कुनकुरी में सड़क निर्माण में बड़ा भ्रष्टाचार! गिट्टी-बालू-सीमेंट से ज्यादा मजबूत दिखा ठेकेदार-नेता-अधिकारी का गठजोड़
जशपुर,07 जनवरी 2025 – घोड़े को लगाम लगाकर दौड़ाने की जगह घोड़े को ही लगाम दे दी जाय तो फिर क्या होगा?इस सवाल का जवाब आपको कुनकुरी जनपद पंचायत क्षेत्र में विकास रूपी घोड़े को देखने से मिल जाएगा। नेशनल हाइवे 43 के किनारे पंडरीपानी गाँव में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र बना है जिसमें सीसीरोड नामक विकास का घोड़ा बेलगाम दौड़ा है।इस रोड के बारे में जानकारी मिली कि यह महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत 10 लाख से ज्यादा की लागत से बन रही है।यह निर्माण कार्य ग्राम पंचायत रेमते के अंतर्गत भाजपा से जुड़े कलिबा निवासी एक ठेकेदार के द्वारा बनवाया जा रहा है। जहाँ सब-इंजीनियर ने भी आंख मूंद ली है या फिर एडजस्टमेंट करने की डील बड़ी होगी तभी तो निर्माण कार्य के समय मौके पर नहीं दिखे। सरपँच श्रीमती सरिता तिर्की से फोन पर बात करने से उन्होंने बताया कि सीसीरोड तो बढ़िया बन रहा है।ठेकेदार अशोक यादव बनवा रहा है।निर्माण कार्य का कार्यादेश (work Order) नहीं देखी हूँ। वहीं जब पंचायत के सचिव अमर यादव से फोन पर जानकारी ली तो उन्होंने आवश्यक कार्य से बाहर होने की बात कही। अब इस सम्बन्ध में प्रभारी आरईएस एसडीओ पीटर से बात करने पर उन्होंने कहा कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण किया जा रहा है।स्टीमेट नहीं दिखाया। अब हम आपको तस्वीर दिखाते हैं – इस तस्वीर में सीसीरोड पर प्लास्टर चढ़ाया जा रहा है।वाईब्रेटर का कोई इस्तेमाल यहाँ नहीं हो रहा है।गिट्टी की बात करें तो सीसीरोड में 20 एमएम की जगह पूरा 30 एमएम से सीसीरोड बनाया गया है।सीमेंट,बालू का अनुपात 1:7 का डाला गया है जबकि 1:4 का होना बताया गया है।निर्माण करने से पहले बेस तैयार करने के लिए न मुरुम बिछाया गया,न तो रोलर चलाया गया और न ही लेबल किया गया।बस प्लास्टिक बिछाते हुए उसके ऊपर मनमाने ढंग से बिना वाईब्रेटर चलाये बनाया जा रहा है।मौके पर सूचना बोर्ड भी नहीं है जिससे निर्माण कार्य की जानकारी यहां आनेवाले आम नागरिक,पत्रकार,अधिकारी को मिल सके। ऐसे में समझा जा सकता है कि विकासपुरुष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विधानसभा कुनकुरी में उनके सुशासन पर भ्रष्टाचार की कालिख़ पोतनेवाले क्यूँ इतना बेख़ौफ़ हैं?ग्रामीणों का कहना है कि रेमते पंचायत में घटिया निर्माण करनेवाले ठेकेदार भाजपा से जुड़े हैं जिनके सामने सरपँच-सचिव केवल चेक लेकर पैसा निकालने का काम करते हैं।अधिकारी-इंजीनियर का कोई नियंत्रण नहीं है।सालभर में सीसीरोड खराब हो जाते हैं।यह सड़क तो बनते ही खराब होने लगी है। देखिए –