भटनागर ने शिक्षकों की मांग को न्यायोचित और नियमसम्मत बताया। उन्होंने कहा— “यह रूटीन प्रक्रिया है, शिक्षकों की तीन वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण हो चुकी है। हम शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर आदेश जारी करेंगे।” — 📢 प्रक्रिया का महत्व: परीक्षा अवधि समाप्ति के आदेश से शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में नियमितता दर्ज होती है। उन्हें शासकीय योजनाओं और लाभों का पात्र माना जाता है। भविष्य की स्थिरता और पदोन्नति जैसे विषयों पर यह आदेश निर्णायक भूमिका निभाता है। — 📍जशपुर के सहायक शिक्षकों का यह सामूहिक प्रयास उनके अधिकारों के प्रति सजगता और एकजुटता को दर्शाता है। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि नियमितीकरण की दिशा में अगला कदम कब उठाया जाता है। 👉 शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और शिक्षकों के मनोबल के लिए यह निर्णय अत्यंत आवश्यक है। — इस तरह की शैक्षणिक खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ 📸 फोटो सौजन्य: शिक्षक प्रतिनिधिमंडल

बीती रात सूने मकान से लाखों रुपए नगद एवं सोने की जेवरात की चोरी

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जशपुर,23 जून 2025 –  जशपुर जिले से बड़ी खबर है, बीती रात अज्ञात चोरों द्वारा एक सूने मकान से लाखों रुपए नगद एवं सोने के जेवरात चोरी की वारदात को अंजाम देने का मामला सामने आया है। दरअसल यह मामला चराईडांड का है, जहां पीड़ित राजू बरवा बासुदेवपुर का सरपंच है, जो कि चराई डांड के दमेरा रोड़ में स्थित किराए के मकान में रहता है और खण्ड़सा में स्थित राजू ढाबा का संचालक भी है, बीती रात ढाबा संचालक राजू बरवा के परिवार अपने ढाबा में आए हुए थे और अधिक काम होने के कारण वहीं ढाबा में ही रुक गए थे, जब सुबह उसके परिवार के साथ अपने घर चराईडांड में जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए, घर में चैनल गेट का ताला टूटा हुआ था, अंदर जाकर देखा तो कमरे का ताला भी टूटा हुआ दिखा और सामान इधर उधर बिखरा पड़ा था, वहीं आलमारी का दरवाजा खोला तो उसका लाकर भी टूटा हुआ था, जिसमें से 1,20,000/- *(एक लाख बीस हजार रुपए)* नगद एवं सोने के जेवर करीब 20,000/- *(बीस हजार रुपए)* समेत अन्य जरूरी दस्तावेज वहां से गायब थे। इस दौरान घटना की सूचना तत्काल कुनकुरी पुलिस थाने को दी, वहीं कुनकुरी पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर तत्काल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर आरोपी की पतासाजी में जुट गई है।

फरसाबहार में सड़क निर्माण पर उठे सवाल, बारिश में डामरीकरण से सड़क में आई दरारें

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फरसाबहार, जशपुर,20 जून 2025 -=विकासखंड फरसाबहार के बाबूसाबहार से गोलीडीह नदी तक बनाई जा रही नई सड़क के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी बारिश के बीच भी गीली सतह पर डामर बिछाया जा रहा है, जिससे सड़क पर दरारें पड़ने लगी हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने अधिक बारिश के कारण काम रोकने की जानकारी दी है। करीब 3.82 करोड़ की लागत से बनाई जा रही इस सड़क का निर्माण कार्य एक निजी ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है, जिसे पीडब्ल्यूडी द्वारा स्वीकृत किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से कार्य में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं इस संबंध में पीडब्ल्यूडी पत्थलगांव के एसडीओ एस. पैंकरा ने बताया कि ठेकेदार को निर्धारित मापदंडों के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया है। जिस हिस्से में निर्माण की बात सामने आई है, वहां अभी पचास मीटर का सेकंड कोट वर्क बाकी है। अधिक बारिश की वजह से काम रोकने को कहा गया है, जिसे बरसात के बाद फिर से शुरू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि एक जगह पाइप डला होने के कारण चार मीटर का कार्य नहीं हो पाया है।

जशपुर में बाढ़ का कहर: ईब नदी में तीन मछुआरे फंसे, SDRF की रेस्क्यू टीम तैनात, अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें

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जिले के नदी-नालों में उफान, मनोरा में ट्रैक्टर समेत चालक भी फंसा जशपुर, 19 जून 2025: जशपुर जिले में मानसून की जोरदार दस्तक के साथ ही जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है। जिले में भारी बारिश का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है—दोकड़ा पुलिस चौकी अंतर्गत डोढ़ीबहार गांव के पास ईब नदी में तीन मछुआरे बाढ़ में फंस गए हैं। तीनों मछुआरे मछली पकड़ने नदी के बीच चट्टानों पर पहुंचे थे, तभी अचानक जलस्तर तेजी से बढ़ गया और वे चारों ओर से पानी से घिर गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। वहीं, एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन तेज बहाव और बढ़ते अंधेरे के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। मौके पर मौजूद एसडीएम नंदजी पांडे ने बताया कि तीनों मछुआरे फिलहाल नदी के बीच एक बड़ी चट्टान पर फंसे हुए हैं। पानी का बहाव बेहद तेज है, जिससे स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन उन्हें सुरक्षित निकालने का हर संभव प्रयास कर रहा है। उधर, मनोरा पुलिस चौकी क्षेत्र में भी एक एनीकट पार करते वक्त एक ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर समेत बाढ़ में फंस गया है। प्रशासन की टीम वहां भी मौके पर मौजूद है।   जिले भर में नदी-नालों के उफान पर होने से आमजन को सचेत रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे बिना आवश्यकता नदी-नालों को पार न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। यह घटना न सिर्फ बाढ़ की गंभीरता को दर्शाती है बल्कि आपदा प्रबंधन की तत्परता की भी परीक्षा बन गई है। अब सभी की निगाहें ईब नदी में फंसे मछुआरों की सलामती और रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता पर टिकी हैं।

सड़क पर खड़े ट्रैक्टर से टकराकर युवक की मौत, लापरवाह ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज – जशपुर जिले के कमतरा बेहराटोली मार्ग की घटना, ग्रामीणों ने की हत्या का मामला दर्ज करने की मांग

जशपुर, 14 जून 2025। थाना नारायणपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेने चटकपुर निवासी 35 वर्षीय मजदूर आशीष चातक की शुक्रवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब वे रायकोना में एक पारिवारिक शादी में शामिल होकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। परिजनों के अनुसार, रात करीब 8 बजे आशिष कुनकुरी थाना क्षेत्र के ग्राम कमतरा बेहराटोली के पास मेन रोड पर पहुंचे ही थे कि वहां खड़े एक ट्रैक्टर से उनकी मोटरसाइकिल सीधी टकरा गई। टक्कर के बाद आशीष गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़े मिले। सूचना पाकर उनका छोटा भाई और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पुलिस की गाड़ी की मदद से उन्हें होलीक्रॉस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रात 9:30 बजे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को बताया गया कि ग्राम जोकारी निवासी झूलन यादव का ट्रैक्टर, बिना इंडिकेटर या किसी प्रकार के चेतावनी संकेत के, अंधेरे में मुख्य मार्ग पर खड़ा किया गया था। आशीष हेलमेट पहने हुए थे, फिर भी टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी जान नहीं बच सकी। थाना कुनकुरी पुलिस ने मामले में झूलन यादव के अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा BNS 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। लगातार हो रही हैं ऐसी दुर्घटनाएं ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। एक दिन पहले ही नेशनल हाईवे पर इसी तरह खड़ी एक पिकअप से टकराकर एंबुलेंस ड्राइवर की मौत हो गई थी। ग्रामीणों और स्थानीय समाजसेवियों ने मांग की है कि ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल निरस्त किए जाएं और उन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए। जांच जारी, प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं सोशल मीडिया और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।